Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • उपनल से कार्योजित पूर्व सैनिकों को ऊर्जा निगम मे भी मिले समान कार्य-समान वेतन:नेगी

    उपनल से कार्योजित पूर्व सैनिकों को ऊर्जा निगम मे भी मिले समान कार्य-समान वेतन:नेगी

    मोर्चा पूर्व सैनिकों की लड़ेगा लड़ाई

    विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि उपनल कर्मचारियों के मामले में जनहित याचिका संख्या 116/ 2018 कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य आदि याचिका में मा.उच्च न्यायालय द्वारा उपनल के माध्यम से कार्योजित/ प्रायोजित कार्मिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि देने के निर्देश दिए गए थे, जिसके क्रम में शासन द्वारा 3 फरवरी 2026 के द्वारा समान कार्य- समान वेतन दिए जाने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए थे।

    कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लगभग सभी विभागों/ निगमों द्वारा पूर्व सैनिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि दिये जाने के निर्देश का अनुपालन हो चुका है, लेकिन ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यथा यूपीसीएल, यूजेविएन एल व पिटकुल द्वारा आज तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, जोकि बहुत ही गंभीर मामला है। सवाल यह उठता है कि आखिर पूर्व सैनिकों के साथ ये नाइंसाफी कैसी है?  जिम्मेदार मंत्री/ अधिकारी इस मामले में क्यों खामोश है। सरकार को उपनल के माध्यम से प्रायोजित पूर्व सैनिकों को बगैर लाग- लपेट के इनका लाभ प्रदान करना चाहिए। मोर्चा पूर्व सैनिकों को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र ही शासन में दस्तक देगा।

    पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद थे |

  • हिमवंत कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल की जयंती पर चौपाल मे काव्य गोष्ठी

    हिमवंत कवि चंद्रकुँवर बर्त्वाल की जयंती पर चौपाल मे काव्य गोष्ठी

    देहरादून। हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्त्वाल के 106 वीं जयंती के अवसर पर चौपाल मे आयोजित काव्य गोष्ठी में उनके हिंदी साहित्य को दी गयी अमूल्य निधि पर चर्चा की गयी।

    काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष मनोहर सिंह रावत ने कहा कि चन्द्रकुंवर बर्त्वाल और सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला एक समान कवि थे, जिस रोग से सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला पीड़ित थे उसी रोग से चन्द्र कुंवर भी पीड़ित थे। काव्य गोष्ठी मे उनकी कविताओं का वाचन किया गया जिसमे मुख्य रुप से गिरधर पड़िंत व ड़ा पुष्पा खडूरी द्वारा बर्त्वाल के काव्य का गायन किया।

    कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि सहित संयुक्त रूप से हिमवंत कवि की स्मारिका का विमोचन कियाले
    कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि चौपाल सयोजक सुरेंद्र कुमार ने कहा कि हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्वाल जीवन के मात्र 28 वसंत का जीवन जीने तथा प्रतिकूल परिस्थितियों में रहकर भी हिंदी जगत को एक विशाल काव्य भंडार देने वाले बर्तवाल अल्प समय मे हिंदी साहित्य को बहुत कुछ दे गए।

    उन्होंने हिमवंत कवि के जीवन पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा रुद्रप्रयाग जिले के तल्ला नागपुर पट्टी के प्रसिद्ध मालकोटी गाँव में 20 अगस्त सन 1919 को भोपाल सिंह एवं श्रीमती जानकी देवी के घर में चंद्र कुँवर का जन्म हुआ। इनकी प्रारंभिक शिक्षा उडामांडा प्राथमिक स्कूल और मिडिल शिक्षा नागनाथ (पोखरी) से हुई। बाद में पौड़ी, देहरादून और इलाहाबाद से उच्च शिक्षा प्राप्त की। छात्र जीवन से ही उन्होंने कविता लिखनी प्रारंभ की।

    कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि राजेंद्र प्रसाद रतूड़ी (निर्मल) ने उनकी एक कविता सुनाकर अपना वक्तव्य शुरू किया। उन्होंने हिमवंत कवि चंद्रकुंवर बर्त्वाल जी की प्रमुख प्रसिद्ध कृतियों नंदिनी, पयस्विनी, विराट ज्योति, हिमवंत का एक कवि, काफल पाक्कू, हिरण्यगर्भ, गीत माधवी, साकेत, उदय के द्वारों पर, प्रणयिनी, हिम ज्योत्सना आदि के बारे मे भी प्रकाश डाला। 

