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  • गौ हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर गरजा बुलडोजर, आधा दर्जन अवैध निर्माण ध्वस्त

    गौ हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर गरजा बुलडोजर, आधा दर्जन अवैध निर्माण ध्वस्त

    हिस्ट्रीशीटर, गुंडा एक्ट, अपराधियों के खिलाफ धामी सरकार का एक्शन

    देहरादून। पछुवा देहरादून में खुशहालपुर क्षेत्र में धामी सरकार के बुलडोजरों ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक मकानों को ध्वस्त कर दिया। ये मकान ,गो हत्या,ड्रग्स तस्करों के बताए गए है जिन्होंने सरकारी भूमि पर कब्जे कर अवैध निर्माण किए हुए थे।

    जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर एसडीएम विकास नगर विनोद कुमार की अगुवाई में भारी फोर्स के साथ खुशहालपुर में प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की गई है। प्रशासन ने इन हिस्ट्रीशीटरों की संपति दस्तावेजों के विषय में पहले ही जांच पड़ताल कर नोटिस जारी कर दिये थे। सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले ज्यादातर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग बाहरी राज्यों से आकर यहां अवैध रूप से बसे और गौ हत्या जैसे मामलों में जेल गए, इनमें से कुछ ड्रग्स तस्करी में लिप्त बताए जाते है।

    एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है ये सभी हिस्ट्रीशीटर अपराधी है और एक एक के खिलाफ दर्जनों मामले गो हत्या, ड्रग्स तस्करी गुंडा एक्ट सरकारी भूमि कब्जाने के दर्ज है।

    डीएम आशीष चौहान से मिली जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने खुशहालपुर क्षेत्र में सक्रिय गो तस्कर आमिर ,जिसके खिलाफ 21 गंभीर मामले दर्ज है के मकान को गिरा कर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाते हुए अपना कब्जा ले लिया।

    इन लोगों के खिलाफ हुई कार्यवाही

    इनमे मेहराज जिन पर 8 मामले,सलमान पर 21 मामले, दिलशाद मिर्ची8 मामले, मोहसिन 15 गंभीर मामले, फैज़ान 19 मुकद्दमे, कौसर पर 2 मामले ड्रग्स के दर्ज हैं। उनके खिलाफ बुलडोजर से मकान ध्वस्त कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई की गई है।

    नही बख्शे जायेंगे अपराधी: धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि कुछ ऐसी सूचनाएं मिल रही थी कि बाहरी राज्यों से आये कुछ अपराधी किस्म के लोग यहां सरकारी जमीनों में कब्जे कर, गो हत्या ,ड्रग्स तस्करी में लिप्त है ,जब उनकी कुंडली खंगाली गये तो उनके कारनामे सामने आये अब उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा की जा रही है।

  • अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने मलवे से बरामद किए शव

    अल्मोड़ा में मकान ढहने से तीन लोगों की मौत, एसडीआरएफ ने मलवे से बरामद किए शव

    अल्मोड़ा। जिले के ग्राम वडयूडा, थाना सोमेश्वर में एक मकान ढहने से तीन लोगों की मौत हो गयी।

    घटनास्थल से लगभग 03 किलोमीटर पूर्व मार्ग पर मलबा आने के कारण सड़क अवरुद्ध होने पर SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ पैदल ही घटनास्थल की ओर रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम द्वारा स्थानीय लोगों, फायर सर्विस एवं जिला पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मलबे में सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम द्वारा मलबे से तीन व्यक्तियों के शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42 वर्ष), पत्नी राजेन्द्र राम; कल्पना आर्या (19 वर्ष), पुत्री राजेन्द्र राम; एवं मनीष कुमार (18 वर्ष), पुत्र राजेन्द्र राम के रूप में हुई। एक व्यक्ति गुलाब राम मकान के बाहर स्थित कमरे में सो रहे थे, जो मकान ढहने के दौरान सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।

    SDRF टीम द्वारा बरामद शवों को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

  • खटीमा गोलीकांड के शहीद आंलनकारियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    खटीमा गोलीकांड के शहीद आंलनकारियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

    खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए आंदोलनकारियों की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग शहीद राज्य आंदोलनकारियों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र अर्पित किये। उन्होंने शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित भी किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा गोलीकांड में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को स्मरण करने का दिन है। उत्तराखण्ड का प्रत्येक नागरिक इन वीर सपूतों के बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। खटीमा गोलीकांड ने पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लिए चल रहे आंदोलन को नई दिशा दी और लोगों को अपने अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। हम सभी मिलकर राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड का निर्माण करें, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा की धरती राज्य आंदोलन की तपोभूमि है। यदि इसे उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन की जननी कहा जाए तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। राज्य निर्माण के संघर्ष को स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी घटनाओं में राज्य आंदोलनकारियों ने अपने रक्त से उत्तराखण्ड का इतिहास लिखा है। यह राज्य हमें आसानी से या उपहार स्वरूप नहीं मिला, बल्कि इसके पीछे अनगिनत राज्य आंदोलनकारियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान है।
    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और उनके सपनों को साकार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राज्य सरकार की नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण अधिनियम, 2023” लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत पात्र राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।
    शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है। राज्य आंदोलन के दौरान घायल एवं जेल गए आंदोलनकारियों को 7 हजार रुपये तथा सक्रिय आंदोलनकारियों को 5500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र जारी करने के साथ ही उन्हें सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
    इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक खटीमा भुवन कापड़ी, विधायक नानकमत्ता गोपाल सिंह राणा, विधायक रुद्रपुर श्री शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जाधारी राज्य मंत्री सुभाष बरथवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, राज्य आंदोलनकारी एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।
  • देहरादून मे कल बन्द रहेंगे स्कूल, कई जिलों मे ऑरेंज अलर्ट

    देहरादून मे कल बन्द रहेंगे स्कूल, कई जिलों मे ऑरेंज अलर्ट

    देहरादून। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में शनिवार देर शाम से बारिश का सिलसिला और तेज हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए देहरादून जिले में सोमवार 31 अगस्त को सभी सरकारी और निजी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। 

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 2 सितंबर तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना व्यक्त की है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त से एक सितंबर के बीच बारिश अपने चरम पर होगी। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली व नैनीताल जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाषी, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत व ऊधम सिंह नगर जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

  • ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए अपनाई जाएगी अत्याधुनिक तकनीक 

    ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए अपनाई जाएगी अत्याधुनिक तकनीक 

     मंत्री ने दिये सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश

    देहरादून। राज्य में स्थित ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए मा0 आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने ग्लेशियर झीलों की निगरानी एवं जोखिम न्यूनीकरण के लिए विश्वभर में उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने के निर्देश दिए हैं। रविवार को उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर उत्तराखण्ड में स्थित ग्लेशियर झीलों की स्थिति तथा संभावित जोखिम की विस्तृत जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील राज्य है और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए ग्लेशियर एवं ग्लेशियर झीलों की स्थिति में होने वाले बदलावों की वैज्ञानिक निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निरंतर एवं रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। ग्लेशियर झीलों के जलस्तर, आकार, जलभराव की स्थिति तथा उनमें होने वाले संभावित बदलावों पर लगातार नजर रखी जाए। इसके लिए सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग, ड्रोन, सेंसर आधारित निगरानी तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की संभावनाओं का अध्ययन कर इन्हें आवश्यकता के अनुसार अपनाया जाए।

    मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्लेशियर झीलों की निगरानी के लिए संबंधित विभागों, विशेषज्ञ संस्थानों एवं तकनीकी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो वहां अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए जाएं, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति का समय रहते पता लगाकर संभावित प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले से सतर्क किया जा सके।

    कौशिक ने प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न परिस्थितियों की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें। उन्होंने राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। विभिन्न जनपदों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जिन स्थानों पर भूस्खलन अथवा मार्ग अवरुद्ध होने की संभावना अधिक रहती है, वहां पहले से पर्याप्त संख्या में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, आवश्यक उपकरण एवं तकनीकी दल तैनात किए जाएं, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में तत्काल यातायात बहाल किया जा सके।

    जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रभावी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए।

    बैठक में उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति विनय रुहेला, उपाध्यक्ष ले. कर्नल (अ.प्रा.) रघुवीर सिंह भण्डारी, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डॉ. पूजा राणा, रोहित कुमार, सुश्री प्रतिभा पुरोहित, मोहित माथुर आदि उपस्थित रहे।

  • राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है पीएम के मन की बात: मुख्यमंत्री

    राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करती है पीएम के मन की बात: मुख्यमंत्री

    पीएम ने ‘मन की बात’ के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का दिया संदेश
    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को कुंवावाला, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना।
    कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करने के साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों और अभिनव प्रयासों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रभावी माध्यम बना है।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में युवाओं को नशे से दूर रखने और ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ के संकल्प को जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया है। नशा मुक्त युवा ही सशक्त और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। प्रधानमंत्री के आह्वान से देश के युवाओं में नशे के विरुद्ध जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित युवा शक्ति के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत के गौरवशाली इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक रोचक एवं सरल तरीके से पहुंचाने के लिए किए जा रहे अभिनव प्रयासों का भी उल्लेख किया। ऐसे प्रयास युवाओं को देश के समृद्ध इतिहास से जोड़ने के साथ उनमें अपनी संस्कृति, विरासत और राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को और मजबूत करते हैं।
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामान्य नागरिकों द्वारा किए जा रहे असाधारण कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान प्रदान कर रहे हैं। इससे समाज के अन्य लोगों को भी अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा मिलती है।
    मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए नशा मुक्त, स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, मदन कौशिक भरत चौधरी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
  • मुख्यमंत्री धामी का अगला लक्ष्य करोड़पति दीदी बनाना: लक्ष्मी अग्रवाल

    मुख्यमंत्री धामी का अगला लक्ष्य करोड़पति दीदी बनाना: लक्ष्मी अग्रवाल

    देहरादून। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता और सहसपुर विधानसभा में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्रिय ट्री वुमन लक्ष्मी कपरूवाण अग्रवाल ने सहसपुर के राजावाला में महिला समूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में बीते 5 वर्षों में जिस तरह से पहाड़ से मैदान तक महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक उन्नति और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सरकार ने शानदार प्रयास किए हैं। उसी का नतीजा है कि आज प्रदेश की मातृशक्ति अब सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर है।

    गौरतलब है कि प्रदेश के अलग अलग क्षेत्रों में महिलाओं के अंदर सामाजिक राजनीतिक चेतना जगाने के लिए महिला समूह और संगठन के बीच लक्ष्मी अग्रवाल कार्य कर रही हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इन टॉयलेट्स में स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराकर महिलाओं के लिए अधिक सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

    उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई उस बड़ी घोषणा का भी जिक्र किया, जिसमें उत्तराखण्ड रोडवेज बसों में उपलब्ध मुफ्त सफर की सुविधा को महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू किया जाएगा। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इस सुविधा का लाभ मिल रहा है।

    भाजपा प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल ने मुख्यमंत्री धामी के विजन को इन महिलाओं के साथ साझा करते हुए बताया कि सरकार का अगला लक्ष्य है कि अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनाई जाए।

  • मुख्यमंत्री ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं एवं सुझाव, समाधान का दिया भरोसा

    मुख्यमंत्री ने सुनी व्यापारियों की समस्याएं एवं सुझाव, समाधान का दिया भरोसा

    प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित, लगभग 1.27 लाख युवाओं को मिला प्रत्यक्ष रोजगार

    हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के उपरांत आईटीसी फॉर्च्यून, हल्द्वानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को सुना और राज्य सरकार की ओर से उनके समाधान के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

    संवाद के दौरान व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने जीएसटी से संबंधित प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने तथा युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित करने सहित विभिन्न विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

    उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। व्यापारी न केवल रोजगार सृजन करते हैं, बल्कि उत्पादन और उपभोक्ता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में राज्य की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है। राज्य सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और उनके लिए सुरक्षित, पारदर्शी तथा सरल व्यावसायिक वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए “निवेश मित्र” की व्यवस्था की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। सरकार की सोच स्पष्ट है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने। उद्योग बढ़ेंगे तो रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और रोजगार बढ़ने से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को अपने विचारों, नवाचार एवं उद्यम के माध्यम से रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड भी स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा भी अपने गांव में रहकर देश और दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश का औद्योगिक विकास केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, इसके लिए पर्वतीय जनपदों में भी औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों हेतु भूमि चिन्हित की गई है। छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है तथा भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी इस प्रकार की सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

