Blog

  • किशोर- किशोरी के फंदे से लटके मिले शव, जांच मे जुटी पुलिस, क्षेत्र मे सनसनी

    किशोर- किशोरी के फंदे से लटके मिले शव, जांच मे जुटी पुलिस, क्षेत्र मे सनसनी

    चमोली। जिले के विकासखंड नंदानगर के रामणी गांव में एक किशोरी और किशोर की फंदे से लटके शवों को देखकर क्षेत्र मे सनसनी फैल गयी। रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद गांव में मातम छाया हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस-प्रशासन को दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया है. जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार रामणी गांव में पास स्थित मेला मैदान के मंच की रेलिंग से एक छात्र और छात्रा के शव फंदे से लटके मिले। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में रामणी गांव निवासी कक्षा 12 का छात्र और कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं।

    पुलिस मामले को आत्महत्या व प्रेमप्रसंग के एंगल से देख रही है।  किशोर की उम्र 17 वर्ष व किशोरी की उम्र लगभग 16 वर्ष हैं।

    ग्राम प्रधान ने बताया कि मामले की सूचना नंदानगर पुलिस को दे दी गई और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

     

  • सीएम ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

    सीएम ने किया ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ

    प्रथम चरण में निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जुड़ेंगे 11 हजार छात्र-छात्राएँ 
    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के माध्यम से प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास भी आवश्यक है। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली युवा आर्थिक परिस्थितियों, उचित मार्गदर्शन और संसाधनों की कमी के कारण अच्छे कोचिंग संस्थानों तक नहीं पहुंच पाते। राज्य सरकार ने तय किया है कि संसाधनों की कमी अथवा आर्थिक तंगीं किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों की राह में बाधा नहीं बनेंगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार चाहती है कि उत्तराखण्ड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने। इसी दिशा में स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन बढ़ा है। आज अनेक युवा गांवों की ओर लौटकर व्यवसाय, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े उद्यमों के माध्यम से स्वरोजगार के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनसे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के माध्यम से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन सुलभ होगा।
    मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा करते हुए कहा कि वे इसे केवल व्यावसायिक दायित्व न मानकर व्यक्तिगत एवं सामाजिक दायित्व के रूप में भी लें।
    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ.बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, अपर सचिव मनमोहन मैनाली एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
  • सीएम ने की घोषणा, हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’

    सीएम ने की घोषणा, हर वर्ष प्रदान किया जाएगा ‘हिमालय विभूति सम्मान’

    हिमालय परिषद् में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए ₹1 करोड़ की धनराशि की घोषणा

    उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर निकलेगा: सीएम

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून में हिमालय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘हिमालयो नाम नगाधिराजः’ कार्यक्रम में हिमालय परिषद् में मूलभूत सुविधाओं और संसाधनों में वृद्धि के लिए ₹1 करोड़ की धनराशि देने की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि हिमालय के संरक्षण, संवर्धन एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शोधकर्ताओं, वैज्ञानिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं हिमालयी क्षेत्रों के लिए समर्पित विशिष्ट व्यक्तित्वों को ‘हिमालय विभूति सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान प्रत्येक वर्ष हिमालय दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित पांच पोस्टरों का विमोचन किया। इनमें 7वें देहरादून इंटरनेशनल साइंस एंड टेक्नोलॉजी फेस्टिवल, साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग, सीमांत बाल विज्ञान कांग्रेस, ज्ञानोत्कर्ष तथा 21वीं उत्तराखण्ड राज्य साइंस कॉन्फ्रेंस के पोस्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विज्ञान के लोकप्रियकरण पर केंद्रित पत्रिका ‘विज्ञान संप्रेषण’ के पांचवें वार्षिकांक का भी विमोचन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय हमारे लिए केवल एक पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार है। आदि काल से हिमालय हमारे ऋषियों, मुनियों, साधकों और विचारकों की तपोभूमि रही है। गंगा और यमुना सहित अनेक जीवनदायिनी नदियों का उद्गम हिमालय से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती हैं और इनका प्रभाव हिमालयी क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ग्लेशियरों पर बढ़ता दबाव, पारंपरिक जल स्रोतों पर संकट तथा अतिवृष्टि, भूस्खलन, वनाग्नि और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार नई चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। हिमालय की संवेदनशीलता का सम्मान करते हुए विकास कार्यों में विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा और प्रकृति के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना आवश्यक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन किसी राज्य या देश की सीमाओं को देखकर अपना प्रभाव नहीं डालता। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में बहुत कम योगदान देने वाले हिमालयी क्षेत्रों को भी इसका बड़ा मूल्य चुकाना पड़ सकता है। इसलिए जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी और उसके समाधान के प्रयास साझा होने चाहिए। हिमालयी राज्यों की इस चिंता और आवाज को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों तक और मजबूती से पहुंचाने की आवश्यकता है। हिमालय के ग्लेशियर और जल स्रोत प्रभावित होने का असर नदियों, कृषि, पेयजल और करोड़ों लोगों के जीवन पर पड़ता है।

