देहरादून। कांग्रेस में टिकट व पद दिलाने के नाम पर ठगी का प्रकरण नया मोड़ ले रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने इसे उनके खिलाफ साजिश से जोड़ा है। वहीं प्रकरण की पूरी जांच की मांग की है।
प्रेस वार्ता मे गोदियाल ने कहा कि मेरे खिलाफ कुछ लोग डेढ़-दो माह से साजिश रच रहे थे। इसकी सूचना कार्यकर्ता भी मुझे दे रहे थे। मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं और सीधा चलने वाला आदमी हूं। मैं अपने काम से मतलब रखता हूं लेकिन यह जरूर है कि मैं इस बात पर विश्वास रखता हूं कि पार्टी को सत्ता में लाने के लिए जो बेहतर से बेहतर होगा, उसे आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। मैं अपने काम में विश्वास रखता हूं।
भावुक होते हुए गोदियाल ने कहा कि मैं इतने दिनों से सो नहीं पाया, इसलिए नहीं कि मैं डर रहा था, बल्कि इसलिए कि मैंने कभी ऐसे किसी कृत्य के बारे में सोचा तक नहीं। जिन आरोपों को मुझ पर सोची-समझी साजिश के तहत लगाया गया। मेरे घर में मेरे परिवार के लोग भी नहीं सो पाए। हमने जिंदगी में इस तरह की स्थिति का कभी सामना नहीं किया। इसके पीछे निश्चित रूप से साजिश है। सत्य की कभी हार नहीं होती है। यही वजह है कि साजिश रचने का पर्दाफाश हो गया। ठगी के शिकार हुए लोगों की मंशा व नीयत क्या थी, यह सार्वजनिक होगी चाहिए। इसके लिए कांग्रेस पूरे मामले की जड़ तक जाएगी। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्ह भी ठग का फोन आया था और पहले मुझे हटाने तथा बाद मे जब सेटलमेंट की बात की तो वह सतर्क हो गए कि यह साजिश है।
गौरतलब है कि महिला नेत्री भावना पांडे के साथ हुई 25 लाख की ठगी और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी से सियासी बबंडर मच गया। गिरफ्तार आरोपी ने खुद को कनिष्क बताकर भावना पांडे को टिकट और संगठन मे पद का ऑफर किया था। भावना पांडे ने का कहना है कि कनिष्क ने यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह, हरीश रावत जैसे दिग्गजों से वार्ता के अंश सुनकर वह झांसे मे आ गयी। हालांकि उनका कहना है कि जब ऐसे अनुभवी नेता ठग के झांसे मे आ गए तो उसकी क्या बिसात है। वह कोई पद नही चाहती थी।
पार्टी प्रभारी के चार दिवसीय दौरे से ठीक पहले उठा ठगी प्रकरण, क्या सोची समझी चाल तो नहीं,ये प्रश्न भी कांग्रेस के हलकों में शिद्दत के साथ उठ रहा है। ठग को पैसा देने वालों की नीयत पर भी सवाल उठ रहे हैं।
राहुल गांधी के पीएस कनिष्क के नाम पर ठगी करने वाले व्यक्ति ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात की। उनकी फोन पर की गई बात को रिकॉर्ड कर अन्य कार्यकर्ताओं से पद व टिकट दिलाने के लिए रकम वसूली गई। .ठगी प्रकरण में राहुल गांधी का पीएस बता कर पार्टी के कई नेताओं को ठग की बात को नजर अंदाज करना आसान नहीं था।
भावना पांडे के आरोपों के बाद ठग ने प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल से संपर्क कर मामले को समझौता कराने की बात कही थी,अन्यथा उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जा सकता है।
कांग्रेस के कितने नेता ठगी का शिकार हुए है अभी इस दबे सवाल को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों मे इसे लेकर हलचल तेज होगी।