देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने काशीपुर मे किसान द्वारा आत्म हत्या प्रकरण पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड के काशीपुर में एक युवा किसान द्वारा आत्महत्या किया जाना धामी सरकार की निर्दयी, संवेदनहीन और व्यवस्था का सबसे भयावह प्रमाण है। यह केवल आत्महत्या नहीं है, बल्कि पुलिस-प्रशासन की प्रताड़ना है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना से एक पूरा परिवार उजड़ गया, घर का चिराग बुझ गया और मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। एक सुहागन की मांग उजड़ गई। यह सिर्फ एक किसान की मौत नहीं है, बल्कि सरकार की अमानवीय नीतियों का परिणाम है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा केवल चौकी प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर देना इस जघन्य अपराध पर पर्दा डालने की कोशिश है। यह कार्रवाई पूरी तरह नाकाफी है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।दोषी पुलिस अधिकारियों पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज हो।मृतक किसान के परिवार को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।किसान उत्पीड़न में लिप्त अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाए।
आर्य ने कहा कि धामी सरकार में किसान सुरक्षित नहीं है, न्याय की कोई गारंटी नहीं है और पुलिस सत्ता के इशारों पर निर्दोषों को कुचलने का काम कर रही है। उत्तराखंड कांग्रेस इस किसान के परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और दोषियों को बेनकाब कर के रहेगी।