सहायक प्रो.आत्महत्या मामले मे निदेशक और एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

देहरादून। जी बी पंत घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कालेज की सहायक प्रोफेसर मनीषा भट्ट की आत्महत्या के मामले में पति संदीप भट्ट की तहरीर पर पुलिस ने निदेशक डॉ वाई सिंह व विभागाध्यक्ष ए के गौतम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

गुरुवार को मनीषा भट्ट ने अलकनन्दा नदी में कूद कर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को दी गयी तहरीर में मृतका के पति संदीप भट्ट ने कहा कि उनकी पत्नी श्रीमती मनीषा भट्ट जी.बी.पी.आई. ई. टी. घुरदौड़ी पौड़ी गढ़वाल में ई०सी०ई० विभाग में अप्रैल 2019 में सहायक आचार्य के पद पर स्थाई नियुक्ति हुई थी। उस समय विभागाध्यक्ष डॉ. वाई सिंह थे जो वर्तमान में निदेशक के पद पर कार्यरत है, तथा वर्तमान में डॉ० ए०के० गौतम विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत है। मेरी पत्नी श्रीमती मनीषा भट्ट की नियुक्ति के बाद से ही दोनो प्रोफेसरों के द्वारा उसका मानसिक उत्पीडन किया जा रहा था। इस बीच वर्ष 2022-23 में मेरी पत्नी के गर्भावस्था के दौरान दोनो प्रोफेसरो के द्वारा मेरी पत्नी प्रसव होने से पहले भी मानसिक उत्पीडन किया गया तथा बार -बार यह कहां जा रहा था कि आपका प्रसव अवकाश तभी स्वीकृत होगा जब आप अपने स्थान पर वैकल्पिक प्रोफेसर को नियुक्ति के लिए नहीं उपलब्ध करायेगें और अपना सारा पाठ्यक्रम पूरा करके नहीं देगें तब तक आपका अवकाश स्वीकृत नहीं करेगें। अवकाश न मिलने पर प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण मेरी पत्नी के द्वारा आकस्मिक अवकाश लिया इसी अवधि में मेरी पत्नी से पुत्री पैदा हो गई। बाद में प्रसव अवकाश पर स्वीकृति होने के बाद वह अपनी पुत्री सहित अपने निवास पर आ गई थी। इस दौरान पत्नी नवजात पुत्री का भी देहान्त हो गया वह सदमें में आ गई थी। प्रसूती अवकाश समाप्त होने के बाद  12 मई 2023 को कॉलेज में अपनी उपस्थिति दर्ज करवायी तो पता चला कि ए. के गौतम द्वारा मेरी पत्नी का नाम उपस्थिति रजिस्टर से भी हटा दिया गया था। तत्पश्चात् विभागीय प्रदोन्नति की प्रक्रिया आरम्भ हो गई थी। मेरी पत्नी द्वारा भी प्रदोन्नति की पत्राचार की कार्यवाही तैयार कर पिछले तीन, चार दिन से विभागाध्यक्ष ए. के गौतम से अग्रसारित करवाने के लिए बार-बार जाती रही लेकिन उसके द्वारा मेरी पत्नी के प्रदोन्नति सम्बन्धी अभिलेखों को नकारता रहा। जिस कारण मेरी पत्नी बहुत मानसिक दबाव में आ गई। विभागाध्यक्ष द्वारा स्पष्ट रूप मेरी पत्नी के प्रमोशन सम्बन्धी अभिलेखों को अग्रसारित करने से मना कर दिया गया तथा इतना प्रताड़ित किया तथा  22 मई 23 से  25 मई 23 तक उसे यह कह दिया कि तुम चाहे तो नौकरी छोड दो, या आत्म हत्या कर दो, मैं आपके प्रमोशन को नहीं होने दूंगा।  25 मई23 को मेरी पत्नी मनीषा भट्ट अपने कार्यालय में गई और उसके द्वार मुझे फोन किया गया कि विभागाध्यक्ष  ए के गौतम मुझ बहुत प्रताड़ित कर रहा है तथा मुझे बहुत अपमानित कर रहे है तथा अशिष्ट व अशलील शब्दो का प्रयोग कर रहे है। मैने कहा कि समझा लेगें, उसके पश्चात् मेरी पत्नी ने निदेशक व विभागाध्यक्ष के उत्पीडन के कारण अलकनन्दा, श्रीनगर नैथाण झूल पुल से कूदकर आत्म हत्या कर दी।

तहरीर मे उन्होंने गौतम के पुराने कारनामों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष ए के गौतम द्वारा गौतम बुद्धा विश्वविद्यालय ग्रेटर नोयडा में भी किसी महिला प्रोफेसर से भी छेड़छाड करने के कारण उसको वहा से पद से निष्कासित कर दिया गया था। अपने कॉलेज में भी वर्ष 2014 में भी छात्रा द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था जिस को निर्देशक वाई सिंह ने दबा दिया था। विभागाध्यक्ष व निदेशक के द्वारा मेरी पत्नी के मानसिक उत्पीडन करने के कारण आत्म हत्या करने के लिए प्रेरित करने पर यह घटना हुई जिस के लिए उपरोक्त दोनो प्रोफेसर दोषी है

उन्होंने निदेशक डॉ वाई सिंह व विभागाध्यक्ष  ए के गौतम के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है।

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