Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 5 समिति गठित

    कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित प्रदेश कार्यकारिणी घोषित, 5 समिति गठित

    देहरादून। चुनाव से कुछ समय पहले प्रदेश मे टीम गणेश गोदियाल घोषित कर दी गयी है। इसके साथ ही बहुप्रतीक्षित उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव के. सी वेणुगोपाल द्वारा जारी सूची मे उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्षों, महासचिवों और सचिवों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई कार्यकारिणी में  24 नेताओं को प्रदेश उपाध्यक्ष, 36 नेताओं को प्रदेश महासचिव और 107 नेताओं को प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। कांग्रेस ने इस नई कार्यकारिणी में संगठन को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा नेताओं को भी टीम में शामिल किया है।

    चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने को लेकर पांच समितियों का गठन किया है। इसमें पीसीसी के कार्यकारिणी समिति, घोषणापत्र समिति, अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, एसआईआर समिति और चार्जशीट कमेटी के गठन के प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी है. पीसीसी की कार्यकारिणी समिति में 41 नेताओं को शामिल किया गया है।

  • सास को परिवार का हिस्सा न मानने वाले विभागीय दावे पर उठे सवाल

    सास को परिवार का हिस्सा न मानने वाले विभागीय दावे पर उठे सवाल

    हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका के बाद मिला प्रत्यावेदन का अवसर

    देहरादून। पशुपालन विभाग के प्रभारी निदेशक डॉ. उदय शंकर आर्या द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल काउंटर एफिडेविट को लेकर नया विवाद सामने आया है। अधिवक्ता आई.डी. पालीवाल ने दावा किया है कि विभाग की ओर से न्यायालय में प्रस्तुत किया गया यह पक्ष तथ्यात्मक रूप से गलत था, जिसके चलते उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पुनर्विचार याचिका के माध्यम से वास्तविक स्थिति रखी।

    मामला पशुपालन विभाग में कार्यरत डॉ. छवि चौधरी के स्थानांतरण से जुड़ा है। डॉ. चौधरी ने स्थानांतरण में छूट की मांग करते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उनकी सास गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, इसलिए उन्हें स्थानांतरण नीति के तहत राहत प्रदान की जाए।

    बताया गया कि विभाग की ओर से दाखिल काउंटर एफिडेविट में यह कहा गया कि सास परिवार का हिस्सा नहीं होती हैं तथा डॉ. छवि चौधरी ने न्यायालय को भ्रमित करने के उद्देश्य से अपनी सास को परिजन के रूप में प्रस्तुत किया है।


    अधिवक्ता आई.डी. पालीवाल ने पुनर्विचार याचिका में मुख्य न्यायाधीश को अवगत कराया कि स्थानांतरण नीति में माता एवं सास, दोनों के गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की स्थिति में स्थानांतरण से छूट का प्रावधान मौजूद है। उनके अनुसार विभाग द्वारा प्रस्तुत पक्ष नीति के अनुरूप नहीं था।


    पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. छवि चौधरी को अपनी विषम परिस्थितियों का विस्तृत प्रत्यावेदन विभाग के सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। अब विभागीय स्तर पर इस प्रत्यावेदन पर नियमानुसार निर्णय लिया जाना शेष है।

  • मंच पर सैनिकों के लिए स्थान नहीं, सम्मान का ढोंग कर रही कांग्रेस: कोठियाल

    मंच पर सैनिकों के लिए स्थान नहीं, सम्मान का ढोंग कर रही कांग्रेस: कोठियाल

    सैनिकों के अपमान पर तत्काल माफी मांगे कांग्रेस

    देहरादून। पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कर्नल कोठियाल ने कांग्रेस पार्टी पर पूर्व सैनिकों के अपमान का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के नाम पर बुलाई गई पत्रकार वार्ता में जिस तरह से पूर्व सैनिकों के साथ अनुचित व्यवहार कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया, वह घोर निन्दनीय है। इस कार्यक्रम की तस्वीरों ने कांग्रेस का सेना विरोधी दोहरा चरित्र एक बार फिर जनता के सामने उजागर कर दिया है।

