Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • मेडिकल कालेज को लेकर विधायक और स्वास्थ्य मंत्री के बीच “रार” मे सीएम ने दिया दखल

    मेडिकल कालेज को लेकर विधायक और स्वास्थ्य मंत्री के बीच “रार” मे सीएम ने दिया दखल

    स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और विधायक किशोर उपाध्याय के साथ की मंत्रणा

    देहरादून। नई टिहरी में प्रस्तावित मेडिकल कालेज की कथित शिफ्टिंग को लेकर हुए विवाद के बीच स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। विधायक और स्वास्थ्य मंत्री की सीएम से भेंट को सीएम के मामले मे दखल और विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

    गौरतलब है कि मेडिकल कालेज की शिफ्टिंग को लेकर विधायक  किशोर उपाध्याय की मंत्री सुबोध उनियाल को दी गयी चेतावनी और फिर नई टिहरी की जनता का सड़कों पर स्वास्थ्य मंत्री के विरोध से हो रही किरकिरी ने सत्तारूढ़ दल असहज था। किशोर ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया था कि वे टिहरी विधानसभा के लिए प्रस्तावित मेडिकल कालेज को अन्यत्र शिफ्ट करना चाहते हैं। किशोर ने गम्भीर परिणाम भुगतने की धमकी भो दे डाली थी।

    शनिवार को पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास  पर  स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल तथा टिहरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर उपाध्याय ने शिष्टाचार भेंट के दौरान टिहरी जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी जैसे महत्वपूर्ण एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा संस्थान की स्थापना न केवल स्थानीय जनता के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि पूरे गढ़वाल मंडल के स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनभावनाओं एवं क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप इस दिशा में सकारात्मक एवं ठोस कदम आगे बढ़ाएगी।

    मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार एवं आधुनिकीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के दूरस्थ, पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों तक भी विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार व्यवस्था प्रभावी रूप से पहुंच सके। इसके लिए चिकित्सा अवसंरचना के विकास, मेडिकल एवं नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

    स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने मुख्यमंत्री को टिहरी जनपद की स्वास्थ्य आवश्यकताओं, चिकित्सा शिक्षा के विस्तार तथा मेडिकल कॉलेज स्थापना से संबंधित प्रस्तावों एवं संभावनाओं की जानकारी दी। विधायक किशोर उपाध्याय ने भी टिहरी क्षेत्र की जनभावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए मेडिकल कॉलेज की स्थापना को क्षेत्र की दीर्घकालिक आवश्यकता बताया।

    मुख्यमंत्री ने दोनों जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों एवं प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक एवं जनोन्मुख बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है तथा इस दिशा में आवश्यक सभी कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।

  • सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन है शिखर पर टिके रहना: पांडेय

     31 स्कूलों के टॉपर्स बच्चों को किया सम्मानित

    देहरादून। आईसीएसई एवं सीबीएसई स्कूल के टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा कि सफलताएं प्राप्त करने से भी कठिन उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है।

    आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरी एवं डीआईटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित छठें टॉपर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने टॉपर्स बच्चों की सफलता पर अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चे की सफलता के पीछे अध्यापक के साथ-साथ अभिभावकों का भी बहुत योगदान होता है। टॉपर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि अभी तो जीवन शुरू हुआ है, आपको कई लक्ष्यों पर विजय प्राप्त करनी है। उन्होंने कहा कि सफलताएं प्राप्त करने से भी अधिक उन सफलताओं के शिखर पर टिके रहना है। उन्होंने कहा कि भले आपने क्लास या स्कूल टॉप किया हो लेकिन जीवन में अपने दोस्तों का साथ कभी नहीं छोड़ना भले ही आपका दोस्त फेल ही क्यों ना हो गया हो। दोस्त स्कूली जीवन में ही बनते है। आज ऐसे लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो जीवन में एकाकी हैं, उनका कोई दोस्त नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस के इस युग में जिसके पास मौलिकता होगी, वही आगे बढ़ेगा। टेक्नोलॉजी का उपयोग करें लेकिन लाइफ लॉन्ग लर्निंग पर हमेशा फोकस करके रखें।

    डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी रघुराम ने टॉपर्स स्टूडेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज आप 21वीं सदी की संताने हैं। आज शिक्षा प्राप्त करने के बहुत सारे अवसर उपलब्ध हैं। आपने कहां से पढ़ा ये अब मायने नहीं रखता, आपने क्या पढ़ा, कितना पढ़ा और किस गहराई के साथ नॉलेज प्राप्त की यह महत्व रखता है।

    आईआईपी के निदेशक डॉ हरेंद्र सिंह बिष्ट ने एक कविता के माध्यम से संदेश दिया कि देश के प्रधानमंत्री ने एक विजन दिया है कि 2047 तक भारत विकसित देश होगा। उन्होंने कहा कि आज इस हाल में उपस्थित टापर्स ही इस देश के कर्णधार है, आप ही आगे चलकर भारत को विकसित देश बनाएंगे।

    टॉपर्स कॉन्क्लेव में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के 306 बच्चों को गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल और ब्रॉन्ज मेडल तथा अवार्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 31 स्कूलों को बेस्ट स्कूल के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो- (डॉ-) दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून से पढ़ने वाले वाले बच्चे का सौभाग्य है कि देहरादून में 30 से अधिक देश के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थान है। अगले वर्ष तक देश की पांचवी साइंस सिटी भी देहरादून में शीघ्र बनकर तैयार होने वाली है। आपको ऐसे सभी संस्थाओं को घूमना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के चलते आज राष्ट्र निर्माण के लिए आप जैसे उत्कृष्ट छात्रों की देश को जरूरत है।

    31 स्कूलों को मिला बेस्ट स्कूल का अवॉर्ड
    1. वाइनबर्ग एलन स्कूल, 2. एन मैरी स्कूल, 3. ब्राइटलैंड्स स्कूल, 4. कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी, 5. सेंट जोसेफ्स एकेडमी, 6. कैम्ब्रियन हॉल, 7. द टोंस ब्रिज स्कूल, 8. दून इंटरनेशनल स्कूल, 9. श्री राम सेंटेनियल स्कूल, 10. इकोल ग्लोबल इंटरनेशनल गर्ल्स स्कूल, 11. कासिगा स्कूल, 12. द एशियन स्कूल, 13. शिक्षणकुर द ग्लोबल स्कूल, 14. बिड़ला ओपन माइंड, 15. कारमैन रेजिडेंशियल एंड डे स्कूल, 16. द दून वैली इंटरनेशनल स्कूल, 17. सनराइज एकेडमी, 18. द पेस्टल वीड स्कूल, 19. सेंट कबीर एकेडमी, 20. चिल्ड्रन्स एकेडमी, 21. वंटेज हॉल गर्ल्स रेजिडेंशियल स्कूल, 22. दून डिफेंस एकेडमी, 23. एस.एन. मेमोरियल पब्लिक स्कूल, 24. एसजीआरआर एजुकेशन मिशन, एसजीआरआर पब्लिक स्कूल्स देहरादून-, 25. ब्रिस्टल पब्लिक स्कूल, 26. द सेपिएंस स्कूल विकास नगर, 27. द सेपिएंस स्कूल, हर्बर्टपुर, 28. दून सैनिक स्कूल, 29. द इंडियन पब्लिक स्कूल, 30. हिम ज्योति स्कूल, 31. द मोंटेसरी स्कूल

  • करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश में फरार आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार

    करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश में फरार आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार

    देहरादून। दून पुलिस ने भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत करोड़ों रुपये की भूमि हड़पने के षड्यंत्र में शामिल एक फरार आरोपी को सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। आरोपित पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी अधिकार पत्र के आधार पर भूमि पर स्टे लेने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

