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  • ईडी छापे मे बरामदगी से खुली कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान की पोल: चौहान

    ईडी छापे मे बरामदगी से खुली कांग्रेस के भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान की पोल: चौहान

    कांग्रेस कार्यकाल मे पड़ी भर्ती घोटालों की नींव, खुलासे साबित कर रहे भ्रष्टाचार

    देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा कि कांग्रेस द्वारा सरकार के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप और दुष्प्रचार की पोल पूर्व सीएम के पीए के आवास से मिले नकदी और सोने के जखीरे ने खोल दी है। अब यह भी साफ हो गया है कि आकंठ भ्रष्टाचार मे डूबी कांग्रेस भाजपा के खिलाफ कैसे दुष्प्रचार कर रही है और उसका मकसद महज सत्ता हासिल करना है।

    उन्होंने वर्ष 2016 की भर्ती अनियमितताओं से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ईडी की कार्रवाई ने कांग्रेस के उस शासनकाल पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसे कांग्रेस आज तक बेदाग बताने का प्रयास करती रही है। कार्रवाई के दौरान नकदी, सोना और महंगी घड़ियों की बरामदगी की खबरों के बाद कांग्रेस नेताओं की बेचैनी और जांच एजेंसी पर सवाल उठाना कई सवालों को जन्म देता है।

    उन्होंने कहा कि चोरी पकड़े जाने के बाद बचाव के लिए लगे कांग्रेसी रणनीतिकारों का खुले तौर पर सामने आना अधिक दिलचस्प है। पूर्व सीएम अपने पीए को क्लीन चिट दे रहे हैं तो प्रदेश अध्यक्ष ईडी के छापे की टाइमिंग पर सवाल उठा रहे है। जबकि वह जांच एजेंसियों को सहयोग करने की बात भी कर सकते थे। उन्होंने कहा कि भर्ती घोटालों की जांच कर रही एजेंसी पड़ताल करते ही पूर्व सीएम के आवास तक पहुंची है और इसी तरह से पूर्व मे कई रसूखदार सलाखों के पीछे पहुंचे है। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस भर्ती घोटालों की विस्तृत जांच को लेकर अनमने मन से आरोप मात्र मे समय जाया कर रही थी।

    चौहान ने कहा कि भ्रष्टाचार कब पकड़ मे आया यह अहमियत नही रखता, बल्कि पकड़ मे आया है यह जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे एक बात साफ हुई कि राज्य मे भर्ती घोटालों की नींव भी कांग्रेस शासन मे पडी थी और अब उनकी परते खुल रही है। तमाम स्टिंग और घपलों, खरीद फरोख्त जैसे मामले देश मे सुर्खियां बने। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नही है। विस मे हुए भर्ती घोटाले को कांग्रेस एक नियुक्तियों मे धांधली मानती है और दूसरी ओर कार्यवाही के विरोध मे धरने पर बैठकर अपना दोहरा मापदंड दिखा चुकी है। कांग्रेस के इस रवैये को जनता देख रही है और मौके पर जवाब देगी।

     

  • कार्यकर्ता का उत्पीड़न नही, बल्कि सकरात्मक संस्कृति को बढ़ावा देगी अनुशासन समिति:नेगी

    कार्यकर्ता का उत्पीड़न नही, बल्कि सकरात्मक संस्कृति को बढ़ावा देगी अनुशासन समिति:नेगी

    संगठन में अनुशासन एवं पार्टी की गरिमा बनाए रखने पर जोर

    देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नव नियुक्त अनुशासन समिति की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में समिति के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि समिति पार्टी संगठन मे समन्वय और सकरात्मक संस्कृति को बढ़ावा देने को कार्य करेगी।

