Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

    मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

    कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के भविष्य को लेकर साझा किए अपने विचार

    पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण समेत 8 प्रमुख विषयों पर युवाओं ने दिया विजन

    श्रेष्ठ 140 विचारों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं करेंगे विद्यार्थियों से संवाद

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है।

    मुख्यमंत्री ने बीते 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद करते हुए उनसे आह्वान किया था कि वे बताएं कि आने वाले वर्षों में वे अपने उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी की।

    विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि ये केवल निबंध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के प्रदेश को लेकर उनकी सोच का दस्तावेज बन रहे हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा तथा उपयोगी विचारों को राज्य की नीतियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

    अभियान के अंतर्गत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी इन विद्यार्थियों के साथ स्वयं संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके साथ ही श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाने की भी व्यवस्था की गई है।

    पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।

    अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को सीधे राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की यह एक अभिनव पहल है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। 24 अगस्त निबंध जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

    सीएम स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार भी बने।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे विद्यार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ के माध्यम से हम नई पीढ़ी की सोच को सुन रहे हैं। युवाओं के अच्छे और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। हमारा संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।

  • आमने-सामने टकराई चार बाइक, 3 युवकों की दर्दनाक मौत,6 घायल

    आमने-सामने टकराई चार बाइक, 3 युवकों की दर्दनाक मौत,6 घायल

    रुड़की। पिरान कलियर कांवड़ पटरी मार्ग पर देर रात्रि तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की टक्कर मे तीन युवकों की मौत हो गयी, जबकि छह युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है और मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। 

    जानकारी के अनुसार पिरान कलियर कांवड़ पटरी मार्ग पर जब चार मोटरसाइकिलें कांवड़ पटरी से गुजर रही थी, इसी दौरान चारों मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चारों बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं।

    हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। हादसे की सूचना मिलते ही तत्काल पिरान कलियर और रुड़की सिविल लाइन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को उपचार के लिए 108 की मदद से रुड़की के सिविल अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल के चिकित्सकों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि छह घायलों का उपचार शुरू किया गया, जिनमें से एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क हादसे में मृतकों की पहचान अयान (उम्र 18 वर्ष) पुत्र शहजाद निवासी बिझोली कोतवाली मंगलौर, राजू (उम्र 24 वर्ष) पुत्र कदम सिंह, और राजीव (उम्र 18 वर्ष) पुत्र मोल्हड सिंह निवासी रहमतपुर कोतवाली पिरान कलियर हुई है। वहीं हादसे में घायल आदित्य चंद्रा (उम्र 25 वर्ष) पुत्र सुरेंद्र निवासी खंजरपुर, गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें एम्स हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है।

  • बेलगाम कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, महिला की मौत, 2 गिरफ्तार

    बेलगाम कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, महिला की मौत, 2 गिरफ्तार

    देहरादून। शुक्रवार देर रात्रि एक बेलगाम कार ने सड़क किनारे खड़ी एक मोटर साइकिल और स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे मे स्कूटी सवार महिला की मौत हो गयी, जबकि एक महिला घायल हो गयी। 

    पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात्रि कैनाल रोड़ मे एक्सीडेंट होने की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर थाना राजपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तो मौके पर कार सं०- UP14DE 0052 आई 20 कार क्षतिग्रस्त अवस्था में सड़क किनारे खडी थी तथा स्कूटी सं0 UK07AD 5929 व मोटरसायकिल UK02BO 7044 मौके पर क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी। मौके पर मौजूद लोगो ने बताया कि कार सं० UP14DE 0052 आई 20 कार के चालक ने सडक किनारे खडी स्कूटी एंव मो0सा0 में टक्कर मार दी थी जिससे स्कूटी व मोटर साइकिल पर बैठी महिला को चोटे आयी है,जिन्हे तत्काल उपचार हेतु अस्पताल भिजवाया गया।

