Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • कई जिलों मे बादलों की ओट से निकली धूप, आसमान मे छाए रहे बादल

    कई जिलों मे बादलों की ओट से निकली धूप, आसमान मे छाए रहे बादल

    देहरादून। उत्तराखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के दौर की संभावना जताई गई है। हालांकि देहरादून सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार सुबह धूप बादलों की ओट से निकली। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा।

    बुधवार जारी मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। अन्य पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश और हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने 13 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज से अति तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    मौसम विभाग ने बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने, सड़क एवं राजमार्ग बाधित होने, निचले इलाकों में जलभराव तथा नदी-नालों के उफान पर आने की आशंका जताई है। लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

    भारी बारिश के कारण चमोली में 18, पिथौरागढ़ में 15, उत्तरकाशी में 12, रुद्रप्रयाग में सात, बागेश्वर में छह, देहरादून में छह, नैनीताल में चार, टिहरी में तीन और पौड़ी में दो सड़कें बंद हैं। हालांकि चारधाम और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुचारु है। ऋषिकेश-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134), तवाघाट-गुंजी और धारचूला-तवाघाट मार्ग, मुनस्यारी-मिलम सीमा मार्ग और जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-107बी) पर यातायात संचालित हो रहा है।

    कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
    केंद्रीय जल आयोग की बुधवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। अलकनंदा नदी का जलस्तर 625.30 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर है। मंदाकिनी का जलस्तर 621.00 मीटर रहा। इसका चेतावनी स्तर 623.70 मीटर और खतरे का स्तर 624.70 मीटर है। इसके अलावा यमुना का जलस्तर 604.40 मीटर और टौंस का जलस्तर 769 मीटर दर्ज किया गया है।

  • मुख्यमंत्री धामी से मिले शेफ केशव नेगी, सहयोग के लिए जताया आभार

    मुख्यमंत्री धामी से मिले शेफ केशव नेगी, सहयोग के लिए जताया आभार

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड प्रकरण में कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे उत्तराखण्ड निवासी शेफ श्री केशव नेगी ने शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सहयोग एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री धामी ने नेगी का कुशलक्षेम जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाए और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए यथासंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    उल्लेखनीय कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व केशव नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हालचाल जाना था तथा उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री धामी ने इस संबंध में दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी बात की थी। मुख्यमंत्री के इस सहयोग और संवेदनशील पहल के प्रति नेगी ने आज परिवार सहित भेंट कर पुनः अपना आभार व्यक्त किया।

  • मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक

    मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक

    फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं मिलीं; कार्रवाई के निर्देश

    देहरादून। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान की टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी आदि की जांच की।

    निरीक्षण के दौरान हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अतिरिक्त दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी विक्रय के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तथा रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

    पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। स्टोर में दवाइयों के साथ अन्य सामान भी विक्रय किया जा रहा था। फ्रिज चालू अवस्था में था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक उपस्थित मिला, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं तथा स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव था। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

    ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया तथा नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

    जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

    सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

  • तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार, वाहनों की आवाजाही हुई सुचारु

    तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार, वाहनों की आवाजाही हुई सुचारु

    चमोली। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड समय में तमक नाले में ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार कर दिया है, जिसके बाद इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है। 

    नीती घाटी में भारी बारिश के कारण तमक नाला उफान पर आने से वैली ब्रिज बह गया था, जिससे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। वे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप तथा जिलाधिकारी चमोली से लगातार राहत और बचाव कार्य की स्थिति तथा मार्ग बहाली की प्रगति की जानकारी लेते रहे।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर मार्ग बहाली का कार्य शुरू किया। ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई मोटर मार्ग तैयार किए जाने के बाद अब इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।

    तमक नाले में वैली ब्रिज बहने की घटना के बाद लापता एक व्यक्ति की तलाश में आज दूसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। लापता व्यक्ति की तलाश के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सीमा सड़क संगठन की टीमें संयुक्त रूप से सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। प्रभावित क्षेत्र के आसपास नदी तट एवं संभावित स्थानों पर गहनता से तलाश की जा रही है।

