Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित है वंदे मातरम को लेकर कांग्रेसी रुख: भट्ट

    विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित है वंदे मातरम को लेकर कांग्रेसी रुख: भट्ट

    राष्ट्रगीत के इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को लेकर जनजागरण चलाएगी भाजपा

    देहरादून। भाजपा ने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेसी रुख को विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित बताते हुए कड़ी निंदा की है और कहा कि इस गौरवशाली विरासत को जन जन तक पहुँचाने के लिए पार्टी जनजागरण अभियान चलाने जा रही है।

    प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रगीत के इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत को जन जन तक पहुँचाने के लिए पार्टी जनजागरण अभियान चलाने जा रही है। उन्होंने पूर्व सीएम हरदा की चिंता पर सुझाव दिया कि वे वरिष्ठ हैं, अपने कार्यकर्ताओं को वन्देमातरम के सम्मान के लिए प्रेरित करें। साथ ही कहा, जो फिलहाल पूर्ण राष्ट्रगीत गा नहीं सकते, वे कम से कम कानून सम्मत सम्मान तो दे ही सकते हैं

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सम्मान और उसके गायन के संवैधानिक अधिकार को लेकर, पार्टी किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करने वाली है। साथ ही हाल में कांग्रेस पार्टी की कार्यसमिति द्वारा 1937 के अपने विभाजनकारी प्रस्ताव को दोबारा स्वीकार करने और वंदे मातरम के केवल दो छंद गाने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी वंदेमातरम को अधूरा और विस्मृत करने के विपक्षी प्रयासों को असफल करने और राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान, स्वाभिमान और ऐतिहासिक महत्व को जन जन, विशेषकर युवाओं के बीच पहुंचने के उद्देश्य से जागरुकता अभियान चलाने जा रही है।

    उन्होंने कहा कि भाजपा ‘वंदे मातरम’ को केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, स्वतंत्रता संग्राम का मूल मंत्र और राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक मानती है। ‘वंदे मातरम’ क्रांतिकारियों के बलिदान का प्रतीक है, जिसकी गरिमा की रक्षा के लिए भाजपा पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ​कांग्रेस ने 1930 के दशक में राष्ट्र-विरोधी सोच के आगे समर्पण किया था और आज फिर उसी तुष्टीकरण की नीति को अधिकृत रूप दे रही है। ऐतिहासिक तथ्यों बताते हुए कहा कि 1923 के काकीनाडा अधिवेशन में ‘वंदे मातरम’ गायन का मोहम्मद अली जिन्ना ने बतौर अध्यक्ष बहिष्कार किया था। आज भी उसी रवैये को कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व 15 अगस्त पर पार्टी मुख्यालय में दोहराता दिखाई देता है।

    ​प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, महात्मा गांधी जी ने भी ‘वंदे मातरम’ को धर्म की परिधि से परे शुद्धतम राष्ट्रीय भावना बताया था। जबकि कांग्रेस ने वोट गांधी जी के नाम पर लिए, लेकिन उनकी इस विषय पर आधारित भावनाओं को हमेशा नज़रअंदाज़ किया है।

    उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने देश के सम्मान, देशभक्ति के गान और देशवासियों के स्वाभिमान के प्रतीक ‘वंदे मातरम’ पर ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। वर्ष 2025 में संसद की ऐतिहासिक चर्चा से ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर इसके पूर्ण स्वरूप का आधिकारिक सम्मान स्थापित किया गया है। क्योंकि राष्ट्रगीत को कड़ा कानूनी संरक्षण दिया जाना जरूरी था। जिसके लिए ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित कर ‘वंदे मातरम’ के गायन में जानबूझकर व्यवधान डालने को दंडनीय अपराध बनाया गया।
    ​लाल किले की प्राचीर से 15 अगस्त पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ गायन बड़े हर्षोल्लास के साथ हुआ, जिससे राष्ट्रगीत को उसका खोया हुआ सर्वोच्च सम्मान मिला और देशवासियों को ‘वंदे मातरम’ का स्वाभिमान मिला।

