लोस से पहले कई पूर्व विधायक भी होंगे टीम भाजपा के सदस्य
देहरादून। लोक सभा चुनावों को देखते हुए भाजपा ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार आज मकर संक्रान्ति से ज्वाइनिंग अभियान शुरू कर लिया है। प्रदेश मुख्यालय मे आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक जोत सिंह बिष्ट भी समर्थकों के साथ भाजपा मे शामिल हो गए। उनके साथ आप के प्रवक्ता आर पी रतूड़ी तथा कमलेश रमन भी शामिल हैं। जोत सिंह बिष्ट उतराखंड मे आम आदमी पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप मे थे।
भाजपा ने लोक सभा चुनाव से पहले घोषित कार्यक्रम मे मकर संक्रांति से ज्वाइनिंग कार्यक्रम घोषित किया था जिसका आज शुभारंभ किया गया। ज्वाइनिंग अभियान का प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुभारंभ किया और पुष्प गुच्छ भेंट कर आगंतुकों का स्वागत किया। पार्टी की ज्वाइनिंग अभियान को मकर सक्रांति से अगले दो महीने तक तेजी के साथ आगे बढ़ाने की योजना है। ज्वाइनिंग के लिए राज्य स्तरीय कमेटी के गठन के बाद अब जिला स्तरीय टीम बनाई जा रही है।
भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि पार्टी के पास अब 1200 से भी अधिक विभिन्न पार्टियों के बड़े नेताओं और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के नाम पार्टी में शामिल होने के लिए आ चुके हैं । जिन्हे अपराधिक एवं अनैतिक आरोपों की विस्तृत जांच के बाद पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई जाएगी । जिसमे राजनैतिक, सामाजिक, पूर्व सैनिक एवं कर्मचारी, विगत दशकों में भी चुनाव लडे सभी लोगों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कई पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता सूची मे
भाजपा सूत्रों के अनुसार पार्टी लोस चुनाव से पहले कुनवे को विस्तृत आकार देना चाहती है। बताया जाता है कि पार्टी के ऐसे नेता जिनका गोत्र तो भाजपा है, लेकिन परिस्थिवश वह अन्य दलों मे चले गए और पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़े उनकी भी वापसी होगी। इनमे कई ऐसे नेता है जो कि कभी भाजपा के टिकट पर विधायक बने, लेकिन अब अन्य दलों मे है या किसी दल मे नही हैं। बताया जाता है कि गढवाल और कुमायूँ से ऐसे 6 बड़े नेता हैं जो भाजपा का पटका इसी माह पहन सकते हैं
ठुकराल की भी होगी घर वापसी
रुद्रपुर से दो बार भाजपा के विधायक रहे राजकुमार ठुकराल भी जल्द भाजपा मे वापसी कर सकते है। बताया जाता है कि वह भी ज्वाइनिंग अभियान के दौरान पार्टी मे दिख सकते है। ठुकराल नगर पालिका के चेयरमैन रहने के अलावा 2012 से 2022 तक विधायक रह चुके है। 2022 मे टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 27 हजार वोट हासिल किये, लेकिन किसी दल की सदस्यता नही ली। ठुकराल तराई क्षेत्र मे भाजपा के कद्दावर नेता माने जाते है और उनकी वापसी भाजपा के लिए लाभदायक सौदा भी माना जा सकता है। ठुकराल की वापसी के लिए संगठन स्तर से लंबे समय से प्रयास किये जा रहे हैं।