    पुलिस ने मौके से कार चालक सुमित यादव पुत्र अखिलेश यादव निवासी काठबंगला बस्ती भाग-2 थाना राजपुर देहरादून उम्र 20 वर्ष व उसके साथी हाशिम पुत्र कासिम निवासी सुमन नगर, राजपुर, देहरादून, उम्र 24 वर्ष को हिरासत मे लिया गय। चालक सुमित यादव ने बताया कि काठबंगला से कैनाल रोड को आते हुए उसकी गाड़ी के ब्रेक नहीं लग पाए, जिस कारण उसकी कार सड़क के किनारे खडे वाहन से टकरा गयी। दुर्घटना से संबंधित कार UP14DE 0052 को कब्जे लेकर थाना दाखिल किया गया है। दुर्घटना में स्कूटी मे बैठी महिला श्रीमती नैना राजपूत की उपचार के दौरान मैक्स अस्पताल में मृत्यु हो गई है तथा अन्य महिला श्रीमती निधि कश्यप का दून अस्पताल मे उपचार चल रहा है। मृतका के पंचायतनामा की कार्यवाही की जा रही है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध संगीन धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर घटना की गहन जांच कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

     

     

  • पटेलनगर में फायरिंग मामले में चार गिरफ्तार,दोनों पक्षों पर मुकदमा

    पटेलनगर में फायरिंग मामले में चार गिरफ्तार,दोनों पक्षों पर मुकदमा

    देहरादून। देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में फायरिंग और मारपीट की घटना के मामले में दून पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर लाठी-डंडों से मारपीट और फायरिंग कर आमजन की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक 20 अगस्त को कंट्रोल रूम के माध्यम से पटेलनगर क्षेत्र में स्विफ्ट कार सवार युवकों द्वारा फायरिंग किए जाने और एक युवक के घायल होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पटेलनगर पुलिस मौके पर पहुंची। घायल युवक साहिल को उसके साथियों ने उपचार के लिए महंत इंदिरेश अस्पताल में भर्ती कराया।

    पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने तथा प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ के बाद पाया कि दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद को लेकर मारपीट और फायरिंग हुई थी। पुलिस के अनुसार एक पक्ष के युवकों ने दूसरे पक्ष के युवकों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और वाहन में तोड़फोड़ की।

    जांच में यह भी सामने आया कि दूसरे पक्ष के युवकों ने पहले आईटीएस कॉलेज के पास फायरिंग की। इसके बाद पीछा करने पर शिमला बाईपास रोड स्थित सेंट ज्यूडस चौक के पास कार सवार युवकों ने दोबारा फायरिंग की, जिसमें साहिल को गोली लग गई।

    पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर हुई मारपीट और फायरिंग से अफरा-तफरी का माहौल बन गया तथा वहां से गुजर रहे लोगों में भय पैदा हुआ। मामले में दोनों पक्षों के 11 नामजद और अन्य अज्ञात युवकों के खिलाफ कोतवाली पटेलनगर में मुकदमा संख्या 545/26, धारा 125, 191(2), 3(5), 352 बीएनएस के तहत अभियोग दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने नामजद आरोपितों में सुजल पाल (21), आदित्य मलिक (23), अंशुल (23) और आर्यन (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

    एसएसपी परमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग और सार्वजनिक स्थानों पर हिंसा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस ने युवाओं को कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

  • एसआईआर पर कांग्रेस विरोध घुसपैठियों एवं अवैध वोटरों को बचाने की कोशिश मे : भाजपा

    एसआईआर पर कांग्रेस विरोध घुसपैठियों एवं अवैध वोटरों को बचाने की कोशिश मे : भाजपा

    भाजपा की चुनावी हैट्रिक से एसआईआर पर कांग्रेसी झूठ का गुब्बारा फटना तय 

    देहरादून। भाजपा ने कहा कि एसआईआर पर झूठी शिकायतों का हो हल्ला मचाकर, ड्रामेबाजी से भ्रम फैलाने में जुटी है। बिहार, आसाम, बंगाल में एसआईआर का विषय विपक्ष ने चुनाव पूर्व उठाया था, लेकिन जनादेश देखकर वहां ये मुद्दा हवा हो गया है। ठीक ऐसा ही उत्तराखंड में भी भाजपा की चुनावी हैट्रिक के साथ ही झूठ और भ्रम की इस कांग्रेसी पटकथा का पटाक्षेप होगा। भाजपा का मत स्पष्ट है कि उत्तराखंड का मतदाता ही अपनी सरकार का चुनाव करेगा।

    पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस के आरोपों के जवाब में मीडिया को ब्रीफ करते हुए प्रदेश महामंत्री एवं एसआईआर विषय को लेकर प्रदेश प्रभारी तरुण बंसल ने कहा कि यह संवैधानिक प्रक्रिया कोई पहली बार उत्तराखंड में नहीं हो रही है। ये बात और है कि पूर्व में हमेशा से यह कांग्रेस के शासनकाल में ही हुई है, शायद गड़बड़ी करने को लेकर इनके अनुभव रहे होंगे। उसी आधार पर उन्हें इस पारदर्शी प्रक्रिया पर भी शंका हो रही है। जबकि भाजपा सरकार में प्रथम बार SIR किया जा रहा है और यह संवैधानिक प्रक्रिया पूरे तय प्रोटोकॉल के साथ की जा रही है। इसकी एक निर्धारित नियमावली है, पहले प्री-SIR हुआ, जिनकी मैपिंग होनी थी उनकी मैपिंग हुई, जो अनमैप्ड रह गए वे अनमैप्ड रह गए। उसके बाद अब जिनकी मैपिंग हो गई, उनके बाद भी उनके नोटिस आए हैं। अब नोटिस यह देख के तो नहीं आए हैं कि यह किसका है, यह किसका नहीं है, किसी पार्टी या खास वर्ग का है। एक-एक विधानसभा में 30, 40 हजार तक नोटिस आए हैं, असंगति या मानवीय त्रुटियों के चलते।

    उन्होंने प्रश्न किया कि क्या कांग्रेस चाहती है, एक व्यक्ति के वोट दो जगह रहें या कोई इस दुनिया में नहीं हो उसका नाम न हटे या किसी ने गलत जानकारी से वोट बनाया हो वो सरकार का चयन करे? फिर भी कांग्रेस को किसी आपत्ति पर भी आपत्ति हो तो इसके लिए इतने हो हल्ले की जरूरत नहीं है। यदि किसी को लेकर गलत आपत्ति होगी तो चुनाव आयोग उसे परखेगा और फिर भी शंका हो तो संबंधित कागजात जमा करने की प्रक्रिया है। जिनके पास नोटिस आए हैं उनके समाधान निश्चित रूप से होंगे होगा। और लोग अपने-अपने स्तर पर BLA-2 के माध्यम से, BLO के माध्यम से उन्हें दुरुस्त करवा सकते हैं।

    उन्होंने मीडिया द्वारा बड़ी संख्या में वोटर के नाम हटने पर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि ये 8 लाख 33 हजार की संख्या नाम कटने वालों की नहीं, बल्कि उन लोगों की है जो मैप नहीं हो पाए हैं। जिसमें कुछ दिवंगत हो गए, कुछ शिफ्ट हो गए, कुछ के दो जगह नाम होने से एसआईआर वाले राज्यों में पहले जुडऩे के बाद राज्य में कट गया। एसआईआर वोट सूची शुद्धिकरण की संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसमें सभी पात्र लोगों का मताधिकार मिलेगा। जिसको लेकर फार्म 6 की भूमिका अंतिम समय तक चलने वाली है।

    ​उन्होंने विपक्ष के इस आरोप कि कांग्रेस के मजबूत बूथों पर ही एसआईआर के दुष्प्रभाव सामने आ रहे हैं को बेबुनियाद और अनर्गल बताया। कांग्रेस को अपने सांगठनिक ढांचे को देखना चाहिए, जबकि भाजपा के शानदार व्यवस्था है पार्टी संगठन की, बूथ पन्ना स्तर की इकाई है। हमारे बूथ स्तर के कार्यकर्ता संकल्पबद्ध है कि एक भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए।

     

     

     

  • एसआईआर में आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, निर्वाचन आयोग को दिया ज्ञापन

    एसआईआर में आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, निर्वाचन आयोग को दिया ज्ञापन