    पार्टी की राष्ट्रीय पदाधिकारी बैठक में 22 अगस्त को पहले ही निर्णय में ‘वंदे मातरम’ के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया गया है और आगामी कार्ययोजना तैयार की गई है।

    उन्होंने कहा कि एक लंबे समय तक देशवासियों को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के सम्मान को लेकर अंधेरे में रखने के प्रयास किए गए। इसलिए भाजपा कार्यकर्ता, देश के कोने-कोने में लोगों और विशेषकर युवाओं के बीच ‘वंदे मातरम’ का इतिहास, अर्थ और गौरवशाली विरासत पहुँचाने के लिए जन-जागरण अभियान चलाएगी। जनता को बताएँगे कि देश के अंदर जिस राष्ट्रगीत से पूरे आजादी के आंदोलन को बल मिला, उस राष्ट्रगीत का आज कांग्रेस अपमान कर रही है, इसको हम निश्चित रूप से इस विषय को लेकर जनता के बीच जाएँगे। इस पूरे विषय पर भाजपा का मत स्पष्ट है: ‘वंदे मातरम’ समूचे भारत का है, माँ भारती की वंदना है और इसके सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा का हर कार्यकर्ता संकल्पबद्ध है।

    वहीं इस दौरान हरीश रावत द्वारा वन्देमातरम को जेन जी के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताने को लेकर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमें आश्चर्य होता है, इतने वरिष्ठ नेता इस प्रकार की बातों को कर रहे हैं। अच्छा होता, हरीश रावत जी सबसे आग्रह करते, वे कांग्रेस के बहुत वरिष्ठतम नेता हैं, आजादी के उन क्षणों को उन्होंने सुना होगा। इसलिए आजादी के इस गीत को सब लोगों को गाना चाहिए, इस प्रकार का आह्वान उनको अपने कार्यकर्ताओं में करना चाहिए।

    पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह प्रभारी राजेंद्र नेगी मौजूद थे।

  • 4 दिन से लापता नेपाली नागरिक का शव गहरी खाई से बरामद

    4 दिन से लापता नेपाली नागरिक का शव गहरी खाई से बरामद

    नैनीताल। SDRF ने 100 मीटर गहरी खाई से 4 दिन से लापता नेपाली नागरिक का शव बरामद किया है।

    आज आपदा कंट्रोल रूम नैनीताल द्वारा SDRF को सूचना दी गई कि पाइंस क्षेत्र के समीप एक व्यक्ति के गहरी खाई में गिरने की संभावना है। उक्त सूचना पर SDRF पोस्ट नैनीताल से उप निरीक्षक मनीष भाकुनी के नेतृत्व में टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

    घटनास्थल पर पहुंचकर SDRF टीम द्वारा दुर्गम एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में गहन सर्चिंग अभियान चलाया गया। सर्चिंग के दौरान टीम ने लगभग 100 मीटर गहरी खाई से एक व्यक्ति का शव बरामद किया। जानकारी के अनुसार मृतक दिनांक 21 अगस्त 2026 से लापता चल रहा था। मृतक की पहचान टिक बहादुर पुत्र जंग बहादुर, उम्र 40 वर्ष, निवासी नेपाल के रूप में हुई। शव को गहरी खाई से बाहर निकालकर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

  • मरीज की जगह गांजा ढोती मिली एंबुलेंस, 90 किलो बरामद, एक गिरफ्तार

    मरीज की जगह गांजा ढोती मिली एंबुलेंस, 90 किलो बरामद, एक गिरफ्तार

    बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये 

    श्रीनगर। नशे के तस्कर कारनामों को अंजाम देने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। श्रीनगर पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान के दौरान एक इको एंबुलेंस से 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है.