    जिला प्रशासन द्वारा मौके की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मौसम एवं तमक नाले के जलस्तर को देखते हुए सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मौके पर तैनात टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं।

    जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि अस्थाई मार्ग से आवागमन के दौरान विशेष सावधानी बरतें तथा मौके पर तैनात प्रशासन एवं संबंधित विभागों की टीमों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

  • चमोली के तमक नाले मे बादल फटने मे आधे घंटे की मियाद से बच गयी कई जिंदगियां

    चमोली के तमक नाले मे बादल फटने मे आधे घंटे की मियाद से बच गयी कई जिंदगियां

    टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन को गए पर्यटक भी फंसे, मलवा हटाते ही निकली 30 -35 गाड़िया तो नाले मे फट गया बादल और बह गया पुल

    चमोली। सोमवार को चमोली के तमक नाले मे बादल फटने और पुल से वाहनों के निकलने की मियाद और बादल फटने के बीच आधे घंटे की मोहलत से कई जिंदगियां बच गयी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भारी संख्या में जोशीमठ क्षेत्र के स्थानीय लोग और कुछ पर्यटक टीमरसैंण महादेव के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तमक नाले का जलस्तर बढने से उसका बहाव पुल तक पहुंच गया। 3:00 पानी का बहाव तेज होने से आवागमन बंद हो गया था उसके बाद सीमा सड़क संगठन के द्वारा पुल के ऊपर से मालवा हटाया गया। 4:20 पर यातायात शुरू इस दौरान 20 से 25 छोटी गाड़ी और वही 30 35 बड़ी गाड़ियां जिसमें आर्मी की गाड़ियां भी शामिल थी और पुल के दोनों और फांसी हुई थी। मलवा हटते ही सभी गाड़ियों को सुरक्षित निकाला गया। गाड़ियों के निकलते ही पहाड़ के ऊपर से बड़ी-बड़ी पत्थर गिरने की आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते पूरे नाले में बादल फट गया जिसे वहां पर भारी नुकसान पहुंचा

    इस दौरान घाटी में गए 3 दर्जन के आसपास पर्यटक भी फंस गए हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी पर्यटक इन दिनों टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन के लिए गए थे। प्रशासन के अनुसार सभी पर्यटक सुरक्षित हैं। गनीमत रही कि बादल फटने से करीब 30 मिनट पहले ही कुछ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल लिया गया था। जैसे ही वाहन तमक पुल पार कर जोशीमठ की ओर पहुंचे, पीछे से सैलाब आ गया।

    रेस्क्यू में जुटा जोगिंदर: डेढ़ मिनट तक मशीन में फंसकर बची जान

    तमक में बादल फटने के दौरान एक पोकलैंड मशीन ऑपरेटर जोगिंदर सिंह, निवासी जम्मू-कश्मीर की जान बाल-बाल बची। सैलाब आने पर वह डेढ़ मिनट तक मशीन के अंदर फंसे रहे। भारी पत्थर और बोल्डर गिरते देख उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए मशीन नहीं छोड़ी। पानी का बहाव कम होने पर वह सुरक्षित बाहर निकले। मंगलवार सुबह से ही जोगिंदर फिर अपनी मशीन लेकर सड़क खोलने के काम में जुट गए हैं। उनकी हिम्मत की स्थानीय लोगों और जोशीमठ ब्लॉक प्रमुख नेगी ने सराहना की है।

    युद्धस्तर पर राहत कार्य, फसल को भी नुकसान

    घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और आर्मी की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इनमें से 15 जवान लापता हवलदार की तलाश में जुटे हैं। आईटीबीपी के जवानों ने प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने के लिए रस्सियां लगाई हैं।

