Author: वीरेंद्र भारद्वाज

  • 10 मिनट में दो सगी बहनों की हत्या से हड़कंप, गोलियों की गूंज से दहला रुड़की शहर

    10 मिनट में दो सगी बहनों की हत्या से हड़कंप, गोलियों की गूंज से दहला रुड़की शहर

    रुड़की,(अनिल पुंडीर): रुड़की शहर में मंगलवार देर शाम को हुई सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल में दो सगी बहनों को गोली मार दी गई, जिसमें दोनों महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दिनदहाड़े हुई इस दोहरी वारदात से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है और शक की सुई मृतक महिलाओं के भाई की ओर घूम रही है।

    जानकारी के अनुसार प्रीत विहार निवासी संगीता ई-रिक्शा से सेक्टर रोड के रास्ते कहीं जा रही थी। इसी दौरान एक बदमाश ने उसे निशाना बनाते हुए गोली मार दी। अचानक हुई फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली लगने के बाद संगीता गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
    बताया जा रहा है कि पहली वारदात के करीब 10 मिनट बाद ही बदमाश ने दूसरी घटना को अंजाम दिया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी संगीता की बहन पुष्पा और उसके पति पर उनके घर के बाहर गोली चला दी गई। हमले में पुष्पा की मौत हो गई, जबकि उसका पति गोली लगने से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
    एक के बाद एक दो बहनों को गोली मारे जाने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। घटनास्थलों पर पुलिस अधिकारी पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। दोनों वारदातों में एक ही आरोपी व आपसी पारिवारिक विवाद की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।
    दो बहनों की हत्या ने शहर को झकझोर दिया है। महज कुछ मिनटों के अंतराल में हुई इन वारदातों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं की हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में शक की सुई महिलाओं के भाई की ओर भी इशारा कर रही है, हालांकि पुलिस अभी मामले की गहन जांच जुटी है और आधिकारिक तौर पर किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं रही है।
    पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वारदात के पीछे की असल वजह और हमलावर की भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। रुड़की में कुछ ही मिनटों के भीतर दो बहनों की हत्या की इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

  • प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण के डीएम ने दिये निर्देश

    प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण के डीएम ने दिये निर्देश

    विशेष गहन पुनरीक्षण की आयोग की टीम ने की समीक्षा

    देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच, ऑडिट एवं पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून जनपद का भ्रमण किया। आयोग की टीम ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैनात सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।

    आयोग की टीम ने जनपद में पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ संचालित किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की सराहना की। टीम ने निर्देश दिए कि प्रारूप-7 के अंतर्गत प्राप्त अधिक संख्या में आपत्तियों का अत्यंत सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मृत्यु अथवा स्थानांतरण के कारण मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ तथा संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (ठस्।) से अनिवार्य रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाए।

    आयोग की टीम ने यह भी बताया कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से पुनः संपर्क कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अपील की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

    बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने अथवा संबंधित विवरण उपलब्ध न कराए जाने के मामले में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है। ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राकेश तिवारी, अपर्णा ढौंडियाल, रविन्द्र ज्वांठा, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली उपस्थित रहे।

     

  • भाजपा ने की प्रदेश प्रवक्ता टोली की घोषणा, 8 नयी नियुक्ति

    भाजपा ने की प्रदेश प्रवक्ता टोली की घोषणा, 8 नयी नियुक्ति

    देहरादून। चुनाव की तैयारियों मे जुटी भाजपा ने प्रवक्ता टोली का विस्तार करते हुए 8 नये प्रवक्तओं की घोषणा की है।

    प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर यह नियुक्ति की गयी है।

    सूची मे रविंद्र जुगरान देहरादून महानगर, राजेश शुक्ला ऊधमसिंह नगर, सुरेश तिवारी नैनीताल, शादाब शम्स देहरादून महानगर, श्रीमती अनुकृति गुसाई कोटद्वार, विश्वजीत नेगी कोटद्वार, सत्यवीर चौहान देहरादून ग्रामीण तथा मनोज जख़मोला ऋषिकेश नियुक्त किये गए हैं।

  • मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य होगा तेज, टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर जोर

    मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य होगा तेज, टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर जोर

    प्रदेशभर की सड़कों को दुरुस्त करने के संबंध में कैबिनेट बैठक में हुआ विस्तृत विचार-विमर्श

    पीएमजीएसवाई की पुरानी सड़कों के सुधार एवं स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी हुई चर्चा*