    विगत दिवस श्रीनगर पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आवास विकास ग्राउंड, श्रीनगर के समीप पुलिस टीम ने एक इको एंबुलेंस संख्या UK14-PA-0539 को चेकिंग के लिए रोका. वाहन की गतिविधियों पर संदेह होने पर पुलिस कर्मियों ने एंबुलेंस की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान एंबुलेंस के अंदर 9 कट्टों में छिपाकर रखा गया कुल 90 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ. पुलिस ने मौके से एंबुलेंस चालक रविन्द्र सिंह बिष्ट, उम्र 45 वर्ष, पुत्र स्व. कृपाल सिंह, निवासी चौरास, थाना कीर्तिनगर, जनपद टिहरी गढ़वाल, हाल निवासी श्रीनगर को गिरफ्तार किया।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह श्रीकोट क्षेत्र में एंबुलेंस का संचालन करता है। वह अपने एक अन्य सहयोगी के साथ एंबुलेंस के माध्यम से जनपद रुद्रप्रयाग क्षेत्र से गांजे के कट्टे लेकर श्रीनगर पहुंच रहा था। पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि गांजा रुद्रप्रयाग क्षेत्र से अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदकर श्रीनगर में अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी। इस अवैध कारोबार से उसे आर्थिक लाभ मिलता था।

    पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी पूर्व में भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामले में संलिप्त रहा है। पुलिस अब आरोपी से मिली जानकारी तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। विशेष रूप से गांजे की आपूर्ति करने वाले स्रोत, इसे श्रीनगर तक पहुंचाने वाले अन्य लोगों तथा आगे इसकी बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • सीएम ने बहनों के बीच पहुंचकर बंधायी राखी,मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का दोहराया संकल्प

    सीएम ने बहनों के बीच पहुंचकर बंधायी राखी,मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का दोहराया संकल्प

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग किया। इसके पश्चात उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दोनों ही कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन हमें नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल हमारा कर्तव्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कार का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ-साथ समाज और संस्कृति की भी मूल शक्ति है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।

    उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक, घर-परिवार से लेकर उद्योग और व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। अब महिलाएं केवल सहभागिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी आगे बढ़ रही हैं। देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति की बात आती है तो उनका सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। पहाड़ की महिलाओं ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उज्ज्वला योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति दिलाने, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल से जल पहुंचाने, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को घर के स्वामित्व से जोड़ने तथा लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया है। महिला आरक्षण, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ निर्णायक कदम भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।

    राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आज प्रदेश की लगभग 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। ये स्वयं सहायता समूह केवल आय का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सामूहिक शक्ति, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता के मजबूत केंद्र बन चुके हैं।

    3 लाख से अधिक बनी लखपति दीदी

    उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।

    महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों के स्तर पर भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। वहीं समान नागरिक संहिता के माध्यम से सभी वर्गों की महिलाओं के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए ये योजनाएं केवल सरकारी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि मातृशक्ति को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता हैं।

     34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए, रोजगार प्राप्त करे और अपने परिवार का सहारा बने। इसके विपरीत बच्चे के पढ़-लिखने के बाद भी रोजगार के लिए भटकना मां के लिए सबसे बड़ा दर्द होता है। सरकार ने इसी पीड़ा को समझते हुए अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है।

    मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, एक भाई के रूप में आया हूं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के रक्षाबंधन समारोह में वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच उपस्थित हैं। उन्होंने मातृशक्ति से कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कभी कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनकी समस्या का संज्ञान लेकर उसके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा और वे एक भाई होने के अपने दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।

    चौधरी फार्म, जीएमएस रोड में आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम के आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में आई महिलाएं उपस्थित रहीं।

    वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी एवं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

  • युवक की हत्या का आरोप, परिजनों ने दोस्तो के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

    युवक की हत्या का आरोप, परिजनों ने दोस्तो के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

    देहरादून। राजधानी के निकटवर्ती क्षेत्र मेया युवक की हत्या का मामला सामने आया है। परिजनों ने दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

    जानकारी के अनुसार रायपुर थाना क्षेत्र की रक्षा विहार मुस्लिम बस्ती में 21वर्षीय इफ्तिखार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने अनस, आरिस, जावेद समेत अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों ने कहा अनस के कार्यालय में इफ्तिखार के साथ मारपीट की गयी। 