    सीपीआई के समर भंडारी ने हिमवंत कवि के बारे मे बताया कि उनके मित्र शंभू प्रसाद बहुगुणा ने उनकी विलुप्त हो रही रचनाओं को प्रकाशित किया। तभी से काव्य जगत में चंद्र कुंवर का दूसरा नाम हिमवंत कवि प्रसिद्ध हुआ। इलाहाबाद में क्षय रोग से बीमार होने के बाद वे अपने गाँव मालकोटी लौट आये। कुछ समय उन्होंने अगस्त्यमुनि मिडिल स्कूल में अध्यापन कार्य किया और बाद में अपने नए गाँव कंचनगंगा और मंदाकिनी के तट पर स्थित पंवालिया (भीरी) में रहने लगे। वहीं उन्होंने अनेक रचनाओं की रचना की, जिन्हें देश की प्रसिद्ध पत्र-पत्रिकाओं ने प्रकाशित किया। ट्रेड यूनियन नेता जगदीश कुकरेती ने कहा कि पंवालिया में ही कवि ने अपने जीवन का अंतिम समय बिताया। उन्हें अपनी मृत्यु का आभास हो गया था।

    काव्य गोष्टी का संचालन संस्थान के उपाध्यक्ष मोहन सिंह नेगी ने किया व अध्यक्षता हिमवंत कवि चन्द्र कुवंर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष मनोहर सिंह रावत ने किया।
    काव्य गोष्ठी मे मुख्य वक्ता कुसुम रावत, समर भण्ड़ारी, जगदीश कुकरेती, द्विजेन्द्र बहुगुणा, वीरेंद्र दत्त, सत्यप्रकाश चौहान, निरंजन सुयाल, ललित बिष्ट, ललित ओझा, हरिओम पाली, विजय पाहवा, डॉ गोविल, नरेंद्र बिष्ट, राकेश सती, विनोद खंडूरी, जमन सिंह बिष्ट, राजेश रावत आदि थे।

  • पटेलनगर थाना क्षेत्र में दो गुटों में चली गोलियां, दहशत

    पटेलनगर थाना क्षेत्र में दो गुटों में चली गोलियां, दहशत

    देहरादून। राजधानी में आए दिन युवाओं के बीच झगड़े के मामले सामने आ रहे हैं। एक बार फिर से एक घटना सामने आयी है। वीरवार दोपहर में दिन-दहाड़े कानून-व्यवस्था से बेखौफ होकर युवाओं के दो गुटों के बीच भीड़भाड़ वाले इलाकों में गोलियां चली। फायरिंग करने के बाद दोनों गुट मौके से फरार हो गए।

    घटना भीड़भाड़ इलाके वाले पटेलनगर और शिमलाबाईपास का है और जहां पर दो गुटों के बीच गोली चलायी गई। आपसी रंजिश बतायी जा रही है।

    जानकारी के मुताबिक पहली घटना पटेलनगर स्थित एक बड़े समाचार पत्र कार्यालय के बाहर स्थित गली में बतायी गई है। बताया गया है कि इस गली में कार और दुपहिया वाहन में सवार होकर दो गुट आए और फिर वे इस गली में आपस में भिड़ गए। इन दोनों गुटों के बीच जब झगड़ा ज्यादा बड़ा तो दोनों गुटों के बीच दिन दहाड़े फायरिंग तक हो गई। इस वजह से आसपास के लोग दहशत में आ आ गए। दोनों गुट उक्त जगह से फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए। जानकारी के मुताबिक आपस में झगड़ा करने वाले युवक एक कॉलेज के पूर्व छात्र बताए जाते हैं। वहीं ये ही दोनों गुट फिर शिमला बााईपास क्षेत्र में भी आपस में भीड़ गए।बताया गया है कि इन दोनों गुटों के बीच पूर्व में भी इस तरह की घटना का मामला सामने आ चुका है। पुलिस के संज्ञान में मामला आने के बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम के जरिए इन दोनों गुटों के बीच होने वाली फायरिंग और इसकी वजह को लेकर जांच की जा रही है। वहीं दोनों गुट किस जगह के हैं और किस लोकेशन में गए हैं तो उसकी पड़ताल भी पुलिस की टीमों के जरिए की जा रही है। एसएसपी कार्यालय के मुताबिक पुलिस की टीमें जांच में जुटी है और जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। बता दे कि बीते 19 अगस्त से दून में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम रहा।

