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  • अपने संसाधनों के बावजूद 25 साल तक अडाणी से महंगी बिजली क्यों खरीदेगी सरकार: आर्य

    अपने संसाधनों के बावजूद 25 साल तक अडाणी से महंगी बिजली क्यों खरीदेगी सरकार: आर्य

    अडानी पावर से बिजली ख़रीद पर कांग्रेस ने उठाये सवाल

    देहरादून। कांग्रेस ने अडानी पावर को 25 वर्ष के लिए विजली खरीद पर सवाल उठाते हुए कहा कि धामी कैबिनेट का फैसला उत्तराखंड के हितों के लिए अत्यंत गंभीर है। आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की नदियां, जल और प्राकृतिक संसाधन यहां की जनता की धरोहर हैं। जिस प्रदेश की पहचान जल विद्युत और प्राकृतिक ऊर्जा संसाधनों से है, उसी प्रदेश को 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी से कोयला आधारित बिजली खरीदने के लिए बाध्य होना सरकार की ऊर्जा नीति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

    उन्होंने पूछा कि प्रदेश की जनता को यह बताना चाहिए कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि 25 साल के लिए अदाणी पावर से ₹5.746 प्रति यूनिट की दर पर 1,320 मेगावाट बिजली खरीदने का फैसला करना पड़ा? 25 वर्षों की अवधि वाला बिजली खरीद समझौता कोई सामान्य प्रशासनिक निर्णय नहीं है। यह प्रदेश की आने वाली कई पीढ़ियों पर आर्थिक प्रभाव डालने वाला फैसला है।

    सरकार को सार्वजनिक रूप से यह बताना चाहिए कि इस करार के तहत 25 वर्षों में उत्तराखंड पर कुल कितनी वित्तीय देनदारी आएगी, टैरिफ में भविष्य में किस प्रकार के संशोधन होंगे, बिजली की वास्तविक आपूर्ति लागत क्या होगी और इस समझौते में प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए कौन-कौन सी शर्तें रखी गई हैं।

    बड़े बांधों और जलविद्युत परियोजनाओं के कारण हजारों परिवारों का विस्थापन हुआ, पर्यावरणीय प्रभाव झेला गया और उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा का उपयोग राष्ट्रीय ऊर्जा जरूरतों के लिए किया गया। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब नदियां हमारी हैं, जल हमारा है, पहाड़ हमारे हैं, तो उत्तराखंड की ऊर्जा नीति का लाभ उत्तराखंड की जनता को क्यों नहीं मिलना चाहिए? सरकार को पहले यह जवाब देना चाहिए कि प्रदेश की अपनी जलविद्युत क्षमता का पूरा उपयोग क्यों नहीं हो पा रहा है और राज्य को लगातार बाहर से बिजली खरीदने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास जलविद्युत के साथ-साथ सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और अन्य अक्षय ऊर्जा स्रोतों की भी संभावनाएं हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि इन विकल्पों को प्राथमिकता देने के बजाय इतने लंबे समय के लिए कोयला आधारित बिजली खरीदने का निर्णय क्यों लिया गया।

    सरकार को बताना चाहिए कि 25 वर्षों में इस समझौते की अनुमानित कुल वित्तीय लागत कितनी होगी? ₹5.746 प्रति यूनिट की दर में कौन-कौन से शुल्क और समायोजन शामिल हैं? क्या भविष्य में इस दर में वृद्धि या अन्य वित्तीय भार की संभावना है? करार समाप्त करने अथवा पुनरीक्षण की क्या शर्तें हैं? उत्तराखंड की अपनी जलविद्युत क्षमता का वर्तमान उपयोग कितना है? राज्य को प्रतिवर्ष कितनी बिजली बाहर से खरीदनी पड़ती है? कोयला आधारित बिजली खरीद के पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किस आधार पर किया गया है?

    उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास देश को ऊर्जा देने की क्षमता है। लेकिन विडंबना यह है कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद प्रदेश को अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बाहर से बिजली खरीदनी पड़ रही है। धामी सरकार को अदाणी पावर के साथ 25 साल के इस करार पर प्रदेश की जनता को पूरा सच और पूरा हिसाब देना होगा।

     

     

     

  • रक्षाबंधन पर्व पर बड़कोट मे उमड़ा बहनों का सैलाब, मनवीर चौहान को बांधी राखी

    रक्षाबंधन पर्व पर बड़कोट मे उमड़ा बहनों का सैलाब, मनवीर चौहान को बांधी राखी

    लोक गायिका मीना राणा और स्थानीय महिला संगीत मंडलियों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गंगा-यमुना घाटी से पहुंचीं सैकड़ों महिलाएं

    बड़कोट/देहरादून। नगर पालिका बड़कोट में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान की अगुवाई में रक्षाबंधन पर्व धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र की गंगा और यमुना घाटी सहित दूरदराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचीं। महिलाओं ने मनवीर सिंह चौहान की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान स्थानीय महिला संगीत मंडलियों और लोक कलाकारों ने भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका मीना राणा ने अपनी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने जमकर नृत्य किया।

    रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी देखने को मिली। कार्यक्रम में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं के एकजुट होने से आयोजन में उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा।

    इस अवसर पर मनवीर सिंह चौहान ने कार्यक्रम में पहुंचीं सभी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बहनों का यह प्रेम और स्नेह हिंदू संस्कृति एवं सनातन परंपरा की पहचान है। उन्होंने कहा कि इस परंपरा और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को संजोए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों के आशीर्वाद से भविष्य में यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र में मूलभूत एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर हजारों बहनों का यह संगम हमारी सनातन संस्कृति, परंपराओं और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इस तरह के आयोजनों से समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और एकजुटता को मजबूती मिलती है।

    कार्यक्रम में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अतोल रावत, अनुपमा रावत, भाजपा जिला महामंत्री परशुराम जुगड़ी, मंडल अध्यक्ष अमित रावत, शैलेंद्र कोहली, हरिमोहन चंद, तरवीन सिंह राणा सहित भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन तरवीन सिंह राणा ने किया।

  • उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, मौजा सेंट्रल होप टाउन की खतौनी ऑनलाइन जारी

    उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, मौजा सेंट्रल होप टाउन की खतौनी ऑनलाइन जारी

    मुख्यमंत्री ने लिया था प्रकरण का संज्ञान

    देहरादून। सेलाकुई क्षेत्र के मौजा सेंट्रल होप टाउन के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। लगभग 8-10 वर्षों से बंदोबस्ती प्रक्रिया के कारण बंद पड़ी खतौनी आखिरकार ऑनलाइन भूलेख पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों के महज 45 दिनों के भीतर शासन-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 1,188 खातों को ऑनलाइन जारी कर दिया है। सरकार के इस कदम से क्षेत्र की लगभग 25 से 30 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।

    गौरतलब है कि बीते 11 जुलाई 2026 को आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय जनता ने मुख्यमंत्री धामी से खतौनी ऑनलाइन न होने की गंभीर समस्या साझा की थी। ऑनलाइन रिकॉर्ड न होने के कारण आम जनमानस को दाखिल-खारिज (Mutations), बैंक ऋण, विरासत दर्ज कराने, स्थायी निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    जनता की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दो माह के भीतर हर हाल में ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट और त्वरित निर्देशों का ही परिणाम है कि निर्धारित समयावधि से पूर्व ही 25 अगस्त 2026 को भूलेख पोर्टल पर खतौनी सार्वजनिक कर दी गई।

    मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद इस दीर्घकालिक समस्या का समाधान हो गया है। विगत 8–10 वर्षों से लंबित बंदोबस्ती प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत संबंधित अभिलेखों को डिजिटल रूप से पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया है। मौजा सेंट्रल होप टाउन के कुल 1,188 खातों को ऑनलाइन भूलेख प्रणाली से जोड़ दिया गया है। इससे सीधे तौर पर लगभग 25–30 हजार नागरिक लाभान्वित होंगे। सेलाकुई क्षेत्र की बड़ी आबादी को अब प्रमाण-पत्र, बैंक ऋण तथा भूमि संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

    स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्णय से वर्षों से रुकी हुई विकास योजनाएं और व्यक्तिगत राजस्व कार्य अब सुगमता से पूरे हो सकेंगे। अब आवेदक घर बैठे ही पोर्टल के माध्यम से अपनी ऑनलाइन खतौनी प्राप्त कर सकते हैं।