    इफ्तिखार के बड़े भाई इंतजार आलम ने बताया है इफ्तिखार इंदिरा मार्किट में कपड़ों की दुकान चलाता था। कल रात को दुकान से आने के बाद घर के बराबर में एक गोदाम में दोस्तो के पास गया। वहीं, किसी ने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। जिसके बाद दोस्त इफ्तिखार को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल लेकर घूमते रहे। इस बीच दोस्तों ने परिजनों को घटना के बारे में सूचना नहीं दी।

     

    कई घंटों बाद लोगों को सूचना दी गई और उसके आधे घंटे बाद इफ्तिखार की मौत हो गई। उन्होंने बताया जब हम घटनास्थल पर पहुंचे तो दोस्तों ने मौके से खून को पानी से साफ कर दिया था। परिजनों ने इफ्तिखार के दोस्त अनस,आरिस, जावेद समेत अन्य युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। 

    घटना की जानकारी के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर FSL और फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाया. जिसके बाद साक्ष्य जमा किये गये। थाना रायपुर पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत के आधार पर अनस, आरिस और जावेद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना के संबंध में जांच कर रही है.

     

  • सहस्त्रधारा मे डूबा अधेड़, एसडीआरएफ ने 02 किलोमीटर दूर बरामद किया शव

    सहस्त्रधारा मे डूबा अधेड़, एसडीआरएफ ने 02 किलोमीटर दूर बरामद किया शव

    देहरादून। बरसाती मौसम मे नदी नालों की ओर रुख कर रहे लोग जान जोखिम मे डालने से नही चूक रहे हैं। सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर SDRF ने लगभग 02 किलोमीटर दूर उसका शव बरामद कर लियाहै।

    आज प्रातः CCR/आपदा कंट्रोल सूचना प्राप्त हुई कि सहस्त्रधारा क्षेत्र में एक व्यक्ति के पानी में बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही SDRF टीम सहस्त्रधारा तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।

    घटनास्थल पर पहुंचने पर जानकारी मिली कि एक व्यक्ति सहस्त्रधारा में स्नान के दौरान पानी के तेज बहाव में डूब गया था। SDRF टीम ने परिजनों से संभावित स्थानों पर गहन सर्चिंग अभियान शुरू किया। लगातार सर्चिंग के बाद जवानों ने उक्त व्यक्ति का शव सहस्त्रधारा झरने से लगभग 02 किलोमीटर दूर पांडव वाला पुल के पास बरामद कर लिया।

    मृतक की पहचान नौथ राम, उम्र लगभग 50 वर्ष, निवासी दिल्ली के रूप में हुई है।

  • सुविधाजनक सेवाओं के साथ विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा यूपीसीएल

    सुविधाजनक सेवाओं के साथ विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा यूपीसीएल

    देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है। इसी क्रम में रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने और दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 19 वाइब्रेंट गांवों को ग्रिड के माध्यम से विद्युतीकृत किया जा रहा है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत 12.89 करोड़ रुपये है।

    निगम के प्रबंध निदेशक पीसी ध्यानी ने शनिवार को ऊर्जा भवन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उपभोक्ता हित, बेहतर विद्युत सेवाएं और कार्मिक कल्याण निगम की प्राथमिकता हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट मीटर, रूफटॉप सोलर और विद्युत वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण पर जोर दिया जा रहा है।

    उन्हाेंनेे बताया कि पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलने के लिए उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। स्मार्ट एवं प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को निर्धारित छूट का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को बिजली खपत और भुगतान की जानकारी अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकेगी।

    उन्होंने बताया कि संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इससे उपभोक्ताओं को बिजली खपत और भुगतान की जानकारी अधिक पारदर्शी एवं सुविधाजनक तरीके से मिल सकेगी तथा वे अपनी खपत पर बेहतर निगरानी रख सकेंगे।

    प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा के साथ बिजली बिल में राहत मिल रही है और कई परिवारों का बिल शून्य तक हुआ है।

    ध्यानी ने कहा कि आरडीएसएस के तहत बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के कार्य किए जा रहे हैं। यूपीसीएल के सभी 12 मंडलों में बिजली हानि कम करने और प्रणाली सुदृढ़ीकरण के 60 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरे हो चुके हैं। इन कार्यों को नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। योजना की स्वीकृत लागत 1,262.38 करोड़ रुपये है और अब तक 656.60 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रगति हुई है।