    बैठक में प्रदेश अनुशासन समिति के सदस्य एवं पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, सी.पी. सिंह एवं अनुपम शर्मा उपस्थित रहे।
    बैठक में प्रदेश कांग्रेस संगठन में अनुशासन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के साथ-साथ पार्टी की नीतियों, सिद्धांतों एवं संगठनात्मक निर्णयों के अनुरूप कार्य करने पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन साथ ही संगठन की गरिमा, अनुशासन एवं मर्यादा का पालन करना प्रत्येक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है।
    समिति के अध्यक्ष श्री विक्रम सिंह नेगी ने कहा कि अनुशासन समिति का उद्देश्य किसी कार्यकर्ता को प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि संगठन में अनुशासन, आपसी समन्वय एवं सकारात्मक कार्य संस्कृति को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करें तथा सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी भी आचरण से बचें जिससे पार्टी की छवि प्रभावित हो।
    बैठक में पार्टी संगठन से संबंधित अनुशासनात्मक विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए प्राप्त शिकायतों एवं प्रकरणों के नियमानुसार परीक्षण तथा आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा की गई।
    समिति ने स्पष्ट किया कि पार्टी के संविधान एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं तथ्यों के आधार पर अनुशासनात्मक मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
    बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संगठन को मजबूत करने, सभी स्तरों पर आपसी समन्वय बढ़ाने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अनुशासन एवं एकजुटता बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया।

     

  • सीएम ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा, युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य निर्माता

    सीएम ने विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, कहा, युवा ही देश और प्रदेश के भविष्य निर्माता

    मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन, 2,67,744 विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

    युवाओं से बोले सीएम, नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग प्रदेशभर से जुड़े विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद किया और विकसित उत्तराखंड को लेकर उनके विचारों, सुझावों, सपनों तथा भविष्य की परिकल्पनाओं को जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की ऊर्जा, उनकी सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साहवर्धक है। प्रदेश की भावी पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और सुझाव उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आज के विद्यार्थी ही कल के उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे।

    उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है। अभियान के तहत प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए विचार उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के प्रति उनकी सोच, संवेदनशीलता और संकल्प को दर्शाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा लिखे गए निबंधों की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने इतनी अच्छी तरह अपने विचार व्यक्त किए हैं कि यह निर्णय करना कठिन है कि किसने अच्छा लिखा और किसने बहुत अच्छा लिखा।

    संवाद के दौरान रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन विषय पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने इसे दो-तीन दिनों में लिखा है और पलायन को विषय इसलिए चुना, क्योंकि उन्होंने इसे स्वयं महसूस किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से दो प्रकार का पलायन देखा जाता है। स्थायी और अस्थायी। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार के लिए घर से बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं होता। बाहर जाकर पढ़ने, सीखने और अनुभव प्राप्त करने से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है। हालांकि, पहाड़ों में माताओं-बहनों को अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे कठिन परिस्थितियों में भी अपने परिवार और समाज को संभालते हुए स्वयं कार्य कर रही हैं तथा दूसरों को भी प्रेरित कर रही हैं।

    देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पहाड़ों में रोजगार और अवसरों के विस्तार के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे। वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब देश का प्रत्येक गांव, प्रत्येक जिला और प्रत्येक राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े और विकसित हो।

    छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा—‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार।’ मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए कहा कि यह सकारात्मक सोच का परिचायक है। परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन हमारा संकल्प मजबूत होना चाहिए कि जीवन में हमें कुछ बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

    छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों के प्रति लोगों के भरोसे से जुड़े सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जैसे व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आज की पीढ़ी अच्छे और बेहतर की समझ रखती है। युवाओं को अपने जनपद और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

    रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े अपने विचार साझा किए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा गांव-गांव तक बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और सरकार निरंतर इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं तथा रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें।

    इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव साझा किए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर भी अपने विचार रखे।

    छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए छोटे-छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने तथा विद्यालय स्तर पर कौशल विकास की ट्रेनिंग उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण सुझाव बताते हुए कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा रखे गए सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

    उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं और भविष्य का उत्तराखंड एवं भारत युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं का क्या योगदान हो, उनकी क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सभी विषयों पर युवाओं की सोच और सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में प्रत्येक युवा की भूमिका अहम है और युवाओं को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को उनके द्वारा बनाई गई एक चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया। वहीं रुद्रप्रयाग जनपद से निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग श्री विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।

    कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल श्रीमती नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती वरुणा अग्रवाल सहित संबंधित अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

