Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • नीति घाटी के तमक में बादल फटा, 40 मीटर का पुल बहा, 13 गांवों का तहसील से संपर्क टूटा

    नीति घाटी के तमक में बादल फटा, 40 मीटर का पुल बहा, 13 गांवों का तहसील से संपर्क टूटा

    चमोली।लगातार बारिश के बीच रविवार को नीति घाटी के तमक क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। बादल फटने के बाद आए मलबे और उफान पर आए नाले ने क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। इस घटना में सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 40 मीटर लंबा लोहे का पुल पूरी तरह बह गया।

    जोशीमठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पुल के साथ ही बीआरओ के कर्मचारियों के लापता होने की सूचना भी मिली है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और तहसील प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। प्रशासन की टीम भी स्थिति का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंच रही है।

    पुल के बहने से नीति घाटी के जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, यानीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क सहित 13 गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय जोशीमठ से पूरी तरह कट गया है। इन गांवों में आने-जाने का एकमात्र मार्ग यही पुल था।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बोल्डर नाले के साथ नीचे आए। इससे नदी किनारे स्थित कई सेब के बगीचे और खेत भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

    उपजिलाधिकारी ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर लापता लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही वैकल्पिक मार्ग खोलने और प्रभावित गांवों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से नदी-नालों से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर सतर्क रहने की अपील की है।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक जनपद में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

  • उत्तरकाशी ​जिला योजना में घपले का आरोप, यमुनोत्री विधायक ने दी मंत्री आवास घेरने की चेतावनी

    उत्तरकाशी ​जिला योजना में घपले का आरोप, यमुनोत्री विधायक ने दी मंत्री आवास घेरने की चेतावनी

    जिला योजना में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बर्दाश्त नही, सूची निरस्त करने की मांग

    जन प्रतिनि​धियों के प्रस्ताव दरकिनार कर आवंटित कर दिये गये 75 करोड़

    बाहरी और गैर निर्वाचित व्यक्ति के प्रस्ताव जिला योजना मे शामिल

    देहरादून। उत्तरकाशी की जिला योजना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए यमुनोत्री के विधायक संजय डोभाल ने शासन और प्रशासन से संशोधन की मांग करते हुए कहा कि अगर 10 दिन के भीतर कार्यवाही नही की जाती है तो वह जिला​धिकारी और प्रभारी मंत्री के आवास का घेराव तथा धरना देंगे।

    पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक डोभाल ने कहा कि सरकार और ब्यूरोकेसी दोनों मिलकर जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों, जनहित से जुड़े प्रस्तावों और मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इस बार की जिला योजना है। उन्होंने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत प्रभारी मंत्री जनपद उत्तरकाशी व जिलाधिकारी उत्तरकाशी की मॉजूदगी में तकरबन 75 करोड़ रूपये विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित किए गये। पूर्व में जिला योजना में जनपद के तीनों विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गये जनहित के प्रस्तावों के आधार पर योजनाओं की स्वीकृति दी जाती रही है। लेकिन इस वार जिस तरह से जिला योजना में प्रस्तावों को शामिल नही किया गया है, उससे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से प्रभारी मंत्री द्वारा विकास योजनाओं के प्रस्ताव मांगे गये। उनके द्वारा भेजे गये प्रस्तावों में से कुछं चुनिंदा योजनाओं को ही सूची में शामिल किया गया है जबकि बडी संख्या में विभिन विकास योजनाओं को दरनिकार कर दिया गया। आश्चर्यजनक बात यह है कि ऐसे व्यक्ति/ प्रतिनिधि द्वारा दिए गए प्रस्तावों को बड़ी संख्या में जिला योजना में शामिल किया गया है जो विधानसभा क्षेत्र यमुनोत्री से निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी नही है और दूसरी विधानसभा से आते है। इस स्थिति से यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि विधानसभा क्षेत्र से जनता के द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गये जनहित के प्रस्तावों को जिला योजना की अंतिम सूची में शामिल क्यों नही किया गया यदि प्रस्ताव में कोई कमी थी अथवा बजट का प्रावधान नही था तो इसकी जानकारी पूर्व में जनप्रतिनिधियों को क्यों नही दी गई।