    उत्तराखण्ड के विकास का रास्ता इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से होकर ही निकलेगा। हमें ऐसा विकास चाहिए जिसमें सड़क भी बने और जंगल भी बचें, रोजगार भी बढ़े और नदियां भी निर्मल रहें, पर्यटन भी बढ़े और पहाड़ों की धारण क्षमता का भी ध्यान रखा जाए।

    इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, हेस्को के संस्थापक डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, रजिस्ट्रार वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय डॉ. राजेश उपाध्याय, संयुक्त निदेशक यू कॉस्ट श्री डी.पी. उनियाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • सरकारी स्तर पर और भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा हरितालिका तीज उत्सव: सीएम

    सरकारी स्तर पर और भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा हरितालिका तीज उत्सव: सीएम

    महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में प्रतिभाग करते हुए हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने गोर्खाली समाज की माताओं-बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। यह पर्व हमें दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि तीज जैसे पारंपरिक पर्व हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। माताएं और बहनें हमारी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों की सबसे बड़ी संरक्षक हैं। उनके प्रयासों से हमारी भाषा, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रही हैं।

    उन्होंने कहा कि आज मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कप्तान दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिन्द फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास भी किया गया है। यह शहीद द्वार गोर्खा समाज के अदम्य शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनने के साथ ही आने वाली पीढ़ियों को उनके त्याग और बलिदान से परिचित कराएगा।

    मुख्यमंत्री ने भारत और नेपाल के आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच केवल पड़ोसी देशों का संबंध नहीं, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक रिश्ते हैं। सीमांत क्षेत्र से होने के कारण उन्होंने भारत और नेपाल की साझा संस्कृति, आत्मीयता और परस्पर जुड़ाव को निकटता से अनुभव किया है। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल के शीघ्र इस संकट से उबरने की कामना की।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, श्रीमती गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति कोटिया, श्रीमती नेहा जोशी, सिद्धार्थ अग्रवाल, श्रीमती अनुकृति गुसाईं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

  • गौ हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर गरजा बुलडोजर, आधा दर्जन अवैध निर्माण ध्वस्त

    गौ हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर गरजा बुलडोजर, आधा दर्जन अवैध निर्माण ध्वस्त

    हिस्ट्रीशीटर, गुंडा एक्ट, अपराधियों के खिलाफ धामी सरकार का एक्शन

    देहरादून। पछुवा देहरादून में खुशहालपुर क्षेत्र में धामी सरकार के बुलडोजरों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर दिया। ये मकान ,गो हत्या,ड्रग्स तस्करों के बताए गए है जिन्होंने सरकारी भूमि पर कब्जे कर अवैध निर्माण किए हुए थे।

    जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर एसडीएम विकास नगर विनोद कुमार की अगुवाई में भारी फोर्स के साथ खुशहालपुर में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन ने इन हिस्ट्रीशीटरों की संपति दस्तावेजों के विषय में पहले ही जांच पड़ताल कर नोटिस जारी कर दिये थे। सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले ज्यादातर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग बाहरी राज्यों से आकर यहां अवैध रूप से बसे और गौ हत्या जैसे मामलों में जेल गए, इनमें से कुछ ड्रग्स तस्करी में लिप्त बताए जाते है।

    एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ये सभी हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और एक एक के खिलाफ दर्जनों मामले गो हत्या, ड्रग्स तस्करी गुंडा एक्ट सरकारी भूमि कब्जाने के दर्ज है।

    डीएम आशीष चौहान से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने खुशहालपुर क्षेत्र में सक्रिय गो तस्कर आमिर ,जिसके खिलाफ 21 गंभीर मामले दर्ज है के मकान को गिरा कर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाते हुए अपना कब्जा ले लिया।

    इन लोगों के खिलाफ हुई कार्यवाही

    इनमे मेहराज जिन पर 8 मामले,सलमान पर 21 मामले, दिलशाद मिर्ची8 मामले, मोहसिन 15 गंभीर मामले, फैज़ान 19 मुकद्दमे, कौसर पर 2 मामले ड्रग्स के दर्ज हैं। उनके खिलाफ बुलडोजर से मकान ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की गई है।