  • नीली बत्ती लगाकर रौब दिखा रहा फर्जी आईबी अधिकारी चढ़ा पुलिस के हत्थे

    नीली बत्ती लगाकर रौब दिखा रहा फर्जी आईबी अधिकारी चढ़ा पुलिस के हत्थे

    हल्द्वानी। पुलिस की सघन चेकिंग के दौरान एक फर्जी आईबी अधिकारी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

    पुलिस के अनुसार हल्द्वानी तिकोनिया चौराहे पर पुलिस ने भारत सरकार का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगी हुंडई कार को रोका तो चालक ने खुद को आईबी अधिकारी बताया। संदेह होने पर तलाशी ली गई, जिसमें फर्जी आईबी आईडी और दस्तावेजों के साथ पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कार सीज कर दी है। युवक खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी का अधिकारी बताकर घूम रहा था। कार पर भारत सरकार का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगाकर रसूख दिखा रहा था, लेकिन पुलिस की सघन चेकिंग मे उसके फर्जीवाड़े की पोल खुल गयी।

    पुलिस हल्द्वानी के तिकोनिया चौराहे पर पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान काठगोदाम की ओर से एक हुंडई कार संख्या UP25CS 9327 आती दिखाई दी. कार पर लाल-नीली बत्ती और भारत सरकार का बोर्ड लगा था। पुलिस ने कार को रोककर चालक से पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम मो. मोहासिब खान बताया। साथ ही उसने खुद को आईबी अधिकारी बताते हुए एक आईडी कार्ड भी दिखाया। जब पुलिस ने उससे उसकी नियुक्ति और पद से जुड़े सवाल किए तो वह सकपका गया।

    शक होने के बाद पुलिस ने कार की तलाशी ली तो पूरा मामला खुल गया. कार के डैशबोर्ड से फर्जी आईबी आईडी कार्ड, इंटेलिजेंस ब्यूरो से जुड़े फर्जी कागजात और पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया वह एयरगन रौब दिखाने के लिए अपने साथ रखता था। जांच में आईबी अधिकारी होने का दावा और उससे जुड़े दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। मामले में हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर 24 वर्षीय मो. मोहासिब खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज किया गया है. पुलिस अब आरोपी के आपराधिक इतिहास और फर्जी पहचान के इस्तेमाल के पीछे की पूरी कहानी खंगाल रही है।

     

  • खाई मे गिरा डंपर, चालक की मौत, शव बरामद

    खाई मे गिरा डंपर, चालक की मौत, शव बरामद

    अल्मोड़ा। थाना भत्रोजखान के अंतर्गत मोहान से लगभग 10 किलोमीटर पहले कुमेरिया डेन रिजॉर्ट के पास एक डंपर गहरी खाई मे गिर गया। घटना मे चालक की मौत हो गयी। 

    SDRF पोस्ट भीकियासैंण से अपर उप निरीक्षक सुंदर सिंह बोरा के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई और मौके पर पहुंचकर लापता चालक की तलाश शुरू की। सर्चिंग के दौरान टीम को दुर्घटनाग्रस्त डंपर के चालक का शव गहरी खाई में मिला। टीम द्वारा रोप के माध्यम से कठिन एवं दुर्गम खाई से शव को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा आवश्यक कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त डंपर में एक ही व्यक्ति सवार था, जिसकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई।

    मृतक की शिनाख्त जसवंत सिंह उम्र 36 पुत्र गोपाल सिंह ग्राम गजार तहसील चौखटिया जिला अल्मोड़ा के रूप मे हुई।

  • ईडी के छापे पर भाजपा का हमला, बोले चमोली, कांग्रेस का हाथ भ्रष्टाचार के साथ

    ईडी के छापे पर भाजपा का हमला, बोले चमोली, कांग्रेस का हाथ भ्रष्टाचार के साथ

     