    देहरादून। उत्तराखंड में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड से मुलाकात कर भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में थोक में फार्म सात में आपत्तियां दाखिल कर वैध मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने निवार्चन नियम मार्च 2023 में निर्धारित प्रक्रिया का हवाला देते हुए इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेसियों ने किच्छा विधानसभा में लगभग 50 पोलिंग स्टेशनों पर 10 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने संबंधी आपत्तियां दर्ज होने तथा केवल चार व्यक्तियों द्वारा 100 से अधिक आपत्तियां दाखिल किए जाने का मामला ज्ञापन में उठाया गया। कांग्रेस ने पीरान कलियर में विधायक फुरकान अहमद के नाम के विरुद्ध ऐसी आपत्ति दर्ज होने का मामला भी उठाया, जिसे संबंधित व्यक्ति ने शपथपत्र देकर दाखिल करने से इनकार किया है। प्रदेश कांग्रेस ने ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और हरिद्वार जिलों की कई विधानसभा सीटों में फार्म सात में आपत्तियों के असामान्य पैटर्न की स्वतंत्र जांच की मांग की है। कांग्रेसियों ने ज्ञापन के जरिए मांग करी कि विवादित फार्म सात और डीएसई मामलों में अंतिम नाम हटाने की कार्रवाई जांच पूरी होने तक रोकी जाए। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र जांच समिति गठित की जाए। फार्म सात के आवेदन, हस्ताक्षर, डिजिटल ट्रेल, सीसीटीवी और सत्यापन रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे नोटिस एवं अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है। किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटाना उसके मताधिकार पर सीधा प्रहार है। निर्वाचन आयोग से मांग है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराकर मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

    प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी, प्रदेश उपाध्यक्ष, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, सुजाता पॉल, प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी आदि शामिल रहे।

  • मालदेवता में सास-बहू की जोड़ी ने राखी कारोबार से मचाई धूम

    मालदेवता में सास-बहू की जोड़ी ने राखी कारोबार से मचाई धूम

    एनआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं राखी निर्माण से कर रहीं अच्छा कारोबार, दून के मॉल और सचिवालय में लगेंगे स्टॉल

    देहरादून। रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही देहरादून में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही हैंडमेड राखियों की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं राखी निर्माण को स्वरोजगार का जरिया बनाकर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा रही हैं।

    इसी कड़ी में रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी राखी कारोबार में अपनी अलग पहचान बना रही है। रायपुर ब्लॉक की नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के अंतर्गत आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दोनों महिलाएं मिलकर आकर्षक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। इस वर्ष उन्होंने दो हजार से अधिक राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक करीब 1,500 राखियां तैयार की जा चुकी हैं।

     1,200 राखियों से कमाया 25 हजार रुपये का मुनाफा

    लीला और अलका ने बताया कि पिछले वर्ष प्रशासन के सहयोग से उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। दोनों ने करीब 1,200 राखियां तैयार कर सीधे बाजार में बिक्री की, जिससे उन्हें लगभग 25 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। उत्साह बढ़ने के बाद इस वर्ष उन्होंने राखी कारोबार को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है।

    प्राइवेट नौकरी छोड़ सास के साथ शुरू किया स्वरोजगार
    अलका रावत ने पिछले वर्ष प्राइवेट नौकरी छोड़कर अपनी सास लीला के साथ स्वरोजगार की राह चुनी। दोनों ने मालदेवता क्षेत्र में ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ नाम से दुकान शुरू की है। एनआरएलएम के सहयोग से शुरू किए गए इस स्वरोजगार के माध्यम से वे राखियों के साथ अन्य हस्तनिर्मित एवं स्थानीय उत्पादों का भी कारोबार कर रही हैं। अलका के अनुसार समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आय का बेहतर अवसर मिला है। साथ ही सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर वह स्वयं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

    ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी मिल रहे ऑर्डर
    हैंडमेड राखियों की बिक्री अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी ग्राहकों से राखियों के ऑर्डर मिल रहे हैं। महिलाएं ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त ऑर्डर तैयार कर ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं। इससे उनके कारोबार को स्थानीय बाजार के साथ-साथ डिजिटल बाजार में भी विस्तार मिल रहा है।

