Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देहरादून में भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देहरादून में भावपूर्ण श्रद्धांजलि

    देहरादून। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सर्व पंजाबी समाज के तत्वावधान में विभाजन की विभीषिका में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले हुतात्माओं को घंटाघर मे भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से पंजाबी समाज की विभिन्न बिरादरियों, मंदिर समितियों, गुरुद्वारा समितियों, समाज के सरपरस्तों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने एकत्र होकर दीप एवं मोमबत्तियाँ जलाकर वर्ष 1947 की विभाजन त्रासदी में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

    उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर देहरादून के अध्यक्ष बलदेव पराशर के नेतृत्व में संपूर्ण जिला महानगर कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाज के साथियों के साथ एकजुट होकर विभाजन विभीषिका के हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

    पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को स्मरण करने का संकल्प

    इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल भू-भाग का विभाजन नहीं था, बल्कि यह एक ऐसी मानवीय त्रासदी थी, जिसमें असंख्य परिवारों को अपने घर-बार, व्यापार, खेत-खलिहान, संपत्ति और जन्मभूमि तक छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा। निहत्थे लोगों ने असहनीय यातनाएँ सहीं और अनेक माताओं-बहनों ने अकल्पनीय पीड़ा झेली।इसके बावजूद हमारे पूर्वजों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शून्य से अपने जीवन की नई शुरुआत की और अपने पुरुषार्थ, परिश्रम एवं संकल्प के बल पर परिवारों को पुनः स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

    आज पंजाबी समाज शिक्षा, सेना, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार, सेवा और समाज के अनेक क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समाज सेवा एवं राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते रहने का संकल्प दोहराया गया।

    विभाजन की त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने का प्रस्ताव

    राज्यमंत्री विश्वास डाबर द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी प्रस्ताव रखा गया कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुए नरसंहार, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उचित स्मरण एवं मान्यता मिलनी चाहिए।सर्व पंजाबी समाज की ओर से इस ऐतिहासिक त्रासदी को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष रखने तथा एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने का संकल्प व्यक्त किया गया, ताकि विश्व समुदाय इस त्रासदी के इतिहास से परिचित हो तथा आने वाली पीढ़ियाँ अपने पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को विस्मृत न करें।

    14 अगस्त को प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम

    14 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश से पंजाबी समाज के लोग सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करेंगे। शब्द-कीर्तन एवं हवन के माध्यम से विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन श्री गोविंद मोहन द्वारा किया गया।

     

  • चमोली मे टीएचडीसी की टनल मे भूधँसाव, 13 मजदूर रेस्क्यू, बचाव अभियान जारी

    चमोली मे टीएचडीसी की टनल मे भूधँसाव, 13 मजदूर रेस्क्यू, बचाव अभियान जारी

    13 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू,बचाव अभियान जारी

    चमोली। जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की सहायक कंपनी एचसीसी द्वारा निर्माणाधीन DRT टनल के अंदर मलबा गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया है, जिसमें 18-19 के लगभग मजदूर सुरंग के भीतर फंस गए।

    ​दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक 10 मजदूरों को सुरंग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि शेष फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकालने का काम तेजी से जारी है।

    ​चमोली के जिला अधिकारी गौरव कुमार ने जानकारी दी है कि सुरक्षित बचाए गए सभी मजदूरों को इलाज और चिकित्सकीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर लाया जा रहा है।

    शाम 8 बजे तक खोज एवं बचाव अभियान मे 13 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि शेष लोगों की तलाश एवं सुरक्षित रेस्क्यू के लिए अभियान लगातार जारी है। जिला प्रशासन द्वारा घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा बचाव एवं राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधन मौके पर जुटाए जा रहे हैं।

    सीएम ने दिये युद्धस्तर पर रेस्क्यू चलाने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी (THDC) टनल के भीतर मलबा एवं पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से निरंतर संपर्क में हैं तथा स्थिति की पल-पल की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है और इस दिशा में सभी आवश्यक संसाधन लगाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने ईश्वर से सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा आवश्यकतानुसार हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।

     

  • प्रदेश में 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी,15 अगस्त को सभी जिलों में रेड अलर्ट

    प्रदेश में 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी,15 अगस्त को सभी जिलों में रेड अलर्ट

