अवैध मदरसों के फंडिंग की जांच करा रही सरकार,136 मदरसे सील – News Debate

अवैध मदरसों के फंडिंग की जांच करा रही सरकार,136 मदरसे सील

देहरादून। राज्य मे चल रहे अवैध मदरसों की फंडिंग को लेकर सरकार जांच करा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए निर्देश जारी किये हैं। पुलिस-प्रशासन की जांच में कई मदरसे अवैध पाए गए, जिन पर प्रशासन ने ताला भी लगा दिया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अभी तक प्रशासन ने 136 मदरसे सील किए हैं. वहीं अब सील किए मदरसों की फंडिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपने के आदेश दिये गए हैं।

गौरतलब है कि अब तक पूरे प्रदेश में 136 मदरसों के अवैध संचालन को लेकर सील किया जा चुका है। जबकि, रिपोर्ट के अनुसार पूरे प्रदेश में 500 से अधिक अवैध मदरसे संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सरकार के सामने बड़ा सवाल यह है कि इन मदरसों को संचालित करने और कर्मियों के वेतन के लिए पैसा कहां से आ रहा है? क्या इसके पीछे धर्म की आड़ में कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं? जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि देवभूमि में संचालित हो रहे इन अवैध मदरसों को कहीं दूसरे देशों से फडिंग तो नहीं हो रही है।

जिला स्तर की कमेटी करेगी जांच: राज्य में करीब 450 पंजीकृत मदरसे हैं, जो शासन को अपने दस्तावेज, बैंक खाते और आय-व्यय का पूरा ब्योरा देते हैं। लेकिन दूसरी ओर 500 से अधिक मदरसे बिना किसी मान्यता के संचालित हो रहे हैं। इन मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का सत्यापन और आर्थिक स्रोतों की जांच के लिए शासन ने जिला प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि इन अवैध मदरसों को किस स्रोत से धन मिल रहा है और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है।

शासन के अनुसार पिछले कुछ समय में यूपी से सटे कस्बों जैसे जसपुर, बाजपुर, किच्छा, काशीपुर, रुद्रपुर, गदरपुर, पछवादून और हरिद्वार जिले में बिना पंजीकरण के कई मदरसे खुलने की सूचना मिली है। इन क्षेत्रों में अवैध रूप से मदरसों की बढ़ती संख्या सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है। सरकार इन मदरसों के आर्थिक स्रोतों और उद्देश्यों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रही है.

दूसरी ओर देहरादून जिला प्रशासन की टीम ने आज सहसपुर के एक बड़े मदरसे को अवैध निर्माण मामले में पूर्व में दिए नोटिस के बाद सील किया। मदरसे ने बिना प्राधिकरण की अनुमति के एक मंजिल का अवैध रूप से निर्माण कर लिया था।

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