  • 10 मिनट में दो सगी बहनों की हत्या से हड़कंप, गोलियों की गूंज से दहला रुड़की शहर

    10 मिनट में दो सगी बहनों की हत्या से हड़कंप, गोलियों की गूंज से दहला रुड़की शहर

    रुड़की,(अनिल पुंडीर): रुड़की शहर में मंगलवार देर शाम को हुई सनसनीखेज वारदात ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 से 15 मिनट के अंतराल में दो सगी बहनों को गोली मार दी गई, जिसमें दोनों महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक महिला का पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दिनदहाड़े हुई इस दोहरी वारदात से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है और शक की सुई मृतक महिलाओं के भाई की ओर घूम रही है।

    जानकारी के अनुसार प्रीत विहार निवासी संगीता ई-रिक्शा से सेक्टर रोड के रास्ते कहीं जा रही थी। इसी दौरान एक बदमाश ने उसे निशाना बनाते हुए गोली मार दी। अचानक हुई फायरिंग की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोली लगने के बाद संगीता गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
    बताया जा रहा है कि पहली वारदात के करीब 10 मिनट बाद ही बदमाश ने दूसरी घटना को अंजाम दिया। गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी संगीता की बहन पुष्पा और उसके पति पर उनके घर के बाहर गोली चला दी गई। हमले में पुष्पा की मौत हो गई, जबकि उसका पति गोली लगने से घायल हो गया। घायल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
    एक के बाद एक दो बहनों को गोली मारे जाने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। घटनास्थलों पर पुलिस अधिकारी पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस घटनाओं के बीच कड़ी जोड़ते हुए हर पहलू से जांच कर रही है। दोनों वारदातों में एक ही आरोपी व आपसी पारिवारिक विवाद की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।
    दो बहनों की हत्या ने शहर को झकझोर दिया है। महज कुछ मिनटों के अंतराल में हुई इन वारदातों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाओं की हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आ रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में शक की सुई महिलाओं के भाई की ओर भी इशारा कर रही है, हालांकि पुलिस अभी मामले की गहन जांच जुटी है और आधिकारिक तौर पर किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं रही है।
    पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। वारदात के पीछे की असल वजह और हमलावर की भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। रुड़की में कुछ ही मिनटों के भीतर दो बहनों की हत्या की इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।

  • प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण के डीएम ने दिये निर्देश

    प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ निस्तारण के डीएम ने दिये निर्देश

    विशेष गहन पुनरीक्षण की आयोग की टीम ने की समीक्षा

    देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच, ऑडिट एवं पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून जनपद का भ्रमण किया। आयोग की टीम ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैनात सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।

    आयोग की टीम ने जनपद में पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ संचालित किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की सराहना की। टीम ने निर्देश दिए कि प्रारूप-7 के अंतर्गत प्राप्त अधिक संख्या में आपत्तियों का अत्यंत सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मृत्यु अथवा स्थानांतरण के कारण मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ तथा संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (ठस्।) से अनिवार्य रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाए।

    आयोग की टीम ने यह भी बताया कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से पुनः संपर्क कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अपील की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

    बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने अथवा संबंधित विवरण उपलब्ध न कराए जाने के मामले में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

    जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है। ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राकेश तिवारी, अपर्णा ढौंडियाल, रविन्द्र ज्वांठा, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली उपस्थित रहे।

     

  • भाजपा ने की प्रदेश प्रवक्ता टोली की घोषणा, 8 नयी नियुक्ति

    भाजपा ने की प्रदेश प्रवक्ता टोली की घोषणा, 8 नयी नियुक्ति

    देहरादून। चुनाव की तैयारियों मे जुटी भाजपा ने प्रवक्ता टोली का विस्तार करते हुए 8 नये प्रवक्तओं की घोषणा की है।

    प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के निर्देश पर यह नियुक्ति की गयी है।

    सूची मे रविंद्र जुगरान देहरादून महानगर, राजेश शुक्ला ऊधमसिंह नगर, सुरेश तिवारी नैनीताल, शादाब शम्स देहरादून महानगर, श्रीमती अनुकृति गुसाई कोटद्वार, विश्वजीत नेगी कोटद्वार, सत्यवीर चौहान देहरादून ग्रामीण तथा मनोज जख़मोला ऋषिकेश नियुक्त किये गए हैं।

  • मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य होगा तेज, टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर जोर

    मानसून के बाद सड़क सुधार के कार्य होगा तेज, टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण करने पर जोर

    प्रदेशभर की सड़कों को दुरुस्त करने के संबंध में कैबिनेट बैठक में हुआ विस्तृत विचार-विमर्श

    पीएमजीएसवाई की पुरानी सड़कों के सुधार एवं स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी हुई चर्चा*

    देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में प्रदेशभर की सड़कों की स्थिति और उनके सुधार के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को दुरुस्त करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य करने पर चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) सहित विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के अधीन आने वाली सड़कों को दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। बैठक में पीएमजीएसवाई के अंतर्गत निर्मित ऐसी पुरानी सड़कों, जिनकी अनुरक्षण अवधि समाप्त हो चुकी है और जिनका नियमित रखरखाव नहीं हो पा रहा है, को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

    उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर में सड़क सुधार के कार्य एक साथ युद्धस्तर पर शुरू किए जाने चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग अभी से आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करते हुए निविदा प्रक्रिया समय से पूर्ण कर लें, ताकि बारिश समाप्त होने के बाद निर्माण एवं मरम्मत कार्य शुरू करने में किसी प्रकार का विलंब न हो।

    बैठक में शहरी क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए स्थानीय निकायों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों को सड़क सुधार के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि शहरी क्षेत्रों की सड़कों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अक्टूबर माह से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का सड़क मार्ग से भ्रमण करेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से सड़कों के सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध रूप से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर और सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।

  • कैबिनेट मे सीएनजी वाहनों को छूट जारी रखने और अग्निवीरों के लिए अलग सेल का निर्णय

    कैबिनेट मे सीएनजी वाहनों को छूट जारी रखने और अग्निवीरों के लिए अलग सेल का निर्णय

    धामी कैबिनेट मे जन हित के 17 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

    UPCL की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट अडानी ग्रुप को

    देहरादून। उत्तराखंड में CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने,उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी तथा अग्निवीरों के लिये अलग सेल बनाने सहित जन हित से जुड़े 17 प्रस्तावों पर धामी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। 

    कैबिनेट के निर्णय

    कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। नीति के तहत सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए सात मिशन निर्धारित किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।

    परिवहन क्षेत्र में उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके तहत राज्य में वाहनों से संबंधित कर व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड में CNG वाहनों को ग्रीन सेस में मिलने वाली छूट जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही ग्रीन सेस संबंधी राहत वापस ले ली गई है।

    कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों की इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई EV पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और परिवहन क्षेत्र को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम होगा।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड चिकित्सा एवं परिवार कल्याण सांख्यिक संवर्ग के गठन को भी मंजूरी प्रदान की है।

    औषधि और सर्जिकल सामग्री की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई है। यह कॉरपोरेशन मुख्य सचिव की अगुवाई में काम करेगा और राज्य के लिए दवाइयों, सर्जिकल सामग्री तथा आवश्यक रसायनों की खरीद करेगा।

    राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट ने कारापाल सेवा नियमावली को भी मंजूरी दे दी है।

    उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम-2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी गई है।

    कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली को भी मंजूरी प्रदान की है।

    उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। कर्मचारियों को ऊधमसिंह नगर और आसपास के जनपदों में समायोजित किया जाएगा।

    रिस्पना नदी के किनारे काठ बंगला क्षेत्र में बनाए गए 116 आवासों में मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब सरकार वहन करेगी। इससे संबंधित लाभार्थियों को राहत मिलेगी।

    शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े कार्यों के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इससे शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का रास्ता साफ होगा।

    कैबिनेट ने अंत्योदय फाउंडेशन की ओर से ऋषिकेश में कैंसर इंस्टीट्यूट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। इससे राज्य में कैंसर उपचार की सुविधाओं को बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
    उपनल कर्मचारियों के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। तीन चरणों में समान कार्य-समान वेतन लागू किया जाएगा। दूसरा चरण 9 नवंबर से शुरू होगा। वर्ष 2018 तक के कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया है।
    1 जनवरी 2016 से ब्रेक वाले उपनल कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिन पदों पर उपनल कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, उनके आधार पर नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित की जाएगी और कर्मचारियों को परिवर्तनीय महंगाई भत्ता भी मिलेगा। नए पद सृजित नहीं होने की स्थिति में कर्मचारियों के समायोजन की व्यवस्था की जाएगी।

