Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • गंगा के तेज बहाव मे फंसे युवकों को एसडीआरएफ ने दिया जीवन,एक शव बरामद

    गंगा के तेज बहाव मे फंसे युवकों को एसडीआरएफ ने दिया जीवन,एक शव बरामद

    देहरादून। कांवड मेले मे मुस्तैद एसडीआरएफ ने चार अलग-अलग घटनाओं में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए दो युवकों का सकुशल रेस्क्यू। एक घायल श्रद्धालु को सुरक्षित स्वास्थ्य शिविर पहुंचाया गया तथा गंगा नदी से एक अज्ञात शव बरामद कर जिला पुलिस के सुपुर्द किया गया।

    गंगा नदी में स्नान के दौरान तेज बहाव में फंसे सूरज पुत्र कालू राजवंशी (25 वर्ष), निवासी जनपद नवादा, बिहार को SDRF टीम ने तत्काल नदी में उतरकर सकुशल रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला।

    दूसरी घटना में लवकुश पुत्र मनीष कुमार (18 वर्ष), निवासी नजीबाबाद भी स्नान के दौरान गहरे पानी एवं तेज बहाव में फंस गया। SDRF जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    एक अन्य घटना में पुंडरासु चौक, नीलकंठ मार्ग पर ड्यूटी के दौरान मार्ग से लगभग 500 मीटर आगे एक श्रद्धालु के घायल होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में SDRF टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची तथा घायल श्रद्धालु बबलू (47 वर्ष), निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित निकटवर्ती स्वास्थ्य शिविर पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।

  • हेमकुंड साहिब से लौट रहे 19 वर्षीय युवक की बाइक फिसली, सिर में गंभीर चोट से मौत

    हेमकुंड साहिब से लौट रहे 19 वर्षीय युवक की बाइक फिसली, सिर में गंभीर चोट से मौत

    चमोली। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदप्रयाग के बगड़ चौराहे के पास एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गयी।

    जानकारी के अनुसार, जिला करनाल, हरियाणा निवासी सेर बाबा हेमकुंड साहिब यात्रा से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी पंजाब नंबर PB46AN9223 बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई। हादसे में युवक सड़क पर गिर पड़ा और उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को निजी वाहन से जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया

  • देहरादून मे भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी, ट्रैकिंग पर लगेगी रोक

    देहरादून मे भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी, ट्रैकिंग पर लगेगी रोक

    देहरादून। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जारी नवीनतम मौसम पूर्वानुमान के अनुसार जनपद देहरादून में 05 एवं 06 अगस्त को कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना व्यक्त करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने तथा आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।

    जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ऑरेंज अलर्ट की अवधि में पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को न्यूनतम किया जा सके।

    सभी विभागीय अधिकारियों, आपदा प्रबंधन प्रणाली से जुड़े नामित अधिकारियों तथा विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपदा अथवा दुर्घटना की स्थिति में त्वरित स्थलीय कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जाएगा।

    लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, पीएमजीएसवाई, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की स्थिति में उसे तत्काल खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। वहीं नगर निकायों को नालियों एवं कल्वर्टों से अवरोध हटाकर जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    समस्त राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम विकास अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में उपस्थित रहकर लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा गया है। साथ ही सभी थाना एवं चौकियों को आपदा राहत उपकरणों एवं वायरलेस संचार व्यवस्था के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मोबाइल फोन हर समय सक्रिय रखने तथा बरसाती, टॉर्च, हेलमेट सहित आवश्यक उपकरण अपने वाहनों में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी क्षेत्र में लोग फंसते हैं तो उनके लिए खाद्य सामग्री, पेयजल एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए विद्यालयों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 7534820006, 0135-2720000, 0135-2620006 अथवा टोल फ्री नंबर 1077 पर उपलब्ध कराएं।

  • 11 अगस्त को देहरादून में लगेगा रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन

    11 अगस्त को देहरादून में लगेगा रोजगार मेला, 559 पदों पर होगा चयन

    क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में शुरू हुआ पंजीकरण, विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां लेंगी साक्षात्कार

    देहरादून। जनपद के बेरोजगार युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, देहरादून द्वारा आगामी 11 अगस्त को प्रातः 9.30 बजे से कार्यालय परिसर में एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियां कुल 559 रिक्त पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लेकर चयन प्रक्रिया संपन्न करेंगी।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने के इच्छुक अभ्यर्थियों का पंजीकरण 04 अगस्त से क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी साक्षात्कार में सम्मिलित होने से पूर्व किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय पहुंचकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि पंजीकरण के समय अभ्यर्थियों को अपना बायोडाटा, मूल शैक्षिक एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्र तथा उनकी छायाप्रतियां, सेवायोजन कार्यालय का पंजीयन कार्ड, पासपोर्ट आकार के फोटो एवं वैध पहचान-पत्र (आईडी प्रूफ) साथ लाना अनिवार्य होगा।