    देहरादून। आने वाले दिनों में प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा 13 अगस्त 2026 को जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के दृष्टिगत राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) द्वारा सभी जनपदों को पत्र जारी कर आवश्यक सावधानियां एवं तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से भारी से बहुत भारी वर्षा, आकाशीय बिजली तथा वर्षा के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना वाले क्षेत्रों में संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं नैनीताल जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। वहीं चम्पावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना तथा राज्य के शेष जनपदों में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा। 15 अगस्त को राज्य के सभी जनपदों में येलो अलर्ट रहेगा। इस दिन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत एवं बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। पर्वतीय जनपदों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।

    16 अगस्त को चम्पावत, बागेश्वर एवं नैनीताल जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा एवं पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा। 17 अगस्त को देहरादून एवं टिहरी जनपदों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इन दोनों जनपदों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा तथा गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने एवं वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना है। राज्य के शेष जनपदों में कहीं-कहीं भारी वर्षा तथा गरज-चमक के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना के दृष्टिगत येलो अलर्ट रहेगा।

    मौसम की जानकारी लेकर ही करें यात्रा-सुमन

    देहरादून। सचिव विनोद कुमार सुमन ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की स्थिति की जानकारी लेते रहें। भूस्खलन एवं चट्टान गिरने की आशंका वाले संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों एवं जलधाराओं के आसपास जाने से बचें। भारी बारिश अथवा अचानक बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें तथा सक्रिय भूस्खलन क्षेत्र को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे खड़े न हों तथा सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। भारी वर्षा के दौरान उफनती नदियों, धाराओं एवं नालों में तैरने या नौका विहार करने से बचें। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव तथा नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए सभी नागरिक सावधानी एवं सतर्कता बरतें।

  • 15 अगस्त को जिले भर के शिक्षण संस्थानों में दिलाई जाएगी ‘कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा’ डीएम ने दिए निर्देश

    15 अगस्त को जिले भर के शिक्षण संस्थानों में दिलाई जाएगी ‘कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा’ डीएम ने दिए निर्देश

    बाल लिंगानुपात में सुधार और बेटियों के प्रति सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने की पहल

    देहरादून। बाल लिंगानुपात में सुधार एवं बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त 2026 को ‘कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा (Save The Girl Child Pledge)’ दिलाई जाएगी।

    जिला समुचित प्राधिकारी, पीसीपीएनडीटी/जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त डिग्री कॉलेजों, विद्यालयों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 15 अगस्त को अपने-अपने स्तर पर कन्या भ्रूण संरक्षण प्रतिज्ञा दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।प्रतिज्ञा के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने, बेटियों को बेटों के समान प्यार, पोषण, सुरक्षा एवं आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने तथा बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के लिए सदैव प्रयासरत रहने का संकल्प दिलाया जाएगा। प्रतिज्ञा में यह भी संकल्प लिया जाएगा कि घर, समाज एवं आसपास ऐसा वातावरण तैयार किया जाए, जहां प्रत्येक बेटी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे तथा गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जी सके।
    जिला प्रशासन ने सभी शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कार्मिकों को कन्या भ्रूण संरक्षण के प्रति जागरूक करे।

  • उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए धामी ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

    उत्तरकाशी के इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए धामी ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सऊदी अरब में बंधक जैसी स्थिति में रह रहे उत्तराखंड के उत्तरकाशी निवासी इंद्रमणि नौटियाल की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर भारत सरकार के स्तर से तत्काल आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने प्रकरण में नौटियाल को आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें बंधक अवस्था से मुक्त कराकर सकुशल भारत वापस लाने के लिए संबंधित स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप का आग्रह किया है।

    इंद्रमणि नौटियाल वर्ष 2018 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां वे पिकक रोड्स एंड कॉन्ट्रेक्टिंग कंपनी, रियाद (सऊदी अरब) में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत थे।
    वर्ष 2018 में कार्य अवधि के दौरान एक गंभीर सड़क दुर्घटना हो गई थी। इसके बाद सऊदी अरब की न्यायिक प्रक्रिया के तहत नौटियाल को एक वर्ष के कारावास तथा ट्रक बीमा एवं पंजीकरण संबंधी कमी के दृष्टिगत कंपनी मालिक पर 9 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाए जाने का निर्णय हुआ था। जुर्माने की भारतीय मुद्रा में अनुमानित राशि लगभग ₹2.29 करोड़ बताई गई है।
    घटना के कई वर्ष बीत जाने के बावजूद कंपनी मालिक द्वारा जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं किया गया है और नौटियाल को कथित रूप से बंधक जैसी स्थिति में रखकर जुर्माना अदा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनकी पत्नी एवं पुत्री द्वारा अपने स्तर से नौटियाल की स्वदेश वापसी के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए, लेकिन अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी। इसके कारण परिवार मानसिक एवं आर्थिक रूप से अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है।

    मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से तत्काल मानवीय हस्तक्षेप का किया अनुरोध
    मुख्यमंत्री ने केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को भेजे पत्र में पूरे प्रकरण का संदर्भ देते हुए इंद्रमणि नौटियाल को बंधक अवस्था से मुक्त कराने, आवश्यक न्यायिक एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा उनकी सकुशल स्वदेश वापसी सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में कठिन परिस्थितियों में फंसे किसी भी उत्तराखंडी नागरिक की सहायता के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार एवं विदेश मंत्रालय से प्रकरण में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावी हस्तक्षेप की अपेक्षा की है, ताकि नौटियाल को राहत मिल सके और उनका परिवार अपने प्रियजन की सकुशल स्वदेश वापसी की उम्मीद पूरी कर सके।

  • अरुणाचल प्रदेश के अभिनेता ताई तुगुंग को मिला ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026

    अरुणाचल प्रदेश के अभिनेता ताई तुगुंग को मिला ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026

    उत्तराखंड की लोक संस्कृति हमारी आत्मा और पहचान है, इसके संरक्षण के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री धामी ने लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के गीतों के अंग्रेजी अनुवाद की पुस्तक का किया विमोचन

    प्रदेश में दो ‘साहित्य ग्राम’ विकसित करने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल बलूनी स्कूल, हरिद्वार बाईपास, देहरादून में लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी के जन्म दिवस के अवसर पर आयोजित ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान समारोह’ में प्रतिभाग नेगी के गीतों के अंग्रेजी अनुवाद पर आधारित पुस्तक “Mountain Melodies of Narendra Singh Negi” का विमोचन किया तथा अरुणाचल प्रदेश के प्रख्यात अभिनेता, रंगकर्मी और नाटककार श्री ताई तुगुंग को ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान-2026’ प्रदान किया।

    मुख्यमंत्री ने नेगी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि नेगी उत्तराखंड की लोक संस्कृति के ऐसे पुरोधा हैं, जिन्होंने अपने गीतों और संगीत के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि नेगी जी के गीतों में उत्तराखंड के जनजीवन, प्रकृति, संघर्ष, संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री नरेंद्र सिंह नेगी के नाम पर दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित सम्मान हिमालयी राज्यों में संस्कृति, साहित्य, कला और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को समर्पित है। उन्होंने श्री ताई तुगुंग को सम्मान प्राप्त होने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने न्यीशी भाषा, अरुणाचली हिंदी, रंगकर्म, नाटकों और सिनेमा के माध्यम से अरुणाचल प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाई है। उनका चर्चित नाटक ‘लप्या’ और फिल्म ‘संगी माई’, जिसका प्रदर्शन कांस फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ, उनकी रचनात्मक यात्रा के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं।

    मुख्यमंत्री ने पुस्तक “Mountain Melodies of Narendra Singh Negi” के विमोचन को उत्तराखंड की लोकभाषा और लोकसंस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों को नरेंद्र सिंह नेगी के जीवन, व्यक्तित्व और दशकों लंबी संगीत यात्रा से परिचित कराएगी तथा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे पारंपरिक गीत तथा ढोल, दमाऊ, हुड़का, मशक, तुर्री और भंकोरा जैसे लोक वाद्य हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार हैं। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश के अनेक युवा आधुनिक संगीत के साथ लोकगीतों को नए कलेवर में प्रस्तुत कर उन्हें नई पहचान देने का कार्य कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि लोक कलाकारों को सम्मान और अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सूचीबद्धकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है तथा अब तक 275 सांस्कृतिक दलों और 226 एकल कलाकारों को सूचीबद्ध किया जा चुका है, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि ढोल-दमाऊ जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों और उनसे जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए पात्र कलाकारों को प्रतिवर्ष निःशुल्क वाद्ययंत्र एवं वेशभूषा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही लोककला और साहित्य को जीवन समर्पित करने वाले वृद्ध एवं आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों, साहित्यकारों और लेखकों की मासिक पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह की गई है, जिसका लाभ वर्तमान में 180 कलाकार प्राप्त कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत बनाए रखने के लिए लोक कलाकारों के माध्यम से छह माह की प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी अपनी लोककलाओं और परंपराओं को सीखकर आगे बढ़ा सके। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत 5 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ के माध्यम से अब तक हिंदी सहित विभिन्न भाषाओं के 57 साहित्यकारों को सम्मानित किया जा चुका है तथा ‘साहित्य भूषण पुरस्कार’ की भी शुरुआत की गई है, जिसकी सम्मान राशि 5 लाख 51 हजार रुपये निर्धारित की गई है। वर्ष 2022 से अब तक 102 लेखकों की पुस्तकों के प्रकाशन के लिए आर्थिक अनुदान भी प्रदान किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकभाषाओं और बोलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को केवल पर्यटन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि साहित्य और संस्कृति के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में दो ‘साहित्य ग्राम’ विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, जहाँ साहित्यकारों के लिए आवास, पुस्तकालय, अध्ययन केंद्र और संगोष्ठी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। देहरादून में हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, आर्ट गैलरी और संग्रहालय जैसी पहलें भी इसी सांस्कृतिक दृष्टि का हिस्सा हैं।

