Blog

  • हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान, यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति

    हर स्कूल का बनेगा आपदा प्रबंधन प्लान, यूएसडीएमए की शिक्षा विभाग के साथ बैठक में बनी रणनीति

    चेतावनी-सूचना से लेकर खोज-बचाव तक की होगी व्यवस्था

    विद्यालयों को आपदा के प्रति सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम

    देहरादून। उत्तराखण्ड के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का स्कूल आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों को आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने, आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक द्वारा हाल ही में राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का आपदा प्रबंधन प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय का आपदा प्रबंधन प्लान उस विद्यालय की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और संभावित जोखिमों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए विद्यालय स्तर पर स्थानीय आपदा जोखिमों का आकलन किया जाएगा तथा उसी के अनुरूप सुरक्षा एवं बचाव की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए शिक्षा विभाग तथा यूएसडीएमए में समिति की गठन किया जाएगा।

    विद्यालय एवं उसके आसपास के क्षेत्र में भूकंप, भूस्खलन, बाढ़, फ्लैश फ्लड, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमपात, हिमस्खलन, आग तथा अन्य स्थानीय आपदाओं की संभावित स्थिति का चिन्हांकन किया जाएगा। आपदा की स्थिति में विद्यार्थियों एवं स्टाफ को विद्यालय भवन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए स्पष्ट निकासी मार्ग निर्धारित किए जाएंगे। प्रत्येक कक्षा एवं भवन के लिए आवश्यक निकासी व्यवस्था और सुरक्षित स्थान चिन्हित किए जाएंगे। विद्यालय परिसर में आपदा के समय एकत्रित होने के लिए सुरक्षित स्थान निर्धारित किया जाएगा। आपदा की स्थिति में कौन क्या भूमिका निभाएगा, इसकी स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। विद्यालय प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों के स्तर पर भी जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।

    पुलिस, फायर, स्वास्थ्य विभाग, राज्य व जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, तहसील एवं अन्य संबंधित विभागों के महत्वपूर्ण आपातकालीन संपर्क नंबर विद्यालय स्तर पर उपलब्ध एवं प्रदर्शित किए जाएंगे। विद्यालय में प्राथमिक उपचार की आवश्यक व्यवस्था, फस्र्ट एड किट तथा आवश्यक आपदा राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को भूकंप, आग, भूस्खलन तथा अन्य संभावित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपदा प्रबंधन प्लान की व्यवहारिकता को भी परखा जाएगा।

    सचिव ने बताया कि दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं त्वरित निकासी के लिए अलग से आवश्यक व्यवस्था और सहायता की पहचान की जाएगी। विद्यालय भवन, कक्षाओं, विद्युत व्यवस्था, गैस, रसोई, पानी की टंकियों, प्रयोगशालाओं, खेल मैदान तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का परीक्षण किया जाएगा तथा संभावित खतरों को कम करने के उपाय किए जाएंगे। आपदा के समय विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच प्रभावी संचार व्यवस्था विकसित की जाएगी। स्थानीय प्रशासन, ग्राम पंचायत, स्थानीय समुदाय एवं उपलब्ध संसाधनों को भी आवश्यकता के अनुसार आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।

    बैठक में एसीईओ प्रशासन प्रकाश चंद्र, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, डीजी शिक्षा श्रीमती आकांक्षा कोण्डे, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर आदि उपस्थित रहे।

    स्कूलों में इन टीमों का होगा गठन

    प्रत्येक विद्यालय के आपदा प्रबंधन प्लान के तहत चेतावनी एवं सूचना टीम, निकासी टीम, प्राथमिक उपचार टीम, अग्नि सुरक्षा टीम, खोज एवं बचाव टीम तथा सहायता एवं मनोसामाजिक टीम का गठन किया जाएगा। इन टीमों के माध्यम से आपदा की स्थिति में विद्यालय स्तर पर तत्काल एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इन टीमों का नेतृत्व बच्चों द्वारा किया जाएगा, जबकि शिक्षक एवं विद्यालय स्टाफ उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करेंगे। बच्चों को उनकी आयु एवं क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां देकर आपदा के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर एवं सक्षम बनाया जाएगा।