    सेवा से मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके लिए छह पदों का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाकर उनके पुनर्वास और रोजगार से जुड़े मामलों पर काम करेगी।

    ऊर्जा क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। UPCL की ओर से 1320 मेगावाट के कोयला आधारित पावर प्लांट के लिए न्यूनतम बोलीदाता अडानी को चुना गया है। छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक का आवंटन हो चुका है। परियोजना अडानी पावर की ओर से स्थापित की जाएगी और इसे 25 साल की अवधि के लिए दिया गया है।

     

  • राहुल गांधी धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी से पहले करें समुचित अध्ययन : शंकराचार्य

    राहुल गांधी धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी से पहले करें समुचित अध्ययन : शंकराचार्य

    जोशीमठ। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति संबंधी बयानों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हिन्दू धर्मशास्त्रों पर टिप्पणी करने से पहले उनका समुचित अध्ययन और शास्त्रीय संदर्भों की जानकारी आवश्यक है।

    शंकराचार्य ने आज जारी बयान में कहा कि पुणे में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मनुस्मृति और सनातन सांस्कृतिक विचारों के संबंध में जो टिप्पणियां कीं, वे धर्मशास्त्रों की सतही समझ को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक मनुस्मृति और धर्मशास्त्रों के संबंध में बार-बार असत्य एवं भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन धर्म और शास्त्रों के विषय में टिप्पणी करते समय तथ्य, संदर्भ और अध्ययन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शंकराचार्य ने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे प्रमाणिक स्रोतों और विद्वानों के माध्यम से हिन्दू धर्मशास्त्रों का अध्ययन करने के बाद ही सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखें।

    शंकराचार्य ने कहा कि मनुस्मृति सहित हिन्दू धर्मशास्त्रों को लेकर समाज में विभिन्न मत और व्याख्याएं प्रचलित हैं। ऐसे में किसी ग्रंथ के संबंध में एकतरफा धारणा प्रस्तुत करने के बजाय उसके मूल स्वरूप, संदर्भ, उद्देश्य और शास्त्रीय परंपरा को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मंचों से धर्मग्रंथों पर की जाने वाली टिप्पणियों का समाज के विभिन्न वर्गों पर प्रभाव पड़ता है।

    उन्होंने मनुस्मृति के श्लोक ‘पिता रक्षति कौमारे, भर्ता रक्षति यौवने…’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें स्त्री की परतंत्रता की बात नहीं कही गई है, बल्कि परिवार और समाज की ओर से उसकी सुरक्षा और दायित्व का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि संस्कृत में ‘रक्षति’ का अर्थ सुरक्षा करना है, न कि किसी प्रकार का नियंत्रण स्थापित करना।

    शंकराचार्य ने कहा कि सनातन परंपरा में नारी को शक्ति और सम्मान का स्वरूप माना गया है। उन्होंने ऋग्वेद की ऋषिकाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति परस्पर पूरकता और सम्मान की भावना पर आधारित रही है।

    उन्होंने राहुल गांधी के इस कथित तर्क को भी खारिज किया कि भारतीय जनता पार्टी मनुस्मृति की समर्थक है। उन्होंने कहा कि भारत का शासन संविधान के अनुसार चलता है और किसी राजनीतिक दल को मनुस्मृति से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है।

    शंकराचार्य ने कहा कि संसद से लेकर सार्वजनिक मंचों तक मनुस्मृति और धर्मशास्त्रों के संबंध में बार-बार असत्य एवं भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। उनके अनुसार, इसी प्रकार के बयानों के कारण पूर्व में राहुल गांधी को ‘हिन्दू धर्म से बहिष्कृत’ घोषित किया गया था।

    शंकराचार्य ने कहा कि उनकी आपत्ति किसी राजनीतिक दल के विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन धर्मग्रंथों के बारे में तथ्यहीन एवं भ्रामक प्रचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि बिना शास्त्रीय अध्ययन के धर्मग्रंथों पर इसी प्रकार की टिप्पणियां जारी रहीं तो सनातन समाज उनका वैचारिक और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करता रहेगा।