    उन्होंने कांग्रेस की पत्रकार वार्ता की तस्वीरों को वीर सैनिकों का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह वार्ता मूल रूप से पूर्व सैनिकों के विषय पर आयोजित की गई थी। लेकिन तस्वीरों में साफ दिखाई दिया कि मंच पर केवल कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष के अलावा सभी कुर्सियां पर पार्टी नेता और प्रवक्ता जमे हुए थे। हैरानी है कि जिन पूर्व सैनिकों के नाम पर यह कार्यक्रम रचा गया था, वे पीछे हाथ बांधे खड़े रहने को मजबूर नजर आए। यहाँ गभीर सवाल उठता है कि जब कार्यक्रम सैनिकों के सम्मान और उनके विषयों पर केंद्रित था, तो मंच पर कुर्सियां कांग्रेस नेताओं को नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले पूर्व सैनिकों को मिलनी चाहिए थी। कांग्रेस अपने मंच पर सैनिकों को बैठने तक की जगह नहीं दे सकती वह सैनिकों के ही कार्यक्रम में किस मुंह से सैनिकों के सम्मान का दावा करती है?

    उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अग्निवीरों और सैनिकों के भविष्य को लेकर झूठ और भ्रम फैला रही है। वहीं दूसरी तरफ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार, सेना के आधुनिकीकरण, सीमाओं की सुरक्षा और सैनिकों के कल्याण के लिए ऐतिहासिक कदम उठा रही है। अग्निवीर योजना के माध्यम से देश की युवा शक्ति को प्रशिक्षित और अनुशासित बनाते हुए उनके भविष्य को भी सुरक्षित किया जा रहा है।

    उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अग्निवीरों के सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रदेश की सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का प्रावधान किया है। इसके साथ ही, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के माध्यम से अग्निवीरों को भविष्य की अन्य नौकरियों और स्वरोजगार/व्यवसाय के लिए पूरी तरह तैयार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि आज केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते हुए हथियारों का प्रमुख निर्यातक बन रहा है। दशकों से लंबित वन रैंक, वन पेंशन को भाजपा सरकार ने लागू कर सैनिकों के सम्मान का संकल्प पूरा किया।

    ​ उन्होंने कांग्रेस के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि उनके शासनकाल में सेना के आधुनिकीकरण और सैनिकों की सुरक्षा दोनों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। कांग्रेस सरकार तो सैनिकों के लिए आवश्यक बुलेटप्रूफ जैकेट और आधुनिक हथियार तक देना जरूरी नहीं मानती थी। दशकों से लंबित पूर्व सैनिकों की ‘वन रैंक वन पेंशन’ (OROP) की मांग को दबाकर रखा गया, जिसे भाजपा सरकार ने लागू कर पूर्व सैनिकों का हक दिया। कांग्रेस शासन में शहीदों को सम्मान देना तो दूर, उनके पार्थिव शरीर को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके घर तक पहुंचाना भी जरूरी नहीं समझा जाता था।

  • अग्निवीर योजना के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, बताया सुरक्षा से खिलवाड़

    अग्निवीर योजना के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, बताया सुरक्षा से खिलवाड़

    देहरादून। कांग्रेस के भूतपूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ने आज आक्रोश रैली निकाल कर अग्निवीर योजना विरोध में प्रदर्शन किया। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि ये योजना राष्ट्रीय सुरक्षा और वीरभूमि के युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात है।

    गुरुवार को कर्नल रोहित चौधरी और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत के नेतृत्व में अग्निवीर योजना के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। रैली में भारी संख्या में पूर्व सैनिक, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।

    इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सैनिक विभाग कर्नल रोहित चौधरी, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत,प्रदेश पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष सैनिक विभाग गोपाल गड़िया, बलबीर सिंह पंवार, वीपी ईसी एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट, आरपी ध्यानी, वीपी विचार विभाग, महेश कुकरेती , चेयरमैन एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट , प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, प्रवक्ता अभिनव थापर, महानगर अध्यक्ष डॉ जसविंदर सिंह गोगी, पूर्व प्रमुख अश्वनी बहुगुणा,सूरत सिंह नेगी, परवादून अशोक नेगि,चेयरमैन एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट ,शेखर सकलानी , वीपी एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट पछवादून श्रीजीत कृषाली , ब्लॉक अध्यक्ष एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट डोईवाला, संजय उपाध्याय ,वीपी एक्स सर्विसमैन डिपार्टमेंट पछवादून, मोहित उनियाल ,डीसीसी अध्यक्ष डोईवाला सोनिया आनंद रावत,सावित्री, प्रशांत खंडूरी, मनीष गोनियाल,यशपाल चौहान,वीरेंद्र पंवार,सूरज छेत्री, सहित कई अन्य गणमान्य पूर्व सैनिक, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