    वहीं वीरवार 20 अगस्त को उपराष्ट्रपति दून में रहे। पुलिस प्रशासन के जरिए उपराष्ट्रपति के दौरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होने का दावा किया था। वहीं ऐसे में दिन दहाड़े दो गुटों के बीच फायरिंग होने से पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं अब दून पुलिस प्रशासन की टीम इन गुटों की धर पकड़ में जुटी है।

  • मोतीचूर फ्लाईओवर मे बस चालक को कुचलने की कोशिश करने वाला थार चालक गिरफ्तार

    मोतीचूर फ्लाईओवर मे बस चालक को कुचलने की कोशिश करने वाला थार चालक गिरफ्तार

    13 अगस्त को मोतीचूर फ्लाईओवर हुआ था हादसा, घटना को अंजाम देने के बाद चालक हो गया था फरार

    पुलिस ने हरिद्वार के बहादराबाद से किया गिरफ्तार

    देहरादून। मोतीचूर फ्लाईओवर पर बस चालक के ऊपर धार चढाकर उसे जान से मारने का प्रयास करने वाले थार चालक को बहादराबाद के गुरु नानक ढाबा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार थार चालक ऋषिकेश कोर्ट में सरेंडर के लिए जाने वाला था।

    मामला हरिद्वार देहरादून हाईवे पर मोतीचूर फ्लाईओवर का है। राजघाट कनखल हरिद्वार 18 ए, निवासी प्राची शर्मा पत्नी सुनील शर्मा रायवाला कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि 13 अगस्त को स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय जौलीग्रांट की बस यहां पढने वाले बच्चो व दो महिला स्टाफ को हरिद्वार उनके घर छोड़ने जा रही थी। आरोप है कि नेपाली फार्म के पास एक ब्लैक कलर की थार चालक बस को बार बार ओवर टेक कर रहा था। जैसे ही बस मोतीचूर फ्लाईओवर पर पहंुची बस के चालक ने थार चालक को ऐसा करने के लिए मना किया जिसपर थार चालक आग बबूला हो गया और उसने बस के चालक और एक अन्य व्यक्ति पर अपनी थार चढ़ा दी। थार चालक बस के चालक को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। थार चालक ने एक मारुति सियाज कार को भी टक्कर मारी। इस घटना में बस चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना को अंजाम देने के बाद थार चालक मौके से फरार हो गया। महिला की तहरीर के बाद रायवाला कोतवाली पुलिस ने थार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।

    आरोपी की पहचान देव चौधरी निवासी गली न0 07 टिहरी विस्थापित कॉलोनी न्यू शिवालिक नगर, थाना रानीपुर, जनपद हरिद्वार के रूप में होने के बाद पुलिस ने मेरठ व दिल्ली क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर दबिश दी। आरोपी खुद को कोर्ट में सरेंडर करने के लिए ऋषिकेश आने वाले वाला था इससे पहले ही पुलिस ने उसे गुरु नानक ढाबा बहादराबाद तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने थार को सीज करते हुए आरोपी युवक को न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है। पुलिस टीम में उ0नि0 रघुबीर कपरवान, हे0का0 राजीव यादव, दीपक कुमार और विकास कुमार शामिल रहे।

    बस में सवार युवती को रौब दिखाना पड़ा भार

    थार देव चौधरी के पिता के दोस्त संदीप कुमार के नाम पंजीकृत है। थार वर्ष 2022 से देव चैधरी के पास थी। 13 अगस्त को देव अपने दोस्त मानव चैहान के साथ नेपाली फार्म पहुंचा था। जैसे ही जौलीग्रांट कॉलेज की बस नेपाली फार्म पहुंची उसमे बैठी एक लड़की उसकी परिचित निकली। उक्त युवती को थार को रौब दिखाने के लिए देव ने थार को बस के आगे पीछे चलाना शुरू कर दिया। इस बात को लेकर बस चालक और महिला स्टाफ के साथ कहा सुनी हो गयी। घटना के बाद देव घबरा गया और वह न्यू शिवालिक नगर स्थित अपने घर चला गया। पुलिस से बचने के लिये देव मेरठ में अपने रिश्तेदारों के पास चला गया।