    जानकारी के अनुसार पटेलनगर निवासी राहुल देव ने कोतवाली पटेलनगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे दादा स्व.केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में वसीयत के माध्यम से संपत्ति उनके नाम की थी। वर्ष 2016 में उनके निधन के बाद वर्ष 2024 में वसीयत के आधार पर संपत्ति उनके नाम दर्ज कराई गई थी।

    शिकायतकर्ता को वर्ष 2026 में भूमि की फर्द निकलवाने पर पता चला कि बबीता देवी पत्नी टेक सिंह ने अपने साथियों राजकमल पुत्र रामपाल और मोहम्मद इनाम कुरैशी के साथ मिलकर वर्ष 2025 में स्व. केवल कृष्ण के नाम से कूटरचित अधिकार पत्र/एटार्नी तैयार कराई। आरोप है कि मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उक्त भूमि पर स्टे लेने के लिए आपत्ति पत्र प्रस्तुत किया गया था।

    मामले में पुलिस ने 17 अप्रैल 2026 को कोतवाली पटेलनगर में बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। विवेचना के दौरान पुलिस ने रजिस्ट्री कार्यालय,राजस्व विभाग और बैंकों से संबंधित दस्तावेज जुटाए। इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य आरोपित बबीता देवी को पूर्व में 1 जून 2026 को सहारनपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

    अन्य आरोपित राजकमल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इसी क्रम में 31 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने राजकमल पुत्र स्व.रामपाल को जय कॉलोनी, सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार आरोपी राजकमल (53) निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश है। पुलिस के अनुसार मामले में पूर्व में गिरफ्तार बबीता देवी (52) निवासी सहारनपुर को जेल भेजा जा चुका है।

  • मसूरी के कब्रगाह परिसर मे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बवाल, विरोध में हाईवे जाम

    मसूरी के कब्रगाह परिसर मे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से बवाल, विरोध में हाईवे जाम

    मुस्लिम समुदाय ने कहा- कई साल पुराना अंतिम नमाज स्थल तोड़ा

    प्रशासन बोला- पालिका भूमि पर था अतिक्रमण, तीन नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

    मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को कब्रगाह परिसर में बने एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर उतर आए और देहरादून-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को एकतरफा और धार्मिक भावनाओं के विपरीत बताया। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है और अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की, जिसके बाद जाम खुलवाया गया और यातायात सामान्य कराया गया। हालांकि घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी रही।

    मुस्लिम समुदाय का तर्क, मस्जिद नहीं, अंतिम नमाज का स्थान

    प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों का कहना है कि जिस ढांचे को हटाया गया, उसे प्रशासन गलत तरीके से मस्जिद बता रहा है। उनका दावा है कि यह नियमित नमाज के लिए इस्तेमाल होने वाली मस्जिद नहीं थी, बल्कि कब्रगाह परिसर में बना एक टीनशेड था, जहां किसी मुस्लिम की मृत्यु होने पर दफन से पहले नमाज-ए-जनाजा (अंतिम नमाज) अदा की जाती थी। समुदाय के लोगों का कहना है कि यह स्थल करीब 200 वर्ष पुराना है और यहां उनके पूर्वजों की कब्रें मौजूद हैं। उनका आरोप है कि बिना उनकी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किए प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा को समाप्त करने का प्रयास किया।

    सरकार पर पक्षपात का आरोप

    प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यदि यह भूमि वास्तव में सरकारी थी तो पिछले कई वर्षों में इस पर कभी कोई विवाद या कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में प्रशासन को पहले समुदाय के साथ संवाद करना चाहिए था। उन्होंने प्रदेश सरकार पर अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि मामले का न्यायपूर्ण समाधान नहीं निकाला गया तो वे लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे।

    कुछ देर थमा हाईवे का यातायात

    कार्रवाई के विरोध में लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद यातायात दोबारा सुचारु हो सका।

    पालिका की भूमि पर था अतिक्रमण: एसडीएम

    मामले में एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने कहा कि संबंधित भूमि की संयुक्त जांच कराई गई थी। जांच में राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति या समुदाय के स्वामित्व में है, बल्कि यह नगर पालिका परिषद मसूरी की संपत्ति है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया गया था, लेकिन नोटिसों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।

