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  • एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से सर्चिंग के दौरान बरामद किया शव

    एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से सर्चिंग के दौरान बरामद किया शव

    देहरादून। 18 अगस्त 2026 को शक्ति नहर में एक कार के गिरने तथा उसमें सवार व्यक्ति के लापता होने की सूचना प्राप्त होने पर एसडीआरएफ एवं जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से तत्काल सर्चिंग एवं रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया।

    कोअपर उप निरीक्षक श्री सुरेश तोमर के नेतृत्व में सर्चिंग अभियान के दौरान गुरुवार रात्रि लगभग 07:00 बजे शक्ति नहर से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को बरामद कर लिया गया। वाहन में सवार रजत पुंडीर की तलाश हेतु इसके पश्चात भी एसडीआरएफ टीम द्वारा शक्ति नहर के विभिन्न संभावित क्षेत्रों में लगातार गहन सर्चिंग अभियान चलाया जाता रहा।

    आज जएसडीआरएफ टीम द्वारा ढालीपुर इंटेक के समीप सर्चिंग के दौरान लापता रजत पुंडीर का शव बरामद कर लिया गया। शव को आवश्यक अग्रिम कार्रवाई हेतु जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

     

  • वन अधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रहरी हैं: मुख्यमंत्री

    वन अधिकारी केवल प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रहरी हैं: मुख्यमंत्री

     

     

    मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून में भारतीय वन सेवा के परिवीक्षार्थियों के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) श्री गुरमीत सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून के निदेशक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद खजुरिया, कोर्स निदेशक श्रीमती अजीता लौंगजाम सहित भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी एवं परिवीक्षार्थी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन सादगी, समर्पण, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत कर देश के द्वितीय सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उपराष्ट्रपति जी की यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। राज्यसभा के सभापति के रूप में भी उन्होंने संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री ने भारतीय वन सेवा में चयनित सभी परिवीक्षार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वन सेवा देश की प्राकृतिक विरासत, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का लगभग 70 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है और यहां के पर्वत, नदियां, वन एवं समृद्ध जैव विविधता प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे में वनों का संरक्षण केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा दायित्व भी है।

     

  • मुख्य सचिव ने दिये सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण के निर्देश

    मुख्य सचिव ने दिये सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक परीक्षण के निर्देश

    मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई सड़क सुरक्षा को लेकर गठित अनुश्रवण समिति की बैठक

    मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश

     देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया जाए। उन्होंने सड़क की डिजाइन, रोड ज्योमेट्रिक्स तथा अन्य तकनीकी कमियों पर विशेष ध्यान दिए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क की स्थिति अथवा डिजाइन के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है, वहां सम्बन्धित अधिकारियों से समन्वय कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही। कहा कि बस अड्डों का भी टीम गठित कर नियमित ऑडिट कराया जाए। बात ही, ऑडिट में प्राप्त सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक उपायों को लागू किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि मा. उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने दो पहिया वाहन चालकों एवं सवारियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिवहन एवं पुलिस विभाग को नियमित रूप से प्रवर्तन सम्बन्धी कार्रवाई की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा की दृष्टि से बांस के वृक्षों तथा क्रैश बैरियर/पैराफिट आदि के सम्बन्ध में पूर्व में वन एवं लोक निर्माण विभाग को दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली, साथ ही अन्य राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखंड में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट तथा दुर्घटना संभावित स्थलों का रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा ऑडिट के सुझावों के आधार पर सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से आयोजित की जाने के निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त सम्बन्धित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए। उन्होंने सचिव परिवहन को सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमित एवं रूटीन कार्यों की लगातार निगरानी करने तथा आवश्यकतानुसार सम्बन्धित विभागों से समन्वय करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित कराये जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सेंसिटाइजेशन कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद रेस्क्यू आदि कार्यों के सेंसिटाइज़ेशन के लिए पुलिस, स्वास्थ्य एवं परिवहन विभाग की संयुक्त वर्कशॉप आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए प्रत्येक दो-तीन माह में अभियान मोड में व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार का वार्षिक प्लान तैयार किया जाए।

    उन्होंने राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्हें परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि हिट एंड रन के लंबित मामलों की सूची सम्बन्धित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपने जनपद में लंबित मामलों की स्वयं भी समीक्षा कर शीघ्र से शीघ्र निस्तारित करें। मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा जागरूकता फिल्मों का स्थानीय सिनेमाघरों में प्रदर्शन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता गतिविधियों के लिए विभागों द्वारा वर्षभर का समेकित प्रचार-प्रसार कैलेंडर तैयार किया जाए, ताकि अलग-अलग समय पर लक्षित समूहों के बीच सड़क सुरक्षा संबंधी संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। मुख्य सचिव ने ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष ब्लैक स्पॉट पर भी ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

    मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग एवं परिवहन विभाग के समन्वय से विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लबों की स्थापना एवं उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में विभागीय समन्वय, नियमित अनुश्रवण और एक्शन टेकन रिपोर्ट की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल प्रवर्तन ही नहीं, बल्कि सड़क की इंजीनियरिंग, वाहन एवं चालक व्यवहार, जन-जागरूकता और त्वरित उपचारकृसभी पहलुओं पर एक साथ काम किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर सचिव रविनाथ रमन एवं डॉ. रणवीर सिंह चौहान सहित तमाम अ​धिकारी मौजूद थे।

  • थल सेनाध्यक्ष ने सेंट्रल कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों का लिया जायजा

    थल सेनाध्यक्ष ने सेंट्रल कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों का लिया जायजा

    लखनऊ। आर्मी स्टाफ़ के प्रमुख (COAS) जनरल धीरज सेठ ने 4 और 5 अगस्त 2026 को सेंट्रल कमांड के अलग-अलग यूनिट्स का दो दिन का दौरा किया। इस दौरे का मकसद मौजूदा सुरक्षा हालात, ऑपरेशनल तैयारी और क्षमता बढ़ाने के लिए चल रहे कामों का जायज़ा लेना था।

    लखनऊ में सेंट्रल कमांड के हेडक्वार्टर में, COAS को कमांड की ऑपरेशनल स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, आधुनिकीकरण की कोशिशों और लड़ाई के लिए तैयारी को और मज़बूत करने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने उत्तर भारत क्षेत्र के हेडक्वार्टर का दौरा किया और कमांडरों व सैनिकों से बातचीत की।

    सभी रैंक के लोगों के साथ बातचीत के दौरान, COAS ने ज़ोर दिया कि ऑपरेशनल तैयारी, हालात के हिसाब से ढलने की क्षमता और आत्मनिर्भरता ही सेना की असरदार कार्यक्षमता का आधार हैं। उन्होंने सैनिकों से कहा कि वे सतर्क रहें, ऑपरेशन के लिए फुर्तीले रहें और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का असरदार ढंग से सामना करने के लिए तैयार रहें।

    COAS ने मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ (रिटायर्ड), कर्नल अरविंद सिंह कुशवाहा (रिटायर्ड), नायब सूबेदार राधे श्याम (रिटायर्ड) और रिसालदार मेजर (ऑनरेरी कैप्टन) विजय कुमार (रिटायर्ड) को ‘योद्धा सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण, कृषि, खेल और पूर्व सैनिकों के कल्याण के क्षेत्रों में उनके बेहतरीन योगदान के लिए दिया गया। यह पुरस्कार सक्रिय सैन्य सेवा के बाद भी देश के प्रति सेवा और समर्पण की भावना का सम्मान करता है।

    इस दौरे से यह बात साफ़ हुई कि भारतीय सेना ऑपरेशनल तैयारी के ऊँचे स्तर को बनाए रखने और तकनीकी रूप से मज़बूत, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने पर लगातार ध्यान दे रही है।

  • सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: टिहरी से 40 सदस्यीय दल गुजरात रवाना

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: टिहरी से 40 सदस्यीय दल गुजरात रवाना

     

    देहरादून। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत टिहरी जनपद के 40 सदस्यीय दल को सोमवार को जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने हरी झंडी दिखाकर गुजरात के लिए रवाना किया। सात दिवसीय इस यात्रा के दौरान प्रतिभागी सोमनाथ धाम के दर्शन करने के साथ ही वहां की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित होंगे। यात्रा दल में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 40 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें 21 पुरुष और 19 महिलाएं हैं। जिला प्रशासन की ओर से यात्रा का आयोजन निःशुल्क किया गया है, जबकि इसका संचालन जिला युवा कल्याण विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य प्रतिभागियों को सोमनाथ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराना, भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के सफल एवं मंगलमय होने की कामना की। कार्यक्रम में जिला युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र सिंह फोनिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • नैनीझील की स्वच्छता पर प्रशासन सख्त

    नैनीझील की स्वच्छता पर प्रशासन सख्त

    नैनीताल। नैनीझील क्षेत्र में गंदगी की शिकायत पर प्रभारी जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे के निर्देश पर शनिवार को वृहद सफाई अभियान चलाया गया। उपजिलाधिकारी नवाजिश खालिक के नेतृत्व में नगर पालिका और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने झील के किनारों व जल क्षेत्र से प्लास्टिक, पॉलीथिन सहित अन्य कचरा हटाकर उसका नियमानुसार निस्तारण किया। प्रभारी डीएम ने झील की नियमित सफाई जारी रखने, नालों की सफाई पर विशेष ध्यान देने और स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नैनीझील जनपद की पहचान है और इसकी स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • गढ़वाल-कुमायूं को जोड़ने वाले धनगढ़ी सेतु का सीएम ने किया लोकार्पण