  • धार्मिक आयोजनों मे चेन चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह के चार गिरफ्तार

    धार्मिक आयोजनों मे चेन चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह के चार गिरफ्तार

    तीन सोने की चेन और 10 हजार रुपये बरामद

    देहरादून। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने भागवत कथा और धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पंजाब के रहने वाले हैं।

    पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त को पटेलनगर क्षेत्र के जीएमएस रोड स्थित एक होटल में आयोजित भागवत कथा के दौरान चार महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र चोरी किए गए थे। पीड़ित महिलाओं की तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में चोरी के तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
    घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पीड़ितों तथा कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों का हुलिया जुटाया।
    जांच में पुलिस को पंजाब के पटियाला जिले के समाना क्षेत्र के एक चर्चित चेन चोर गिरोह के घटना में शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस ने गिरोह के संबंध में जानकारी जुटाते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 19 अगस्त को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य दोबारा देहरादून पहुंचे हैं और किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार बाईपास रोड पर चेकिंग अभियान चलाकर दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पंजाब के पटियाला जिले के समाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और अलग-अलग स्थानों पर रहकर वारदात करते हैं। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाली भागवत कथाओं और अन्य धार्मिक आयोजनों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य, जिनमें अधिकांश महिलाएं होती थीं, आयोजन स्थल पर पहुंचकर भजन-कीर्तन के बहाने शामिल हो जाते थे।
    आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान गिरोह की महिलाएं भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से चेन और अन्य आभूषण काट लेती थीं। गिरोह के अन्य सदस्य आयोजन स्थल के बाहर वाहन में उनका इंतजार करते थे और वारदात के बाद सभी मौके से फरार हो जाते थे।
    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन पीली धातु की चेन, 10 हजार रुपये नकद,एक चेन कटर और वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार बरामद की है। वहीं अजय सिंह (26), गुरुप्रीत सिंह (28), हरजिन्दर कौर उर्फ रानी (40) और पूजा कौर उर्फ लाडी (48) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पंजाब के पटियाला और बरनाला जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

  • गली के कुत्ते ने दिखायी वफादारी, खाना खिलाने व्यक्ति पर हमलावर दूसरे कुत्ते से भिड़ा

    गली के कुत्ते ने दिखायी वफादारी, खाना खिलाने व्यक्ति पर हमलावर दूसरे कुत्ते से भिड़ा

    हरिद्वार। हर तरफ छाए आवारा कुत्तों के आतंक के बीच गली में रहने वाले एक कुत्ते की वफादारी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है।

    घटना कनखल थाना क्षेत्र के फेरुपुर की है। यहां मनोज प्रधान नामक व्यक्ति पर दूसरे कुत्ते ने हमला किया तो गली में रहने वाला एक कुत्ता अपने परिचित व्यक्ति को बचाने के लिए हमलावर कुत्ते से भिड़ गया। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गयी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि गली में रहने वाले इस कुत्ते को एक व्यक्ति अक्सर खाना खिलाता था। इसी वजह से दोनों के बीच लगाव बन गया था। वायरल वीडियों में दिखाई दे रहा है कि एक अन्य कुत्ता तेजी से आता है और व्यक्ति पर हमला करता है। यह देख गली में रहने वाला कुत्ता तुरंत बीच में आ गया और हमलावर कुत्ते से भिड़कर उसे दूर भगाने की कोशिश करने लगा। घटना का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग कुत्ते की वफादारी की जमकर तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ प्यार और संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए, क्योंकि जरूरत के वक्त ये भी अपनेपन और वफादारी का परिचय देना जानते हैं।

  • धार्मिक आयोजनों मे चेन चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह के चार गिरफ्तार

    धार्मिक आयोजनों मे चेन चुराने वाला अंतरराज्यीय गिरोह के चार गिरफ्तार

    तीन सोने की चेन और 10 हजार रुपये बरामद

    देहरादून। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने भागवत कथा और धार्मिक आयोजनों में महिलाओं की चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पंजाब के रहने वाले हैं।

    पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त को पटेलनगर क्षेत्र के जीएमएस रोड स्थित एक होटल में आयोजित भागवत कथा के दौरान चार महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र चोरी किए गए थे। पीड़ित महिलाओं की तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में चोरी के तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
    घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और पीड़ितों तथा कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों का हुलिया जुटाया।
    जांच में पुलिस को पंजाब के पटियाला जिले के समाना क्षेत्र के एक चर्चित चेन चोर गिरोह के घटना में शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस ने गिरोह के संबंध में जानकारी जुटाते हुए मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 19 अगस्त को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य दोबारा देहरादून पहुंचे हैं और किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद पुलिस ने हरिद्वार बाईपास रोड पर चेकिंग अभियान चलाकर दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पंजाब के पटियाला जिले के समाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और अलग-अलग स्थानों पर रहकर वारदात करते हैं। गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर आयोजित होने वाली भागवत कथाओं और अन्य धार्मिक आयोजनों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य, जिनमें अधिकांश महिलाएं होती थीं, आयोजन स्थल पर पहुंचकर भजन-कीर्तन के बहाने शामिल हो जाते थे।
    आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान गिरोह की महिलाएं भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से चेन और अन्य आभूषण काट लेती थीं। गिरोह के अन्य सदस्य आयोजन स्थल के बाहर वाहन में उनका इंतजार करते थे और वारदात के बाद सभी मौके से फरार हो जाते थे।
    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन पीली धातु की चेन, 10 हजार रुपये नकद,एक चेन कटर और वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार बरामद की है। वहीं अजय सिंह (26), गुरुप्रीत सिंह (28), हरजिन्दर कौर उर्फ रानी (40) और पूजा कौर उर्फ लाडी (48) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी पंजाब के पटियाला और बरनाला जिले के रहने वाले बताए गए हैं।

  • इलेक्शन मोड मे उतरी कांग्रेस के 5 नेताओं को मिली जिम्मेदारी

    इलेक्शन मोड मे उतरी कांग्रेस के 5 नेताओं को मिली जिम्मेदारी

    देहरादून। इलेक्शन मोड मे उतर चुकी कांग्रेस ने आगामी  विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मीडिया से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में 5 नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

    अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार आगामी विधानसभा चुनावों के लिए निम्नलिखित नेताओं को उत्तराखंड में मीडिया संबंधी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

    1. श्रीमती पंखुड़ी पाठक — नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर
    2. श्री प्रकाश मीणा — कोऑर्डिनेटर
    3. श्री अरुण अग्रवाल — कोऑर्डिनेटर
    4. सुश्री रितु चौधरी — कोऑर्डिनेटर
    5. श्री आदित्य गर्ग — कोऑर्डिनेटर

    AICC के निर्देशानुसार उक्त सभी पदाधिकारी उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के साथ निकट समन्वय स्थापित करते हुए मीडिया एवं संचार से संबंधित गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए आगामी चुनाव में बेहतर समन्वय एवं प्रभावी मीडिया प्रबंधन के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

     

  • टैंट कारोबारी की हत्या का खुलासा, पत्नी ने रची साजिश, गिरफ्तार

    टैंट कारोबारी की हत्या का खुलासा, पत्नी ने रची साजिश, गिरफ्तार

    सड़क हादसे मे मौत की थ्योरी जांच मे पलटी, विधि विवादित किशोर ने मारी थी गोली

    हल्द्वानी। ऊधमसिंह नगर के काशीपुर क्षेत्र में टेंट कारोबारी की हत्या मे पत्नी और विधि विवादित किशोर की साजिश सामने आयी है। पुलिस ने अब तक टेंट व्यापारी संजीव कुमार की सड़क हादसे मे मानी जा रही मौत की थ्योरी को पूरी तरह से पलट दिया है।  पुलिस के मुताबिक मृतक की पत्नी निशा ने अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए उसके साथ प्रेम संबंध रखने वाले एक विधि-विवादित किशोर और उसके साथी के साथ मिलकर साजिश रची थी। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी निशा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दोनों विधि-विवादित किशोरों को पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक मामले की जांच में कई अहम साक्ष्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

    एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, 17 अगस्त की सुबह प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक कार संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। कार के अंदर एक युवक का शव पड़ा था। शुरुआती स्थिति में मामला सड़क दुर्घटना जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल और शव की स्थिति को देखते हुए जांच शुरू की।