  • 17 सितंबर से प्रदेश मे चलेगा एक माह का सेवा संकल्प अभियान: धामी

    17 सितंबर से प्रदेश मे चलेगा एक माह का सेवा संकल्प अभियान: धामी

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी, संवाद और नवाचार को केंद्र में रखते हुए नागरिकों को ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ा जाएगा।

    पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कहा कि राज्य में अभियान के अंतर्गत 11 प्रमुख कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही राज्य सरकार द्वारा लिए गए निर्णयों को भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं के विभिन्न केन्द्र, गैस वितरण केंद्रों, राशन की दुकानों, प्रमुख धार्मिक स्थलों, गंगा तट, आदि पर दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नए मेडिकल कॉलेज, बांध/पुल, अमृत सरोवर, जन औषधि केंद्र जैसे स्थलों पर भी सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता भी रहेगी।

    सीएम ने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत–चित्र सेवा’ के अंतर्गत प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों में ‘विकसित भारत’ के संकल्प तथा 25 वर्षों के कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित चित्रकला, निबंध एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। चयनित चित्र विद्यालयों में प्रदर्शित किए जाएंगे तथा अभिभावकों और नागरिकों को भी इन प्रदर्शनियों से जोड़ा जाएगा। ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ के माध्यम से देश की उपलब्धियों पर आधारित नाटकों का विद्यालयों में मंचन किया जाएगा, साथ ही आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, अभिभावकों, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं की सहभागिता से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मातृ-बाल स्वास्थ्य, पोषण तथा मातृ-शिशु कल्याण से संबंधित जानकारी पर विशेष जोर रहेगा।

    उन्होंने कहा कि सेवा की कहानियों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं राज्य की योजनाओं से नागरिकों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को सामने लाया जाएगा। भाषण, चित्रकला और कहानियों के माध्यम से इन बदलावों को जनता तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ के तहत किसी प्रमुख चौराहे पर ‘विकसित भारत 2047’ से संबंधित कलश की स्थापना प्रस्तावित है। कलश यात्रा के साथ साइकिल एवं बाइक यात्रा का आयोजन किया जाएगा।

    ‘सेवा : मेरा योगदान’ कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, शिक्षण कार्य तथा अन्य समाजोपयोगी सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को अभियान में सक्रिय भागीदार बनाना है। सेवा सेतु अभियान के अंतर्गत जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में केंद्र सरकार की योजनाओं के साथ राज्य सरकार की योजनाओं को भी शामिल किया जाएगा। स्वास्थ्य शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम में रंगोली के माध्यम से विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को प्रदर्शित किया जाएगा एवं सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार के विभागों को जोड़कर उनसे वास्तविक जीवन से जुड़ी समस्या-विवरणियां प्राप्त की जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन सेवा संवाद के तहत सेवा और सुशासन के विषय पर जनप्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया जाएगा। अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों से संबंधित फोटो, वीडियो, लाभार्थियों के अनुभव तथा सकारात्मक बदलाव की कहानियों को मीडिया के माध्यम से भी व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तराखण्ड राज्य से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरे देश ने विकसित भारत का संकल्प लिया है। इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में प्रत्येक देशवासी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा ‘सेवा संकल्प अभियान’ को हर जिले में विस्तृत रूप से मनाया जाएगा, जिसमें हर जिले के प्रभारी मंत्री भी मौजूद रहेंगे।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, राम सिंह कैड़ा एवं महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी मौजूद रहे।

  • बद्रीनाथ धाम में हादसा, तप्त कुंड में नहाते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत

    बद्रीनाथ धाम में हादसा, तप्त कुंड में नहाते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत

    चमोली। शुक्रवार सुबह बदरीनाथ धाम में स्नान के दौरान बड़ा हादसा हो गया। तप्त कुंड में स्नान करते समय दो बुजुर्ग महिला यात्रियों की मौत हो गई।मृतकों की पहचान 63 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी मदन और 71 वर्षीय रामू देवी पत्नी अमर के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान की रहने वाली थीं।

    पुलिस के अनुसार यह हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब दोनों महिलाएं तप्त कुंड में स्नान कर रही थीं। दोनों कुंड के अंदर बेहोश हालत में मिलीं। सूचना पर पुलिस और मंदिर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और दोनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अधिक उम्र होने के कारण दोनों नही बचाया जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • को-ऑपरेटिव बैंक मे खाताधारकों के साथ फ्राड के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

