Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • भागीरथी के बहाव में फंसे हिरन के बच्चे का रेस्क्यू

    भागीरथी के बहाव में फंसे हिरन के बच्चे का रेस्क्यू

    देहरादून। SDRF ने उत्तरकाशी में भागीरथी के तेज बहाव में फंसे हिरण के बच्चे का किया सफल रेस्क्यू कर जीवन दे दिया।

    घटना है जनपद उत्तरकाशी की है। SDRF को सूचना मिली कि उत्तरकाशी के मणिकर्णिका घाट के पास एक हिरण का बच्चा भागीरथी की तेज लहरों की चपेट में आने से बहते हुए नदी के बीच बने टापू पर फंस गया है। घटना की जानकारी मिलते ही SDRF रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची। नदी के बीच से हिरण के बच्चे को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था। रेस्क्यू टीम द्वारा मोटरबोट और क्याक के माध्यम से टापू तक पहुँचा गया । SDRF रेस्क्यू टीम द्वारा जाल की सहायता से हिरण के बच्चे डूबने से बचाकर सुरक्षित किनारे लाया गया व वन विभाग के सुपर्द किया गया।

     

  • 2 युवकों ने लगायी फांसी,पेड़ पर लटका मिला शव

    देहरादून। विकास नगर क्षेत्र के अंतर्गत दो अलग अलग घटनाओं में 2 युवको ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    कोतवाली विकासनगर पर सूचना मिली कि ग्राम बदामावाला में एक व्यक्ति द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पुलिस मौके पर पंहुची। मौके जानकारी करने पर ज्ञात हुआ कि मृतक दिनेश चौहान पुत्र श्याम सिंह निवासी ग्राम बदामावाला थाना विकासनगर  29 वर्ष ने अपने घर पर चुन्नी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक दिनेश चौहान पिछले कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रहा था। कुछ दिन पूर्व भी मृतक द्वारा शक्ति नहर में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया गया था।

    एक अन्य घटना में हरिपुर सेलाकुई में पंकज कुमार पुत्र जुग्गी लाल मोरिया निवासी गांव बरौली फैजाबाद थाना मवई जिला अयोध्या उत्तर प्रदेश उम्र 20 वर्ष हाल किराएदार योगेंद्र शर्मा पुत्र मनोहर लाल शर्मा निवासी हरिपुर थाना सेलाकुई जिला देहरादून जो अपने भाई के साथ सेलाकुई में रहता था और कंपनी में काम करता था। उसके द्वारा आज अपने कमरे में अंदर से बंद करके प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

    दूसरी ओर टी स्टेट में पेड़ पर लटका एक शव बरामद हुआ। स्थानीय सुरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति द्वारा थानाध्यक्ष बसंत बिहार के मोबाइल पर सूचना दी कि महेंद्र चौक से आगे टी स्टेट में शीशम के पेड़ पर एक शव रस्सी से लटका हुआ है जो कि काफी पुराना लग रहा है। सूचना पर तत्काल थानाध्यक्ष बसंत बिहार मय पुलिस बल के उक्त स्थान पर पहुंचे तो वहां पर स्थानीय लोग मौजूद थे तथा एक व्यक्ति शीशम के पेड़ से लटका हुआ था। शव को पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से नीचे उतारा गया तो उक्त शव पर कीड़े पड़े हुए थे जो कि काफी पुराना लग रहा है। स्थानीय लोगों से उक्त शव के संबंध में जानकारी की गई तो उक्त शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। प्रथम दृष्टया मृतक मजदूर प्रतीत हो रहा है। प्रारंभिक जांच में पुलिस व्यक्ति द्वारा गले में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या मान रही है। शव के पंचायत नामा की कार्यवाही की गई एवं शव को शिनाख्त हेतु मोर्चरी में रखवाया गया है।

  • धामी ने सौंपा राज्यपाल को इस्तीफा

    धामी ने सौंपा राज्यपाल को इस्तीफा

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दोपहर 1:30  बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भेंट कर मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र सौंप दिया है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री का इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए उनसे राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने और पदभार ग्रहण करने की अवधि तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है। इस मौके पर उनके साथ काबीना मंत्री सतपाल महाराज अरविंद पांडे गणेश जोशी और स्वामी यतीश्वरानंद भी मौजूद थे।

    पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी भाजपा में अभी नए मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि चुनाव से पहले पार्टी धामी को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में घोषित कर चुकी थी,लेकिन धामी चुनाव हार गये। भाजपा में एक मजबूत धड़ा धामी को ही दोबारा सीएम बनाने की पैरवी कर रहा है।

    पार्टी ने जो काम दिया ईमानदारी से निभाया:धामी

    पूर्ण बहुमत हासिल कर चुकी भाजपा में अभी नए मुख्यमंत्री की घोषणा नहीं हुई है। हालांकि चुनाव से पहले पार्टी धामी को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में घोषित कर चुकी थी,लेकिन धामी चुनाव हार गये। इस बारे में धामी ने कहा कि वह एक सामान्य सा कार्यकर्ता हैं और जो पार्टी ने मुझे काम दिया उसको मैंने जिम्मेदारी से निभाया है।वह अपने आप को सौभाग्यशाली मानते हैं कि सामान्य कार्यकर्ता को जिसका कहीं नाम नहीं था उसको पार्टी ने मुख्य सेवक का काम दिया। उन्हें खुशी है की प्रधानमंत्री और  राष्ट्रीय नेतृत्व के आशीर्वाद से वह काम पूरा हुआ है इसके लिए मैं सभी को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी हाईकमान से अभी कोई बातचीत नहीं हुई है।

     

  • भाजपा को बहुमत (47) कांग्रेस (19) अन्य 4

    भाजपा को बहुमत (47) कांग्रेस (19) अन्य 4

    देहरादून। उतराखंड में भाजपा ने 70 सदस्यीय विधान सभा में 48 सीट जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। कांग्रेस महज 18 सीट हासिल कर सकी तो लंबे समय बाद बसपा ने 2 सीट जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं 2 सीट निर्दलीय उम्मीदवारो के खाते में गई। इस बार कई दिग्गजो को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के लिए 2017 के बाद प्रदर्शन आशा के अनुरूप नहीं रहा। 2017 में उसे महज 11 सीट मिली और इस बार वापसी की उमीद लगाए कांग्रेस महज अपने स्कोर में 7 सीटों का ही इजाफा कर पायी।