    इस्तीफे की पेशकश, हरदा का सहानुभूति और दबाव बनाने का राजनैतिक ड्रामा 

     राजनैतिक लाभ की मंशा वाले ही कार्रवाई की टाइमिंग पर उठा रहे सवाल 

     देहरादून। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी के आवास से ईडी के छापे मे कैश और धन मिलने की कार्यवाही कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूर्व सीएम के पीए के पास काले धन का जखीरा मिलना बताता है है कि कांग्रेस का हाथ भ्रष्टाचारियों के साथ है। प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को कांग्रेस में ही सहानुभूति हासिल करने का राजनैतिक ड्रामा बताया है। वहीं पलटवार कर कहा कि कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाना ही, असली राजनैतिक लाभ लेने की मंशा है। क्योंकि समय कोई भी हो भ्रष्टचारियों पर कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए, जैसा धामी सरकार में हो रहा है और सैकड़ों नकल माफिया सलाखों के पीछे है।

    उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के घोटालों की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ रही है, अब इस भ्रष्टाचार की गहरी परतें खुल रही हैं और इसके तार सीधे-सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के निकट सहयोगियों और उनके आसपास तक पहुँच रहे हैं। दरअसल कांग्रेस सरकारों ने हमेशा उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में नकल और भ्रष्टाचार माफियाओं को पनपाने का काम किया था। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में को हैक किया। निष्पक्ष जांच के जरिए पाई-पाई और हर घोटालेबाज का हिसाब लिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम सहानुभूति और दबाव की राजनीति के लिए ही एक मनगढ़ंत पाखंड कर रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य अपनी ही पार्टी में सहानुभूति हासिल करना और आलाकमान पर दबाव बनाना है। हालांकि विगत कई वर्षों से वे अपनी ही पार्टी में उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं और हाशिया पर रखा हुआ है। पिछले लंबे समय से अपनी ही पार्टी के छोटे-बड़े नेता उनकी अनदेखी कर रहे हैं। कांग्रेस संगठन के भीतर उन्हें पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया गया है। आलाकमान ने इतनी दूरी बनाई हैं कि वे लंबे समय से दिल्ली में अस्वस्थ हैं, लेकिन किसी भी शीर्ष नेता ने उनकी सुध तक नहीं ली। पार्टी के केंद्रीय और प्रांतीय कार्यक्रमों में भी उन्हें कोई तरजीह नहीं दी जा रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य में सीएम श्री पुष्कर धामी के नेतृत्व वाली जीरो टॉलरेंस की भाजपा सरकार है। जिसमें कठोरतम नकल विरोधी कानून के संरक्षण में पारदर्शिता और ईमानदारी से अब तक 34 हजार से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी है। सैकड़ों बड़े बड़े मगरमच्छ और छोटी बड़ी सभी मछलियां अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। जो भी गड़बड़ी, नकल और भ्रष्टाचार के मामले संज्ञान में आए तत्काल कड़ी कार्रवाई की गई। आज देश के अन्य राज्य, प्रदेश के नकल कानून और भर्ती प्रक्रिया का अनुसरण कर रहे हैं।

    वहीं कटाक्ष किया कि अब जब कानून का शिकंजा कस रहा है, तो कांग्रेस नेता इस तरह के ड्रामे रचकर जनता का ध्यान भटकाने की असफल कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो कार्रवाई की टाइमिंग पर उंगली उठाते हैं, कहीं न कहीं वे मान रहे हैं कि गड़बड़ी की गई थी। लिहाजा अगर युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया गया है तो कठोर ऐक्शन लिया ही जाना चाहिए चाहे समय कोई भी चल रह हो। क्योंकि चुनाव समीप हो और उसे देखते हुए जांच नहीं की जाए, यही सोच और मांग ही असली राजनैतिक लाभ लेने की मंशा है।

     

     

  • चुनावी बेला पर कांग्रेसी दिग्गज पूर्व सीएम हरीश रावत का पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा

    चुनावी बेला पर कांग्रेसी दिग्गज पूर्व सीएम हरीश रावत का पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा

    देहरादून। पूर्व सीएम और काग्रेसी दिग्गज हरीश रावत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। उनके ओएसडी के आवास पर ईडी के छापे के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले का पार्टी को नुकसान न हो इसके लिए उन्होंने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। 

    पूर्व सीएम के ओएसडी के घर छापे मे मिली थी बड़ी रकम

    गौरतलब है कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) परीक्षा धांधली में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के निजी सहायक (पीए) चंदन सिंह जीना के घर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को छापा मारा। ईडी ने उनके घर से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, 12 लग्जरी घड़ियां और 200 ग्राम से ज्यादा सोना जब्त किया है।