    उन्होंने बताया कि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के अंतर्गत बुक्सा और वनराजी जनजातियों के 669 चिन्हित संयोजन जारी किए जा चुके हैं। वहीं, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 169 लाभार्थियों को विद्युत संयोजन देकर कार्य पूरा कर लिया गया है।

    रीवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने के लिए यूपीसीएल 19 वाइब्रेंट गांवों को ग्रिड के माध्यम से विद्युतीकृत कर रहा है। इसके अलावा आरडीएसएस के तहत 43 दूरस्थ सीमावर्ती चौकियों को ग्रिड से जोड़ने का काम जारी है। इस परियोजना की स्वीकृत लागत 327.51 करोड़ रुपये है और 45.19 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रगति हो चुकी है।

    उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल विद्युत ढांचे का विस्तार करना नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध और पारदर्शी सेवा उपलब्ध कराना है। कर्मचारी हितों से जुड़े एसीपी, पदोन्नति, पेंशन, नियमितीकरण और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों का भी समयबद्ध निस्तारण किया जा रहा है।
    कुंभ-2027 के मद्देनजर ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर क्षेत्र में विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और विद्युत प्रणाली को स्काडा आधारित बनाने का कार्य जारी है। परियोजना की स्वीकृत लागत 547.83 करोड़ रुपये है।
    देहरादून में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) वित्त पोषित परियोजना के तहत हाईटेंशन और लो टेंशन लाइनों के भूमिगतकरण का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसकी स्वीकृत लागत 977.03 करोड़ रुपये है। परियोजना से शहर की विद्युत व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और निर्बाध बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    यूपीसीएल उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ईआरपी और आईटी प्रणाली को मजबूत कर रहा है। आरडीएसएस वित्त पोषण के तहत इसका 70 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और इसे इसी वर्ष पूरा करने का लक्ष्य है। रियल टाइम डेटा एक्विजिशन सिस्टम (आरटी-डीएएस) के माध्यम से बिजली आपूर्ति बाधित होने की सूचना वास्तविक समय में नेशनल पावर पोर्टल तक भेजी जा रही है। यूपीसीएल मुख्यालय स्थित नियंत्रण कक्ष से विद्युत आउटेज की निगरानी की जा रही है।

    केदारनाथ-बदरीनाथ समेत कई क्षेत्रों में नए उपकेंद्र-
    भविष्य की विद्युत मांग को देखते हुए यूपीसीएल ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम समेत कई क्षेत्रों में नए 33/11 केवी उपकेंद्र और विद्युत लाइनों के निर्माण की परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं। इनमें काठगोदाम आईटीआई परिसर एवं जयपुर पाडली, केदारनाथ धाम, बदरीनाथ धाम, बसवाड़ा-उखीमठ, मदमहेश्वर-गुप्तकाशी, सारा-देहरादून और पाखी-चमोली शामिल हैं।
    काठगोदाम आईटीआई परिसर स्थित उपकेंद्र का निर्माण पूरा कर लोड कनेक्ट किया जा चुका है, जबकि जयपुर पाडली में कार्य जारी है। केदारनाथ और बदरीनाथ क्षेत्र की परियोजनाओं पर भी काम चल रहा है। हरिद्वार, देहरादून, रुड़की, मसूरी, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर में भी नए 33/11 केवी उपकेंद्र प्रस्तावित हैं।

  • चीनी की बढ़ी कीमतों और इथेनॉल मिलावट वाले पेट्रोल के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

    चीनी की बढ़ी कीमतों और इथेनॉल मिलावट वाले पेट्रोल के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन

    भाजपा सरकार ने गरीबों की थाली से रोटी व प्याली से चाय की मिठास छीन ली: धस्माना

    देहरादून। केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति के कारण मिलावट वाला पेट्रोल और आसमान छूती चीनी की कीमतों के खिलाफ आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में ईसी रोड स्थित इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप पर प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए धस्माना ने कहा कि केंद्र सरकार के संरक्षण में बनी एथेनॉल नीति के कारण जनता को एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल अपनी गाड़ियों में भरवाना पड़ रहा है, जिसके कारण दो पहिया, तीन पहिया व चार पहिया पेट्रोल वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। वहीं, क्योंकि एथेनॉल गन्ने से बनता है और इसके कारण गन्ने की कमी शुगर फैक्ट्रियों में हो गई है, जिससे चीनी का उत्पादन घट गया है और देश में चीनी पिछले एक पखवाड़े में 20 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है।

    उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से देश भर में महंगाई लगातार बढ़ रही है, किंतु जिस प्रकार से केंद्र सरकार की एथेनॉल नीति से पेट्रोल उपभोक्ता और चीनी का उपयोग करने वाला हर व्यक्ति आज त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा है, वह अत्यंत चिंताजनक है। मोदी सरकार ने पहले हर नागरिक की थाली से भोजन छीन लिया और अब तो गरीब की प्याली से चाय की मिठास भी छीन ली है।

    धस्माना ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड में शीघ्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के नेतृत्व में मिलावटी पेट्रोल और महंगी चीनी के खिलाफ प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू करेगी और प्रदेश के हर जनपद, हर शहर, हर ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर प्रदर्शन व धरने आयोजित करेगी।

    प्रदर्शन में प्रमुख रूप से प्रदेश अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष मदन लाल, प्रदेश श्रम प्रकोष्ठ अध्यक्ष दिनेश कौशल, पार्षद संगीता गुप्ता, पार्षद मुकीम अहमद, पूर्व पार्षद राजेश पुंडीर, पूर्व पार्षद राजेश उनियाल, पूर्व पार्षद इलियास अंसारी, सुशीला शर्मा, कमर सिद्दीकी, एडवोकेट विनोद कुमार, आनंद सिंह पुंडीर, यामीन खान, पूनम पुंडीर, अनिता दास, सुशील डोभाल, सोनू काजी, प्रमोद गुप्ता, अनुराग गुप्ता, नोहर सिंह, चंद्रपाल, धर्मपाल घाघट, गगन दीप, रईस कसार, फरजंद अली, वीरेश कुमार, विलियम भाई, दीपक गुप्ता, रोहित कुमार, आयुष सिंह, प्रीति कौर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।

     

  • एथेनॉल को चीनी की महंगाई से जोड़ना कांग्रेस का प्रोपेगेंडा: चौहान

    एथेनॉल को चीनी की महंगाई से जोड़ना कांग्रेस का प्रोपेगेंडा: चौहान

    नारेबाजी के बजाय तथ्यों के साथ बात करे कांग्रेस

    एथेनॉल के लिए चीनी की हिस्सेदारी 12% से घटकर 9%, फिर भी कांग्रेस फैला रही भ्रम

    मक्का से बढ़ा एथेनॉल उत्पादन, अनाज की हिस्सेदारी करीब तीन-चौथाई

    देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने चीनी की कीमतों को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस एक बार फिर तथ्यों से परे जाकर जनता को गुमराह करने और राजनीतिक भ्रम फैलाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हाल में चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को एथेनॉल उत्पादन के लिए चीनी डायवर्ट किए जाने से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है। इसके बावजूद कांग्रेस एथेनॉल के नाम पर प्रदर्शन कर रही है, जो उसकी झूठ की राजनीति को स्पष्ट करती है।

    चौहान ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार एथेनॉल के लिए डायवर्ट की जाने वाली चीनी की हिस्सेदारी 2022-23 में करीब 12 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में करीब 9 प्रतिशत रह गई है। इतना ही नहीं, देश में अब करीब तीन-चौथाई एथेनॉल उत्पादन अनाज, विशेषकर मक्का, से हो रहा है। ऐसे में कांग्रेस का यह दावा कि एथेनॉल नीति के कारण चीनी महंगी हुई है, तथ्यों के विपरीत है।

    उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतों में हालिया वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। घरेलू उत्पादन का अनुमान से कम रहना, त्योहारी सीजन से पहले मांग में वृद्धि, गन्ने की फसल पर मौसम और बीमारियों का असर, वैश्विक स्तर पर चीनी की आपूर्ति में कमी तथा कुछ क्षेत्रों में जमाखोरी इसके प्रमुख कारण हैं। सरकारी आंकड़ों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चीनी की कीमत 30 जून के 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त को 552 डॉलर प्रति टन हो गई।

    चौहान ने कहा कि कांग्रेस को यह भी बताना चाहिए कि यदि एथेनॉल नीति ही चीनी संकट का कारण है, तो 2025-26 सीजन के 20 अगस्त तक 97 प्रतिशत गन्ना बकाये का भुगतान किसानों को कैसे हो गया? केंद्र के अनुसार अतिरिक्त चीनी को एथेनॉल की ओर डायवर्ट करने से चीनी मिलों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई और किसानों के भुगतान में भी मदद मिली। इससे यह स्पष्ट होता है कि एथेनॉल कार्यक्रम ने चीनी उद्योग की पुरानी अधिशेष उत्पादन की समस्या को दूर करने में सकारात्मक भूमिका निभाई है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नारेबाजी के बजाय यह भी देखना चाहिए कि केंद्र सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सरकार ने 1 अगस्त से 30 नवंबर तक चीनी डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक सीमा लागू की है। 1 सितंबर से थोक उपभोक्ता 15 दिनों की खपत से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। मिलों में स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है तथा घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति भी दी गई है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हर महंगाई के मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंकने की बजाय जनता को सही तथ्य बताने चाहिए। एथेनॉल नीति ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ चीनी उद्योग को अधिशेष उत्पादन की समस्या से राहत दी है। दूसरी ओर, कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर भी भ्रम फैला रही है और अब चीनी की कीमतों के लिए भी उसी को जिम्मेदार ठहरा रही है।

    चौहान ने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन जनता के हित में नहीं, बल्कि जनता को भ्रमित करने के लिए है। केंद्र सरकार ने कीमतों पर निगरानी, स्टॉक सीमा, आयात और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई जैसे ठोस कदम उठाए हैं। कांग्रेस को भी प्रदर्शन की राजनीति छोड़कर तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। देश की जनता अब नारे और झूठे आरोप नहीं, बल्कि परिणाम और तथ्य देखती है। उन्होंने कहा कि जनता कांग्रेस की निम्न स्तरीय क्रियाकलापों को देख रही है और उसे मुँह तोड़ जवाब देगी।

     

  • मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

    मेरे सपनों का उत्तराखंड: 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

    कक्षा 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों ने उत्तराखंड के भविष्य को लेकर साझा किए अपने विचार

    पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण समेत 8 प्रमुख विषयों पर युवाओं ने दिया विजन

    श्रेष्ठ 140 विचारों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं करेंगे विद्यार्थियों से संवाद

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है।

    मुख्यमंत्री ने बीते 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद करते हुए उनसे आह्वान किया था कि वे बताएं कि आने वाले वर्षों में वे अपने उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी की।

    विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक सहित आठ प्रमुख विषयों पर अपने सुझाव और नए विचार प्रस्तुत किए हैं। खास बात यह है कि ये केवल निबंध नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के प्रदेश को लेकर उनकी सोच का दस्तावेज बन रहे हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा तथा उपयोगी विचारों को राज्य की नीतियों एवं भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

    अभियान के अंतर्गत 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों एवं सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी भी इन विद्यार्थियों के साथ स्वयं संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके साथ ही श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार प्रदान किए जाने की भी व्यवस्था की गई है।

    पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में प्रदेश के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की व्यापक भागीदारी देखने को मिल रही है।

    अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को सीधे राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से जोड़ने की यह एक अभिनव पहल है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। 24 अगस्त निबंध जमा करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।

    सीएम स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार भी बने।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे विद्यार्थी केवल उत्तराखंड का भविष्य नहीं हैं, बल्कि उनके विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ के माध्यम से हम नई पीढ़ी की सोच को सुन रहे हैं। युवाओं के अच्छे और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। हमारा संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सहभागी बनाया जाए।