    पारंपरिक से आधुनिक डिजाइनों तक तैयार हो रहीं राखियां
    समूह की महिलाओं द्वारा ऊन, क्रोशिया, मौली के धागे, रिबन सहित विभिन्न सामग्रियों से आकर्षक राखियां तैयार की जा रही हैं। इनमें भैया दूज, महाकाल, रुद्राक्ष, नजरबट्टू समेत कई पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन शामिल हैं। राखियों की डिजाइनिंग, प्रिंटिंग, पैकेजिंग और प्रचार-प्रसार का काम भी महिलाएं स्वयं कर रही हैं।

    वर्ष 2016 से एनआरएलएम से जुड़कर बढ़ा रहीं कारोबार
    आशा किरण स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष लीला रावत ने बताया कि वह वर्ष 2016 से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं। इस दौरान उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला, जिससे स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाएं हर वर्ष सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही अपने कारोबार का विस्तार कर रही हैं।

    सहसपुर और डोईवाला की महिलाएं भी तैयार कर रहीं राखियां
    रायपुर के साथ ही सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं भी बड़े स्तर पर राखियां तैयार कर रही हैं। डोईवाला विकासखंड की गायत्री क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत वैभव लक्ष्मी और पहाड़ी भुली ग्राम संगठनों से जुड़ी करीब 100 महिलाएं विभिन्न डिजाइन की राखियां बना रही हैं। इन राखियों की बिक्री रायवाला और श्यामपुर के विभिन्न बाजारों में स्टॉल लगाकर की जा रही है।

    वहीं, सहसपुर विकासखंड के सक्षम क्लस्टर की महिलाएं भी राखियां तैयार कर रही हैं। उनकी राखियों को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शित किया जा रहा है और सेलाकुई, सहसपुर तथा विकासनगर क्षेत्र में भी अच्छा बाजार मिल रहा है।

    दून के प्रमुख मॉलों में लगेंगे समूह की महिलाओं के स्टॉल
    मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न प्रकार की आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून जिले के सहसपुर, रायपुर और डोईवाला विकासखंड की सीएलएफ से जुड़ी महिलाएं उच्च गुणवत्ता की राखियां तैयार कर रही हैं।

    उन्होंने बताया कि महिलाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा देहरादून के तीन-चार प्रमुख मॉलों में भी राखियों के स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने आमजन से अपील की कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों और अन्य उत्पादों की खरीदारी कर उनके स्वरोजगार को प्रोत्साहित करें।

    24 से 27 अगस्त तक सचिवालय में लगेंगे पांच स्टॉल
    सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी एनआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं बेहतर गुणवत्ता वाली राखियां बाजार में उपलब्ध करा रही हैं। सहसपुर, रायपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाओं को राखियों की बिक्री के लिए अच्छा बाजार मिल रहा है।

    उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के अंतर्गत 24 से 27 अगस्त तक उत्तराखंड सचिवालय में पांच स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं राखियों के साथ विभिन्न प्रकार के पहाड़ी एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगी।

    रक्षाबंधन के अवसर पर राखी निर्माण से जुड़ी इन ग्रामीण महिलाओं की पहल नारी सशक्तीकरण और स्थानीय स्वरोजगार की तस्वीर को मजबूत कर रही है। मालदेवता की लीला और अलका की सास-बहू की जोड़ी सहित जिलेभर की समूह महिलाएं हुनर को कारोबार में बदलकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

  • देहरादून के 13 गांव में खोला जाएगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र

    देहरादून के 13 गांव में खोला जाएगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र

    मुख्यमंत्री धामी बोले सरकार महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित

    मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में मुख्यमंत्री ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत चौपाल – 2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। साथ ही 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता और आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। उद्घाटन सत्र में उन्होंने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के समस्त जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणण के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हमारे गांव प्रदेश के विकास में सहभागी ही नहीं बन रहे हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य और परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उत्साही युवाओं, साहसी मातृशक्ति में कुछ कर गुजरने की इच्छा और हुनर है, इसी तरह प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। जरूरत केवल इस बात कि है कि हुनर को सही दिशा मिले। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” को आगे बढ़ाने का काम किया है। योजना के जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थित मजबूत हो। “मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