    को-ऑपरेटिव बैंक मे खाताधारकों के साथ फ्राड के आरोपी को पुलिस ने दबोचा

    देहरादून। उत्तराखण्ड को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, लक्ष्मणझूला रोड की ओर से खाताधारकों से बैंक में जमा कराने के लिए प्राप्त 12 लाख 31 हजार 458 रुपये की धनराशि बैंक में जमा न करने और उसके कथित गबन के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को विकासनगर क्षेत्र से गिरफ्तार करने के बाद उसके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, बैंक के सचिव/महाप्रबंधक एसएस राणा ने 24 मई 2026 को कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर दी थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि दीपक बढ़ई बैंक में दैनिक जमा अभिकर्ता के रूप में कार्यरत था। इस दौरान उसने अलग-अलग तिथियों में बैंक के खाताधारकों से बैंक में जमा करने के लिए धनराशि प्राप्त की, लेकिन उक्त धनराशि बैंक में जमा नहीं की। आरोप है कि इस तरह कुल 12,31,458 रुपये की धनराशि का गबन किया गया।

    तहरीर के आधार पर कोतवाली ऋषिकेश में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने आवश्यक साक्ष्य संकलित किए और उसकी तलाश की।

    पुलिस के मुताबिक, विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दीपक बढ़ई पुत्र उमेश बढ़ई, निवासी गोपेश्वर मंदिर मार्ग, गली नंबर 11/7, चंद्रेश्वर नगर, ऋषिकेश, उम्र 29 वर्ष को 9 सितंबर 2026 को उदय बाग, विकासनगर से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तारी के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में विवेचना जारी है।

  • भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने किया युवाओं से संवाद

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने किया युवाओं से संवाद

    युवाओं ने करियर, रोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और उत्तराखंड के भविष्य पर साझा किए विचार

    हल्द्वानी/देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में सहभागिता कर युवाओं से संवाद किया। इस दौरान करियर, रोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास, तकनीक, खेल और उत्तराखंड के भविष्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

    संवाद के दौरान युवाओं ने प्रदेश एवं देश के विकास से जुड़े विषयों पर राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री से सवाल पूछे। युवाओं ने सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर अपने अनुभव साझा किए तथा रोजगार, स्वरोजगार और प्रदेश में बेहतर अवसरों की उपलब्धता को लेकर सुझाव भी रखे।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की युवा शक्ति के सामर्थ्य को नई दिशा देने के साथ ही युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और खेलो इंडिया जैसी पहलों ने युवाओं को अपनी प्रतिभा, क्षमता और कौशल के अनुरूप आगे बढ़ने का मंच दिया है। आज का युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार और नए अवसरों का सृजन करने वाला भी बन रहा है।

    उन्होंने कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था और तकनीक के दौर में युवाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, नवाचार, डिजिटल तकनीक और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं। उत्तराखंड के युवा प्रतिभा और क्षमता से भरपूर हैं। उनकी ऊर्जा और सामर्थ्य को प्रदेश के विकास से जोड़कर उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है। भारत की विशाल युवा आबादी आज देश को नई ऊर्जा, नई सोच और नया सामर्थ्य प्रदान कर रही है। तकनीक और नवाचार के बढ़ते उपयोग से युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खुले हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने इस संकल्प के साथ काम किया कि “पहाड़ की जवानी और पहाड़ का पानी, दोनों उत्तराखंड के काम आएं।” इसी दिशा में सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया और अब तक करीब 34 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए नकल माफियाओं को जेल भेजा गया और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त शिकंजा कसा गया।

    उन्होंने कहा कि खेलों के क्षेत्र में भी उत्तराखंड तेजी से नई पहचान बना रहा है। राज्य में खेल अवस्थापना सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय तथा लोहाघाट में महिलाओं के लिए स्पोर्ट्स कॉलेज की दिशा में कार्य आगे बढ़ाया गया है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों द्वारा 100 से अधिक पदक जीतना राज्य की बढ़ती खेल प्रतिभा और बदलते खेल वातावरण का प्रमाण है।

