चरस तस्करी के आरोपी को दस साल की सजा, एक लाख का अर्थदंड

बागेश्वर,(गोविन्द मेहता) विशेष सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे ने चरस तश्करी के आरोपी को दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं रूपया एक लाख रुपए अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। अर्थ दण्ड अदा न करने पर छः माह का अतिरिक्त करावास भोगना होगा।

मामला 17अक्टूबर 2022 का है, जिसमें एसओजी प्रभारी के रूप में तैनात कुन्दन रौतेला अपने कर्मचारियों के साथ गस्त करते हुए चेकिंग अभियान पर थे। इसी दौरान आरे मण्डलोरा बाईपास पर पहुँच कर वाहनों की चैकिंग के दौरान कुछ देर में एक व्यक्ति सामने से पीठ पर बैग लटकाए हुए पैदल आ रहा था,और पुलिस की नजर उस पर पड़ी। पुलिस बल को देखकर वह पीछे मुड़कर भागने का प्रयास करने लगा। जिसके बाद शक होने पर पुलिस ने तेजी से दौड़कर उस व्यक्ति को पकड़ लिया। पकड़े गये व्यक्ति से नाम पता पूछते हुए भागने का कारण पूछा गया तो उसने अपना नाम प्रहलाद उर्फ पप्पू पुत्र मुन्ना लाल निवासी बिहारी पुर जिला बरेली उत्तर प्रदेश और अपने पास चरस होना बताया।

मौके पर पकड़े गए व्यक्ति को एनडीपीएस एक्ट के बारे में जानकारी दी गई तथा इसकी तलासी राजपत्रित अधिकारी सीओ अंकित कण्डारी के समक्ष ली गई और चरस बरामद हुई। बरामद चरस को इलैक्ट्रॉनिक तराजू से तोलने पर उसका वजन 1.264 किलोग्राम निकला। आरोपी के विरूद्ध आरोप पत्र विशेष सत्र न्यायालय बागेश्वर में धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गोविन्द बल्लभ उपाध्याय एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) चंचल सिंह पपोला के द्वारा मामले में बरामदगी सहित तथ्यों के कुल नौ गवाह न्यायालय पेश करवाए गए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे के द्वारा मामले की पत्रावली पर गवाहों के बयानों, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की परिक्षण आख्या रिर्पोट और पत्रावली पर अन्य दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त प्रहलाद उर्फ पप्पू को दोषी पाते हुए दोषसिद्ध किया गया। आरोपी को दोषी पाते हुए दस साल की सजा और एक लाख रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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