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्मित ऐसी पुरानी सड़कों, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और जिनका नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है, को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

    उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क सुधार के कार्य एक साथ युद्धस्तर पर शुरू किए जाने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण कर लें, ताकि बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू करने में किसी प्रकार का विलंब न हो।

    बैठक में शहरी क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों को सड़क सुधार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों की सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अक्टूबर माह से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़कों के सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर और सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

  • कैबिनेट मे सीएनजी वाहनों को छूट जारी रखने और अग्निवीरों के लिए अलग सेल का निर्णय

    कैबिनेट मे सीएनजी वाहनों को छूट जारी रखने और अग्निवीरों के लिए अलग सेल का निर्णय

    धामी कैबिनेट मे जन हित के 17 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    UPCL की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट अडानी ग्रुप को

    देहरादून। उत्तराखंड में CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने,उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी तथा अग्निवीरों के लिये अलग सेल बनाने सहित जन हित से जुड़े 17 प्रस्तावों पर धामी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। 

    कैबिनेट के निर्णय

    कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नीति के तहत सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए सात मिशन निर्धारित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

    परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके तहत राज्य में वाहनों से संबंधित कर व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड में CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही ग्रीन सेस संबंधी राहत वापस ले ली गई है।

    कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई EV पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम होगा।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग के गठन को भी मंजूरी प्रदान की है।

    औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई है। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और राज्य के लिए दवाइयों, सर्जिकल सामग्री तथा आवश्यक रसायनों की खरीद करेगा।

    राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट ने कारापाल सेवा नियमावली को भी मंजूरी दे दी है।

    उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी मंजूरी प्रदान की है।

    उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जनपदों में समायोजित किया जाएगा।

    रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बनाए गए 116 आवासों में मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। इससे संबंधित लाभार्थियों को राहत मिलेगी।

    शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का रास्ता साफ होगा।

    कैबिनेट ने अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इससे राज्य में कैंसर उपचार की सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
    उपनल कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन लागू किया जाएगा। दूसरा चरण 9 नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक के कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
    1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले उपनल कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिन पदों पर उपनल कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उनके आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित की जाएगी और कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों के समायोजन की व्यवस्था की जाएगी।

    सेवा से मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाकर उनके पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों पर काम करेगी।

    ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। UPCL की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को चुना गया है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। परियोजना अडानी पावर की ओर से स्थापित की जाएगी और इसे 25 साल की अवधि के लिए दिया गया है।

     

  • राहुल गांधी धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी से पहले करें समुचित अध्ययन : शंकराचार्य

    राहुल गांधी धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी से पहले करें समुचित अध्ययन : शंकराचार्य

    जोशीमठ। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हिन्दू धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी करने से पहले उनका समुचित अध्ययन और शास्त्रीय संदर्भों की जानकारी आवश्यक है।

    शंकराचार्य ने आज जारी बयान में कहा कि पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति और सनातन सांस्कृतिक विचारों के संबंध में जो टिप्पणियां कीं, वे धर्मशास्त्रों की सतही समझ को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक मनुस्मृति और धर्मशास्त्रों के संबंध में बार-बार असत्य एवं भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धर्म और शास्त्रों के विषय में टिप्पणी करते समय तथ्य, संदर्भ और अध्ययन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शंकराचार्य ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे प्रमाणिक स्रोतों और विद्वानों के माध्यम से हिन्दू धर्मशास्त्रों का अध्ययन करने के बाद ही सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखें।

    शंकराचार्य ने कहा कि मनुस्मृति सहित हिन्दू धर्मशास्त्रों को लेकर समाज में विभिन्न मत और व्याख्याएं प्रचलित हैं। ऐसे में किसी ग्रंथ के संबंध में एकतरफा धारणा प्रस्तुत करने के बजाय उसके मूल स्वरूप, संदर्भ, उद्देश्य और शास्त्रीय परंपरा को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मंचों से धर्मग्रंथों पर की जाने वाली टिप्पणियों का समाज के विभिन्न वर्गों पर प्रभाव पड़ता है।

    उन्होंने मनुस्मृति के श्लोक ‘पिता रक्षति कौमारे, भर्ता रक्षति यौवने…’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्त्री की परतंत्रता की बात नहीं कही गई है, बल्कि परिवार और समाज की ओर से उसकी सुरक्षा और दायित्व का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि संस्कृत में ‘रक्षति’ का अर्थ सुरक्षा करना है, न कि किसी प्रकार का नियंत्रण स्थापित करना।