    प्रदेश में पर्यटन, स्थानीय उत्पादों, विज्ञान, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया तथा पर्वतीय क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, इसके लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कोचिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट सहित जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

     

  • शिवपुरी की ह्यूल नदी में डूबा बंजी जंपिंग का कर्मचारी, रेस्क्यू जारी

    शिवपुरी की ह्यूल नदी में डूबा बंजी जंपिंग का कर्मचारी, रेस्क्यू जारी

    ऋषिकेश। मुनिकीरेती के शिवपुरी में ह्यूल नदी में एक बंजी जंपिंग का कर्मचारी बह गया। जिनकी खोजबीन के लिए एसडीआरएफ और जल पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।

    एसडीआरएफ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार बुधवार अपराह्न करीब सवा 3 बजे थाना मुनिकीरेती के अंतर्गत शिवपुरी स्थित हिमालयन बंजी कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी के बहने की सूचना मिली। एसडीआरएफ ढालवाला के निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में टीम ने रेस्क्यू व सर्च उपकरणों के साथ तत्काल अभियान चलाया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार हिमालयन बंजी कंपनी में कार्यरत दो कर्मचारी हरीश उनियाल (34) पुत्र परमानंद उनियाल हाल निवासी चौदह बीघा, ऋषिकेश मूल निवासी चाका थाना नरेंद्रनगर और बलजीत सिंह (40) नरेंद्र सिंह नेगी निवासी आलमबाग, लखनऊ साप्ताहिक अवकाश पर थे। दोनों कर्मचारी शिवपुरी में चौकी के नीचे ह्यूल नदी में स्नान करने गए थे। स्नान के दौरान हरीश उनियाल अचानक अपना संतुलन खो बैठे और नदी की तेज बहाव वाली धारा में बहने लगे। साथी बलजीत सिंह ने तत्काल इसकी सूचना दी। एसडीआरएफ और जल पुलिस की ओर से लगातार नदी में सर्च अभियान चलाने पर भी कोई सफलता नहीं मिल पाई।

     

     

  • पुलिस महकमें मे बड़ा फेरबदल, कई थानेदार बदले गए

    पुलिस महकमें मे बड़ा फेरबदल, कई थानेदार बदले गए

    देहरादून। जिले के पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।  53 निरीक्षक, उप निरीक्षक और अपर उप निरीक्षक स्तर के पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर किया गया है। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। कई महत्वपूर्ण थानों के प्रभारी बदले गए हैं।

  • ढोल-दमाऊं और लोकनृत्य के साथ आगे बढ़ी मां नंदा की जात, डोलियों ने पकड़ी रफ्तार

    ढोल-दमाऊं और लोकनृत्य के साथ आगे बढ़ी मां नंदा की जात, डोलियों ने पकड़ी रफ्तार

    चमोली। “जय मां नंदा, जय बंड भूमियाल” के जयकारों, ढोल-दमाऊं की थाप और लोकनृत्य के साथ मां नंदा की बड़ी जात अपने चौथे दिन पूरे शबाब पर है। 5 सितंबर को कैलाश विदा के साथ शुरू हुई इस हिमालयी महाकुंभ यात्रा में इन दिनों पूरा चमोली नंदामय हो गया है।

    बारिश और उफनते नदी-नालों को पार कर भी भक्तों का उत्साह कम नहीं है। मां जिस गांव से गुजर रही हैं, वहां फूल-मालाओं से स्वागत, रात में जागरण, झुमैलो नृत्य और मांगलिक कार्यक्रम हो रहे हैं। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नंदा के लोकगीत गाते हुए नाच रही हैं।

    मंगलवार को “बंड की डोली” मेहर गांव के दीगोली से गडोरा, गडी, तल्ला अगथल्ला होते हुए पीपलकोटी बाजार पहुंची, जहां बाजार में श्रद्धालुओं ने नृत्य कर मां का स्वागत किया। यहां से डोली रात्रि विश्राम के लिए नौरख गई। वहीं कुरुड मां नंदा की डोली नंदानगर घाट से कांडई, खलतरा, मोठा, चाका होते हुए सेमा पहुंचेगी और “बधाण की डोली” सरपाणी, लांखी होते हुए भेटी में प्रवास करेगी। यात्रा में मंदिर कमेटी अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला, पश्वा मुंशी चंद्र गौड़, पुजारी दिनेश गौड़ सहित सैकड़ों श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे हैं।