    रानीपुर- आदेश चौहान (भाजपा)
    बद्रीनाथ- राजेंद्र सिंह भंडारी (कांग्रेस)
    बागेश्वर – चंदन राम दास ( भाजपा)
    बाजपुर- यशपाल आर्य (कांग्रेस)
    भगवानपुर- ममता राकेश (कांग्रेस)
    भीमताल- राम सिंह खेरा (भाजपा)
    चकराता- प्रीतम सिंह (कांग्रेस)
    चंपावत – कैलाश चंद्र (भाजपा)
    चौबत्तखाल- सतपाल महाराज (भाजपा)
    देहरादून कैंट- सविता कपूर(भाजपा)
    देवप्रयाग- विनोद कंडारी (भाजपा)
    धनोल्टी- प्रीतम सिंह पंवार (भाजपा)
    धरमपुर- विनोद चमोली (भाजपा)
    धारचूला- हरीश सिंह धामी ( कांग्रेस)
    डोईवाला- बृज भूषण गैरोला (भाजपा)
    डीडीहाट- बिशन सिंह चुफाल (भाजपा)
    द्वाराहाट – मदन सिंह बिष्ट (कांग्रेस)
    गदरपुर- अरविंद पांडे (कांग्रेस)
    गंगोलीहाट – फकीर राम (भाजपा)
    गंगोत्री – सुरेश सिंह चौहान (भाजपा)
    घनसाली- शक्ति लाल शाह (भाजपा)
    हल्द्वानी – सुमित हृदेश (भाजपा)
    हरिद्वार – मदन कौशिक (भाजपा)
    हरिद्वार ग्रामीण – अनुपमा रावत (कांग्रेस)
    जागेश्वर- मोहन सिंह (भाजपा)
    जसपुर – आदेश सिंह चौहान (कांग्रेस)
    झबरेड़ा – वीरेंद्र कुमार (कांग्रेस)
    ज्वालापुर- रवि बहादुर (कांग्रेस)
    कालाढूंगी – बंशीधर भगत (भाजपा)
    कपकोट- सुरेश गढ़िया (भाजपा)
    कर्णप्रयाग – अनिल नौटियाल (भाजपा)
    काशीपुर- त्रिलोक सिंह चीमा ( भाजपा)
    केदारनाथ- शैला रानी रावत (भाजपा)
    खानपुर- उमेश शर्मा (निर्दलीय)
    खटीमा- भुवन चंद्र कापडी (कांग्रेस)
    किच्छा- तिलक राज बेहड़ (कांग्रेस)
    कोटद्वार- रितु खंडूरी (भाजपा)
    लक्सर- शहजाद (बसपा)
    लाल कुआं- मोहन सिंह बिष्ट (भाजपा)
    लैंसडाउन- दिलीप रावत (भाजपा)
    लोहाघाट- खुशाल सिंह (कांग्रेस)
    मंगलौर – सरवत करीमअंसारी (बसपा)
    मसूरी- गणेश जोशी (भाजपा)
    नैनीताल – सरिता आर्या (भाजपा)
    नानकमत्ता- गोपाल सिंह राणा (कांग्रेस)
    नरेंद्र नगर – सुबोध उनियाल (भाजपा)
    पौड़ी – राजकुमार पोरी (भाजपा)
    पिरान कलियर – फुरकान अहमद (कांग्रेस)
    पिथौरागढ़ – मयूख महर (कांग्रेस)
    प्रताप नगर – विक्रम सिंह नेगी (कांग्रेस)
    पुरोला – दुर्गेश्वर लाल (भाजपा)
    रायपुर- उमेश शर्मा काऊ (भाजपा)
    राजपुर रोड – खजान दास (भाजपा)
    रामनगर- दीवान सिंह बिष्ट (भाजपा)
    रानीखेत- प्रमोद नैनवाल (भाजपा)
    ऋषिकेश- प्रेमचंद्र अग्रवाल (भाजपा)
    रुड़की – प्रदीप बत्रा (भाजपा)
    रुद्रप्रयाग- भरत सिंह चौधरी (भाजपा)
    रुद्रपुर- शिव अरोड़ा (भाजपा)
    सहसपुर- सहदेव सिंह पुंडीर (भाजपा)
    सल्ट- महेश जीना (भाजपा)
    सितारगंज – सौरभ बहुगुणा (भाजपा)
    सोमेश्वर- रेखा आर्य (भाजपा)
    श्रीनगर – धन सिंह रावत (भाजपा)
    टिहरी – किशोर उपाध्याय (भाजपा)
    थराली- भोपाल राम टम्टा(भाजपा)
    विकास नगर- मुन्ना सिंह चौहान (भाजपा)
    यम्केश्वर- रेनू बिष्ट (भाजपा)
    यमुनोत्री- संजय डोभाल ( निर्दलीय)

  • चन्नी समेत कई दिग्गजों के अरमान धाराशायी

    चन्नी समेत कई दिग्गजों के अरमान धाराशायी

    पंजाब।चन्नी समेत इन दिग्गजों को मिली करारी हार, चंडीगढ़ पंजाब 117 सदस्यीय विधानसभा चुनावों की आज हो रही मतगणना के अब तक के रूझानों में आम आदमी पार्टी (आप) 92 सीटों पर बढ़त हासिल कर राज्य की राजनीति में इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस 18 सीटों पर बढ़त के साथ दूसरे जबकि शिरोमणि अकाली दल(शिअद) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गठबंधन 4 तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) और शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) गठबंधन महत 2 सीटों पर आगे है। एक सीट पर अन्य आगे चल रहा है।

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब की जनता ने नकार दिया है। चन्नी गुरुवार को आए नतीजों में अपनी दोनों सीटों से चुनाव हार गए हैं। चन्नी ने इन चुनावों में चमकौर साहिब और भदौर सीटों से चुनाव लड़ा था, लेकिन इसके बावजूद वो अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए। फिल्म अभिनेता सोनू सूद की बहन और कांग्रेस प्रत्याशी मालविका सूद पीछे चल रही है। पटियाला सीट से कैप्टन अमरिंदर सिंह चुनाव हार चुके हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।

