नैनीताल: नैनीताल में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की है। चार कुख्यात अपराधियों को छह माह के लिए जनपद नैनीताल की सीमा से जिला बदर कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने रोहित पांडे, देव सिंह जाटव, गौरव मेहंदी रत्ता और हिमांशु पंत उर्फ पटाखा के खिलाफ आदेश जारी किए हैं। रोहित पांडे पर शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और आईपीसी के तहत नौ मुकदमे दर्ज हैं। उस पर चुनाव के दौरान अपराध करने और सार्वजनिक स्थल पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग के भी आरोप हैं। देव सिंह जाटव पर चोरी, एनडीपीएस एक्ट और पशु क्रूरता अधिनियम सहित कई मामले दर्ज हैं। गौरव मेहंदी रत्ता के खिलाफ आईपीसी और बीएनएस के तहत आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। हिमांशु पंत उर्फ पटाखा पर आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और चोरी सहित कुल 14 मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन ने इनकी आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए छह माह के लिए जिला बदर किया है। वहीं, समीक्षा के बाद तीन लोगों को राहत भी दी गई है। चंदन टाकुली, विश्वनाथ पुत्र किशोरी लाल और जीवन कनवाल के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी गई। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मामले की समीक्षा के बाद ही निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अपराध पर प्रभावी अंकुश के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।