Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • जब अटक गयी थी साँसे, मुस्तैद एसडीआरएफ ने बचा लिए 18 काँवड़िये

    जब अटक गयी थी साँसे, मुस्तैद एसडीआरएफ ने बचा लिए 18 काँवड़िये

    हरिद्वार। हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने एवं गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने से संकट में फंसे कुल 18 शिवभक्तों को SDRF के जवानों द्वारा त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाला दिया। SDRF जवानों की तत्परता, साहस एवं त्वरित कार्रवाई के चलते सभी 18 शिवभक्तों को सुरक्षित बचा लिया गया।

    रेस्क्यू किए गए शिवभक्तों का विवरण

    1- श्रीमती मिथलेश, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश।

    2- श्रीमती सर्वेश,निवासी एटा, उत्तर प्रदेश।

    3- सुमित, पुत्र कुलदीप, उम्र 13 वर्ष, निवासी बहादरगढ़, नयागांव, हरियाणा।

    4- राजू, पुत्र ओमपाल, उम्र 21 वर्ष, निवासी मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश।

    5- फूल कुमार मंडल, पुत्र अमूल्य मंडल, उम्र 17 वर्ष, निवासी मंडावली, साकेत ब्लॉक, गली नंबर 12, दिल्ली।

    6- अनिमेश मंडल, पुत्र मृणाल मंडल, उम्र 27 वर्ष, निवासी मंडावली, साकेत ब्लॉक, गली नंबर 12, दिल्ली।

    7- सुनील, पुत्र सतीश, उम्र 23 वर्ष, निवासी पलवल, हरियाणा।

    8- साहिल, पुत्र रोहताश, उम्र 24 वर्ष, निवासी बक्करवाला, दिल्ली।

    9- रणवीर, पुत्र बाबूराम, उम्र 26 वर्ष, निवासी पलवल, हरियाणा।

    10- नितिन, पुत्र रामप्रकाश, उम्र 16 वर्ष, निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश।

    11- शहजाद, पुत्र मुस्तफा, उम्र 25 वर्ष, निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार।

    12- कृष्णा, पुत्र पप्पी सिंह, उम्र 18 वर्ष, निवासी मुरादाबाद, सौंडारा, उत्तर प्रदेश।

    13- विक्रम, पुत्र मंगल सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा।

    14- सचिन कुमार, पुत्र राधेश्याम, उम्र 25 वर्ष, निवासी पानीपत, हरियाणा।

    15- विजेंद्र, पुत्र मांगेराम, उम्र 26 वर्ष, निवासी पानीपत, हरियाणा।

    16- हरमन, पुत्र चिड़िया सिंह, निवासी गांव अलीका, सिरसा, हरियाणा।

    17- अमित, पुत्र रमेश चंद, उम्र 30 वर्ष, निवासी गांव मंडलाना, नारनौल, हरियाणा।

    18- कपिल दुहन s/o सत्यवान दुहन ,राेहतक हरियाणा

    एसडीआरएफ उत्तराखण्ड पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्रवाई से सभी 18 शिवभक्तों को सुरक्षित बाहर निकालकर संभावित अनहोनी को टाल दिया गया। सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सभी शिवभक्तों एवं नदी तटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा एवं अन्य नदियों में स्नान करते समय निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें तथा तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें। नदी के जलस्तर एवं बहाव में अचानक होने वाले परिवर्तन को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें तथा मौके पर तैनात SDRF एवं पुलिस जवानों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

  • अगले 5 दिन रहेगी झमाझम बारिश, 85 सड़कें बन्द, नदियों का बढ़ा जल स्तर

    अगले 5 दिन रहेगी झमाझम बारिश, 85 सड़कें बन्द, नदियों का बढ़ा जल स्तर

    देहरादून। उत्तराखंड में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। शनिवार को रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय क्षेत्रों में तीव्र से अति तीव्र बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम विभाग ने यात्रियों और पर्यटकों को मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक होने पर ही यात्रा करने तथा नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। भारी बारिश के कारण भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों और राजमार्गों के बाधित होने, नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका जताई गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत में भी भारी बारिश की संभावना है। 10 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी, पौड़ी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 11 अगस्त को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 12 अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