  • मिलावट-जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज, मंडलायुक्त करेंगे माॅनिटरिंग 

    मिलावट-जमाखोरी के खिलाफ अभियान तेज, मंडलायुक्त करेंगे माॅनिटरिंग 

    जिला प्रशासन ने खाद्य संरक्षा एवं औैषधि प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर लिए सैपल

    देहरादून। त्योहार के मौसम में मिलावट व जमाखोरी के खिलाफ सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रत्येक जिले में सरकारी मशीनरी ने जांच अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारियों से एक सप्ताह तक अभियान चलाने के लिए कहा गया है। मॉनिटरिंग का जिम्मा मंडलायुक्तों को दिया गया है।
    राज्य सरकार के निर्देश पर सोमवार को हर जिले में जांच अभियान संचालित किया गया। जिला प्रशासन ने खाद्य संरक्षा एवं औैषधि प्रशासन के साथ मिलकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर सैपल लिए। कई दुकानदारों को नोटिस भी जारी किए गए और सडे़-गले या फिर एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री को नष्ट करा दिया गया। टीम खाद्य सामग्री की गुणवत्ता के साथ ही चीनी की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की बारीकी से जांच कर रही है।
    चमोली जिले में तीन सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए लैब भिजवाया गया। एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री पाए जानेे पर दो दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया। साथ ही, संबंधित खाद्य सामग्री को नष्ट कर दिया गया। दो कंपनियों की सामग्री का लेबल पैकेजिंग एवं लैबलिंग रेगुलेशन के मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। संबंधित निर्माताओं को नोटिस दिया जा रहा है।
    रूद्रप्रयाग जिले में टीम ने 12 दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल भरे। छह दुकानों में एक्सपायरी डेट का सामान मिलने पर दुकानदार को चेतावनी दी गई और सामान नष्ट कर दिया गया। अल्मोड़ा जनपद में दो मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, बागेश्वर जनपद में आठ प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और तीन सैंपल लिए गए। पिथौरागढ़ जनपद में दो सैंपल लिए जाने की सूचना दी गई है। चंपावत जिले में जांच अभियान एक अगस्त से चल रहा है। वहां पर अभी तक 21 स्थानों पर निरीक्षण किया गया है। इनमेें दस जगहों पर सैंपल लेकर उन्हें लैब भेजा गया है। सर्वे के लिए तीन सैंपल लिए गए हैं।
    देहरादून में भी सोमवार को जिला प्रशासन ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान 11 खाद्य नमूने एकत्रित किए गए। तीन प्रतिष्ठानों को व्यवस्था मेें सुधार के लिए चेतावनी दी गई। जनपद में एक अगस्त से अभी तक 70 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 48 सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सर्वे के लिए 20 सैंपल अलग से लिए गए हैं। 11 दुकानदारों को सुधार के लिए नोटिस दिया गया हैै। इसके अलावा, एडीएम कोर्ट में चार वाद दर्ज कराए गए हैं।
    हरिद्वार में जांच अभियान 17 अगस्त से चल रहा है। अभी तक वहां पर 47 व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण का 27 सैंपल भरे गए हैं। दस दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न कोर्ट में चार मामले दर्ज कराए गए हैं।
    पौड़ी जनपद में सोमवार को दस सैंपल लिए गए। इनमें से छह सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। धारा 36 के तहत एक वाद स्वीकृत किया गया है। नैनीताल जनपद में दस दुकानों का निरीक्षण कर छह सैंपल लिए गए। इन्हेें जांच के लिए लैब भेजा गया है। एक सैंपल सर्वे के लिए लिया गया है। एक प्रतिष्ठान में साफ सफाई न पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया, जबकि दस किलो मिठाई मानकों के अनुरूप न होने पर नष्ट कराई गई।
    टिहरी जनपद में भी सरकारी मशीनरी सक्रिय रही। सात व्यापारिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर छह सैंपल एकत्रित किए गए। उत्तरकाशी जिले में सोमवार को कुल 15 स्थानों पर निरीक्षण किया गया और चार सैंपल लिए गए। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बिक्री के एक मामले में नोटिस जारी किया गया।