    रोजगार मेले में सीएएमपी-108, एनआईटीटी लिमिटेड, परिश्रम रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड, डिक्सॉन, एक्सिस बैंक, आईजोन, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक, बारबेक्यू नेशन, आईपीसीए, मोचिको तथा टीआई मेडिकोज सहित विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियां प्रतिभाग करेंगी। इन कंपनियों द्वारा कुल 559 रिक्त पदों पर अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया जाएगा।

    क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाली कंपनियों एवं उपलब्ध रिक्तियों की संख्या परिस्थितियों के अनुसार घट या बढ़ सकती है। उन्होंने जनपद के अधिक से अधिक शिक्षित एवं रोजगार के इच्छुक युवाओं से समय रहते पंजीकरण कराकर रोजगार मेले का लाभ उठाने की अपील की।

  • कोहरा और बारिश बनी काल, मवेशियों को चरा रही महिला को गुलदार ने मारा

    कोहरा और बारिश बनी काल, मवेशियों को चरा रही महिला को गुलदार ने मारा

    बागेश्वर। पहाड़ों मे घना कोहरा और बारिश मे हिंसक जंगली जानवरों का खतरा परेशानी का सबब बना हुआ है। घने कोहरे और बारिश मे गुलदार के हमले से एक महिला की जान चली गयी। घटना बागेश्वर जिले की कांडा तहसील की है। बताया जाता है कि बाझीरौट निवासी कमला देवी, पत्नी पूरन राम, मंगलवार को गांव के 19 परिवारों के लगभग 50 से अधिक गाय, बैल और बकरियों को चराने के लिए जंगल गई थीं। उनके साथ उनके पति पूरन राम भी थे। अचानक कमला देवी की चीख सुनाई दी। पति पूरन राम और पास में बकरियां चरा रहे पंकज राम मौके पर पहुंचे, तो कमला देवी लहूलुहान अवस्था में पड़ी मिलीं। उन्होंने बताया कि एक गुलदार को नीचे की ओर भागते हुए देखा। उस समय क्षेत्र में तेज बारिश और घना कोहरा होने के कारण गुलदार कुछ ही देर में ओझल हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। जबकि ग्रामीणों ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की है.

    महिला के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। घटना के बाद मौके से गुलदार को भागते हुए देखने का दावा किया गया है। पुलिस और वन विभाग इसे प्रथम दृष्टया गुलदार का हमला मान रहे हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। कमला देवी अपने पीछे पति और चार बच्चों का परिवार छोड़ गई हैं. उनका बड़ा पुत्र बबलू कुमार विवाहित है और परिवार के साथ बाहर रहता है। दो पुत्रियों का विवाह हो चुका है, जबकि 23 वर्षीय पुत्र पुष्पेश कुमार अविवाहित है। 

     

     

  • कांगड़ा घाट पर तैनात एसडीआरएफ ने तीन कांवड़ यात्रियों की बचाई जान

    कांगड़ा घाट पर तैनात एसडीआरएफ ने तीन कांवड़ यात्रियों की बचाई जान

    हरिद्वार। कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु कांगड़ा घाट पर पूर्व से ही तैनात SDRF उत्तराखण्ड की टीम ने अपनी सतर्कता एवं त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए अलग-अलग समय पर हुई तीन घटनाओं में गंगा के तेज बहाव की चपेट ईमें आए तीन कांवड़ यात्रियों का सफल रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बचाया।

    घाट पर ड्यूटी के दौरान अलग-अलग समय पर श्रद्धालु स्नान करते हुए गंगा के तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। प्रत्येक घटना में SDRF टीम ने तत्काल नदी में उतरकर बिना विलंब रेस्क्यू अभियान चलाया तथा तीनों श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत सभी की स्थिति सामान्य पाई गई।

    रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं मे सचिन (27 वर्ष) पुत्र – श्यामलाल
    निवासी – ग्राम भडौली, जनपद पानीपत, हरियाणा, मनीष (16 वर्ष) पुत्र – रजनीश निवासी – ग्राम ननहेड़ा, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश तथा  विशाल (20 वर्ष) पुत्र – सुंदर
    निवासी – ग्राम ननहेड़ा, जनपद मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश हैं।

  • सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी प्रगति समीक्षा

    सड़क सुरक्षा पर डीएम का सख्त एक्शन, ब्लैक स्पॉट होंगे सुरक्षित, हर माह होगी प्रगति समीक्षा

    संवेदनशील स्थलों का लार्ज स्केल पर होगा सर्वे, अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तुरंत बंद करने के निर्देश

    ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन और ड्रंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस, डीएम ने दिए कड़े प्रर्वतन के निर्देश

    देहरादून। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक मे जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

    बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए जनपद के सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना संभावित स्थलों का विस्तृत सर्वे कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों के सुधार के लिए तत्काल डीपीआर तैयार कर सड़क सुधारीकरण कार्य प्रारंभ किया जाए। साथ ही सभी संवेदनशील स्थलों का सर्वे कर प्रकाश व्यवस्था की कमी, बाधक बने बिजली के पोल, ट्रांसफॉर्मर अथवा अन्य संरचनाओं को स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

    जिलाधिकारी ने बरसात के कारण सड़कों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत करने तथा बरसात के बाद सड़कों का रिपेयर वर्क तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर आशारोड़ी से डाटकाली टनल तक दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए मोड़ एवं चौराहों पर सड़क चौड़ीकरण, रम्बल स्ट्रिप, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। साथ ही सभी अनधिकृत मीडियन क्रॉसिंग तत्काल बंद कराने के आदेश दिए।

    जिलाधिकारी ने कहा कि चकराता और कालसी जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग, वाहनों की खराब फिटनेस, नियमित मेंटेनेंस का अभाव तथा ड्रंक एंड ड्राइव सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण रहते हैं। उन्होंने परिवहन विभाग को इन मामलों में विशेष अभियान चलाकर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना का सोशल एवं इकोनॉमिकल सर्वे भी कराया जाए। दुर्घटना स्थलों का निरीक्षण कर कारणों का तकनीकी विश्लेषण करे तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

    जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि नागरिक स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने सभी स्कूल बसों एवं अन्य विद्यालयी वाहनों की नियमित जांच, फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा ड्रंक एंड ड्राइव, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने तथा सीट बेल्ट का उपयोग न करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने को कहा।

    उन्होंने सड़कों के किनारे एवं प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, संकेतक बोर्ड और चेतावनी संकेतों को दुरुस्त करने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे, डिवाइडर, येलो लाइन, स्पीड डिस्प्ले बोर्ड तथा टोल बैरियर से पूर्व स्पीड ब्रेकर सहित सभी सड़क सुरक्षा मानकों को निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की प्रत्येक माह समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि निर्देशों के अनुपालन की नियमित निगरानी हो सके।

    बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जितेन्द्र चौधरी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ओम पाल सिंह, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिता चमोला, एएई-पीआईयू विशाल, अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग सुरेश तोमर, अधिशासी अभियंता नगर निगम रजित कोठियाल, प्रबंधक एनएचएआई सालू चौहान, ईओ रजनीश, एआरटीओ रश्मि पंत, अनिल सिंह, रत्नाकर सिंह सहित वर्चुअल माध्यम से सभी उप जिलाधिकारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • बिना रुके, थके हर वादे को पूरा कर रही है सरकार: धामी

    बिना रुके, थके हर वादे को पूरा कर रही है सरकार: धामी

    मुख्यमंत्री ने किया मसूरी विधानसभा में विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण: शिलान्यास

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अपने हर वादे को बिना रुके, बिना थके धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है। लेकिन कुछ लोग झूठ और नकारात्मकता की बातें कर रहे हैं। ऐसे लोगों के पास गिनाने के लिए अपनी कोई उपलब्धि नहीं है, तो इसलिए वे अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

    मसूरी विस मे आयोजित एक कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा और जनसांख्यिकी बदलाव रोकने के लिए सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया है। इसी तरह सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने के साथ ही दंगों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने के लिए सख्त कानून बनाकर कानून का राज स्थापित किया है।

    इसी तरह प्रदेश सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय नकल माफिया का कुचक्र तोड़ने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है, जिसके बाद प्रदेश में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिल चुकी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति, ‘एक जनपद दो उत्पाद’, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’, ‘होम स्टे योजना’, ‘वेड इन उत्तराखंड’ और ‘सौर स्वरोजगार योजना’ जैसी पहलें शुरू की हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आज हजारों-लाखों युवा अपने ही गाँव और शहर में रोजगारदाता बन रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। इतना ही नहीं, नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में भी उत्तराखंड ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश सरकार एक ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है, जहां किसी भी युवा को रोजगार के लिए पलायन ना करना पड़े। साथ ही मातृशक्ति पूरी तरह सशक्त और आत्मनिर्भर हो।

    मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के पुरुकुल में 17 करोड़ 80 लाख रुपयों की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वर्गीय दीपक पुण्डीर की स्मृति में नवनिर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ मसूरी विधानसभा के विकास को नई गति देने वाली साबित होंगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी ‘वेडिंग डेस्टिनेशन’ या पर्यटन की बात आती है, तो पहाड़ों की रानी ‘मसूरी’ का नाम सबसे पहले आता है। मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। मसूरी में आने वाले पयर्टक यहां की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इसलिए प्रदेश सरकार भी मसूरी के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी दिशा में पुरकुल में सैन्य धाम का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही मसूरी रोपवे के लोअर टर्मिनल तक लगभग 13 किमी मुख्य सड़क का उच्चीकरण किया जा रहा है। इसी तरह जल जीवन मिशन के अंतर्गत गंगोल- पंडितवाड़ी पेयजल योजना के माध्यम से अनेक गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मालदेवता लाल पुल से सिल्ला- मोलधार होते हुए सुआखोली तक के मार्ग का सीआरएफ योजना के अंतर्गत सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकार ने ग्राम पंचायत रिखोली के सोलाह गांव में विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ सुरक्षा के लिए सहस्त्रधारा में बाल्दी नदी के दोनों किनारों पर 1.5 किमी और न्यू कैंट रोड क्षेत्र में सुरक्षा कार्य कराए जा रहे हैं।

    इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास के मार्ग पर आगे बढ रहा है। मसूरी विधानसभा क्षेत्र में भी सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुडे कार्य तेजी से सम्पन्न किए जा रहे हैं।

    इस मौके पर दायित्वधारी श्रीमती ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, उपाध्यक्ष एम.डी.डी .ए बंशीधर तिवारी, भाजपा नेता वीर सिंह चौहान, नेहा जोशी, सीमा पुंडीर, लक्ष्मण सिंह रावत उपस्थित थे।

     

     

  • पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ मुख्यमंत्री ने शिव भक्तों को परोसा भोजन

    पुष्पवर्षा और चरण प्रक्षालन के साथ मुख्यमंत्री ने शिव भक्तों को परोसा भोजन

    पाँच पुलिसकर्मियों एवं पाँच पर्यावरण मित्रों को सराहनीय सेवाओं के लिए किया सम्मानित

    हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देवभूमि उत्तराखंड ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिव भक्त कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत और अभिनंदन किया। राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के सम्मान के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी संदेश दिया गया।

    मुख्यमंत्री के हरिद्वार आगमन पर हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग पर हेलीकॉप्टर से शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री ने पाँच शिवभक्त कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की स्वास्थ्य सहायता एवं सुविधाओं के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का अवलोकन किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, आवश्यक दवाइयां तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों के बीच पहुंचकर उनका स्वागत किया और अपने हाथों से भोजन परोसा।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का विराट पर्व है। इसके सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार सभी संबंधित विभागों के समन्वय से निरंतर कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पाँच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों के बीच आने और उनकी सेवा करने का अवसर प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का नाम करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, ऊर्जा और विश्वास का आधार है। कठिन परिस्थितियों में भी शिवभक्त सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हैं और “बम-बम भोले” के जयघोष के साथ अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। कांवड़ यात्रा अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर सफलतापूर्वक अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास का व्यापक कार्य हो रहा है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाएं भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान प्रदान कर रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने शिवभक्तों से यात्रा के दौरान अनुशासन, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं का पालन करने की अपील की।

    उन्होंने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे कर्मयोगियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सभी का सामूहिक सहयोग ही इस विशाल आयोजन को सफल बनाता है।मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पाँच पुलिसकर्मियों तथा पाँच पर्यावरण मित्रों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल कुछ व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उन सभी कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो यात्रा के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में दिन-रात जुटे हुए हैं।यायाइस अवसर पर महामण्डलेश्वर ललितानंद गिरी महाराज, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल, रुड़की की मेयर श्रीमती अनिता अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष शर्मा, पूर्व विधायक श्री संजय गुप्ता, राज्य मंत्री श्री देशराज कर्णवाल, श्री दिनेश कौशिक, डॉ. जयपाल सिंह चौहान, श्री श्यामवीर सैनी, श्री शोभाराम प्रजापति,  नितिन गौतम, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष श्री राजीव शर्मा, गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विक्रम भुल्लर, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, गढ़वाल आयुक्त श्री आनंद स्वरूप, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, आईजी (कुंभ मेला) योगेन्द्र सिंह रावत, जिलाधिकारी श मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, एसएसपी (कुंभ मेला) आयुष अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़िए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने किया।