    इससे पहले कांग्रेस पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग (सैनिक प्रकोष्ठ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘अग्निवीर’ (अग्निपथ) भर्ती योजना देश की सैन्य परंपरा व सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि देवभूमि और वीरभूमि उत्तराखंड के युवाओं के मन में देशसेवा का जज़्बा है, लेकिन केंद्र सरकार की इस अल्पकालिक योजना ने उनके स्थायी भविष्य और सपनों को चकनाचूर कर दिया है। .उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से कांग्रेस समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल की यह योजना सेना की युद्धक क्षमता और मनोबल को कमजोर कर रही है। देश को ‘कॉन्ट्रैक्ट’ पर आधारित सेना नहीं, बल्कि स्थायी और प्रशिक्षित सैनिकों की आवश्यकता है।

    कांग्रेस का संकल्प है की सरकार आते इस युवा विरोधी और देश विरोधी योजना को खत्म करने का काम करेगी और सेना में पुरानी स्थायी भर्ती प्रक्रिया को पुनः बहाल किया जाएगा।

    कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड का हर दूसरा परिवार भारतीय सेना से जुड़ा है। केंद्र सरकार की इस गलत नीति के कारण हमारे राज्य का युवा हताश और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। मात्र 4 साल की नौकरी देकर सरकार युवाओं को अधर में लटका रही है। कांग्रेस राज्य के युवाओं के अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।

     

     

  • बरसाती नाले मे बहा पुल, लोग घरों मे फंसे, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

    बरसाती नाले मे बहा पुल, लोग घरों मे फंसे, एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

    नेलचामी रोड बैलगढ़ी टिहरी गढ़वाल में बढ़े नाले के जलस्तर के बीच SDRF ने महिला को सकुशल कराया पार

    टिहरी। बारिश से नदी नालों के उफान पर आने से लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नही ले रही है। थाना घनसाली जनपद टिहरी गढ़वाल से SDRF पोस्ट घनसाली को सूचना प्राप्त हुई कि नेलचामी रोड स्थित बैलगढ़ी गांव में लगातार हो रही वर्षा के कारण बरसाती नाले का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से कुछ महिलाओं के फंसे होने की सूचना है। सूचना प्राप्त होते ही पोस्ट प्रभारी उप निरीक्षक गब्बर सिंह के नेतृत्व में SDRF टीम आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

    घटनास्थल पर पहुंचने पर पाया गया कि गांव के बीच बरसाती नाले पर बना पुल तेज बहाव में बह गया था, जिससे आवागमन बाधित हो गया था। नाले के दोनों ओर मकान स्थित थे तथा कुछ महिलाएं अपनी गौशालाओं एवं घरों में सुरक्षित थीं। मौके पर जिला पुलिस एवं तहसील प्रशासन भी उपस्थित था तथा क्षेत्र में लगातार वर्षा जारी थी।
    स्थिति का आकलन करने के उपरांत SDRF टीम ने रोप रेस्क्यू तकनीक का प्रयोग करते हुए श्रीमती विजयलक्ष्मी (55 वर्ष), पत्नी श्री गब्बर सिंह को सुरक्षित रूप से नाले के पार पहुंचाया। अन्य महिलाएं नाले के दूसरी ओर स्थित अपने घरों में सुरक्षित थीं तथा किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

  • आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज, मालदेवता में आवागमन सुरक्षित

    आपदा प्रभावित क्षेत्रों मे राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज, मालदेवता में आवागमन सुरक्षित

    सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता पूरा

    देहरादून। प्रदेश मे हो रही लगातार बारिश के बाद मालदेवता, सौड़ा सरौली तथा आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण, सुरक्षा दीवारों के निर्माण तथा नदी तटों के संरक्षण संबंधी कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाया जा रहा है।