     अपने-अपने दावों पर कायम हैं दोनों पक्ष

    एक ओर मुस्लिम समुदाय इस कार्रवाई को धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए इसे अन्यायपूर्ण करार दे रहा है, वहीं प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह अतिक्रमण हटाने की नियमित कार्रवाई थी, जिसका किसी धर्म विशेष से संबंध नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुस्लिम समुदाय के लोग नाहिद परवीन, निवासी मसूरी ने कहा कि प्रशासन ने जिस ढांचे को हटाया है, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से कब्रगाह परिसर में अंतिम नमाज (नमाज-ए-जनाजा) के लिए उपयोग होने वाला स्थान था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। सुझाना ने कहा कि यह स्थल कई वर्ष पुराना है और यहां उनके पूर्वज दफन हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को कोई आपत्ति थी तो पहले समुदाय के साथ बातचीत कर समाधान निकाला जाना चाहिए था। कामिल अली ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना समुदाय का पक्ष सुने कार्रवाई कर दी। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। दानिश खान ने कहा कि जिस स्थान को प्रशासन मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए इस्तेमाल नहीं होता था, बल्कि अंतिम संस्कार के बाद नमाज-ए-जनाजा अदा करने का स्थान था। उन्होंने कहा कि समुदाय अपने अधिकारों की लड़ाई कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेगा। इसरार अहमद ने कहा कि यदि भूमि को लेकर कोई विवाद था तो प्रशासन को पहले सभी पक्षों के साथ बैठकर समाधान निकालना चाहिए था। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर बुलडोजर चलाने से लोगों में आक्रोश पैदा हुआ है।

    कारवाई पर प्रशासन के तर्क

    एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि संयुक्त जांच में संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद मसूरी की पाई गई। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों की जांच के बाद तीन बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिसों का पालन नहीं होने पर नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने पूरी कार्रवाई कानून के अनुसार की है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।

  • राष्ट्रपति भवन के एट होम रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन

    राष्ट्रपति भवन के एट होम रिसेप्शन के लिए अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी का चयन

    देशभर से कुल पांच युवा आपदा मित्र कैडेट्स का हुआ है चयन

    देहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एट होम रिसेप्शन में उत्तराखण्ड से गर्विता भाकुनी का चयन हुआ है। गर्विता लोअर मॉल रोड, अल्मोड़ा की निवासी हैं, जो इस महत्वपूर्ण समारोह में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। देशभर से कुल पांच युवा आपदा मित्र कैडेट्स का चयन किया गया है, जिसमें गर्विता भी हैं।
    गर्विता भाकुनी राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की युवा आपदा मित्र कैडेट हैं। उत्तराखण्ड के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम तथा नागालैंड से एक-एक युवा आपदा मित्र कैडेट काद इस समारोह हेतु चयन किया गया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्विता भाकुनी को इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखण्ड के युवाओं की सेवा भावना, अनुशासन एवं आपदा प्रबंधन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में समुदाय ही सबसे पहला प्रतिक्रियादाता होता है। यदि स्थानीय समुदाय और युवा प्रशिक्षित हों तो राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी, त्वरित और सुरक्षित ढंग से किए जा सकते हैं।
    इसी सोच के साथ राज्य सरकार युवाओं को आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ रही है, ताकि वे संकट की घड़ी में समाज की सहायता करने के साथ-साथ आपदा जोखिम को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क भविष्य की चुनौतियों से निपटने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा तथा समाज में आपदा सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।
    सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड में 4,310 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इनमें राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), मेरा युवा भारत (एमवाईबी) तथा भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 2,700 युवाओं को आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, निकासी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सामुदायिक जागरूकता तथा आपदा जोखिम न्यूनीकरण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य युवाओं को प्रशिक्षित कर ऐसा सक्षम स्वयंसेवी नेटवर्क तैयार करना है, जो आपदा से पहले जागरूकता फैलाने, आपदा के दौरान प्रशासन के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग करने तथा आपदा के बाद पुनर्वास एवं सामुदायिक सहायता में सक्रिय भूमिका निभा सके।

    उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करना सम्मान की बात-गर्विता
    गर्विता भाकुनी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम रिसेप्शन में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत गौरव और सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र के रूप में प्राप्त प्रशिक्षण ने मुझे समाज की सेवा करने का आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का एहसास कराया है। मैं भविष्य में भी आपदा प्रबंधन एवं जनसेवा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहूंगी और अन्य युवाओं को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करूंगी।

  • शृष्टि कंडारी मौत के मामले मे नामजद पति और ननद गिरफ्तार

    शृष्टि कंडारी मौत के मामले मे नामजद पति और ननद गिरफ्तार

    देहरादून। डोईवाला क्षेत्र में नवविवाहिता सृष्टि कंडारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी सृष्टि कंडारी के पति और ननद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को शनिवार को हर्रावाला स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया।

    गौरतलब है कि 29 जुलाई 2026 को शिक्षिका सृष्टि कंडारी की मां सीमा कंडारी, निवासी श्रीकोट श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल ने कोतवाली डोईवाला में दी गयी तहरीर मे कहा कि उनकी बेटी सृष्टि कंडारी का विवाह नवंबर 2025 में सौरभ खत्री (निवासी हर्रावाला) से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करता था. इसी प्रताड़ना के चलते उसकी हत्या कर दी गई।

    तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति सौरभ खत्री, सास परवीना देवी और ननद सुरभि खत्री उर्फ चारू के खिलाफ बीएनएस की धारा 80(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। सीओ डोईवाला वंदना वर्मा को मामले की विवेचना सौंपी गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने सृष्टि कंडारी की मां और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए। इसी दौरान सृष्टि कंडारी की मां ने पुलिस को एक वीडियो उपलब्ध कराया, जिसे सृष्टि ने घटना से पहले भेजा था। वीडियो में उसने शादी के बाद से ससुराल पक्ष द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने की बात कही थी। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

    पुलिस टीम ने आज मुख्य आरोपी सौरभ खत्री और उसकी बहन सुरभि खत्री उर्फ चारू को हर्रावाला स्थित लक्ष्मण एन्क्लेव से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। मामले में नामजद सास की भूमिका की भी जांच जारी है।

    सचिवालय मे निजी सचिव के पद पर तैनात है पति

    मृतका को “मनहूस” कहकर प्रताड़ित करने का आरोप

    हर्रावाला में रहने वाली टिहरी जिले में तैनात शिक्षिका सृष्टि कंडारी की संदिग्ध परिस्थितियों मे हुई मौत के बाद परिजनों की शिकायत पर पति माँ और बहिन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। शृष्टि की शादी के मात्र आठ महीने बाद हुई संदिग्ध मौत के मामले में सचिवालय में निजी सचिव के पद पर तैनात पति, मां व बहन पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

    गौरतलब है कि सृष्टि की 29 जुलाई को रहस्यमय तरीके से मौत हो गयी थी। 29 जुलाई की रात पोस्ट मार्टम होने के बाद 30 जुलाई की दोपहर हरिद्वार के खड़खड़ी शमशान घाट में सृष्टि का अंतिम संस्कार किया गया। सृष्टि की मां सीमा कंडारी की तहरीर पर डोईवाला थाने में बीएनएस की धारा 80 (2) के तहत 29 जुलाई को मामला दर्ज किया गया है।

    बताया जाता है कि सृष्टि ने मौत से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा भी व्यक्त की। उसने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। वीडियो बनाने के बाद सृष्टि की तबियत बिगड़ने पर ससुराली कैलाश हॉस्पिटल ले गए। जहां चिकित्सकों ने सृष्टि को मृत घोषित कर दिया। वीडियो मे श्रृष्टि ने ससुरलियों द्वारा उसे मनहूस कहने और उसके आने के बाद परिवार पर विपदा आने जैसे कई आरोप लगाकर उत्पीड़न किये जाने की बात कही।