  • हरक के दावे पर भाजपा का तंज,चमोली बोले गलतफहमी का ​शिकार हैं हरक सिंह

    हरक के दावे पर भाजपा का तंज,चमोली बोले गलतफहमी का ​शिकार हैं हरक सिंह

    लोस और विस में अपनी हार को हरक भूले, जनता नहीं 

    देहरादून। कांग्रेस के चुनाव प्रवंधन स​मिति के अध्यक्ष डा. हरक सिंह रावत के द्वारा किसी भी विधान सभा से चुनाव से चुनाव लडने और जीत की गारंटी जैंसे दावे पर भाजपा विधायक विनोद चमोली ने तंज कसते हुए इसे हरक सिंह की गलत फहमी करार दिया है। उन्होंने कहा ​कि हरक सिंह लोकसभा, विधानसभा समेत अनेक चुनावों में करारी शिकस्त झेल चुके हैं, जिसे वह और कांग्रेस भूल सकती हैं लेकिन जनता नहीं। हालांकि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, लेकिन ऐसा झूठा दावा भी कांग्रेस में ही संभव है।

    पार्टी मुख्यालय में हरक सिंह के दावों को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों को लेकर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं हारने की गलतफहमी हो सकती है, लेकिन जनता को नहीं। वहीं स्पष्ट किया कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और ऐसे दावे भी कांग्रेस में ही संभव है। कांग्रेस भाजपा की कार्यपद्धति और कार्यकर्ता का अंतर बताते हुए उन्होंने स्वयं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा में पिछले 40 साल से काम कर रहा हूँ। छह बार मैं भी चुनाव लड़ा और सभी चुनाव जीता भी हूँ। लेकिन कभी मैंने यह नहीं कहा कि मेरी पार्टी यहाँ से मुझे चुनाव लड़ाए या मैं यहाँ से चुनाव लडूंगा। मैं आज भी धर्मपुर सीट से दो बार से विधायक हूँ। पार्टी का एक वरिष्ठ कार्यकर्ता हूँ ​और पार्टी की मंशा भी मुझे मालूम है। फिर भी उसके बावजूद कभी दावा नहीं किया कि मैं धरमपुर से चुनाव लडूंगा। पार्टी का आदेश सर्वोपरि रहा और आज भी पार्टी लड़ाएगी तो ही लडूंगा।

    उन्होंने हरक पर तंज कसा कि अब वे यह कहने की स्थिति में हैं या कांग्रेस उनको इतनी छूट दिए हुए है। यह बड़ी बात ये है कि एक कार्यकर्ता कहे कि मैं यहाँ भी लडूंगा, वहाँ भी लड़ सकता हूँ और वहाँ भी लड़ सकता हूँ। उस पर ये दावा कि जहाँ भी लड़ाओगे मैं वहाँ जीत सकता हूँ। लेकिन इस पर मेरा यह मानना है कि यह दावा सामान्य तौर पर किसी को करना नहीं चाहिए। जहां तक सवाल है हरक सिंह का तो वे पहले भी चुनाव हारे हैं। वे पहले विधानसभा भी हारे हैं, तो वह लोकसभा भी हारे हैं और पिछली बार लैंसडाउन में अपने पुत्रवधू को लड़ा रहे थे, अप्रत्यक्ष रूप से लड़ तो वही रहे थे, वहाँ भी चुनाव हारे हैं। वहीं व्यंग किया कि इसीलिए शायद उन्होंने 99 फीसदी जीत का दावा किया। 1 फीसदी हार के लिए गुंजाइश उन्होंने छोड़ी भी है कि कहीं अगर हारेंगे तो कहेंगे, तो कहेंगे मैंने पहले ही कहा था, हार भी सकते हैं।

    गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. हर​क सिंह ने बीते दिनों दावा किया कि उन्होंने फैसला हाईकमान पर छोडा है और पार्टी उन्हें किसी भी सीट पर चुनाव लडाने के लिए कहेगी वह बडे अंतर से जीत हासिल करेंगे,क्योंकि वह महज दस दिन में ही चुनाव का प्रवंधन कर लडते हैं और जनता का पूरा आशीर्वाद उन्हें मिलता रहा है।