    डोभाल ने प्रभारी मंत्री से सवाल किया कि यदि उनकी विधानसभा क्षेत्र से मेरे प्रस्तावों को जिला योजना में सामिल नही किया गया है तो आखिर वो प्रस्ताव किसने दिये किसके आधार पर उन्हें जिला योजना में शामिल किया गया और किसकी संस्तुति पर उन्हे स्वीकृति मिली ? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला योजना में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी कर यदि मनमाने तरीके से योजनाएं शामिल की जाती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था ओर जनता के अधिकारों का अपमान है।

    उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा पूर्व में इस विषय पर शिकायत भी की गई।इसमें आरोप था कि जिला योजना में विभिन्न कार्यों को स्वीकृत दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से धनराशि एकत्रित की गई जो कि गंभीर भ्रष्टचार की और संकेत करता है। जिस तरह से विधायकों के प्रस्तावो को हटाया गया है और कुछ चुनिंदा लोगों की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। मामला केवल किसी एक राजनीतिक दल य विधायक का नही है बल्कि पूरी जिला योजना की प्रक्रिया और उसमें अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

    डोभाल ने मांग की कि सरकार और जिला प्रशासन की जिला योजना की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष सनीक्षा की जाय प्रत्येक स्वीकृत योजना का प्रस्ताव किस जनप्रतिनिधि द्वारा दियेगये है, उसकी संस्तुति किस स्तर से हुई और उसे किस आधार पर स्वीकृति मिली-इसकी पूरी जनकारी सार्वजनिक की जाय। यदि जिला योजना की वर्तमान सूची निरस्त य उसमें जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव को सामिल नही किया जाता है तो में जिला मुख्यालय और मंत्री निवास का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

  • 10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

    10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

     2.38 लाख श्रद्धालु अब तक कर चुके हैं दर्शन
    चमोली। सिखों के प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए 10 अक्टूबर को बंद कर दिए जाएंगे। इसकी घोषणा गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने की।

    इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को ग्रीष्मकाल के लिए विधि-विधान के साथ खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से अब तक 2 लाख 38 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र धाम के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष भारी संख्या में सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंचे हैं और अभी भी लगातार यात्रियों का आगमन जारी है। ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

  • 15 अक्टूबर तक हर हाल मे प्रदेश की सभी सड़कें होगी गड्ढामुक्त, सीएम ने दिये निर्देश

    15 अक्टूबर तक हर हाल मे प्रदेश की सभी सड़कें होगी गड्ढामुक्त, सीएम ने दिये निर्देश

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबन्धन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, गड्ढा मुक्त सड़के जैसे विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदा अथवा अत्यधिक वर्षा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों एवं ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने जिलों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों एवं ग्रामों में अभी तक इन शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं।

    मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्यभर में 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी एवं खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके।

    मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल राजीव स्वरूप, एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजद रहे।

  • सीएम ने किया आह्वान, स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में तिरंगा फहराये प्रदेशवासी

    सीएम ने किया आह्वान, स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में तिरंगा फहराये प्रदेशवासी

    मुख्यमंत्री ने हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में किया प्रतिभाग

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित हर घर तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखने का आवाह्न किया।

    मुख्यमंत्री ने घंटाघर स्थित उत्तराखण्ड आन्दोलन के महान नायक स्व. श्री इन्द्रमणी बडोनी एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री, गांधी पार्क से घंटाघर तक हजारों लोगों के साथ तिरंगा यात्रा में भी शामिल हुए।

    उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा, राष्ट्र गौरव का उत्सव है। तिरंगा, करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान का प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं वीर जवानों ने तिरंगे पर कभी कोई आंच नहीं आने दी। हमारा संकल्प है कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।उन्होंने कहा राष्ट्रभक्ति की भावना देवभूमि के कण-कण में बसी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत, महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ रहा है। भारत की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल क्रांति, स्वदेशी तकनीक से भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।आज हम दुनिया को अनेकों क्षेत्र में नई दिशा दिखा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार, प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और हवाई कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं को मजबूत कर रही है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियों के माध्यम से राज्य में विकास का रोडमैप तैयार किया गया है। डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तराखंड विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था कई गुना बढ़ चुकी है, पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। राज्य की प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।

