कैबिनेट के फैसले: अग्निवीरों को मिलेगा क्षेतिज आरक्षण, धर्मांतरण कानून और कड़ा होगा

देहरादून। धामी मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों को क्षेतिज आरक्षण, धर्मांतरण कानून को और भी ज्यादा सख्त करने तथा संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए कमेटी के गठन सहित कई प्रस्तावों पर मुहर लग गयी।

अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों को उत्तराखंड सरकार ने सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को कैबिनेट ने हरी झंडी दी है. इसमें अभ्यर्थियों की आयु में छूट देने का प्रस्ताव भी पास किया गया है।

धर्मांतरण कानून को और सख्त करते हुए 14 साल तक की सजा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। संविदा आउटसोर्स कर्मचारियों की उनके विभागों में उत्पन्न हो रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति विभागीय प्रस्तावों के आधार पर जांच कर अपनी संस्तुतियां मुख्यमंत्री को देगी। पंतनगर में बन रहे एयरपोर्ट पर जाने वाली नेशनल हाईवे के एलाइनमेंट चेंज में आने वाले खर्च के लिए लाई गई योजना में स्टेट GST को माफ कर दिया गया है.

वनीकरण निधि प्रबंधन, प्राधिकरण की वार्षिक रिपोर्ट को कैबिनेट की संस्तुति दी गई है। उत्तराखंड परियोजना विकास एवं निर्माण निगम (UPDCC) के ढांचे का पुनर्गठन किया गया है, जिसमें कुल 95 पदों का सृजन, जो सिंचाई विभाग से डेपुटेशन पर होंगे।सहकारिता विभाग में उत्तराखंड सहकारी संस्थागत सेवा मंडल का गठन किया गया है, जिसके तहत सहकारी बैंकिंग सेक्टर से संबंधित भर्ती आईबीपीएस के माध्यम से होगी.

इसके साथ ही श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में उपाध्यक्ष का एक पद अलग से सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। लखवाड़ बहुउद्देशीय जल विद्यतु परियोजना के लिए देहरादून जनपद के ग्रामों में अधिग्रहण किए जाने वाली भूमि की दरें, जनपद टिहरी के ग्रामों के समक्षक की गई।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड, के वर्ष 2021-22 के वार्षिक वित्तीय प्रतिवेदन को विधानसभा पटल पर प्रस्तुत करने का मंजूरी.
विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104 (4) के अंतर्गत उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक लेखा विवरण को विधानमंडल के पटल पर रखे जाने को मंजूरी.
कंपनी अधिनियम 2013, की धारा 395 (बी) के अनुपालन के क्रम में उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के वित्तीय वर्ष 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन को विधानसभा के पटल पर रखे जाने को मंजूरी मिली है।
वहीं उत्तराखंड पशुपालन विभाग सांख्यिकीय सेवा नियमावली 2025 का प्राध्यापन. उत्तराखंड वित्त सेवा (संशोधन) नियमावली 2025 को मंजूरी मिली तो सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की नियमावली को हरी झंडी दी गई है। इसी कड़ी में सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग एवं नवाचार (STI) नीति 2025 तथा राजकीय औद्योगिक संस्थानों में शेड/ भूखंडों के आवंटन/ निरस्तीकरण/ स्थानांतरण/ किराया आदि के संबंध में एकीकृत प्रक्रिया में संशोधन को मंजूरी दी गई है।

 

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