    लगातार बारिश के दौरान बांधों और बैराजों से पानी छोड़े जाने पर नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि और कुछ स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    तवाघाट-गुंजी राष्ट्रीय राजमार्ग पर किलोमीटर संख्या 61 के पास करीब 900 मीटर क्षेत्र में मलबा और पत्थर आने से मार्ग बाधित है। मार्ग को खोलने का काम जारी है।

    हालांकि चारधाम यात्रा मार्गों समेत राज्य के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सामान्य बताया गया है। ऋषिकेश-यमुनोत्री, ऋषिकेश-गंगोत्री, ऋषिकेश-बदरीनाथ तथा कर्णप्रयाग-थराली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए खुले हैं। धारचूला-तवाघाट और बिजनौर-नजीबाबाद-कोटद्वार-सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात सुचारू है।

    राज्य में विभिन्न विभागों के अधीन कुल 85 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग (बीआरओ) और दो स्टेट हाईवे भी शामिल हैं। कालसी-चकराता तथा मार्चुला-सरियाखेत-बैजरो-पोखरा-सतपुली-पौड़ी मार्ग यातायात के लिए खुले हैं। संबंधित विभागों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने और मार्ग बाधित होने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

    राजधानी देहरादून में शनिवार सुबह आसमान में बादल छाए रहे। कुछ देर के लिए धूप निकली, जिससे बादल और धूप के बीच मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग ने दिन में बारिश की संभावना जताई है।

    पिछले 24 घंटे के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पिथौरागढ़ के बंगापानी में सर्वाधिक 24 मिलीमीटर बारिश हुई। चमोली में 18.6, जागेश्वर में 13.5, पौड़ी में 11, मुनस्यारी और धारचूला में 9.2-9.2 तथा लक्सर में पांच मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

    प्रमुख नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे

    केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है। अलकनंदा का जलस्तर 625.48 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 और खतरे का स्तर 627 मीटर है। मंदाकिनी नदी 621.20 मीटर पर रही। इसका चेतावनी स्तर 623.70 और खतरे का स्तर 624.70 मीटर है। भागीरथी का जलस्तर 624.40 मीटर दर्ज किया गया, जो 625 मीटर के चेतावनी स्तर से नीचे है। विभिन्न जलाशयों और बैराजों की स्थिति पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    राष्ट्रीय फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन के अनुसार शनिवार सुबह उत्तराखंड में फिलहाल कोई क्षेत्र फ्लैश फ्लड के लिहाज से चिंता के दायरे में नहीं था। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सुबह 10 बजे तक प्रमुख नदियों और जलाशयों की स्थिति नियंत्रण में बताई गई है।

  • श्री बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT की बड़ी कार्रवाई, तीसरा आरोपी गिरफ्तार

    श्री बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT की बड़ी कार्रवाई, तीसरा आरोपी गिरफ्तार

    चमोली। श्री बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में SIT ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है।  चढ़ावा तथा दान चोरी के संबंध में कोतवाली श्री बद्रीनाथ पर पंजीकृत अभियोग संख्या 06/26 में SIT टीम द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है। पूर्व में इस मामले में मंदिर समिति के दो कर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

    विवेचना के क्रम में SIT टीम ने दिनांक 25 व 29 जून की थाली-भेंट गणना कक्ष की CCTV फुटेज का गहन अवलोकन किया। फुटेज में एक व्यक्ति को बार-बार दान सामग्री में से सामान उठाकर जेब में डालते देखा गया। पूछताछ में उक्त व्यक्ति की पहचान मनोज कुमार पुत्र स्वरूपचंद, निवासी वार्ड नंबर 3 नूरपुर, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई। उक्त व्यक्ति JP पावर वेंचर्स लिमिटेड, जोशीमठ के लामबगड़ स्थित जल विद्युत परियोजना के बैराज में सुरक्षाकर्मी के पद पर नियुक्त है और परियोजना के अधिकारियों द्वारा VIP दर्शन कराने हेतु मंदिर भेजा जाता था।

    सीसीटीवी साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 06 अगस्त को मुकदमे में धारा 305 BNS की बढ़ोतरी की गई। आज SIT टीम द्वारा मनोज कुमार को पूछताछ हेतु कोतवाली बुलाया गया। CCTV फुटेज दिखाने पर आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। उसने बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसके लामबगड़ स्थित आवास में है और कुछ सामग्री यात्रियों को बेच दी गई थी। बिक्री से प्राप्त धनराशि में से कुछ उसके पास थी और कुछ VIP मेहमानों की आवभगत में खर्च की गई।