    शंकराचार्य ने कहा कि सनातन परंपरा में नारी को शक्ति और सम्मान का स्वरूप माना गया है। उन्होंने ऋग्वेद की ऋषिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति परस्पर पूरकता और सम्मान की भावना पर आधारित रही है।

    उन्होंने राहुल गांधी के इस कथित तर्क को भी खारिज किया कि भारतीय जनता पार्टी मनुस्मृति की समर्थक है। उन्होंने कहा कि भारत का शासन संविधान के अनुसार चलता है और किसी राजनीतिक दल को मनुस्मृति से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।

    शंकराचार्य ने कहा कि संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक मनुस्मृति और धर्मशास्त्रों के संबंध में बार-बार असत्य एवं भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसी प्रकार के बयानों के कारण पूर्व में राहुल गांधी को ‘हिन्दू धर्म से बहिष्कृत’ घोषित किया गया था।

    शंकराचार्य ने कहा कि उनकी आपत्ति किसी राजनीतिक दल के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन धर्मग्रंथों के बारे में तथ्यहीन एवं भ्रामक प्रचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि बिना शास्त्रीय अध्ययन के धर्मग्रंथों पर इसी प्रकार की टिप्पणियां जारी रहीं तो सनातन समाज उनका वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहेगा।

  • मिलावट-जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज, मंडलायुक्त करेंगे माॅनिटरिंग 

    मिलावट-जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज, मंडलायुक्त करेंगे माॅनिटरिंग 

    जिला प्रशासन ने खाद्य संरक्षा एवं औैषधि प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर लिए सैपल

    देहरादून। त्योहार के मौसम में मिलावट व जमाखोरी के खिलाफ सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रत्येक जिले में सरकारी मशीनरी ने जांच अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारियों से एक सप्ताह तक अभियान चलाने के लिए कहा गया है। मॉनिटरिंग का जिम्मा मंडलायुक्तों को दिया गया है।
    राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार को हर जिले में जांच अभियान संचालित किया गया। जिला प्रशासन ने खाद्य संरक्षा एवं औैषधि प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैपल लिए। कई दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए और सडे़-गले या फिर एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री को नष्ट करा दिया गया। टीम खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ ही चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की बारीकी से जांच कर रही है।
    चमोली जिले में तीन सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए लैब भिजवाया गया। एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री पाए जानेे पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही, संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया गया। दो कंपनियों की सामग्री का लेबल पैकेजिंग एवं लैबलिंग रेगुलेशन के मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। संबंधित निर्माताओं को नोटिस दिया जा रहा है।
    रूद्रप्रयाग जिले में टीम ने 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल भरे। छह दुकानों में एक्सपायरी डेट का सामान मिलने पर दुकानदार को चेतावनी दी गई और सामान नष्ट कर दिया गया। अल्मोड़ा जनपद में दो मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, बागेश्वर जनपद में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ जनपद में दो सैंपल लिए जाने की सूचना दी गई है। चंपावत जिले में जांच अभियान एक अगस्त से चल रहा है। वहां पर अभी तक 21 स्थानों पर निरीक्षण किया गया है। इनमेें दस जगहों पर सैंपल लेकर उन्हें लैब भेजा गया है। सर्वे के लिए तीन सैंपल लिए गए हैं।
    देहरादून में भी सोमवार को जिला प्रशासन ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए। तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्था मेें सुधार के लिए चेतावनी दी गई। जनपद में एक अगस्त से अभी तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सर्वे के लिए 20 सैंपल अलग से लिए गए हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया हैै। इसके अलावा, एडीएम कोर्ट में चार वाद दर्ज कराए गए हैं।
    हरिद्वार में जांच अभियान 17 अगस्त से चल रहा है। अभी तक वहां पर 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण का 27 सैंपल भरे गए हैं। दस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न कोर्ट में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।
    पौड़ी जनपद में सोमवार को दस सैंपल लिए गए। इनमें से छह सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। धारा 36 के तहत एक वाद स्वीकृत किया गया है। नैनीताल जनपद में दस दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। इन्हेें जांच के लिए लैब भेजा गया है। एक सैंपल सर्वे के लिए लिया गया है। एक प्रतिष्ठान में साफ सफाई न पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया, जबकि दस किलो मिठाई मानकों के अनुरूप न होने पर नष्ट कराई गई।
    टिहरी जनपद में भी सरकारी मशीनरी सक्रिय रही। सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह सैंपल एकत्रित किए गए। उत्तरकाशी जिले में सोमवार को कुल 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार सैंपल लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बिक्री के एक मामले में नोटिस जारी किया गया।