    इस अवसर पर सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट, राम सिंह कैड़ा, उत्तराखंड सरकार में दायित्वधारी नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, शंकर कोरंगा, श्री हुकुम सिंह कुंवर, व्यापार एवं उद्योग प्रतिनिधियों में श्री कश्मीरी लाल गोयल, नीरज शारदा, श्री राधेराम अग्रवाल, साकेत अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी, गौरव गोयल, श्रीमती जूही गोयल, नवीन अग्रवाल, राजाराम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविन्द कुमार पाण्डे सहित जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।

     

  • तुष्टिकरण के आरोपों से बचने के लिए कांग्रेस, जातीय राजनीति को बना रही ढाल : खजान दास

    तुष्टिकरण के आरोपों से बचने के लिए कांग्रेस, जातीय राजनीति को बना रही ढाल : खजान दास

    भ्रम फैलाने के बजाय सामाजिक सौहार्द की चिंता करनी चाहिए
    देहरादून।  भाजपा ने कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोपों से बचने के लिए जातीय राजनीति को ढाल बनाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस दलितों के नाम पर झूठ फैलाकर, देवभूमि का माहौल और छवि दोनों खराब कर रही है, जबकि भाजपा कभी भी जाति, धर्म या वर्ग के आधार पर समाज को बांटने का कार्य नहीं करती और न ही इस प्रकार की किसी गतिविधि का समर्थन करती है। लेकिन सत्ता की हताशा में कांग्रेस ने झूठ एवं भ्रम फैलाने में सभी राजनैतिक मर्यादाएं तोड़ दी हैं।
    भाजपा प्रदेश मुख्यालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री एवं पार्टी प्रदेश प्रवक्ता खजान दास ने कहा कि पार्टी का सदैव प्रयास रहा है कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और चारधाम एवं अनेक तीर्थस्थलों की पवित्र भूमि है। यहां समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार और सम्मान प्राप्त है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं को तथ्यों को नकार कर शुद्धीकरण कार्यक्रम को लेकर जनता में भ्रम फैलाना बंद करना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि उक्त कार्यक्रम श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास नामक सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। संस्था के पदाधिकारियों ने स्वयं स्पष्ट किया है कि यह एक सामाजिक संस्था है और इसका भाजपा से कोई संबंध नहीं है। ऐसे में बिना तथ्यों के इस कार्यक्रम को भाजपा से जोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास ने भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के पीछे किसी भी प्रकार की दलित विरोधी भावना नहीं थी। संस्था के अनुसार, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली में लगाए गए कथित इस्लामिक नारों और कथित हिंदू विरोधी तत्वों की मौजूदगी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
    उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस धार्मिक एवं सामाजिक घटनाओं पर झूठ फैलाकर राजनीतिक विवाद का रूप दे रही है। कांग्रेस को ऐसी राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश में भाईचारे, शांति, एकता और सामाजिक सौहार्द की चिंता करनी चाहिए। कांग्रेस की निगाहें दलित मुद्दे पर हैं, लेकिन उसका निशाना कथित मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को बचाना है। रामलीला मंच से जुड़े विवाद में कथित तौर पर लगाए गए “अल्लाह-हू-अकबर” के नारों को लेकर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब अपने राजनीतिक असहज सवालों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस सनातन समाज को बांटने का प्रयास कर रही है।
    उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले अपनी चुप्पी का जवाब दे क्योंकि कांग्रेस दूसरों को दलित विरोधी बताने से पहले अपने इतिहास को देखे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को भारत रत्न नहीं दिया गया। बाद में वर्ष 1990 में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने संविधान निर्माता को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वे हकदार थे, जबकि कांग्रेस शासनकाल में अपने कई नेताओं को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज डॉ. आंबेडकर जी के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस को अपने अतीत का जवाब देना चाहिए। कांग्रेस का दलित प्रेम केवल सियासी बयानबाजी तक सीमित है। दलित सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।
    उन्होंने प्रदेश में कांग्रेस के दलित विरोधी इतिहास का एक पन्ना खोलते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, जो स्वयं दलित समाज से आते हैं, जब कांग्रेस छोड़कर गए थे, तब कथित रूप से उनकी तस्वीर को जमीन पर पटककर कांग्रेस भवन से बाहर फेंके जाने का व्यवहार किया गया था। उन्होंने कहा कि यह घटना कांग्रेस के दलित सम्मान के दावों पर सवाल खड़े करती है।
    खजानदास ने रुद्रपुर में मौलाना की कथित धमकी को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर चुप क्यों है? कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी गंभीर घटना पर उसके नेता खुलकर विरोध क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस की राजनीति वोट बैंक के दबाव में इतनी मजबूर है कि वह धमकी और भय की राजनीति के खिलाफ भी बोलने से बच रही है? कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह धमकी और भय की राजनीति के खिलाफ है या नहीं।
    पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य मंत्री एवं भाजपा अनुसूचित मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बलबीर घुनियाल, अनुसूचित मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र वाल्मीकि, प्रदेश महामंत्री विनोद लक्खा, डाक्टर सुमेर चंद रवि, रणजीत सिंह जाखी, दयाराम सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
  • खड़गे के अपमान पर चुप्पी और भट्ट का बचाव भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता: गोदियाल