    आरोपी के मोबाइल की जांच में फोटो गैलरी के रीसायकल बिन में चोरी की गई सामग्री के फोटो मिले। बरामदगी हेतु अभियुक्त को उसके लामबगड़ स्थित आवास FH-5-I, Room No. 03 ले जाया गया, जहां उसकी निशानदेही पर चोरी की गई सामग्री बरामद की गई।

    बरामदगी:

    दो सफेद धातु की बिछिया, चार कर्णफूल, एक नौस रिंग, सात सिक्के, दो धातु के टुकड़े, एक प्रतिमा, दो छोटे कंगन, एक सिक्का, एक ब्रेसलेट, एक छोटा दंड, चोरी से अर्जित 6000 रुपये नकद व एक बेडशीट। SIT अन्य संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है।

    पुलिस टीम:

    निरीक्षक महादेव उनियाल, उप निरीक्षक प्रकाश बिष्ट, SIT टीम के हेड कांस्टेबल चंदन सिंह, कांस्टेबल आशुतोष तिवारी, राजेंद्र सिंह रावत सहित 09 कर्मी।

  • लीसा इकाइयों पर वन विभाग की कार्रवाई,हरिद्वार की इकाई सीज

    लीसा इकाइयों पर वन विभाग की कार्रवाई,हरिद्वार की इकाई सीज

    देहरादून। वन उपज के अवैध भंडारण और व्यापार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से वन विभाग ने आज हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित पंजीकृत लीसा इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान हरिद्वार स्थित एक लीसा डिपो में अभिलेख उपलब्ध नहीं होने पर उसे अग्रिम आदेशों तक सीज कर दिया गया,जबकि ऋषिकेश की एक इकाई में जांच के दौरान कोई अनियमितता नहीं मिली।

    वन विभाग के अनुसार मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल और वन संरक्षक शिवालिक के निर्देश पर देहरादून और हरिद्वार वन प्रभाग की संयुक्त टीमों ने यह अभियान चलाया। कार्रवाई उत्तर प्रदेश लीसा और अन्य वन उपज (विनियमन) अधिनियम,1976 के तहत की गई।

    उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून डॉ.उदय नंद गौड़ के नेतृत्व में गठित 22 सदस्यीय टीम ने भगवानपुर, हरिद्वार स्थित एक पंजीकृत लीसा डिपो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परिसर में विरोजा और तारपीन तेल से भरे ड्रम मिले, लेकिन स्टॉक रजिस्टर,क्रय-विक्रय अभिलेख, परिवहन प्रपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। अभिलेखों के अभाव में सामग्री का सत्यापन नहीं हो पाने पर वन विभाग ने इकाई को सीज कर अग्रिम जांच शुरू कर दी है।

    वहीं, दूसरी टीम ने उप प्रभागीय वनाधिकारी रुड़की ज्वाला प्रसाद के नेतृत्व में लालतप्पड़, ऋषिकेश स्थित जय भारत रोजिन एंड केमिकल्स प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया। यहां उपलब्ध वन उपज और अभिलेखों की जांच की गई,जिसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई।

    प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून नीरज शर्मा और हरिद्वार के प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने कहा कि वन उपज के भंडारण,परिवहन और व्यापार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को नियमानुसार अभिलेख रखना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन,अवैध भंडारण या व्यापार पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    वन विभाग ने कहा कि वन उपज के अवैध कारोबार पर रोक लगाने और वैध व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे आकस्मिक निरीक्षण अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

  • हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

    हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

    जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित और आधारभूत विकास को नई गति : धामी कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले

    हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

    देहरादून। सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को दी।

    कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

    अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी गौ एवं भैंस खरीद पर मिलेगा अनुदान

    कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार तथा पलायन रोकने में सहायता मिलेगी।

    उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी
    कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

    अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
    समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन तथा सर्वांगीण विकास की सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

    ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन
    ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण तथा स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

    जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति
    केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन बनी रहेगी।

    राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 122 पद सृजित होंगे
    उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।

    बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन
    दिनेशपुर एवं शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।

    सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटेंगे
    सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे तथा उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा घोषित प्रावधान को शामिल किया जाएगा।

    जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया हस्तांतरण प्रोटोकॉल लागू

    ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण हेतु भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।

    वन विकास निगम में स्केलर भर्ती होगी अधिक पारदर्शी
    उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 लागू करते हुए स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आयोग की चयन प्रणाली के अनुरूप होगी।

    हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ
    उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी।

    उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी
    कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

    कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में वृद्धि, श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, खेल एवं न्यायिक आधारभूत ढांचे का विस्तार, ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन, पेयजल प्रबंधन में सुधार तथा औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य जनकल्याण, पारदर्शी प्रशासन, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को गति देना है।

  • मसूरी एसडीएम आवास परिसर में कमरे में घुसी विशाल चट्टान, छत ढूंढ रहे कर्मी

    मसूरी एसडीएम आवास परिसर में कमरे में घुसी विशाल चट्टान, छत ढूंढ रहे कर्मी

    पांच परिवारों ने कहा- अब यहां नहीं रहेंगे; ऊपर पानी का टैंक और निर्माण कार्य पर भी उठे सवाल

    मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब केवल सड़कों और यातायात के लिए ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गई है। शुक्रवार को सुबह मसूरी एसडीएम कार्यालय परिसर स्थित सरकारी कर्मचारी आवासों पर अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा भरभराकर टूट पड़ा। भारी-भरकम बोल्डर सीधे एक कर्मचारी के आवास के कमरे में जा घुसा। जिस कमरे में चट्टान गिरी, वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था। कुछ मिनट का भी फर्क होता तो यह घटना बड़े जानलेवा हादसे में बदल सकती थी।

    घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी अपने परिवारों के साथ घरों से बाहर निकल आए। बच्चों और महिलाओं में दहशत का माहौल रहा। कई कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब वे इस परिसर में रहने का जोखिम नहीं उठा सकते।

    विडंबना यह है कि जिन प्रशासनिक कर्मचारियों के कंधों पर हर आपदा के समय राहत और बचाव की जिम्मेदारी होती है, आज वही कर्मचारी अपने परिवारों के साथ सुरक्षित छत की तलाश में हैं। इस घटना ने सरकारी आवासों की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में बने भवनों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पांच परिवारों ने कहा- परिवार की जान पहले, नौकरी बाद में
    एसडीएम कार्यालय परिसर में रहने वाले पांच कर्मचारी परिवारों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि पहाड़ी लगातार दरक रही है और आए दिन पत्थर गिर रहे हैं। ऐसे में परिवार के साथ यहां रहना आत्मघाती साबित हो सकता है। कुछ कर्मचारियों ने भावुक होकर कहा कि उनकी सेवा के कुछ वर्ष ही शेष हैं, लेकिन परिवार की सुरक्षा किसी भी नौकरी से बड़ी है। यदि सुरक्षित आवास नहीं मिला तो वे स्थानांतरण की मांग करेंगे और जरूरत पड़ी तो नौकरी छोड़ने तक को तैयार हैं।

    ऊपर लाखों लीटर पानी का टैंक, बढ़ी नई चिंता
    स्थानीय लोगों ने बताया कि आवासों के ठीक ऊपर जल संस्थान का विशाल पानी का टैंक बना हुआ है, जिसमें लाखों लीटर पानी संग्रहित रहता है। लोगों का कहना है कि यदि लगातार हो रहे भूस्खलन से टैंक को नुकसान पहुंचा तो स्थिति और भयावह हो सकती है। ऐसे में पूरे क्षेत्र की तकनीकी जांच कराना बेहद जरूरी है।

    निर्माण कार्य पर उठे सवाल

    घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने पहाड़ी के ऊपरी हिस्से में चल रहे निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि लगातार हो रही खुदाई और निर्माण गतिविधियों से पहाड़ी की स्थिरता प्रभावित हुई है। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम मसूरी राहुल आनंद तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित कर्मचारियों से बातचीत कर हालात का जायजा लिया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और भू-वैज्ञानिकों से तकनीकी परीक्षण कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीरा सकलानी भी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने एसडीएम से दूरभाष पर वार्ता कर प्रभावित कर्मचारियों और उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने, भोजन सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मीरा सकलानी ने कहा, ष्यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि जो प्रशासनिक कर्मचारी हर संकट में लोगों की मदद के लिए सबसे पहले आगे आते हैं, आज वही खुद आपदा की चपेट में हैं।