    नवजोत सिंह सिद्धू की हार, आप की जीवन ज्‍योत ने हराया
    अमृतसर पूर्वी सीट से नवजोत सिंह सिद्धू हारे। यहां से आप की जीवन ल्‍योत की तीज हुई। आम आदमी पार्टी की जीवन ज्योत को 37258, कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू को 31716 और शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया को 24213 मिले।

    अमृतसर केंद्रीय से आम आदमी पार्टी के डॉक्टर अजय गुप्ता ने उपमुख्‍यमंत्री ओमप्रकाश सोनी को 14026 मतों से हराया। लंबी से पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल हार गए हैं। गिद्दड़बाहा में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग जीत गए हैं।

    बता दें, यह पहला मौका होगा जब आप की पंजाब में सरकार बनेगी। इस समय पार्टी की दिल्ली में अपनी सरकार है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनावों में पार्टी 20 सीटें लेकर दूसरे नम्बर पर रही थी। कांग्रेस उस समय 77 सीटें लेकर सरकार बनाने में कामयाब रही थी। वहीं शिअद को 15 सीटें मिलीं थीं और इस बार भी उसकी हालत पतली नजर आ रही है। आप के राष्ट्रीय संयाेजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जनादेश के लिये राज्य की जनता का आभार और धन्यवाद व्यक्त किया है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिये बधाई भी दी है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है वह उसे निभाएंगे। मिलजुल कर पंजाब के लिये काम करेंगे और राज्य को आगे लेकर जाएंगे।

    पार्टी के पंजाब मामलों के सह प्रभारी राघव चढ्डा ने कहा कि पंजाब की जनता ने साबित कर दिया है कि उसे केजरीवाल -भगवंत मान की जोड़ी पसंद है। इस जीत की श्रेय पार्टी कार्यकर्ताओं और राज्य की जनता को जाता है जिसने अन्य सभी दलों को नकारते हुये एक ईमानदार पार्टी को चुना है और ‘केजरीवाल मॉडल ऑफ गवर्नेंस एंड डेवलपमेंट‘ को जनादेश दिया है। यह जनादेश विशुद्ध रूप से कांग्रेस और शिअद के कथित भ्रष्ट शासन के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि गत कुछ महीनों में अन्य दलों ने आप और इसके नेताओं पर अनर्गल आरोप लगा कर बहुत कीचड़ उछाला लेकिन जनता ने इन्हें करारा जबाव दिया है। उन्होंने कहा कि आप राष्ट्रीय स्तर पर एक राजनीतिक ताकत बन कर उभर रही है और कांग्रेस का विकल्प बनेगी। आप की पंजाब में जीत से यह राज्य अब उड़ता पंजाब नहीं बल्कि खुशहाल पंजाब बनेगा। उन्होंने कहा कि आप की सरकार बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के सबके लिये काम करेगी।

  • सीएम रहते हारने वाले तीसरे प्रत्याशी रहे धामी

    सीएम रहते हारने वाले तीसरे प्रत्याशी रहे धामी

    देहरादून। उतराखंड में सरकारों की अदला-बदली होती रही है,लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर एक मिथक भी साथ चल रहा है। हालांकि यह सिलसिला राज्य गठन के बाद भाजपा की अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री रहे नित्यानंद स्वामी के चुनाव हारने से शुरू हुआ,लेकिन तब स्वामी सिटिंग सीएम नहीं थे। 2002 में कांग्रेस कांग्रेस की सरकार बनी और एन डी तिवारी मुख्यमंत्री बने और उसके बाद तिवारी चुनाव मैदान से दूर हो गये।

    2007 में भाजपा की सरकार बनी तो भुवन चंद खंडूरी मुख्यमंत्री बने। लेकिन सिटिंग सीएम रहते हुए खंडूरी 2112 में चुनाव हार गये।

     

    2012 में कांग्रेस सत्ता में लौटी और 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत दो जगह से चुनाव हार गये। 2017 में भाजपा फिर सत्ता में लौटी और चुनाव से 6 माह पूर्व धामी को सीएम बनाया गया। इसके अलावा धामी को पार्टी ने युवा चेहरे के तौर पर अगला मुख्यमंत्री घोषित कर दिया। लेकिन परम्परा नहीं टूटी और खटीमा से पुष्कर सिंह धामी भी चुनाव हार गये। हार के कारण जो भी रहे हो, लेकिन राज्य में यह परम्परा जारी है।