    इसके अलावा जीना और उनके परिवार के खातों में 52 लाख रुपये की बैलेंस को फ्रीज किया गया है। इस संपत्ति की कुल कीमत 1.28 करोड़ रुपये आंकी गई है। जीना पूर्व सीएम हरीश रावत के 2014 से 217 तक ओएसडी भी रह चुके हैं। जीना का मोबाइल भी ईडी ने फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया है।
    यूकेएसएसएसी की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा-2016 में हुई धांधली की जांच पहले विजिलेंस ने शुरू की थी। इसके बाद वर्ष 2023 में इस मामले को एसटीएफ को सौंप दिया गया। एसटीएफ ने पूर्व अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार कर लिया था।

    एक्स पर पोस्ट मे रावत बोले, आरोपों पर विश्वास नही
    हरीश रावत ने अपनी पोस्ट पर लिखा कि ‘सामने टीवी पर खबर आ रही है कि देहरादून में हरीश रावत के पीए के पास भारी मात्रा में कैश और ज्वैलरी आदि पकड़ी गई या पकड़ाई गई, इस तथ्य का खुलासा तो आने वाले समय में होगा और यह सत्य है कि श्री जीना मेरे ओएसडी रहे हैं और मैं जितने भी पदों पर रहा, चाहे पार्टी में रहा या सरकार में रहा, वह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। जीना एक निहायती सज्जन, विनम्र और काम करने वाले व्यक्ति हैं। यदि ग्राम सेवकों की भर्ती में ओएमआर शीट के साथ छेड़छाड़ की और यदि इस तरीके की कोई भी गलती उन्होंने की है, उसके प्रमाण हैं तो उनके इस तथाकथित दुस्साहसिक कृत्य के लिए मैं लज्जित हूँ। परंतु मुझे इस आरोप पर बिल्कुल विश्वास नहीं है।

    उत्तराखंड के चुनाव में भारी स्टेक्स हैं। मुझसे जब भी कोई व्यक्ति पूछता था कि चुनाव कब हो रहे हैं? तो मैं हंसी में उनसे कहता था कि भई चुनाव तब होंगे, जब सीबीआई मेरे दरवाजे पर दस्तक देने आएगी। यदि अभी नहीं आई है तो इसका अर्थ है कि चुनाव अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में ही होंगे। लेकिन इस बार मेरे घर पर नहीं, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक देकर एक नरेटिव बनाने का प्रयास किया गया है। कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ लामबंद होकर लड़ रहे हैं। राहुल गांधी जी राष्ट्रीय स्तर पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।

    ऐसे समय में हरीश रावत के किसी भी कृत्य से यदि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी आती है, तो मैं ऐसा बिल्कुल नहीं चाहूँगा। इसलिए मैंने अभी अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके एक बड़ा निर्णय लिया है कि मैं किसी सरकारी पद पर तो हूं नहीं, की उससे त्यागपत्र दूं! हां मैं, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्यसमिति का स्थाई आमंत्रित सदस्य हूं और मैं बहुत विनम्रता पूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहूंगा, क्योंकि पार्टी के संघर्ष में कोई कमजोरी मेरी वजह से नहीं आनी चाहिए।
    रहा प्रश्न अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का? उसका गठन हमने राज्य के नौजवानों के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए किया। हमने पब्लिक सर्विस कमीशन को समय पर परीक्षाएँ लेने के लिए बाध्य किया, यहाँ तक कि दो बार शीर्ष पदों की भर्तियाँ हुईं, हमारे छोटे से कार्यकाल में‌। हमने भर्ती बोर्ड्स बनाए, मेडिकल भर्ती बोर्ड बनाया, शिक्षा भर्ती बोर्ड बनाया। यदि उस प्रक्रिया के दौरान नियुक्तियों में हमसे कोई एरर ऑफ़ जजमेंट हो गया है, तो मैं उसके लिए उत्तराखंड के लोगों से क्षमा प्रार्थी हूँ। मगर मैं विनम्रता पूर्वक अपना यह दावा दोहराना चाहता हूं कि हमारे 3 वर्ष के कार्यकाल में 42000 से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां हुई हैं।