    गत मंगलवार को हुई भारी वर्षा के कारण रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक सड़क मार्ग एवं सुरक्षा संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। स्थिति का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने के उपरांत जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से पुनर्स्थापन एवं सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप अधिकांश आवश्यक कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कर लिए गए हैं।

    जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थलों पर निर्मित सुरक्षा उपायों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सुरक्षा दीवारों पर लगाए गए जाल तथा अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि लगातार हो रही वर्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा स्थानीय नागरिकों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।

    लगातार वर्षा के कारण सोंग नदी के बढ़े जलस्तर से मालदेवता स्थित कलिंगा नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर का पुनर्निर्माण पूर्ण कर लिया है, जिससे किसानों को पुनः सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध होने लगा है। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा पोकलैंड एवं जेसीबी मशीनों के माध्यम से नदी का चौनलाइजेशन कार्य भी युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। नदी के बहाव को नियंत्रित करने तथा संभावित क्षति को कम करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन भी विभिन्न विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर संचालित कर रहा है।

    अपर जिलाधिकारी श्री के.के. मिश्रा ने बताया कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया गया है, जबकि मालदेवता क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्स्थापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग द्वारा कलिंगा नहर का पुनर्निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई जल की समस्या से राहत मिल गई है।

    जिलाधिकारी ने मानसून अवधि के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी जारी रखने तथा जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।

  • एमडीडीए बोर्ड बैठक में 25 विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी,  नियोजित विकास को मिलेगी रफ्तार

    एमडीडीए बोर्ड बैठक में 25 विकास प्रस्तावों को मिली मंजूरी,  नियोजित विकास को मिलेगी रफ्तार

    114वीं बोर्ड बैठक में लैण्ड पूलिंग, पर्यटन, होटल, औद्योगिक भवन और व्यावसायिक परियोजनाओं पर अहम फैसले, नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून।  मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 114वीं बोर्ड बैठक में शहर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास से जुड़े करीब 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए उन्हें नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें लैण्ड पूलिंग योजना, पर्यटन अवसंरचना, होटल, औद्योगिक भवन, रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन फैसलों से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

    लैण्ड पूलिंग योजना को मिलेगा विस्तार
    बैठक मे अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अनुमोदित किया। इसके पश्चात 114वीं बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। बैठक में विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर परगना पछवादून में एमडीडीए द्वारा लैण्ड पूलिंग योजना के तहत खरीदी गई भूमि के प्रथम चरण के लिए तैयार तलपट का भू-उपयोग निःशुल्क परिवर्तित किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसे बोर्ड ने नियमानुसार आगे बढ़ाने की अनुमति दी।

    पर्यटन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    बोर्ड बैठक में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी सहमति बनी। होटल, पर्यटन इकाई, रिटेल आउटलेट, औद्योगिक भवन, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट भवन निर्माण से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड ने सभी मामलों में नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से रोजगार, निवेश और आधुनिक शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा।

    नियोजित विकास पर रहा विशेष जोर

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि एमडीडीए का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है। इसी सोच के तहत सभी प्रस्तावों की तकनीकी और नियामकीय समीक्षा के बाद स्वीकृति दी गई, ताकि विकास कार्य पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ सकें।

    एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय क्षेत्र के संतुलित और नियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। लैण्ड पूलिंग सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्राधिकरण पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध कार्य संस्कृति के साथ विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आमजन को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

     

  • भारी बारिश की चेतावनी के बाद कल दून मे बन्द रहेंगे स्कूल

    भारी बारिश की चेतावनी के बाद कल दून मे बन्द रहेंगे स्कूल

    देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट

    मुख्यमंत्री ने दिए हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

    देहरादून। प्रदेश मे भारी बारिश की चेतावनी और देहरादून को ओरेंज अलर्ट की सूची मिलने के बाद कल देहरादून मे स्कूल बन्द रहेंगे।

    प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा आगामी दिनों के लिए जारी मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर वार्ता कर प्रदेश के विभिन्न जनपदों की स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने संभावित आपदा की किसी भी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य की सभी आपदा प्रबंधन एवं राहत एजेंसियों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