  • Online Casino Real additional resources Money Free Spins Uk

    That’s additional resources why, here at Hityah.com, we recommend avoiding offers with heavy wagering requirements attached. As some offers have unrealistic wagering that make it impossible to walk away with any real money. (more…)

  • दून-दिल्ली एक्सप्रेस वे की बाधा खत्म,कोर्ट ने माना चौड़ीकरण जरुरी

    दून-दिल्ली एक्सप्रेस वे की बाधा खत्म,कोर्ट ने माना चौड़ीकरण जरुरी

    देहरादून। देहरादून-दिल्ली मार्ग के चौड़ीकरण की बाधा खत्म हो गई है। कोर्ट ने माना कि सुरक्षा और समरिक दृष्टि से मार्ग का चौड़ीकरण जरुरी है।

    हाईकोर्ट ने दिल्ली के अक्षरधाम से देहरादून एनएच के चौड़ीकरण व शिवालिक एलिफैंट कॉरिडोर को ङी-नोटिफाइड करने के मामले में दायर दो अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के बाद दोनों जनहित याचिकाओं को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि सामरिक और सुरक्षा की दृष्टि से डी-नोटिफाइड व चौड़ीकरण अति आवश्यक है।

    सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ में जनहित याचिका पर सुनवाई में सरकार नेे कहा कि एन एच का कार्य पूरा हो चुका है। इसमें केवल तीन किलोमीटर का राजाजी नेशनल पार्क का हिस्सा बचा हुआ है। जनहित को देखते हुए याचिकाओं को शीघ्र निस्तारित किया जाए। इसके पूर्ण होने से दिल्ली-देहरादून का सफर दो घंटे के भीतर किया जा सकता है। इसके लंबित होने से सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। कहा कि जिन बिंदुओं पर जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं, वे बिंदु सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी से पहले ही तय हो चुके हैं।

    गौरतलब है कि देहरादून निवासी रेनू पॉल व हल्द्वानी निवासी अमित खोलिया ने अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की हैं। याचिका में कहा है कि 24 नवंबर 2020 को स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों को बढ़ावा देने के लिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट देहरादून के विस्तार के लिए शिवालिक एलिफैंट रिजर्व फॉरेस्ट को डी-नोटिफाइड करने का निर्णय लिया गया।  शिवालिक एलिफैंट रिजर्व के डी-नोटिफाइड नहीं करने से राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। लिहाजा इसे डी-नोटिफाइएड करना जरुरी है। इस डी-नोटिफिकेशन को कोर्ट में चुनौती दी गयी थी। वहीं दूसरी जनहित याचिका में कहा गया है कि दिल्ली से देहरादून गणेशपुर के लिए नेशनल हाईवे का चौड़ीकरण करने से राजाजी नेशनल पार्क के इको सेंसटिव जोन का नौ हैक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। इसमें लगभग 2500 साल के पेड़ हैं, जिनमें से कई पेड़ 100 से 150 साल पुराने हैं। इन्हें राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है। जबकि चौड़ीकरण से उत्तराखंड को केवल तीन किलोमीटर का हाईवे मिल रहा है।

  • कमिश्नर और आईजी कुमायूँ करेंगे रेगिंग प्रकरण की जांच

    कमिश्नर और आईजी कुमायूँ करेंगे रेगिंग प्रकरण की जांच

    देहरादून।  राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में रैगिंग प्रकरण की  जांच कमिश्नर और डी आईजी कुमायूँ करेंगे।

    रैगिंग के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इसकी जाँच के लिए आयुक्त कुमाऊ व डीआईजी कुमाऊ की दो सदस्यी कमेटी गठित की है। कमेटी से दो सप्ताह के भीतर जाँच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। सुनवाई के लिए 23 मार्च की तिथि नियत की गई है। सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खण्डपीठ में हुई।