    खड़गे के अपमान पर चुप्पी और भट्ट का बचाव भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता: गोदियाल

    शुद्धिकरण करने वालों पर हो तत्काल कानूनी कार्यवाही

    देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हुई जनसभा के बाद कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह महज एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि देश के संविधान, सामाजिक समानता और दलित समाज के सम्मान से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। जिस व्यक्ति ने देश के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया, उसके कार्यक्रम के बाद उसी मंच का ‘शुद्धिकरण’ करना और उसे उचित ठहराना किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक समाज के लिए बेहद आपत्तिजनक है।

    उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वयं राज्यसभा में इस घटना को अपने अपमान और छुआछूत की पीड़ा से जोड़ा था। उस समय सदन के नेता एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जे.पी. नड्डा ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा का इससे कोई संबंध न होने की बात कही थी और मामले में कार्रवाई एवं जांच का आश्वासन दिया था।

    गोदियाल ने सवाल किया कि आखिर जे.पी. नड्डा जी के आश्वासन के बाद आज तक जांच कहां पहुंची? कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि भाजपा का इस पूरे घटनाक्रम से कोई संबंध नहीं है, तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को इस ‘शुद्धिकरण’ का बचाव करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश द्वारा अब यह कहना कि रामलीला मैदान ‘दूषित’ हुआ था और उसका ‘शुद्धिकरण’ किया गया, इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना देता है। उनके बयान के अनुसार उन्होंने इस कार्रवाई को उचित ठहराया है। भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि यह केवल ‘सफाई अभियान’ था तो इसे ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ का नाम क्यों दिया गया? और यदि भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष इसे जायज ठहराने के लिए इतनी बेचैनी क्यों दिखा रहे हैं?

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने इस पूरे मामले को राष्ट्रीय पटल पर उठाकर केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान की बात नहीं की, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों की आवाज को मजबूती दी है। राहुल गांधी जी ने स्पष्ट रूप से इस घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के सम्मान की लड़ाई भर नहीं है। यह दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है—एक तरफ भारत का संविधान है, जो हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान देता है, और दूसरी तरफ वह संकीर्ण मानसिकता है जो जाति के आधार पर किसी को ‘शुद्ध’ और किसी को ‘अशुद्ध’ मानने की सोच को बढ़ावा देती है।

    उन्होंने सरकार से मांग की कि रामलीला मैदान में ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ करने वाले लोगों की तत्काल पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।

    भट्ट द्वारा इस कार्रवाई को उचित ठहराए जाने के बयान पर भाजपा नेतृत्व अपना स्पष्ट रुख सामने रखे। यदि जांच में जातिगत अपमान, छुआछूत अथवा अनुसूचित जाति के व्यक्ति को अपमानित करने का कोई तथ्य सामने आता है तो SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम सहित लागू कानूनों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

    उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान पूरे दलित समाज और संविधान में आस्था रखने वाले हर नागरिक का अपमान है। राहुल गांधी जी ने इस आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर मानवता, समानता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का संदेश दिया है। अब उत्तराखंड सरकार और भाजपा नेतृत्व की जिम्मेदारी है कि वे बयानबाजी नहीं, बल्कि कार्रवाई करके दिखाएं।