    माननीय मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय रहें तथा प्रत्येक घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जनहानि को रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसके लिए सभी अधिकारी पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।

    सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा गुरुवार के लिए देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट तथा राज्य के शेष जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग द्वारा कुछ स्थानों पर तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। ऐसी परिस्थितियों में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है तथा राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा प्रदेशभर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने प्रदेशवासियों एवं राज्य में आए पर्यटकों से अपील करते हुए कहा कि मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों को गंभीरता से लें तथा सावधान, सचेत एवं सतर्क रहें। अनावश्यक यात्रा से बचें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व मौसम एवं मार्ग की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

    सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों एवं राहत दलों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन एवं अधिकृत सरकारी माध्यमों से जारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें।

  • उत्तराखंड में ईपीएफओ के क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालय खोलने पर विचार करेगी केंद्र सरकार

    उत्तराखंड में ईपीएफओ के क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालय खोलने पर विचार करेगी केंद्र सरकार

    देहरादून। उत्तराखंड में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पृथक क्षेत्रीय एवं जिला कार्यालयों की स्थापना के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

    केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में बताया है कि ईपीएफओ कार्यालयों की स्थापना अथवा उन्नयन का निर्णय कार्यभार, कार्यक्षेत्र, कर्मचारियों की संख्या, प्रशासनिक आवश्यकता तथा सेवा वितरण की जरूरतों के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच कार्यभार के संतुलित वितरण और सेवा प्रदायगी की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से ईपीएफओ कार्यालयों का युक्तिकरण भी किया गया है।
    केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए सभी सुझावों और मांगों को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है तथा ईपीएफओ के प्रचलित मानकों एवं नीतियों के अनुरूप उन पर निश्चित रूप से विचार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में कर्मचारियों, पेंशनभोगियों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों को बेहतर और सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड में ईपीएफओ की सुविधाओं का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार राज्य के हितों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेगी।

  • थल सेनाध्यक्ष ने सेंट्रल कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों का लिया जायजा

    थल सेनाध्यक्ष ने सेंट्रल कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों का लिया जायजा

    लखनऊ। आर्मी स्टाफ़ के प्रमुख (COAS) जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त 2026 को सेंट्रल कमांड के अलग-अलग यूनिट्स का दो दिन का दौरा किया। इस दौरे का मकसद मौजूदा सुरक्षा हालात, ऑपरेशनल तैयारी और क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे कामों का जायज़ा लेना था।

    लखनऊ में सेंट्रल कमांड के हेडक्वार्टर में, COAS को कमांड की ऑपरेशनल स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, आधुनिकीकरण की कोशिशों और लड़ाई के लिए तैयारी को और मज़बूत करने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने उत्तर भारत क्षेत्र के हेडक्वार्टर का दौरा किया और कमांडरों व सैनिकों से बातचीत की।

    सभी रैंक के लोगों के साथ बातचीत के दौरान, COAS ने ज़ोर दिया कि ऑपरेशनल तैयारी, हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता और आत्मनिर्भरता ही सेना की असरदार कार्यक्षमता का आधार हैं। उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे सतर्क रहें, ऑपरेशन के लिए फुर्तीले रहें और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का असरदार ढंग से सामना करने के लिए तैयार रहें।

    COAS ने मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ (रिटायर्ड), कर्नल अरविंद सिंह कुशवाहा (रिटायर्ड), नायब सूबेदार राधे श्याम (रिटायर्ड) और रिसालदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) विजय कुमार (रिटायर्ड) को ‘योद्धा सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण, कृषि, खेल और पूर्व सैनिकों के कल्याण के क्षेत्रों में उनके बेहतरीन योगदान के लिए दिया गया। यह पुरस्कार सक्रिय सैन्य सेवा के बाद भी देश के प्रति सेवा और समर्पण की भावना का सम्मान करता है।

    इस दौरे से यह बात साफ़ हुई कि भारतीय सेना ऑपरेशनल तैयारी के ऊँचे स्तर को बनाए रखने और तकनीकी रूप से मज़बूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने पर लगातार ध्यान दे रही है।