    बारिश ने बढ़ाई संवेदनशील इलाकों की चिंता
    मसूरी में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञ भी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि संवेदनशील ढलानों और कटाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अतिरिक्त सतर्कता बरतें। एसडीएम आवास परिसर की यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि पहाड़ी शहरों में भू-सुरक्षा, निर्माण मानकों और सुरक्षित सरकारी आवासों की आवश्यकता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

  • पौड़ी- देवप्रयाग पर खाई मे गिरी कार,पांच लोगों की मौत; एक लापता

    पौड़ी- देवप्रयाग पर खाई मे गिरी कार,पांच लोगों की मौत; एक लापता

    पौड़ी। पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर कुण्डाधार के समीप डंपिंग जोन के पास शुक्रवार को एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया गया है।आपदा नियंत्रण कक्ष पौड़ी के अनुसार, कार में कुल सात लोग सवार थे। दुर्घटना में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बागी रेफर किया गया है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।बताया जाता है कि देवप्रयाग क्षेत्र में पौड़ी की ओर डंपिंग जोन के समीप एक बोलेरो वाहन गहरी खाई में गिर गया है। सूचना प्राप्त होते ही SDRF पोस्ट श्रीनगर से टीम तत्काल आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में SDRF टीम द्वारा तत्काल राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया गया। दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो वाहन में कुल 07 लोगों के सवार होने की पुष्टि हुई।एक घायल व्यक्ति को स्थानीय लोगो द्वारा पूर्व में ही सुरक्षित निकालकर उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया। घायल की पहचान अरम (16 वर्ष), पुत्र अफजाल, निवासी रायपुर जीतपुर, हरिद्वार के रूप में हुई।

    मृतकों के नाम

    अफजाल पुत्र अकबर सूफी (49 वर्ष)

     गुफरान पुत्र अकबर (34 वर्ष)

     सब्बू पत्नी अफजाल (40 वर्ष)

    अनामिया पुत्री अफजाल (03 वर्ष)

     शादाब पुत्र अफजाल (14 वर्ष)

    दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति अभी भी लापता है। SDRF की टीम निरीक्षक मंजरी नेगी के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लापता व्यक्ति की तलाश हेतु सघन सर्च एवं रेस्क्यू अभियान लगातार संचालित कर रही है।

    घटना के संबंध में आवश्यक अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।

  • कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 5 समिति गठित

    कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 5 समिति गठित

    देहरादून। चुनाव से कुछ समय पहले प्रदेश मे टीम गणेश गोदियाल घोषित कर दी गयी है। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची मे उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई कार्यकारिणी में  24 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 नेताओं को प्रदेश महासचिव और 107 नेताओं को प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। कांग्रेस ने इस नई कार्यकारिणी में संगठन को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा नेताओं को भी टीम में शामिल किया है।

    चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने को लेकर पांच समितियों का गठन किया है। इसमें पीसीसी के कार्यकारिणी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट कमेटी के गठन के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है. पीसीसी की कार्यकारिणी समिति में 41 नेताओं को शामिल किया गया है।

  • सास को परिवार का हिस्सा न मानने वाले विभागीय दावे पर उठे सवाल

    सास को परिवार का हिस्सा न मानने वाले विभागीय दावे पर उठे सवाल

    हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका के बाद मिला प्रत्यावेदन का अवसर

    देहरादून। पशुपालन विभाग के प्रभारी निदेशक डॉ. उदय शंकर आर्या द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल काउंटर एफिडेविट को लेकर नया विवाद सामने आया है। अधिवक्ता आई.डी. पालीवाल ने दावा किया है कि विभाग की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया यह पक्ष तथ्यात्मक रूप से गलत था, जिसके चलते उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पुनर्विचार याचिका के माध्यम से वास्तविक स्थिति रखी।

    मामला पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. छवि चौधरी के स्थानांतरण से जुड़ा है। डॉ. चौधरी ने स्थानांतरण में छूट की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उनकी सास गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, इसलिए उन्हें स्थानांतरण नीति के तहत राहत प्रदान की जाए।