    प्रशासन ने राशन और जरूरी सामान वैकल्पिक मार्गों से पहुंचाने की व्यवस्था कर दी है सुरक्षा व्यवस्था और घाटी में फंसे लोगों को निकालने के लिए चमोली पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे हैं चमोली के सीओ मदन सिंह बिष्ट और थाना प्रभारी जोशीमठ देवेंद्र रावत भी तमक पहुंचे, जहां उन्होंने रास्ते में फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द निकलने तथा उन्हें अलग-अलग वाहनों के माध्यम से जोशीमठ पहुंचने का आश्वासन दिया है …हालांकि सब ने कहा कि सड़क मार्ग जल्द ही सुचारु हो जाएगा जिससे लोगों को परेशानियां कम होगी…

    सोमवार को तमक घाटी मे सोमवार को फटा था बादल

    उत्तराखंड के चमोली जिले की नीति घाटी के तमक क्षेत्र में सोमवार शाम को बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आए सैलाब और भारी मात्रा में आए मलबे ने पूरे इलाके का मंजर बदल दिया। देखते ही देखते सीमा सड़क संगठन का 40 मीटर लंबा बेली ब्रिज तिनके की तरह बहकर धोली नदी में समा गया। इस हादसे में बीआरओ का एक हवलदार पंकज, निवासी धारचूला, पिथौरागढ़ लापता हो गया है। उसकी तलाश के लिए गढ़वाल राइफल के जवान धोली नदी के किनारे-किनारे सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। एनडीआरएफ और गढ़वाल स्काउट की टीम के द्वारा डॉग एस्कॉर्ट की सहायता से सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है घटनास्थल से 200 मीटर दूर तक नदी के किनारे किनारे सर्च ऑपरेशन जारी है…

    13-14 गांवों का संपर्क टूटा, पर्यटक भी फंसे
    बादल फटने से नीति घाटी के 13 से 14 गांवों – जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, नीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क का संपर्क तहसील मुख्यालय जोशीमठ से पूरी तरह कट गया है।

  • स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार और कौशल विकास से बदल रही उत्तराखंड की महिलाओं की तस्वीर

    स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार और कौशल विकास से बदल रही उत्तराखंड की महिलाओं की तस्वीर

    मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति से किया सीधा संवाद, महिला सशक्तिकरण को बताया विकास का आधार* 

    तीज उत्सव पर महिलाओं को सम्मान, मुख्यमंत्री बोले,उत्तराखंड की असली शक्ति हमारी मातृशक्ति

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को देहरादून के भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रतिभाग कर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया तथा बड़ी संख्या में उपस्थित मातृशक्ति से आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए उनके विचार, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से खुलकर संवाद करने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार की नीतियां तभी अधिक प्रभावी बनती हैं जब उनमें जनता की आवाज और अनुभव शामिल होते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की मातृशक्ति आने वाले समय में भी राज्य के विकास और समृद्धि की सबसे बड़ी शक्ति बनेगी तथा ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ का संकल्प साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है, जिसने कठिन परिस्थितियों में परिवार, समाज और राज्य को नई दिशा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के संघर्ष से लेकर आज के विकास यात्रा तक महिलाओं की भूमिका सदैव प्रेरणादायी रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों, स्वरोजगार, स्थानीय उत्पादों, कृषि, बागवानी, होमस्टे, उद्यमिता और तकनीक आधारित गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उन्हें अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करना है।

    सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, लखपति दीदी योजना, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी अनेक पहलों ने महिलाओं के जीवन में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का मूल उद्देश्य महिलाओं को विकास की सहभागी और देश की आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करना है।मुख्यमंत्र कहा कि राज्य सरकार भी महिलाओं की शिक्षा, स्वरोजगार, कौशल विकास, आजीविका, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है। एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे मंच विकसित किए जा रहे हैं, जबकि ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति के स्वास्थ्य और सम्मान को सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाएं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि, नंदा गौरा योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलें इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करना है।

    इस अवसर पर विधायक श्री सहदेव सिंह पुंडीर, वरिष्ठ नेता पी के अग्रवाल, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी कपरवान अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • नीति घाटी के तमक में बादल फटा, 40 मीटर का पुल बहा, 13 गांवों का तहसील से संपर्क टूटा

