देहरादून। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. हरक सिंह रावत ने जेनी प्रकरण को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई, पेपर लीक और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए एक साजिश के तहत जेनी प्रकरण को सामने ला रही है। उन्होंने कहा कि जिस मामले में न्यायालय का फैसला आ चुका है, उस पर दोबारा टीका-टिप्पणी करना उचित नहीं है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए हरक सिंह रावत ने कहा कि जेनी प्रकरण में आरोप के बाद पहले ही सीबीआई जांच और डीएनए जांच हो चुकी है। मामले की जांच के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाया था और जांच रिपोर्ट को अनुमोदन दिया था। ऐसे में अब इस पर सवाल उठाना न्यायालय की अवमानना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को जांच या उसके निष्कर्षों पर आपत्ति थी तो उसे उसी समय सामने रखना चाहिए था। अब इतने समय बाद इस मामले को फिर क्यों उठाया गया। उन्होंने इसे भाजपा की बौखलाहट और साजिश करार दिया। हरक सिंह रावत ने यह भी कहा कि उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी प्रयास को लेकर वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। हरक ने कहा कि इस मामले में वह मुख्यमंत्री, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कुछ सोशल मीडिया पत्रकारों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे। पूर्व मंत्री ने जेनी प्रकरण की सीबीआई जांच का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय इस मामले की जांच हुई थी, उस दौरान केंद्र में भाजपा की सरकार थी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण को उठाकर और जांच पर संदेह व्यक्त कर उस समय केंद्र में रही अटल बिहारी वाजपेयी सरकार पर भी सवाल उठते हैं। हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को उठाकर प्रदेश के दूसरे महत्वपूर्ण मामलों से लोगों का ध्यान हटाने का प्रयास कर रही है।