    बताया गया कि विभाग की ओर से दाखिल काउंटर एफिडेविट में यह कहा गया कि सास परिवार का हिस्सा नहीं होती हैं तथा डॉ. छवि चौधरी ने न्यायालय को भ्रमित करने के उद्देश्य से अपनी सास को परिजन के रूप में प्रस्तुत किया है।


    अधिवक्ता आई.डी. पालीवाल ने पुनर्विचार याचिका में मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया कि स्थानांतरण नीति में माता एवं सास, दोनों के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में स्थानांतरण से छूट का प्रावधान मौजूद है। उनके अनुसार विभाग द्वारा प्रस्तुत पक्ष नीति के अनुरूप नहीं था।


    पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. छवि चौधरी को अपनी विषम परिस्थितियों का विस्तृत प्रत्यावेदन विभाग के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। अब विभागीय स्तर पर इस प्रत्यावेदन पर नियमानुसार निर्णय लिया जाना शेष है।

  • मंच पर सैनिकों के लिए स्थान नहीं, सम्मान का ढोंग कर रही कांग्रेस: कोठियाल

    मंच पर सैनिकों के लिए स्थान नहीं, सम्मान का ढोंग कर रही कांग्रेस: कोठियाल

    सैनिकों के अपमान पर तत्काल माफी मांगे कांग्रेस

    देहरादून। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल कोठियाल ने कांग्रेस पार्टी पर पूर्व सैनिकों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के नाम पर बुलाई गई पत्रकार वार्ता में जिस तरह से पूर्व सैनिकों के साथ अनुचित व्यवहार कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया, वह घोर निन्दनीय है। इस कार्यक्रम की तस्वीरों ने कांग्रेस का सेना विरोधी दोहरा चरित्र एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर दिया है।

    उन्होंने कांग्रेस की पत्रकार वार्ता की तस्वीरों को वीर सैनिकों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह वार्ता मूल रूप से पूर्व सैनिकों के विषय पर आयोजित की गई थी। लेकिन तस्वीरों में साफ दिखाई दिया कि मंच पर केवल कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा सभी कुर्सियां पर पार्टी नेता और प्रवक्ता जमे हुए थे। हैरानी है कि जिन पूर्व सैनिकों के नाम पर यह कार्यक्रम रचा गया था, वे पीछे हाथ बांधे खड़े रहने को मजबूर नजर आए। यहाँ गभीर सवाल उठता है कि जब कार्यक्रम सैनिकों के सम्मान और उनके विषयों पर केंद्रित था, तो मंच पर कुर्सियां कांग्रेस नेताओं को नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को मिलनी चाहिए थी। कांग्रेस अपने मंच पर सैनिकों को बैठने तक की जगह नहीं दे सकती वह सैनिकों के ही कार्यक्रम में किस मुंह से सैनिकों के सम्मान का दावा करती है?

    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अग्निवीरों और सैनिकों के भविष्य को लेकर झूठ और भ्रम फैला रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार, सेना के आधुनिकीकरण, सीमाओं की सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है। अग्निवीर योजना के माध्यम से देश की युवा शक्ति को प्रशिक्षित और अनुशासित बनाते हुए उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया जा रहा है।

    उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अग्निवीरों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रदेश की सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के माध्यम से अग्निवीरों को भविष्य की अन्य नौकरियों और स्वरोजगार/व्यवसाय के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि आज केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते हुए हथियारों का प्रमुख निर्यातक बन रहा है। दशकों से लंबित वन रैंक, वन पेंशन को भाजपा सरकार ने लागू कर सैनिकों के सम्मान का संकल्प पूरा किया।

    ​ उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में सेना के आधुनिकीकरण और सैनिकों की सुरक्षा दोनों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। कांग्रेस सरकार तो सैनिकों के लिए आवश्यक बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक हथियार तक देना जरूरी नहीं मानती थी। दशकों से लंबित पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) की मांग को दबाकर रखा गया, जिसे भाजपा सरकार ने लागू कर पूर्व सैनिकों का हक दिया। कांग्रेस शासन में शहीदों को सम्मान देना तो दूर, उनके पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचाना भी जरूरी नहीं समझा जाता था।