विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर देहरादून में भावपूर्ण श्रद्धांजलि

देहरादून। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सर्व पंजाबी समाज के तत्वावधान में विभाजन की विभीषिका में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले हुतात्माओं को घंटाघर मे भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।इस अवसर पर देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों से पंजाबी समाज की विभिन्न बिरादरियों, मंदिर समितियों, गुरुद्वारा समितियों, समाज के सरपरस्तों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति एवं युवाओं ने एकत्र होकर दीप एवं मोमबत्तियाँ जलाकर वर्ष 1947 की विभाजन त्रासदी में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर देहरादून के अध्यक्ष बलदेव पराशर के नेतृत्व में संपूर्ण जिला महानगर कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने समाज के साथियों के साथ एकजुट होकर विभाजन विभीषिका के हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को स्मरण करने का संकल्प

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल भू-भाग का विभाजन नहीं था, बल्कि यह एक ऐसी मानवीय त्रासदी थी, जिसमें असंख्य परिवारों को अपने घर-बार, व्यापार, खेत-खलिहान, संपत्ति और जन्मभूमि तक छोड़ने के लिए विवश होना पड़ा। निहत्थे लोगों ने असहनीय यातनाएँ सहीं और अनेक माताओं-बहनों ने अकल्पनीय पीड़ा झेली।इसके बावजूद हमारे पूर्वजों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शून्य से अपने जीवन की नई शुरुआत की और अपने पुरुषार्थ, परिश्रम एवं संकल्प के बल पर परिवारों को पुनः स्थापित करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आज पंजाबी समाज शिक्षा, सेना, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार, सेवा और समाज के अनेक क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। “सर्वे भवन्तु सुखिनः” की भावना के साथ समाज सेवा एवं राष्ट्र सेवा को सर्वोपरि रखते हुए राष्ट्र की प्रगति में योगदान देते रहने का संकल्प दोहराया गया।

विभाजन की त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने का प्रस्ताव

राज्यमंत्री विश्वास डाबर द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी प्रस्ताव रखा गया कि वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान हुए नरसंहार, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उचित स्मरण एवं मान्यता मिलनी चाहिए।सर्व पंजाबी समाज की ओर से इस ऐतिहासिक त्रासदी को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष रखने तथा एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने का संकल्प व्यक्त किया गया, ताकि विश्व समुदाय इस त्रासदी के इतिहास से परिचित हो तथा आने वाली पीढ़ियाँ अपने पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को विस्मृत न करें।

14 अगस्त को प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम

14 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेश से पंजाबी समाज के लोग सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करेंगे। शब्द-कीर्तन एवं हवन के माध्यम से विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन श्री गोविंद मोहन द्वारा किया गया।

 

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