    गढ़वाल-कुमायूं को जोड़ने वाले धनगढ़ी सेतु का सीएम ने किया लोकार्पण

    220.90 मीटर लंबे धनगढ़ी सेतु से वर्षभर सुगम होगा आवागमन, बरसात में मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या से मिलेगी स्थायी राहत

    राष्ट्रीय राजमार्ग-309 पर निर्मित सेतु से पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था एवं जनजीवन को मिलेगी नई गति

    रामनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-121 (नया राष्ट्रीय राजमार्ग-309) पर धनगढ़ी नाले के ऊपर 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 220.90 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड गर्डर सेतु (धनगढ़ी पुल) का लोकार्पण कर इसे जनता को समर्पित किया।

    यह राष्ट्रीय राजमार्ग काशीपुर-रामनगर-मार्चुला-बुवाखाल मार्ग पर स्थित है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को जोड़ने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत तथा पौड़ी गढ़वाल सहित लाखों लोगों के दैनिक आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं आवश्यक सेवाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    धनगढ़ी नाले में बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ जाने से मार्ग अक्सर बाधित हो जाता था, जिससे आमजन, पर्यटकों तथा आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नव निर्मित सेतु के निर्माण से इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा। साथ ही, वन क्षेत्र में यातायात सुचारु होने से वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि धनगढ़ी सेतु का लोकार्पण केवल एक पुल का उद्घाटन नहीं, बल्कि क्षेत्रवासियों के वर्षों के संघर्ष, धैर्य और अपेक्षाओं की सार्थक परिणति है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान धनगढ़ी नाले में जलस्तर बढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता था, जिससे जनजीवन, व्यापार, पर्यटन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती थीं। इसी समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से राज्य सरकार ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा कराया है।

    धनगढ़ी सेतु सम्पूर्ण उत्तराखण्ड का महत्वपूर्ण पुल है, जो कुमाऊँ एवं गढ़वाल मंडलों को सुदृढ़ रूप से जोड़ता है। इस सेतु के निर्माण से दोनों मंडलों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम होगा तथा पर्यटन, व्यापार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने “सेवा, सुशासन और विकास” के पाँच वर्ष पूर्ण करते हुए प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास पहुँचाने का कार्य किया है। सरकार की प्राथमिकता अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना रही है। इसी सोच के अनुरूप राज्य में आधुनिक सड़कें, मजबूत पुल, विस्तृत रेल नेटवर्क, रोपवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन तथा सीमांत क्षेत्रों के विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि” पर आधारित है। इसी के अनुरूप जिन योजनाओं का शिलान्यास किया जाता है, उनका समयबद्ध ढंग से निर्माण पूर्ण कर लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जाता है, ताकि जनता को शीघ्र लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि धनगढ़ी सेतु के निकट लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 175.60 मीटर लंबे पनौद पुल का निर्माण कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इस पुल पर यातायात संचालित हो रहा है तथा डामरीकरण का अंतिम कार्य शीघ्र पूर्ण कर इसे भी जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धनगढ़ी सेतु और पनौद पुल इस पूरे क्षेत्र के विकास की मजबूत आधारशिला सिद्ध होंगे तथा संतुलित विकास, सुरक्षित आवागमन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के सशक्त प्रतीक हैं।

    मुख्यमंत्री ने रामनगर क्षेत्र के वन खत्तों में निवासरत परिवारों की समस्याओं पर भी उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि रामनगर-रानीखेत मोटर मार्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण मोटर मार्गों के चौड़ीकरण हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में प्रस्ताव प्रेषित किए जा चुके हैं तथा आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है।

    इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि धनगढ़ी सेतु के निर्माण से वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात सुनिश्चित होगा। बरसात के दौरान मार्ग अवरुद्ध होने की समस्या समाप्त होगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह सेतु कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच संपर्क को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ व्यापार, कृषि, पर्यटन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई गति प्रदान करेगा। चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं तथा जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि लगभग 18.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पनौद पुल का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है।

    इस अवसर पर विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, विधायक सल्ट श्री महेश जीना, विधायक रानीखेत प्रमोद नैनवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्यमंत्री श्री शंकर कोरंगा, संजय डॉर्बी, जेड. ए. वारसी, गणेश रावत, रंजन बरगली सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता (राष्ट्रीय राजमार्ग) मनोहर सिंह धर्मशक्तू तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल 9 जुलाई को पहुंचेंगे देहरादून, वरिष्ठ नेताओं के साथ करेंगे बैठक

    कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल 9 जुलाई को पहुंचेंगे देहरादून, वरिष्ठ नेताओं के साथ करेंगे बैठक

    देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (संगठन) सांसद केसी वेणुगोपाल 9 जुलाई को उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचेंगे।

    जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि ने बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव संगठन के सी वेणुगोपाल अपने दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंच रहे हैं। वेणुगोपाल 9 जुलाई को अपराह्न 12 बजे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, केन्द्रीय इलेक्शन कमेटी (सीईसी) सदस्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्लूसी सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। इसके उपरान्त अपराह्न 2 बजे प्रदेश कांग्रेस राजनीतिक मामले समिति के सदस्यों की बैठक लेंगे। सायं 4 बजे जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगणों एवं 6 बजे पार्टी के अनुषांगिक संगठनों, विभागों एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षगणों के साथ बैठक करेंगे।
    वेणुगोपाल 10 जुलाई को प्रातः 10ः00 बजे से पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों से मुलाकात करेंगे तथा अपराह्न 3 बजे पत्रकार वार्ता को संबोधित करने के उपरान्त नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

     

  • अनुशासनहीनता की तीन नेताओं पर गिरी गाज, कांग्रेस से निष्काषित

    अनुशासनहीनता की तीन नेताओं पर गिरी गाज, कांग्रेस से निष्काषित

    देहरादून। पिथौरागढ़ मे कांग्रेस की संकल्प यात्रा के दौरान हुए बबाल और पार्टी द्वारा दिये गए नोटिस के बाद तीन नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है।

    प्रदेश कांग्रेस महामंत्री संगठन, राजेन्द्र सिंह भंडारी की ओर से जारी पत्र में पूर्व जिलाध्यक्ष महेन्द्र लुंठी , पूर्व महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती भावना नगरकोटी एवं दीपक लुंठी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते छः वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। भंडारी ने कहा कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर प्रदेशभर में ’’परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’’ आयोजित किये जा रहे हैं, जिसके तहत 30 जून को प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम के दौरान उपरोक्त तीनों कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रदेश अध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में अपने सहयोगियों के साथ कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया गया जो कि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।

    इन तीनों कांग्रेसजनों द्वारा कार्यक्रम के मंच पर किये गये कृत्य एवं पार्टी विरोधी गतिविधियों से पार्टी संगठन की छवि धूमिल हुई जिसे पार्टी नेतृत्व द्वारा गम्भीरता से लिया गया तथा उनको नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया तथा जिला कांग्रेस कमेटी पिथौरागढ़ से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई जिसके आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा राष्ट्रीय नेतृत्व से दिशा निर्देश के उपरान्त तीनों कांग्रेसजनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से छः वर्ष के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है।

  • गंगा की तेज धारा में बहा युवक, SDRF ने चलाया सघन सर्च अभियान

    गंगा की तेज धारा में बहा युवक, SDRF ने चलाया सघन सर्च अभियान

    ऋषिकेश। टिहरी गढ़वाल क्षेत्र के अंतर्गत गुलर स्थित सिरासू पुल के समीप गंगा मे स्नान कर रहे एक युवक तेज बहाव मे बह गया। SDRF सघन सर्च अभियान चला रही है।

    आज जिला कंट्रोल रूम टिहरी से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) को सूचना प्राप्त हुई कि थाना लक्ष्मणझूला जनपद टिहरी गढ़वाल क्षेत्र के अंतर्गत गुलर स्थित सिरासू पुल के समीप मेरठ (उत्तर प्रदेश) से आए पांच युवक गंगा नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गया।
    सूचना मिलते ही SDRF डीप डाइविंग टीम, ढालवाला तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने थाना लक्ष्मणझूला पुलिस के साथ संयुक्त रूप से सर्च अभियान प्रारंभ किया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक अपने चार साथियों के साथ गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह तेज बहाव में बह गया और डूब गया।
    गंगा नदी का जलस्तर सामान्य से अधिक होने के बावजूद SDRF की डीप डाइविंग टीम ने विशेष डीप डाइविंग उपकरणों एवं कांटों की सहायता से संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन की। हालांकि, देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। कल प्रातः SDRF टीम द्वारा पुनः सर्च अभियान चलाया जाएगा।
    डूबे युवक की पहचान सार्थक पुत्र विनोद कुमार (23 वर्ष), निवासी खाकर खेड़ा बाईपास, मेरठ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।