    यह यात्रा हिमालय का महाकुंभ है, जिसकी शुरुआत सातवीं सदी में राजा शालिपाल ने की थी। हर 12 साल में होने वाली यह 280 किमी की यात्रा अब तक 1843, 1863, 1886, 1905, 1925, 1951, 1968, 1987, 2000 और 2014 में हो चुकी है। इस बार कुरुड़ ने 2026 में बड़ी जात शुरू कर दी है, जबकि नौटी समि.ति मुख्य राजजात 2027 में कराएगी।

    उधर प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की है। वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने वाण से ज्यूरागली 32 किमी और सुतोल से हेमकुंड 34 किमी तक कुल 66 किमी पैदल मार्ग का निरीक्षण किया, जिसमें कई हिस्से दुर्गम और भूस्खलन-संवेदनशील मिले हैं। जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बेदनी से आगे यात्रा सीमित रखने और वाण में स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य करने को कहा है।

  • नाले के तेज बहाव में बही छह वर्षीय बालिका, सर्च अभियान जारी

    नाले के तेज बहाव में बही छह वर्षीय बालिका, सर्च अभियान जारी

    हरिद्वार। भारी बारिश के दौरान रावली महदूद क्षेत्र में नाले के तेज बहाव की चपेट में आने से छह वर्षीय बालिका बह गई। बालिका की तलाश में पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें बीती शाम से लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।

    जानकारी के अनुसार, बीती शाम थाना सिडकुल पुलिस को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली कि कृपाल स्कूल के पास रावली महदूद क्षेत्र में पुलिया के समीप खेल रही दो बालिकाएं बारिश से नाले में आए तेज पानी की चपेट में आ गई हैं। सूचना मिलते ही थाना सिडकुल पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सात वर्षीय हिमानी को सकुशल बाहर निकाल लिया गय

    वहीं, छह वर्षीय विदिशा पुत्री गौतम कुमार, निवासी ग्राम फरीदपुर मान उर्फ पपड़ावली, थाना कोतवाली देहात, बिजनौर, हाल निवासी कृपाल स्कूल के पास रावली महदूद, तेज बहाव के कारण नाले में बह गई। पुलिस टीम और एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। नाले तथा आसपास के संभावित स्थानों पर लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस और एसडीआरएफ के जवान स्थानीय लोगों की मदद से बालिका की तलाश में जुटे हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि बारिश के दौरान बच्चों को बरसाती नालों, पुलियाओं और जलभराव वाले स्थानों के आसपास न जाने दें। साथ ही तेज बहाव वाले पानी को पार करने का जोखिम न उठाएं।

  • किशोर- किशोरी के फंदे से लटके मिले शव, जांच मे जुटी पुलिस, क्षेत्र मे सनसनी

    किशोर- किशोरी के फंदे से लटके मिले शव, जांच मे जुटी पुलिस, क्षेत्र मे सनसनी

    चमोली। जिले के विकासखंड नंदानगर के रामणी गांव में एक किशोरी और किशोर की फंदे से लटके शवों को देखकर क्षेत्र मे सनसनी फैल गयी। रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद गांव में मातम छाया हुआ है। वहीं स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस-प्रशासन को दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लिया है. जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार रामणी गांव में पास स्थित मेला मैदान के मंच की रेलिंग से एक छात्र और छात्रा के शव फंदे से लटके मिले। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में रामणी गांव निवासी कक्षा 12 का छात्र और कक्षा 11 में पढ़ने वाली एक छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। दोनों एक ही गांव के रहने वाले बताए गए हैं।

    पुलिस मामले को आत्महत्या व प्रेमप्रसंग के एंगल से देख रही है।  किशोर की उम्र 17 वर्ष व किशोरी की उम्र लगभग 16 वर्ष हैं।

    ग्राम प्रधान ने बताया कि मामले की सूचना नंदानगर पुलिस को दे दी गई और पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। जांच के बाद ही घटना की परिस्थितियों और कारणों के संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।