    हरिद्वार निवासी सचिदानंद डबराल की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कालेज में 27 छात्रों का सिर मुड़वाकर कर उनके साथ रैगिंग की गई। हालांकि, कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उनेके पास रैगिंग की कोई शिकायत नहीं आयी है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट को बताया कि वायरल वीडियो में 27 छात्र एक लाइन में सिर मुड़वाए खड़े हैं। सभी के हाथ पीछे की और है और उनके पीछे एक गार्ड है, जो इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि  कि कहीं छात्र भाग न जाएं।

    वायरल वीडियो में पता लगा कि यह सभी  एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों को बाल कटवाने के निर्देश उनके सीनियरों ने दिए हैं। ये छात्र सीनियर साथियों के आदेश का पालन कर रहे हैं। इस मामले को रैंगिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। जहां तक छात्रों के बाल काटने का मामला है कालेज की ओर से कहा जा रहा है कि छात्रों के सिर में डेंड्रफ थे, जिसमें जुएं पड़ गए थे। इसलिए इनके बाल मुड़वा दिये गए। याचिकाकर्ता ने वायरल वीडियो भी कोर्ट को दिखाया।

     

  • फूलों की घाटी में लगेंगे मौन पालन बॉक्स, राज्यपाल ने दिए निर्देश

    फूलों की घाटी में लगेंगे मौन पालन बॉक्स, राज्यपाल ने दिए निर्देश

    देहरादून। राजभवन में वसन्तोत्सव के दूसरे दिन भी खासी चहल पहल रही। तरह तरह के फूलो का दीदार करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी।

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने उद्यान विभाग को  विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में मधुमक्खी के बक्से लगाने के तथा भूतपूर्व सैनिकों को भी मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पर्वतीय जिलों विशेषकर सीमांत क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। महिला स्वयं सहायता समूहो को भी इस कार्य से जोड़ा जाए। विश्व धरोहर फूलों की घाटी में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं हैं। प्रकृति के इस वरदान और आशीर्वाद का लाभ समस्त उत्तराखंडवासियों को मिलना चाहिए। उत्तराखंड में उत्पादित शहद का स्वाद तथा गुणवत्ता पूरे विश्व में सबसे अलग तथा उच्च श्रेणी की है। राज्य के शहद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में श्रेष्ठ ब्रांड के रूप में स्थापित करने की जरूरत है।

    आज राजभवन में रखे गए मधुमक्खियों के बक्सों से शहद निकाला गया। इस वर्ष 5 बक्सों से लगभग 40 किलोग्राम शहद प्राप्त हुआ। गौरतलब कि राजभवन में उत्पादित शहद राज्यपाल द्वारा प्रतिवर्ष देशभर के अतिविशिष्ट महानुभावों को उत्तराखंड की ओर से उपहार स्वरूप भेंट किया जाता है। राजभवन में मेलीफेरा प्रजाति की मधुमक्खियां रखी गई है।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि भूमि कम है तथा जोते छोटी है। यहां पर मधुमक्खी पालन आर्थिक समृद्धि का सबसे बड़ा माध्यम हो सकता है। मधुमक्खी पालन छोटे किसान तथा भूमिहीन लोग भी कर सकते हैं। यह व्यवसाय खेती का प्रतियोगी भी नहीं है, बल्कि कृषि का सहायक है।
    इस अवसर पर उपस्थित निदेशक उद्यान डॉ एच एस बावेजा ने बताया कि उत्तराखंड में वर्ष 1938 में ही ज्योलीकोट में राजकीय मौन पालन केंद्र की स्थापना हो चुकी थी। वर्तमान में उत्तराखंड में 7020 मधुमक्खी पालक हैं जिनके द्वारा प्रतिवर्ष 12175 क्विंटल शहद का उत्पादन किया जाता है। राज्य में कुल 74221 मधुमक्खी के छत्ते वर्तमान में मौजूद है। उद्यान विभाग द्वारा मौन पालन में रुचि रखने वाले लोगों को प्रति वर्ष राज्य सेक्टर योजना के तहत 7 दिनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाता है। 2015 से अभी तक 11441 लोगों को मधुमक्खी पालन में प्रशिक्षित किया जा चुका है।

    मुख्यमंंत्री ने किया मेले में प्रतिभाग

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की और  राजभवन में चल रहे वसंतोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग भी किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टालों का निरीक्षण करने के साथ राजभवन में चल रहे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुफ्त भी उठाया।