    उन्होंने कहा कि आज जहां एक ओर प्रदेश में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 3 लाख से अधिक बहने लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृशक्ति पहाड़ी मसालों से लेकर मंडुवा, झंगोरा, दालों, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कला तक को व्यवसाय का रूप दे रही हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि सरकार गांव के उत्पादों को देश के बड़े शहरों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसी दिशा में काम करते हुए हाउस ऑफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता का एक बड़ा उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवा रोजगार की तलाश में अपने गांव को छोड़ने के लिए मजबूर न हों। क्योंकि गांव मजबूत होगा तो उत्तराखण्ड मजबूत होगा।
    इस दिशा में कार्य करते हुए सरकार “ग्रामोत्थान परियोजना” (रीप) के माध्यम से भी गांव के अति-निर्धन परिवारों को आजीविका से जोड़कर गांवों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 13 जनपदों में “मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल” आयोजित की जा रही हैं। इन चौपालों का उद्देश्य है कि सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक लोग जान सकें और उनका फायदा उठा सकें। इसी उद्देश्य से प्रचार वैन को भी गांव-गांव तक भेजा जा रहा है, ताकि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
    आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी और महिला उद्यमियों को भी सम्मानित किया। साथ ही उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पुस्तक, वार्षिक रिपोर्ट का भी विमोचन किया। साथ ही एकीकृत कृषि कलस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल और शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल के साथ ही महिलाओं एचं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन मॉडयूल का भी लोकार्पण किया।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, श्रीमती सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से सर्चिंग के दौरान बरामद किया शव

    एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से सर्चिंग के दौरान बरामद किया शव

    देहरादून। 18 अगस्त 2026 को शक्ति नहर में एक कार के गिरने तथा उसमें सवार व्यक्ति के लापता होने की सूचना प्राप्त होने पर एसडीआरएफ एवं जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया।

    कोअपर उप निरीक्षक श्री सुरेश तोमर के नेतृत्व में सर्चिंग अभियान के दौरान गुरुवार रात्रि लगभग 07:00 बजे शक्ति नहर से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को बरामद कर लिया गया। वाहन में सवार रजत पुंडीर की तलाश हेतु इसके पश्चात भी एसडीआरएफ टीम द्वारा शक्ति नहर के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में लगातार गहन सर्चिंग अभियान चलाया जाता रहा।

    आज जएसडीआरएफ टीम द्वारा ढालीपुर इंटेक के समीप सर्चिंग के दौरान लापता रजत पुंडीर का शव बरामद कर लिया गया। शव को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

     

  • उपनल से कार्योजित पूर्व सैनिकों को ऊर्जा निगम मे भी मिले समान कार्य-समान वेतन:नेगी

    उपनल से कार्योजित पूर्व सैनिकों को ऊर्जा निगम मे भी मिले समान कार्य-समान वेतन:नेगी

    मोर्चा पूर्व सैनिकों की लड़ेगा लड़ाई

    विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि उपनल कर्मचारियों के मामले में जनहित याचिका संख्या 116/ 2018 कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य व अन्य आदि याचिका में मा.उच्च न्यायालय द्वारा उपनल के माध्यम से कार्योजित/ प्रायोजित कार्मिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि देने के निर्देश दिए गए थे, जिसके क्रम में शासन द्वारा 3 फरवरी 2026 के द्वारा समान कार्य- समान वेतन दिए जाने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए थे।

    कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लगभग सभी विभागों/ निगमों द्वारा पूर्व सैनिकों को समान कार्य- समान वेतन आदि दिये जाने के निर्देश का अनुपालन हो चुका है, लेकिन ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यथा यूपीसीएल, यूजेविएन एल व पिटकुल द्वारा आज तक उक्त आदेश का अनुपालन नहीं किया गया, जोकि बहुत ही गंभीर मामला है। सवाल यह उठता है कि आखिर पूर्व सैनिकों के साथ ये नाइंसाफी कैसी है?  जिम्मेदार मंत्री/ अधिकारी इस मामले में क्यों खामोश है। सरकार को उपनल के माध्यम से प्रायोजित पूर्व सैनिकों को बगैर लाग- लपेट के इनका लाभ प्रदान करना चाहिए। मोर्चा पूर्व सैनिकों को न्याय दिलाने के लिए शीघ्र ही शासन में दस्तक देगा।

    पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद थे |