    प्रदेश में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। स्टार्टअप्स की संख्या भी 1750 से अधिक हो चुकी है। राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है साथ ही सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने में राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कड़ा धर्मांतरण विरोधी कानून, कठोर दंगा रोधी कानून, देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता का कानून लागू किया है।प्रदेश में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण बनाया गया है। साथ ही बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई कर उन्हें बंद किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में करीब 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त किया है। भ्रष्टाचारियों पर कड़ी कार्यवाही की गई है। सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद बिना किसी धांधली के पिछले करीब पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली है। राज्य में युवाओं को ‘नौकरी देने वाला’ बनाने के मकसद से युवाओं को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम-स्टे, पर्यटन नीति जैसी कई योजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस अवसर पर राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, श्रीमती सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, महानगर अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, महामंत्री कुंदन परिहार, श्रीमती दीप्ति रावत एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

     

  • पर्यटन नहीं, अपने लोगों और जनता के लिए आया उत्तराखंड : खड़गे

    पर्यटन नहीं, अपने लोगों और जनता के लिए आया उत्तराखंड : खड़गे

    रुद्रपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  मल्लिकार्जुन खड़गे  ने उत्तराखंड प्रवास के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि उनका उत्तराखंड दौरा किसी पर्यटन के उद्देश्य से नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और संगठन को मजबूत करने के लिए है।

    रुद्रपुर मे आयोजित कार्यक्रम के दौरान मीडिया से वार्ता के दौरान उन्होंने  कहा कि कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति हमेशा अपने से वरिष्ठ नेताओं और विपक्ष के नेताओं के सम्मान की रही है। उन्होंने कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी विपक्ष में रहते हुए कर्नाटक आते थे, तब कांग्रेस के नेता उनका सम्मान करते थे और उनके रहने-खाने की उचित व्यवस्था करते थे। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन अपने से बड़े और बुजुर्ग नेताओं का सम्मान अपनी जगह है।

    खड़गे ने कहा कि उनसे पूछा जा रहा है कि वे उत्तराखंड क्यों आए हैं और क्या वे यहां ‘टूरिज्म’ के लिए आए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मैंने पूरी दुनिया का टूर किया है, पूरे हिंदुस्तान का टूर किया है। यहां टूरिज्म के लिए नहीं आया हूं। मैं अपने लोगों के लिए आया हूं, अपनी जनता के लिए आया हूं, छात्रों के लिए आया हूं, कांग्रेस पार्टी को ज़िंदा रखने के लिए आया हूं और भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए आया हूं। 

    उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया।

    वरिष्ठ नेता खड़गे को स्व.अटल याद, लेकिन कांग्रेस के भ्रष्ट संस्कार कैसे भूले: चौहान

    पहाड़ की शान सैन्यशिरोमणि जनरल विपिन रावत के अपमान पर खामोश रही संस्कारवान कांग्रेस

    देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे के आरोपों को निराधार बताते हुए सवाल किया कि सम्मान और संस्कार को लेकर उन्हे पूर्व पीएम अटल विहारी बाजपेयी और वरिष्ठ नेता अडवाणी का दौर तो याद है, लेकिन उन्हे कांग्रेस के भ्रष्टाचार की चासनी मे डूबे संस्कार कैसे याद नही हैं।

    चौहान ने कांग्रेस नेता के रुद्रपुर दौरे मे लगाए आरोपों पर कहा कि स्व अटल के संस्कार और प्रेरणा से कांग्रेस को सीख लेने की जरूरत है। अटल और आडवाणी भारत की राजनीति मे निर्विवाद चेहरे हैं।

    उन्होंने कहा कि पहाड़ की शान जनरल रावत का अपमान करने वाले सनातन विरोधी, देशभक्ति और धर्म पर ज्ञान दे रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देशभक्ति, धर्म और भ्रष्टाचार पर बड़ी बड़ी बाते कर गए हैं, जो उनकी पार्टी के चरित्र और इतिहास से मेल नहीं खाता है। जिन्होंने आजीवन श्री राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और राम का अस्तित्व नकारा, राम भक्तों पर गोली चलवाई और मुस्लिम वोट बैंक के डर से आज तक अयोध्या जाने की हिम्मत नहीं हुई वह मन्दिर मे चोरी की घटना पर घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।

    चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि वह छात्रों, जनता और भाजपा को हटाने आये है। अर्थात वह राजनैतिक यात्रा और पर्यटन के लिए आये है। उन्हे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार से दूर रहने की सीख देनी थी, क्योंकि इसी वजह से जनता ने उसे अस्तित्व के खतरे से आगाह कराया है। कांग्रेस सरकारों ने उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की बेलों को सींचने का काम किया है। कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने नकल माफियाओं को संरक्षण देकर युवाओं के हक पर डाका डालने का काम किया था। जबकि हमारी सरकार ने देश का सबसे कठोर नकल निरोधक कानून लागू कर भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया है। जिसका परिणाम रहा कि विगत 4 वर्षों में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई।

    उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम धामी के नेतृत्व मे उत्तराखंड विकास के नये आयाम गढ़ रहा है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और महिला तथा युवाओं के हाथों मे रोजगार से जनता का भाजपा पर अटूट विश्वाश है। कांग्रेस के किसी भी दुष्प्रचार मे जनता नही आने वाली है।

     

     

  • मंगलौर क्षेत्र मे हुए अलग अलग सड़क हादसों में दो कांवड़ियों की मौत

    मंगलौर क्षेत्र मे हुए अलग अलग सड़क हादसों में दो कांवड़ियों की मौत

    हरिद्वार : कांवड़ यात्रा कै दौरान मंगलौर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो कांवड़ियों की मौत हो गई। नारसन और लिब्बरहेड़ी क्षेत्र में हुए हादसों के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने हादसों को अंजाम देने वाले वाहनों की तलाश शुरू कर दी है।

    शनिवार देर रात नारसन शिव मंदिर के पास करीब 27 वर्षीय कांवड़िया किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल रुड़की ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस को मृतक के बैग से 6110 रुपये और एक मोबाइल फोन मिला है। मोबाइल बंद होने के कारण अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है। दूसरा हादसा रविवार सुबह लिब्बरहेड़ी क्षेत्र में हुआ। यहां अज्ञात वाहन की टक्कर से करीब 45 वर्षीय कांवड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया कि वह मांगा निवासी बड़ौत, उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। सूचना पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

    दोनों हादसों के बाद पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हादसा करने वाले वाहनों का पता लगाया जा सके इंस्पेक्टर भगवान महर ने बताया कि मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। मृतकों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • तीलू रौतेली पुरुस्कार की बढ़ी राशि, 11 महिलाओं का सम्मान

    तीलू रौतेली पुरुस्कार की बढ़ी राशि, 11 महिलाओं का सम्मान

    तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि 51 हजार से बढ़ाकर 75 हजार और आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की राशि 51 हजार से बढ़ाकर 61 हजार रुपये करने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा

    35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित तीलू रौतेली एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की 13 महिलाओं को तीलू रौतेली पुरस्कार तथा 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री पुरस्कार से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि तीलू रौतेली जयंती उत्तराखंड के इतिहास और नारी शक्ति के स्वाभिमान के लिए गौरवशाली अवसर है। वीरांगना तीलू रौतेली अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और नारी शक्ति की अमर प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों के साथ-साथ वीरांगनाओं की भूमि भी रही है और जब भी वीरांगनाओं के साहस एवं पराक्रम की चर्चा होगी, तीलू रौतेली जी का नाम गर्व और सम्मान के साथ लिया जाएगा।
    उन्होंने कहा कि तीलू रौतेली का जीवन स्वाभिमान, साहस और नारी शक्ति का प्रेरणादायी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने सदैव अपनी प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। आज सम्मानित की गई महिलाएं भी प्रदेश की अन्य मातृशक्ति और बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के लिए संसद एवं विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और लखपति दीदी जैसी पहल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

    राज्य में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता लागू की। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना, उद्यमिता विकास कार्यक्रम तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 31 हजार रुपये से बढ़ाकर 51 हजार रुपये किया था। अब राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरस्कार की सम्मान राशि को 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार की सम्मान राशि भी 51 हजार रुपये से बढ़ाकर 61 हजार रुपये की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि केवल पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि प्रदेश की मातृशक्ति के सेवा, समर्पण और योगदान के प्रति सरकार के सम्मान का प्रतीक है।
    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रारंभिक विकास, पोषण, स्वास्थ्य और संस्कारों में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 7,500 रुपये से बढ़ाकर 9,300 रुपये, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 6,250 रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 3,550 रुपये से बढ़ाकर 5,250 रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाली सभी महिलाओं एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास चन्द्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • नव निर्मित पुल की अप्रोच रोड धंसने के मामले मे कंपनी पर बैन

