बागेश्वर। बागेश्वर मे इंटर कालेज के प्रिंसिपल की हत्या से सनसनी फैल गयी। हत्या के बाद आरोपी कालेज का बाबू फरार है।
जानकारी के अनुसार राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) भटखोला के प्रभारी प्रधानाचार्य दयानंद टम्टा (55) की शनिवार सुबह उस समय हत्या कर दी गई जब वह रोज की तरह पैदल स्कूल जा रहे थे। इस दौरान विद्यालय के वरिष्ठ सहायक (क्लर्क) नवल किशोर सोराड़ी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले कुछ समय से वेतन जारी नहीं होने से नाराज था। खंड शिक्षा अधिकारी आशाराम के मुताबिक, उसने शुक्रवार को फोन कर वेतन जारी नहीं होने पर मारपीट की धमकी भी दी थी। पुलिस इसी एंगल पर जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद स्कूल में छुट्टी कर दी गई। जिला अस्पताल में शिक्षक संघ, ग्रामीण और परिजन जुट गए। उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमॉर्टम से पहले उसे पकड़ने की मांग उठाई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले आरोपी ने खंड शिक्षा अधिकारी आशाराम को फोन किया था। आशाराम के अनुसार, आरोपी ने वेतन जारी करने की मांग करते हुए कहा था कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो वह कार्यालय आकर मारपीट करेगा। पुलिस इस धमकी और अगले ही दिन हुई हत्या के बीच संबंध की जांच कर रही है।
नवल किशोर सोराड़ी का करीब चार महीने पहले विभागीय कार्यों में लापरवाही और अभद्र व्यवहार के आरोप में वेतन रोक दिया गया था। इसके बाद से वह विभागीय अधिकारियों और स्कूल प्रशासन से नाराज चल रहा था। फिलहाल पुलिस इसी विवाद को हत्या की प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है, हालांकि अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
नवल किशोर सोराड़ी (40) मूल रूप से चंपावत जिले के पाटी क्षेत्र का निवासी है। करीब दो वर्ष पहले उसका बदियाकोट से राजकीय इंटर कॉलेज भटखोला में स्थानांतरण हुआ था। वह विद्यालय में वरिष्ठ सहायक (क्लर्क) के पद पर तैनात था। हत्या के बाद से वह फरार है। पुलिस की कई टीमें उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
दूसरी ओर दयानंद टम्टा वर्ष 2005 से जीआईसी भटखोला में कार्यरत थे। करीब तीन वर्ष पहले उन्हें प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया गया था। उनका मूल निवास बेहरगांव था, जबकि वर्तमान में वह सेज तहसील क्षेत्र में परिवार के साथ रहते थे। उनकी पत्नी अनीता जूनियर हाईस्कूल अमशायरीकोट में शिक्षिका हैं। परिवार में 24 वर्षीय बेटा और 20 वर्षीय बेटी हैं। दोनों पढ़ाई कर रहे हैं।
हत्या के बाद जिला अस्पताल में शिक्षक संघ के पदाधिकारी, ग्रामीण और परिजन पहुंच गए। लोगों ने इमरजेंसी के बाहर धरना देकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों का कहना था कि आरोपी को गिरफ्तार कर सामने लाया जाए, उसके बाद ही पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।
हत्या की घटना के बाद प्रशासन ने विद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी। शिक्षा विभाग में शोक की लहर है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हत्या की वजह और घटनाक्रम पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।