हल्द्वानी। लिव इन रिलेशन मे रह रहे युवक और युवती की निर्मम हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। शहर की नवीन मंडी में बुधवार रात हुई घटना पार्टी में हुए मामूली विवाद और हत्या तक पहुंची। मामले में पुलिस ने गैंगस्टर गौरव नेगी, उसके साथी दीपेश लटवाल, सौरभ और दीपू शर्मा को गिरफ्तार किया है।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने प्रेस से वार्ता करते हुए बताया कि मूल रूप से अल्मोड़ा के लोअर माल रोड तल्ला खोल्टा निवासी शुभम टम्टा (31) उर्फ गोलू पुत्र स्व. किशोरी लाल मुखानी में रहता था। उसके साथ मल्ली पोखरी ग्राम सभा के पोखरी चकसेदुला गांव ओखलकांडा निवासी लक्ष्मी पोखरिया (19) पुत्री हेम चंद्र पोखरिया लिव इन में रहती थी। दोनों ने अपने चार अन्य साथियों के साथ गल्ला मंडी स्थित गोदामों की छत पर बुधवार रात पार्टी रखी। खाने-पीने के दौरान उनमें किसी बात को लेकर विवाद हो गया जो मारपीट तक पहुंच गया। इस पर सभी नीचे उतर आए।
विवाद के बीच चारों ने पास ही पड़े कंक्रीट के ब्लॉक से बेरहम तरीके से सिर कुचलकर शुभम की हत्या कर दी। लक्ष्मी के सामने पूरी वारदात हुई थी। वह घटना की गवाह न बन जाए, इसी अंदेशे से सबने मिलकर उसको भी मार डाला। उसके बाद वे मृतकों के मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। सुबह को घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। मौके से खून से सने कंक्रीट के दो ब्लॉक, शराब की तीन खाली बोतलें, सिगरेट आदि बरामद कीं। इधर, दोनों मृतकों के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी।
गल्ला मंडी के सिक्योरिटी प्रभारी अंशुल पांडे ने खून से लथपथ शव देखे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि रात में घटनास्थल के आसपास चीखने-चिल्लाने की आवाजें भी सुनी गई थीं। लेकिन लोगों ने यह सोचकर अनदेखा कर दिया कि अक्सर मजदूर और ट्रक चालक शराब पीकर आपस में झगड़ते रहते हैं। घटनास्थल के पास लगे कुछ सीसीटीवी कैमरों में अक्कू और उसके साथियों की झलक मिल गई। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जहां उन्होंने पूरे दोहरे हत्याकांड की कहानी कबूल कर ली।
जांच में सामने आया कि मृतक शुभम टम्टा मूल रूप से अल्मोड़ा का निवासी था. जो हल्द्वानी के डहरिया क्षेत्र में रह रहा था। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस के अनुसार वह नशे का आदी था और पूर्व में नशा मुक्ति केंद्र में भी काम कर चुका था.
मृतका लक्ष्मी नैनीताल जिले की रहने वाली थी और हल्द्वानी में रहकर MBPG College में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। 10वीं में 90 और 12वीं में 88 प्रतिशत अंक अर्जित किए थे। इसके बाद वह हल्द्वानी आ गई। वह एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी-द्वितीय वर्ष की छात्रा थी। जेब खर्च चलाने के लिए मुखानी स्थित सर्जिकल स्टोर में पार्ट टाइम नौकरी करती थी। सुरेश ने अनुसार वह गौजाजाली में रहता है। पहले लक्ष्मी उसी के साथ रहती थी लेकिन कॉलेज आने में देरी का कारण बताकर उसने मुखानी क्षेत्र में कमरा ले लिया था। उसके बड़े भाई ने बताया कि परिवार बड़ा है और लक्ष्मी सातवें नंबर पर थी। पिता ग्राम सभा मल्ली पोखरी में पुरोहित हैं। लेकिन, उसके संघर्ष और सपनों की कहानी को निर्मम तरीके से कुचल दिया गया।
गौरव नेगी उर्फ अक्कू ठाकुर का आपराधिक इतिहास रहा है। वर्ष 2020 (कोरोना काल) में उस पर पहला केस मारपीट, जान से मारने की धमकी और गालीगलौज का दर्ज हुआ। इसके बाद लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। अक्कू पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हैं। चार साल पहले पुलिस उसे गैंगस्टर घोषित कर चुकी है। अब तक कुल 11 केस दर्ज हैं।