    नीति घाटी के तमक में बादल फटा, 40 मीटर का पुल बहा, 13 गांवों का तहसील से संपर्क टूटा

    चमोली।लगातार बारिश के बीच रविवार को नीति घाटी के तमक क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। बादल फटने के बाद आए मलबे और उफान पर आए नाले ने क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। इस घटना में सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित 40 मीटर लंबा लोहे का पुल पूरी तरह बह गया।

    जोशीमठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि पुल के साथ ही बीआरओ के कर्मचारियों के लापता होने की सूचना भी मिली है। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिए गए। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और तहसील प्रशासन की टीमें मौके के लिए रवाना कर दी गई हैं। प्रशासन की टीम भी स्थिति का जायजा लेने घटनास्थल पर पहुंच रही है।

    पुल के बहने से नीति घाटी के जुम्मा, झेलम, कोशा, मलारी, कैलाशपुर, मेहरागांव, फरकिया, बमपा, गमशाली, यानीति, द्रोणागिरी, कागा और गरपक्क सहित 13 गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय जोशीमठ से पूरी तरह कट गया है। इन गांवों में आने-जाने का एकमात्र मार्ग यही पुल था।

    स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बादल फटने के बाद भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और बोल्डर नाले के साथ नीचे आए। इससे नदी किनारे स्थित कई सेब के बगीचे और खेत भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

    उपजिलाधिकारी ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर लापता लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही वैकल्पिक मार्ग खोलने और प्रभावित गांवों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से नदी-नालों से दूर रहने और ऊंचे स्थानों पर सतर्क रहने की अपील की है।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक जनपद में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

  • उत्तरकाशी ​जिला योजना में घपले का आरोप, यमुनोत्री विधायक ने दी मंत्री आवास घेरने की चेतावनी

    उत्तरकाशी ​जिला योजना में घपले का आरोप, यमुनोत्री विधायक ने दी मंत्री आवास घेरने की चेतावनी

    जिला योजना में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बर्दाश्त नही, सूची निरस्त करने की मांग

    जन प्रतिनि​धियों के प्रस्ताव दरकिनार कर आवंटित कर दिये गये 75 करोड़

    बाहरी और गैर निर्वाचित व्यक्ति के प्रस्ताव जिला योजना मे शामिल

    देहरादून। उत्तरकाशी की जिला योजना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए यमुनोत्री के विधायक संजय डोभाल ने शासन और प्रशासन से संशोधन की मांग करते हुए कहा कि अगर 10 दिन के भीतर कार्यवाही नही की जाती है तो वह जिला​धिकारी और प्रभारी मंत्री के आवास का घेराव तथा धरना देंगे।

    पत्रकारों से वार्ता करते हुए विधायक डोभाल ने कहा कि सरकार और ब्यूरोकेसी दोनों मिलकर जनता द्वारा चुने गये प्रतिनिधियों, जनहित से जुड़े प्रस्तावों और मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण इस बार की जिला योजना है। उन्होंने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत प्रभारी मंत्री जनपद उत्तरकाशी व जिलाधिकारी उत्तरकाशी की मॉजूदगी में तकरबन 75 करोड़ रूपये विभिन्न विकास योजनाओं के लिए आवंटित किए गये। पूर्व में जिला योजना में जनपद के तीनों विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्ष, प्रभारी मंत्री और जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा दिये गये जनहित के प्रस्तावों के आधार पर योजनाओं की स्वीकृति दी जाती रही है। लेकिन इस वार जिस तरह से जिला योजना में प्रस्तावों को शामिल नही किया गया है, उससे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र से प्रभारी मंत्री द्वारा विकास योजनाओं के प्रस्ताव मांगे गये। उनके द्वारा भेजे गये प्रस्तावों में से कुछं चुनिंदा योजनाओं को ही सूची में शामिल किया गया है जबकि बडी संख्या में विभिन विकास योजनाओं को दरनिकार कर दिया गया। आश्चर्यजनक बात यह है कि ऐसे व्यक्ति/ प्रतिनिधि द्वारा दिए गए प्रस्तावों को बड़ी संख्या में जिला योजना में शामिल किया गया है जो विधानसभा क्षेत्र यमुनोत्री से निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी नही है और दूसरी विधानसभा से आते है। इस स्थिति से यह गंभीर सवाल खड़ा होता है कि विधानसभा क्षेत्र से जनता के द्वारा चुने गये जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गये जनहित के प्रस्तावों को जिला योजना की अंतिम सूची में शामिल क्यों नही किया गया यदि प्रस्ताव में कोई कमी थी अथवा बजट का प्रावधान नही था तो इसकी जानकारी पूर्व में जनप्रतिनिधियों को क्यों नही दी गई।