  • “भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

    “भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

    कोटद्वार। कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है।

    विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मनोज ईष्टवाल ने आज माल गोदाम रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता मे पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिलने की जानकारी साझा की।

    विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि विगत 19 जुलाई को कण्व नगरी कोटद्वार में ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के मात्र एक माह के भीतर ही यह पुस्तक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में आई और फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स एवं मेंबर्स ऑफ इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन, जिनेवा द्वारा आयोजित 46वें पुरस्कार समारोह में आर्ट एवं कॉफी टेबल बुक (C.B.T.) श्रेणी में देशभर में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित की गई।

    ऋतु खण्डूडी भूषण ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद कण्वाश्रम पर आधारित किसी सी.बी.टी. (कॉफी टेबल बुक) को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि कण्वाश्रम की गौरवशाली विरासत के साथ-साथ कोटद्वार और पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है।

    उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन ‘किताब वाले’, नई दिल्ली द्वारा किया गया है। पुस्तक की विषयवस्तु, शोध, प्रस्तुति एवं प्रकाशन की गुणवत्ता को देखते हुए फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स की ज्यूरी ने लगभग 5,000 पुस्तकों में से ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को प्रथम पुरस्कार के लिए चयनित किया। यह सम्मान कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।

    पुस्तक के लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज ईष्टवाल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1989 से कण्वाश्रम के विषय पर कार्य करना प्रारंभ किया था। वर्ष 1992 में उन्होंने कण्वाश्रम पर डॉक्यूमेंट्री बनाने का कार्य शुरू किया, जिसे वर्ष 1995 में ‘शकुंतला’ नृत्य-नाटिका के रूप में दूरदर्शन लखनऊ एवं दिल्ली द्वारा प्रसारित किया गया।

    उन्होंने बताया कि कण्वाश्रम पर कार्य करने की प्रेरणा उन्हें वर्ष 1988 में ‘फाउंडर ऑफ गढ़वाल राइफल्स’ पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने के दौरान मिली। उस समय पूर्व शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. शिवानंद नौटियाल, गढ़वाल भ्रातृ संघ नई दिल्ली के तत्कालीन अध्यक्ष बद्रीश पोखरियाल एवं समाजसेवी गोकुलानंद बर्थवाल के साथ हुई एक बैठक के दौरान उन्हें कण्वाश्रम के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर कार्य करने की प्रेरणा मिली।

    उन्होंने कहा कि इसके बाद से वे लगातार कण्वाश्रम पर शोध एवं कार्य करते आ रहे हैं। वर्षों से किए जा रहे इसी शोध और प्रयास का प्रतिफल है कि आज उनकी पुस्तक ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

    इस अवसर पर लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज ईष्टवाल ने विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऋतु खण्डूडी भूषण द्वारा कण्वाश्रम से संबंधित इस महत्वपूर्ण शोध कार्य को कॉफी टेबल बुक के रूप में संपूर्ण देश के सामने लाने में अभिन्न एवं महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।

    उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम केवल कोटद्वार की पहचान नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। कण्वाश्रम से भरत और भरत से भारतवर्ष तक की गौरवशाली यात्रा को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में यह पुस्तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि कण्वाश्रम की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को मिला यह प्रतिष्ठित सम्मान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने पुस्तक के लेखक मनोज ईष्टवाल को बधाई देते हुए कहा कि उनके दशकों लंबे शोध एवं समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

  • रोपवे परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

    रोपवे परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

    15 दिन में रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को दें कार्यदायी संस्थाएं: सीएम

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस 9 नवम्बर तक रोपवे परियोजनाओं के कार्य धरातल पर दिखाई देने चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को 15 दिन के भीतर रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इन परियोजनाओं की प्रगति की पुनः समीक्षा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलम्ब स्वीकार्य नहीं होगा और निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने जनपदों में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करें तथा कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय स्वीकृतियों अथवा अन्य स्तर पर जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनके समाधान के लिए संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन सुगम होने के साथ सड़क मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। रोपवे परियोजनाओं से पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड उत्तराखण्ड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम तथा पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रस्तुतीकरण के अनुसार प्रथम चरण में एनएचएलएमएल की 11 तथा द्वितीय चरण में 06 प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं के साथ यूकेएमआरसी से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति पर भी चर्चा की गई।

    केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनसे संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रस्तुतीकरण के अनुसार केदारनाथ रोपवे परियोजना की लंबाई 12.90 किमी तथा हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की लंबाई 12.40 किमी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी।

    मुख्यमंत्री ने नैनीताल रोपवे परियोजना से संबंधित कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि नैनीताल राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है। पर्यटकों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में रोपवे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने परियोजना से संबंधित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी में विशेष रूप से पर्यटन सीजन के दौरान यातायात का अत्यधिक दबाव रहता है। रोपवे से पर्यटकों को वैकल्पिक एवं सुगम परिवहन सुविधा मिलने के साथ सड़क यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी सहित अन्य प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। जिन मामलों में भूमि अथवा अन्य विभागीय स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित है, संबंधित जिलाधिकारी उनमें प्रभावी समन्वय स्थापित कर तेजी से समाधान सुनिश्चित करें।

    बैठक में हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना तथा त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाओं में यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्य किया जाए।

    इस अवसर पर अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल, कार्यदाई संस्थाओं के अधिकारी एवं वर्चुअल माध्यम से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

  • उच्च शिक्षा मंत्री से मिले छात्र प्रतिनिधि, सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन

    उच्च शिक्षा मंत्री से मिले छात्र प्रतिनिधि, सौंपा 4 सूत्रीय ज्ञापन

    युवाओं को निकट ही मिले गुणवत्तापरक शिक्षा, सरकार का संकल्प: चौहान

    बड़कोट महाविद्यालय को PG स्तर तक उच्चीकृत करने सहित रखी प्रमुख मांगें रखीं, मंत्री ने शीघ्र कार्रवाई का दिया आश्वासन

    देहरादून। राजकीय महाविद्यालय बड़कोट को स्नातकोत्तर (PG) स्तर तक उच्चीकृत करने सहित छात्र-छात्राओं की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर एबीवीपी एवं छात्र संघ पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मुलाकात की।

    प्रतिनिधिमंडल ने उच्च शिक्षा मंत्री के समक्ष राजकीय महाविद्यालय बड़कोट से जुड़ी लंबे समय से लंबित मांगों को प्रमुखता से रखा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महाविद्यालय को PG स्तर तक उच्चीकृत किए जाने की मांग पूर्व में भी सरकार के समक्ष रखी जा चुकी है और इस संबंध में सार्वजनिक घोषणाएं भी हुई हैं। इसके बावजूद अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है।

    प्रमुख मांगों मे स्व. राजेंद्र सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय, बड़कोट को शीघ्र स्नातकोत्तर (PG) स्तर तक उच्चीकृत करने, डांडा गांव छानी से महाविद्यालय तक सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान देने, महाविद्यालय की चहारदीवारी से संबंधित भूमि विवाद का शीघ्र निस्तारण करने तथा छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए महाविद्यालय हेतु नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की।

    प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे चौहान ने उच्च शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि बड़कोट नगर क्षेत्र से लगभग 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित महाविद्यालय में सीमित परिवहन व्यवस्था के कारण छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नियमित बस सेवा के अभाव और सड़क संबंधी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

    उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना और राजकीय महाविद्यालय बड़कोट के PG स्तर तक उच्चीकरण सहित छात्र हितों से जुड़ी सभी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि बड़कोट महाविद्यालय का उच्चीकरण क्षेत्र के विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के युवाओं को उनके निकट ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं की जायज मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाता रहेगा और इन मांगों के समाधान तक प्रयास जारी रहेंगे।

    उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का छात्र हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील रुख के लिए आभार व्यक्त किया।

    प्रतिनिधिमंडल में प्रतिनिधिमंडल में एबीवीपी एवं छात्र संघ के पदाधिकारी एवं छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
    भारत रावत जी पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा, रमेश रावत वरिष्ठ भाजपा नेता, अतोल रावत जी वरिष्ठ भाजपा नेता
    हरदेव चौहान ग्राम प्रधान नगाणगांव, प्रवीण असवाल कालिंदी मंडल अध्यक्ष। तरवीन राणा महामंत्री, आशीष सिंह पंवार पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष,सम्पन्न बहुगुणा छात्र नेता उज्जवल ज़ुडियाल छात्र नेता, रोहित सौरभ छात्र नेता, आयुष छात्र नेता आदि उपस्थित रहे ।