    नही बख्शे जायेंगे अपराधी: धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ ऐसी सूचनाएं मिल रही थी कि बाहरी राज्यों से आये कुछ अपराधी किस्म के लोग यहां सरकारी जमीनों में कब्जे कर, गो हत्या ,ड्रग्स तस्करी में लिप्त है ,जब उनकी कुंडली खंगाली गये तो उनके कारनामे सामने आये अब उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।

  • अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने मलवे से बरामद किए शव

    अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने मलवे से बरामद किए शव

    अल्मोड़ा। जिले के ग्राम वडयूडा, थाना सोमेश्वर में एक मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गयी।

    घटनास्थल से लगभग 03 किलोमीटर पूर्व मार्ग पर मलबा आने के कारण सड़क अवरुद्ध होने पर SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ पैदल ही घटनास्थल की ओर रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम द्वारा स्थानीय लोगों, फायर सर्विस एवं जिला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मलबे में सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम द्वारा मलबे से तीन व्यक्तियों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42 वर्ष), पत्नी राजेन्द्र राम; कल्पना आर्या (19 वर्ष), पुत्री राजेन्द्र राम; एवं मनीष कुमार (18 वर्ष), पुत्र राजेन्द्र राम के रूप में हुई। एक व्यक्ति गुलाब राम मकान के बाहर स्थित कमरे में सो रहे थे, जो मकान ढहने के दौरान सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    SDRF टीम द्वारा बरामद शवों को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

  • खटीमा गोलीकांड के शहीद आंलनकारियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    खटीमा गोलीकांड के शहीद आंलनकारियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित किये। उन्होंने शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को स्मरण करने का दिन है। उत्तराखण्ड का प्रत्येक नागरिक इन वीर सपूतों के बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। खटीमा गोलीकांड ने पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को नई दिशा दी और लोगों को अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हम सभी मिलकर राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड का निर्माण करें, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा की धरती राज्य आंदोलन की तपोभूमि है। यदि इसे उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की जननी कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। राज्य निर्माण के संघर्ष को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाओं में राज्य आंदोलनकारियों ने अपने रक्त से उत्तराखण्ड का इतिहास लिखा है। यह राज्य हमें आसानी से या उपहार स्वरूप नहीं मिला, बल्कि इसके पीछे अनगिनत राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण अधिनियम, 2023” लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत पात्र राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।
    शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। राज्य आंदोलन के दौरान घायल एवं जेल गए आंदोलनकारियों को 7 हजार रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 5500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही उन्हें सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
    इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक खटीमा भुवन कापड़ी, विधायक नानकमत्ता गोपाल सिंह राणा, विधायक रुद्रपुर श्री शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जाधारी राज्य मंत्री सुभाष बरथवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
  • देहरादून मे कल बन्द रहेंगे स्कूल, कई जिलों मे ऑरेंज अलर्ट

    देहरादून मे कल बन्द रहेंगे स्कूल, कई जिलों मे ऑरेंज अलर्ट

    देहरादून। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार देर शाम से बारिश का सिलसिला और तेज हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए देहरादून जिले में सोमवार 31 अगस्त को सभी सरकारी और निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। 

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 सितंबर तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच बारिश अपने चरम पर होगी। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली व नैनीताल जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाषी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत व ऊधम सिंह नगर जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए अपनाई जाएगी अत्याधुनिक तकनीक 

    ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए अपनाई जाएगी अत्याधुनिक तकनीक 

     मंत्री ने दिये सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

    देहरादून। राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए मा0 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने ग्लेशियर झीलों की निगरानी एवं जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तराखण्ड में स्थित ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा संभावित जोखिम की विस्तृत जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियर एवं ग्लेशियर झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ग्लेशियर झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति तथा उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, सेंसर आधारित निगरानी तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं का अध्ययन कर इन्हें आवश्यकता के अनुसार अपनाया जाए।

    मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों एवं तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके।

    कौशिक ने प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।

    जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रुहेला, उपाध्यक्ष ले. कर्नल (अ.प्रा.) रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, रोहित कुमार, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।

  • राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है पीएम के मन की बात: मुख्यमंत्री

    राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है पीएम के मन की बात: मुख्यमंत्री

    पीएम ने ‘मन की बात’ के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का दिया संदेश
    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।
    कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।
    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, मदन कौशिक भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।