    हमने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के चेयरमैन के पद पर जिस व्यक्ति को नियुक्त किया था, जिन्हें मैंने ही शिकायत मिलने के बाद हटाया या उनसे इस्तीफा माँगा, जो भी जिस रूप में भी कह लिया जाए। उनकी नियुक्ति पिछले सेवा रिकॉर्ड के आधार पर की गई थी। वो जिस वर्ग से आते थे, मैं चाहता था कि सत्ता में उस वर्ग की भी हिस्सेदारी हो और उनकी नियुक्ति के विषय में मुझे सबसे प्रभावी सलाह तत्कालीन पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी जी ने दी थी।

    वो दो बार मेरे पास उनकी नियुक्ति के संदर्भ में मिलने आए थे। मेरी आज भी धारणा है कि खंडूरी जी भ्रष्टाचार के समन के लिए हमेशा काम करते रहे। मैं इतना और बताते चलूँ कि कौन व्यक्ति कहाँ पर गलती कर दे, कोई नहीं जान सकता है। क्या आरएसएस ने जाना होगा कि जिस व्यक्ति को उत्तराखंड के अपने पर्यावरण मंच का अध्यक्ष बना रहे हैं, वो व्यक्ति इस तरीके के भ्रष्ट कृत्य करेगा? और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में कलंकित होगा!

    नियुक्तियों व परीक्षाओं में गड़बड़ी हमारी आने वाली पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं और यदि मुझसे जाने-अंजाने में भी कोई ऐसा कृत्य हुआ है, जिससे हमारे राज्य के नौजवानों के भविष्य पर दुष्प्रभाव पड़ा है, तो उसके लिए मैं अपने को प्रताड़ना का पात्र मानता हूं और मैं राज्य के लोगों से इस चूक के लिए क्षमा चाहता हूं और मैं सार्वजनिक रूप से एक अपील भी करना चाहता हूं कि यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की की नियुक्तियों के मामले में हस्तक्षेप करने की मेरी संलिप्तता के कोई प्रमाण उनके पास हों तो वो उन प्रमाणों को सीबीआई, ईडी या राज्य पुलिस को जरूर उपलब्ध करवाएं। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को जिसे बड़े दायित्व को संभालने का अवसर मिलता है तो उन्हें हमेशा इस तरीके के घृणित प्रलोभनों से बचना चाहिए और यदि मुझसे कोई ऐसी चूक हुई है तो पुनः दोहरा रहा हूं कि मैं अपने को दंड का पात्र समझता हूं और कानून को मुझे दंडित करना चाहिए।’

     

     

  • हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान, यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति

    हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान, यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति

    चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की होगी व्यवस्था

    विद्यालयों को आपदा के प्रति सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम

    देहरादून। उत्तराखण्ड के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का स्कूल आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने, आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक द्वारा हाल ही में राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय का आपदा प्रबंधन प्लान उस विद्यालय की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित जोखिमों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर स्थानीय आपदा जोखिमों का आकलन किया जाएगा तथा उसी के अनुरूप सुरक्षा एवं बचाव की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षा विभाग तथा यूएसडीएमए में समिति की गठन किया जाएगा।

    विद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमपात, हिमस्खलन, आग तथा अन्य स्थानीय आपदाओं की संभावित स्थिति का चिन्हांकन किया जाएगा। आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को विद्यालय भवन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट निकासी मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। प्रत्येक कक्षा एवं भवन के लिए आवश्यक निकासी व्यवस्था और सुरक्षित स्थान चिन्हित किए जाएंगे। विद्यालय परिसर में आपदा के समय एकत्रित होने के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित किया जाएगा। आपदा की स्थिति में कौन क्या भूमिका निभाएगा, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। विद्यालय प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों के स्तर पर भी जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

    पुलिस, फायर, स्वास्थ्य विभाग, राज्य व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, तहसील एवं अन्य संबंधित विभागों के महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर विद्यालय स्तर पर उपलब्ध एवं प्रदर्शित किए जाएंगे। विद्यालय में प्राथमिक उपचार की आवश्यक व्यवस्था, फस्र्ट एड किट तथा आवश्यक आपदा राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को भूकंप, आग, भूस्खलन तथा अन्य संभावित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन प्लान की व्यवहारिकता को भी परखा जाएगा।