    राजकीय इंटर कालेज रिगोली (मल्ली), विकासखण्ड कीर्तिनगर, टिहरी गढ़वाल में तैनात सृष्टि का नवंबर 2025 में दून निवासी सौरभ खत्री के साथ विवाह हुआ था। सृष्टि का पति सौरभ खत्री सचिवालय में निजी सचिव के पद पर है।

    तहरीर के अनुसार, ससुराल पक्ष द्वारा सृष्टि से कहा जाता था कि उसके घर आने के बाद परिवार में अशुभ घटनाएं होने लगी हैं और उसके कारण ही परिवार के एक सदस्य की मृत्यु हुई। बताया जाता है कि शादी के कुछ ही महीनो बाद सृष्टि के ससुर का देहांत हो गया था। उसके लिए भी सृष्टि को कोसा जा रहा था।

    मृतका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी ने कई बार फोन पर उन्हें अपनी प्रताड़ना के बारे में बताया था। सीमा कंडारी ने अपनी तहरीर में कहा है कि 29 जुलाई को उनकी बेटी की हत्या कर दी गई और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस घटना में पति सौरभ खत्री, उसकी मां, बहन तथा अन्य परिजनों की भूमिका है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

     

  • चंडीगढ़ से गंगा जल लेने आये 4 कांवड़ियों की डूबने से मौत

    चंडीगढ़ से गंगा जल लेने आये 4 कांवड़ियों की डूबने से मौत

    हरिद्वार। चंडीगढ़ से गंगा जल लेने हरिद्वार आये 4 कांवड़ियों की गंगा मे डूबने से मौत हो गयी। सभी मृतकों की उम्र 18 से 20 के लगभग है।

    बताया जा रहा है कि सभी कांवड़िए चंडीगढ़ से एक ग्रुप के साथ गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे थे। जटवाड़ा पुल के पास नहाने के दौरान एक कांवड़िया गंगनहर में फंसकर डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अन्य किशोर भी गड्ढे में गए, लेकिन वो भी गहराई को भांप नहीं सके. देखते ही देखते चारों पानी में लापता हो गए।

    मामले की सूचना मिलते ही जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं. काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद चारों कांवड़ियों के शव गंगनहर से बरामद कर लिए गए। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है. हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दे दी गई है।

    जिला अस्पताल पहुंचे कांवड़िए साहिल (24 वर्ष) ने बताया कि उनके ग्रुप में करीब 20 कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार आए थे। हरकी पैड़ी से गंगाजल भरकर पूरा ग्रुप चंडीगढ़ के लिए रवाना भी हो गया था, लेकिन कुछ साथी आगे पीछे हो गए। इतने में ही जटवाड़ा पुल के पास कुछ साथी गंगनहर में नहाने लगे. गंगनहर में नहाते समय उनका एक साथी गंगनहर में आगे जाकर नहा रहा था. अचानक से वो गड्ढे में पानी में डूबने लगा. उसे बचाने के लिए बाकी तीन साथी भी गड्ढे में कूद गए. गड्ढे में मिट्टी में चारों धंस गए और बाहर नहीं निकल पाए।

    गौरतलब है कि 30 जुलाई से शुरू हुए कांवड़ मेले इस बार चार करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों के आने की उम्मीद लगायी जा रही है और प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी की है। किसी अनहोनी से बचने के लिए पुलिस-प्रशासन की तरफ हरिद्वार के तमाम गंगा घाटों पर जल पुलिस के जवानों को तैनात किया हुआ है।