    इस अवसर पर लोकगायक  नरेंद्र सिंह नेगी, साहित्यकार, कलाकार, संस्कृति प्रेमी, विभिन्न सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • पुलिस केस और जेल भेजने का डर दिखाकर 1.03 लाख रुपये की ठगी

    पुलिस केस और जेल भेजने का डर दिखाकर 1.03 लाख रुपये की ठगी

    रुड़की, (अनिल):साइबर ठगों ने मुख्त्यार अली को फोन करके खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए ठगी की। उन्हें फर्जी लेनदेन के आरोप में गिरफ्तारी की धमकी दी गई और रकम जमा करने को कहा गया। 1.03 लाख रुपये ठगने के बाद, मुख्त्यार ने पुलिस में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारी बनकर फर्जी लेनदेन के मामले में नाम आने और गिरफ्तारी की धमकी देकर सुल्तानपुर चौकी क्षेत्र निवासी मुख्त्यार अली से 1.03 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्त्यार अली ने पुलिस को बताया कि कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर एक अंजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से फर्जी लेनदेन हुआ है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों ने गिरफ्तारी कर जेल भेजने की धमकी देकर उन्हें भयभीत कर दिया।

    इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचाने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करने को कहा। घबराए मुख्त्यार अली ने थोड़ा-थोड़ा करके कुल 1.03 लाख रुपये बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की।

    लक्सर कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर सेल की मदद से रकम जिन खातों में गई, उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अंनजान कॉल पर विश्वास न करने की अपील की।

  • 55 लाख की साइबर ठगी के आरोपी को पुलिस ने अमृतसर से दबोचा

    55 लाख की साइबर ठगी के आरोपी को पुलिस ने अमृतसर से दबोचा

    देहरादून: साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून ने एक बड़े साइबर ठगी के आरोपी को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है। 55 लाख की साइबर ठगी में उक्त आरोपी अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का सदस्य है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून की ओर से  दर्ज मुकदमे मे हुई जांच मे आरोपियों द्वारा स्वयं को एक आईआई एफएल वेल्थ मैनेजमेंट से जुड़ा बताकर शेयर में निवेश के नाम पर लोगों लाभ का झांसा दिया। एक शिकायतकर्ता से बीते दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच विभिन्न बैंक खातों में कुल 55,48,412 रुपए आरटीजीएस के माध्यम से जमा कराए गए। जांच में आरोपी प्रभजीत सिंह के नाम पर होना प्रकाश में आया। जांच में पाया गया कि अभियुक्त द्वारा उक्त धनराशि को चैक और एटीएम के माध्यम से आहरित किया गया। बैंकिंग एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त की साइबर ठगी में सक्रिय भूमिका पाए जाने पर पुलिस टीम द्वारा आरोपी को बीते 11 अगस्त को अमृतसर, पंजाब में दबिश देकर उसे तारावाला पुल, जालंधर रोड, अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रभजीत सिंह पुत्र स्व जोगेन्द्र सिंह, निवासी गली नंबर 07 भल्ला कॉलोनी, छेहरटा, अमृतसर, पंजाब उम्र 20 वर्ष है।

    पूछताछ में आरोपी ने अन्य बैंक खातों से भी साइबर ठगी की धनराशि आहरित करने की जानकारी दी। आरोपी द्वारा गिरोह में शामिल अन्य व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। प्रकरण में अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी एवं धनराशि की बरामदगी के लिए जांच जारी है