    सचिव ने बताया कि दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं त्वरित निकासी के लिए अलग से आवश्यक व्यवस्था और सहायता की पहचान की जाएगी। विद्यालय भवन, कक्षाओं, विद्युत व्यवस्था, गैस, रसोई, पानी की टंकियों, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का परीक्षण किया जाएगा तथा संभावित खतरों को कम करने के उपाय किए जाएंगे। आपदा के समय विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच प्रभावी संचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत, स्थानीय समुदाय एवं उपलब्ध संसाधनों को भी आवश्यकता के अनुसार आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

    बैठक में एसीईओ प्रशासन प्रकाश चंद्र, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, डीजी शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर आदि उपस्थित रहे।

    स्कूलों में इन टीमों का होगा गठन

    प्रत्येक विद्यालय के आपदा प्रबंधन प्लान के तहत चेतावनी एवं सूचना टीम, निकासी टीम, प्राथमिक उपचार टीम, अग्नि सुरक्षा टीम, खोज एवं बचाव टीम तथा सहायता एवं मनोसामाजिक टीम का गठन किया जाएगा। इन टीमों के माध्यम से आपदा की स्थिति में विद्यालय स्तर पर तत्काल एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इन टीमों का नेतृत्व बच्चों द्वारा किया जाएगा, जबकि शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेंगे। बच्चों को उनकी आयु एवं क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां देकर आपदा के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाया जाएगा।

  • 17 सितंबर से प्रदेश मे चलेगा एक माह का सेवा संकल्प अभियान: धामी

    17 सितंबर से प्रदेश मे चलेगा एक माह का सेवा संकल्प अभियान: धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

    पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कहा कि राज्य में अभियान के अंतर्गत 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं के विभिन्न केन्द्र, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, गंगा तट, आदि पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध/पुल, अमृत सरोवर, जन औषधि केंद्र जैसे स्थलों पर भी सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी रहेगी।

    सीएम ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ के अंतर्गत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प तथा 25 वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित चित्र विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे तथा अभिभावकों और नागरिकों को भी इन प्रदर्शनियों से जोड़ा जाएगा। ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के माध्यम से देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा, साथ ही आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, अभिभावकों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मातृ-बाल स्वास्थ्य, पोषण तथा मातृ-शिशु कल्याण से संबंधित जानकारी पर विशेष जोर रहेगा।

    उन्होंने कहा कि सेवा की कहानियों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं राज्य की योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को सामने लाया जाएगा। भाषण, चित्रकला और कहानियों के माध्यम से इन बदलावों को जनता तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश की स्थापना प्रस्तावित है। कलश यात्रा के साथ साइकिल एवं बाइक यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

    ‘सेवा : मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, शिक्षण कार्य तथा अन्य समाजोपयोगी सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को अभियान में सक्रिय भागीदार बनाना है। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ राज्य सरकार की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया जाएगा एवं सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों को जोड़कर उनसे वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या-विवरणियां प्राप्त की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सेवा संवाद के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया जाएगा। अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव तथा सकारात्मक बदलाव की कहानियों को मीडिया के माध्यम से भी व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड राज्य से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में प्रत्येक देशवासी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ को हर जिले में विस्तृत रूप से मनाया जाएगा, जिसमें हर जिले के प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राम सिंह कैड़ा एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

  • बद्रीनाथ धाम में हादसा, तप्त कुंड में नहाते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत

    बद्रीनाथ धाम में हादसा, तप्त कुंड में नहाते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत

    चमोली। शुक्रवार सुबह बदरीनाथ धाम में स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। तप्त कुंड में स्नान करते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान 63 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी मदन और 71 वर्षीय रामू देवी पत्नी अमर के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान की रहने वाली थीं।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। दोनों कुंड के अंदर बेहोश हालत में मिलीं। सूचना पर पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक उम्र होने के कारण दोनों नही बचाया जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।