    नव निर्मित पुल की अप्रोच रोड धंसने के मामले मे कंपनी पर बैन

    देहरादून। प्रेम नगर के पास टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में लोनिवि ने हिमालयन कंस्ट्रक्शन को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अग्रिम आदेशों तक लोक निर्माण विभाग की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। 

    गौरतलब है कि 28 जुलाई को क्षेत्र में नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड धंस गई थी। रोड पर बहुत बड़ा गड्ढा हो गया था। इसके बाद सड़क निर्माण और उसकी गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े होने लगे। विपक्ष ने कार्यो की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाये थे। मामले मे शासन ने घटना पर जांच बिठाई। सिर्फ 16 दिनों में कैसे एप्रोच रोड धंस गई? घटना के 10 दिन बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया। कार्य अनुबंध संख्या 36/SE-09/2025-26, दिनांक 31 जनवरी 2026 के तहत मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन, 250 सारथी विहार, देहरादून को दिया गया था।

    मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव ने 28 जुलाई को मुख्य अभियंता, क्षेत्रीय कार्यालय लोक निर्माण विभाग, देहरादून को मामले की प्राथमिक जांच करने के निर्देश दिए थे. शासन ने जांच में सामने आए तथ्यों और अभिलेखीय साक्ष्यों के साथ रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा था. इसके बाद मुख्य अभियंता की ओर से 3 अगस्त 2026 को प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई. रिपोर्ट में पुल की एप्रोच रोड को हुए नुकसान का कारण Heavy Scouring बताया गया.

    प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर लोनिवि ने मैसर्स हिमालयन कंस्ट्रक्शन के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही अग्रिम आदेशों तक कंपनी को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड की निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल की एप्रोच रोड को हुए नुकसान के मामले में अब कार्रवाई सिर्फ तकनीकी जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य करने वाली कंपनी पर भी विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई है।

    मामले में हिमालयन कंस्ट्रक्शन में हिस्सेदार बीजेपी महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने कहा हिमालयन कंस्ट्रक्शन में उनकी हिस्सेदारी है। कंपनी से जुड़े मामले में जो भी जिम्मेदारी बनती है, वह उससे पीछे नहीं हटेंगी.

    रुचि भट्ट ने कहा, सरकार और विभाग की ओर से मामले में जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह उसके लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपनी कंपनी के लिए स्वयं जिम्मेदार हैं. सरकार के निर्णय का सामना करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे और सरकार की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसका पालन किया जाएगा।

     

  • 15 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

    15 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराई तो गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है असर

    देहरादून। जिले में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी कराना आवश्यक है। जिन उपभोक्ताओं ने 15 अगस्त तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई, उन्हें आगे गैस सिलेंडर की आपूर्ति में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी कराने की अपील की है।
    गैस कंपनियों के अनुसार, ई-केवाईसी पूरी नहीं होने पर संबंधित कनेक्शन को निष्क्रिय श्रेणी में रखा जा सकता है। ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू श्रेणी के तहत मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं और उन्हें नियमानुसार व्यावसायिक श्रेणी के सिलेंडर की दरों के अनुसार शुल्क देना पड़ सकता है।
    घरेलू गैस कनेक्शनों का आधार आधारित सत्यापन किए जाने का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना तथा फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान करना है। इसके साथ ही वास्तविक उपभोक्ताओं का रिकॉर्ड अपडेट करने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। पीएनजी और एलपीजी दोनों प्रकार के कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का डाटा भी इस प्रक्रिया के माध्यम से बेहतर तरीके से चिन्हित किया जा सकेगा।
    जिला पूर्ति अधिकारी, गैस एजेंसी संचालकों और गैस कंपनियों के अधिकारियों द्वारा उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी करा लें।
    जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके अलावा कई गैस कंपनियों द्वारा अपने मोबाइल ऐप और अधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। घर-घर सिलेंडर पहुंचाने वाले डिलीवरी कर्मियों के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
    अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि 15 अगस्त की अंतिम तिथि से पहले ई-केवाईसी अवश्य करा लें, ताकि भविष्य में गैस आपूर्ति से संबंधित किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।