  • सहस्त्रधारा, कार्लीगाड़ एवं गुच्चूपानी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लग रहे हैं हाईटेक निगरानी कैमरे

    संवेदनशील क्षेत्रों में 24×7 निगरानी, हाईटेक कैमरों से आपदा प्रबंधन को मिला तकनीक सहारा

    आधुनिक तकनीक से आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती: डीएम

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में जनपद देहरादून में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। अतिवृष्टि एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद के संवेदनशील आपदा क्षेत्रों तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हाई डेफिनेशन पीटीजेड (Pan & Tilt & Zoom) कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं।

    जिला प्रशासन द्वारा सहस्त्रधारा, कार्लीगाड़ एवं गुच्चूपानी सहित प्रमुख संवेदनशील एवं पर्यटन स्थलों पर इन कैमरों के माध्यम से 24×7 रियल टाइम निगरानी की व्यवस्था की गई है। कैमरों का एक्सेस जिला आपदा परिचालन केंद्र (आपदा कंट्रोल रूम) में उपलब्ध है, जहां से संबंधित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। मालदेवता में पीटीजेड कैमरे स्थापित करने का कार्य भी गतिमान है।

    इन अत्याधुनिक कैमरों के माध्यम से जलस्तर में अचानक वृद्धि, असामान्य गतिविधियों अथवा किसी भी आपदा की स्थिति की तत्काल जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इससे संभावित खतरे का समय रहते आकलन कर राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू करने में मदद मिलेगी। साथ ही, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की गतिविधियों एवं सुरक्षा पर भी लगातार नजर रखी जा सकेगी।

    जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि प्रारंभिक चरण में सहस्त्रधारा क्षेत्र के आपदा की दृष्टि से संवेदनशील कार्लीगाड़ में कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं। सहस्त्रधारा, मालदेवता एवं गुच्चूपानी में पर्यटकों की अधिक आवाजाही को देखते हुए इन क्षेत्रों में भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की रियल टाइम मॉनिटरिंग जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

    जिला प्रशासन की इस पहल से आपदा के दौरान अर्ली अलर्ट, त्वरित सूचना एवं त्वरित राहत-बचाव कार्रवाई को मजबूती मिलेगी। साथ ही, पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • जल जीवन मिशन की सफलता नल कनेक्शन नही, बल्कि जल की पहुँच और गुणवत्ता से हो: धामी

    जल जीवन मिशन की सफलता नल कनेक्शन नही, बल्कि जल की पहुँच और गुणवत्ता से हो: धामी

    मुख्यमंत्री ने की जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा की

    शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने तथा पेयजल योजनाओं के नियमित संचालन पर विशेष जोर

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में जल जीवन मिशन की प्रगति, वित्तीय स्थिति, योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव तथा आगामी कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति, ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच एवं सत्यापन, जल गुणवत्ता, वित्तीय प्रबंधन तथा योजनाओं के नियमित संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी। 

    मुख्यमंत्री ने हर घर जल का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने तथा शेष पात्र ग्रामीण परिवारों को निर्धारित समयसीमा में नल कनेक्शन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की सफलता केवल नल कनेक्शन की संख्या से नहीं, बल्कि प्रत्येक घर तक नियमित, पर्याप्त, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचने से तय होगी। पूर्ण हो चुकी योजनाओं का स्थलीय सत्यापन भी कराया जाए।

    मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एवं लंबित पेयजल योजनाओं को मिशन मोड में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने तथा जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।

    मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में पेयजल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवीकरण, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों के पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। प्रत्येक जनपद में जलापूर्ति संबंधी तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की व्यवस्था विकसित करने तथा योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जनपदवार लक्ष्य, समयसीमा और जवाबदेही तय करने तथा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के भी निर्देश दिये।

    बैठक में बताया गया कि राज्य में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। राज्य की औसत प्रगति 92.46 प्रतिशत है तथा 1,015 योजनाएं प्रगति पर हैं। ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की पहुंच की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 14.48 लाख में से 14.20 लाख परिवारों को कनेक्शन दिये जा चुके हंैं। बैठक में जानकारी दी गई कि 14,979 गांवों में से 9,796 गांव में हर नल से जल का सत्यापन हो चुका है।

    बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव पेयजल रणवीर सिंह चैहान, अपर सचिव  रोहित मीणा, सुश्री झरना कमठान एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।