    मृतक की पहचान संजीव कुमार (24) पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला क्षेत्र, थाना आईटीआई, काशीपुर के रूप में हुई। पंचायतनामा की कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के गले के पास चोट का निशान भी दिखाई दिया, जिसके बाद मामला और संदिग्ध हो गया। पुलिस ने चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम में शरीर पर गोली लगने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सड़क हादसे की आशंका को दरकिनार करते हुए हत्या के कोण से जांच शुरू कर दी।

    मामले में मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जब घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की तो मामले की तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी। जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी के बयानों में विरोधाभास नजर आए। इसके बाद पुलिस ने मृतक की दुकान पर काम करने वाले दो विधि-विवादित किशोरों से भी पूछताछ की। पूछताछ में हत्या की साजिश से जुड़े अहम तथ्य सामने आए।

    आठ महीने से चल रहा था पत्नी का किशोर के साथ प्रेम प्रसंग

    पुलिस जांच में सामने आया कि संजीव की पत्नी निशा का उसके संपर्क में रहने वाले एक विधि-विवादित किशोर से पिछले करीब आठ महीने से प्रेम प्रसंग चल रहा था। निशा अपने पति के साथ होने वाले विवादों की जानकारी भी किशोर को देती थी।आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस साजिश में किशोर ने अपने एक साथी को भी शामिल कर लिया। इसके बाद हत्या को इस तरह अंजाम देने की योजना बनाई गई कि घटना सड़क दुर्घटना जैसी दिखाई दे।

    साजिश के तहत जन्मदिन की पार्टी के बहाने दोनों किशोर संजीव को उसकी कार से रामनगर की ओर लेकर गए। रास्ते में थारी क्षेत्र के पास सुनसान स्थान पर आरोपियों ने कथित तौर पर संजीव को गोली मार दी। गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे धान के खेत में जा गिरी। पुलिस के मुताबिक दोनों किशोर संजीव को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए और बाद में मृतक की पत्नी को घटना की जानकारी दी।

    पुलिस को संदेह है कि पूरी वारदात को इस तरह अंजाम दिया गया था कि इसे सड़क हादसा समझा जाए। घटनास्थल की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों ने मामले की दिशा बदल दी।मामले की गंभीरता को देख पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने सर्विलांस और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों को खंगाला। जांच के दौरान पुलिस की टीम दोनों विधि-विवादित किशोरों तक पहुंची। उन्हें मालवा फार्म पुलिया क्षेत्र से पकड़ा गया। पूछताछ और सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा की भूमिका की भी जांच की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा, तीन कारतूस और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल वाहन और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों को भी जांच के दायरे में लिया है। पुलिस ने दोनों किशोरों के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की जांच कर उनकी उम्र की पुष्टि की है। नाबालिग होने की पुष्टि के बाद दोनों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

    पत्नी ने किशोरों के खिलाफ लिखायी रिपोर्ट

    इस मामले में सबसे अहम पहलू यह रहा कि पति की मौत के बाद पत्नी ने स्वयं पुलिस को तहरीर देकर दो किशोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआत में मामला सड़क हादसे से जुड़ा माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम में गोली लगने की पुष्टि और इसके बाद हुई गहन जांच ने पूरी कहानी बदल दी।

    पुलिस के अनुसार, पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों से सामने आया कि पति की हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग से जुड़ी साजिश थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और हत्या की साजिश कब तथा किस स्तर पर तैयार की गई थी। एसएसपी अजय गणपति ने मामले का निर्धारित समय में खुलासा करने वाली पुलिस और एसओजी टीम की सराहना की है। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और सामने आने वाले सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • वन अधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रहरी हैं: मुख्यमंत्री

    वन अधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रहरी हैं: मुख्यमंत्री

     

     

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में भारतीय वन सेवा के परिवीक्षार्थियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री गुरमीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून के निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खजुरिया, कोर्स निदेशक श्रीमती अजीता लौंगजाम सहित भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं परिवीक्षार्थी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन सादगी, समर्पण, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कर देश के द्वितीय सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उपराष्ट्रपति जी की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। राज्यसभा के सभापति के रूप में भी उन्होंने संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने भारतीय वन सेवा में चयनित सभी परिवीक्षार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वन सेवा देश की प्राकृतिक विरासत, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का लगभग 70 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है और यहां के पर्वत, नदियां, वन एवं समृद्ध जैव विविधता प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे में वनों का संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा दायित्व भी है।