    डोभाल ने प्रभारी मंत्री से सवाल किया कि यदि उनकी विधानसभा क्षेत्र से मेरे प्रस्तावों को जिला योजना में सामिल नही किया गया है तो आखिर वो प्रस्ताव किसने दिये किसके आधार पर उन्हें जिला योजना में शामिल किया गया और किसकी संस्तुति पर उन्हे स्वीकृति मिली ? यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला योजना में जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की अनदेखी कर यदि मनमाने तरीके से योजनाएं शामिल की जाती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था ओर जनता के अधिकारों का अपमान है।

    उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा पूर्व में इस विषय पर शिकायत भी की गई।इसमें आरोप था कि जिला योजना में विभिन्न कार्यों को स्वीकृत दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से धनराशि एकत्रित की गई जो कि गंभीर भ्रष्टचार की और संकेत करता है। जिस तरह से विधायकों के प्रस्तावो को हटाया गया है और कुछ चुनिंदा लोगों की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई है। मामला केवल किसी एक राजनीतिक दल य विधायक का नही है बल्कि पूरी जिला योजना की प्रक्रिया और उसमें अपनाई गई कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

    डोभाल ने मांग की कि सरकार और जिला प्रशासन की जिला योजना की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष सनीक्षा की जाय प्रत्येक स्वीकृत योजना का प्रस्ताव किस जनप्रतिनिधि द्वारा दियेगये है, उसकी संस्तुति किस स्तर से हुई और उसे किस आधार पर स्वीकृति मिली-इसकी पूरी जनकारी सार्वजनिक की जाय। यदि जिला योजना की वर्तमान सूची निरस्त य उसमें जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव को सामिल नही किया जाता है तो में जिला मुख्यालय और मंत्री निवास का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

  • 10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

    10 अक्टूबर को बंद होंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

     2.38 लाख श्रद्धालु अब तक कर चुके हैं दर्शन
    चमोली। सिखों के प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए 10 अक्टूबर को बंद कर दिए जाएंगे। इसकी घोषणा गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने की।

    इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को ग्रीष्मकाल के लिए विधि-विधान के साथ खोले गए थे। कपाट खुलने के बाद से अब तक 2 लाख 38 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र धाम के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष भारी संख्या में सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा पर पहुंचे हैं और अभी भी लगातार यात्रियों का आगमन जारी है। ट्रस्ट के अनुसार श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

  • 15 अक्टूबर तक हर हाल मे प्रदेश की सभी सड़कें होगी गड्ढामुक्त, सीएम ने दिये निर्देश

    15 अक्टूबर तक हर हाल मे प्रदेश की सभी सड़कें होगी गड्ढामुक्त, सीएम ने दिये निर्देश

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबन्धन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, गड्ढा मुक्त सड़के जैसे विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदा अथवा अत्यधिक वर्षा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों एवं ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने जिलों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों एवं ग्रामों में अभी तक इन शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं।

    मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्यभर में 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी एवं खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके।

    मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।

    मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

    इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल राजीव स्वरूप, एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजद रहे।