  • टिहरी मे पुलिस कर्मियों को शासन ने दी निःशुल्क भूमि आवंटन की स्वीकृति

    देहरादून। राज्य सरकार पुलिस कर्मियों के कल्याण और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने जनपद टिहरी गढ़वाल के अंतर्गत पुलिस विभाग को आवंटित आवासीय भवन संख्या-12, सी-ब्लॉक टाइप-3 के समीप स्थित 90 वर्गमीटर रिक्त भूमि को पुलिस विभाग के कल्याणार्थ निःशुल्क आवंटित किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    इस संबंध में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जिलाधिकारी एवं पुनर्वास निदेशक, टिहरी बांध परियोजना, नई टिहरी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन ने निर्देशित किया है कि नियमानुसार भूमि का निःशुल्क आवंटन सुनिश्चित करते हुए की गई कार्रवाई से शासन को भी अवगत कराया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा है कि इससे पुलिस विभाग को आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास में सहायता मिलेगी तथा पुलिस कर्मियों के कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।

  • राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे 12वीं बधिर शतरंज चैंपियनशिप के विजेता

    राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे 12वीं बधिर शतरंज चैंपियनशिप के विजेता

    रुड़की,(अनिल पुंडीर): देहरादून में हाल ही में आयोजित 12वीं राज्य बधिर शतरंज चैंपियनशिप में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों के शतरंज खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन के आधार पर चयनित खिलाड़ी 17 से 21 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय बधिर शतरंज चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।अधिकारियों के अनुसार, देहरादून में उत्तराखंड स्पोर्ट्स सोसाइटी ऑफ द डेफ (यूएसडी) द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप का उद्देश्य राज्य भर के श्रवण बाधित खिलाड़ियों के बीच शतरंज को बढ़ावा देना और आगामी राष्ट्रीय बधिर शतरंज चैंपियनशिप के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करना था।

    अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जिलों के खिलाड़ियों ने पूरे आयोजन के दौरान उत्साह और अनुशासन का प्रदर्शन करते हुए भाग लिया।”उन्होंने बताया कि सीनियर वर्ग में चैंपियनशिप जीतने वालों में गीतेश तिवारी शामिल हैं, जिन्होंने लड़कों के वर्ग में 11/13 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, और यश अग्रवाल ने 10/13 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। लड़कियों के वर्ग में, अदिति जुयाल ने 2/14 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, उसके बाद हिमानी जोशी 1/14 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। जूनियर वर्ग में, आदित्य सिंह 6.5/7 अंकों के साथ लड़कों के वर्ग में विजेता बने। देवांश ने 5.5/8 अंकों के साथ दूसरा स्थान और अभय प्रकाश ने 5/7 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।लड़कियों के वर्ग में, अपूर्वा नौटियाल ने 1/7 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया।सब- जूनियर वर्ग में, उमर मियां ने 8.5/11 अंकों के साथ लड़कों के वर्ग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। ओजस डोभाल ने 8/11 अंकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि विकास जांगू ने 7.5/11 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। लड़कियों के वर्ग में, गुंजन मालविया ने 4/9 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया, उसके बाद अनुश्रुति अकादमी फॉर दा डेफ, आईआईटी रुड़की की प्रिया पुंडीर 1/9 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। यूएसएड ने सभी विजेताओं और प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी और चयनित खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री की चपेट मे आकर फिसली होटल व्यवसायी की बाइक,मौत

    सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री की चपेट मे आकर फिसली होटल व्यवसायी की बाइक,मौत

    रामनगर। सड़क पर निर्माण कार्य के लिए पड़ी रेता-बजरी की चपेट में आई बाइक के फिसलने से एक युवा होटल कारोबारी की मौत हो गयी।

    जानकारी के अनुसार कोटाबाग निवासी पर्यटन व्यवसायी ललित महरा (30 वर्ष) वर्तमान में रामनगर के कानिया क्षेत्र में रहकर ग्राम सेमलखलिया में 18 कमरों का एक होटल संचालित करता था। बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे ललित अपने होटल से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कानिया क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे डाली गई रेता-बजरी की वजह से ललित की बाइक का संतुलन बिगड़ने से फिसलकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना गंभीर था कि ललित महरा को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल उठाकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि ललित के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जिसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। मामले में पुलिस को अभी कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। पुलिस पूरे मामले की अपने स्तर से जांच में जुटी है।