धराली मे आये सैलाव मे हुए 42 लापता, परिजनों से संपर्क की कोशिश

मलवे मे जिंदगी तलाश रहे है रेस्क्यू दल

लापता लोगों में 9 सेना के जवान, 13 स्थानीय, 6 यूपी, 1 टिहरी, 24 नेपाल और 13 बिहार के लोग शामिल

देहरादून। उत्तरकाशी के धराली गांव में आई आपदा मे प्रशासन ने 42 लोगों के लापता जाने की पुष्टि की है। रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 1200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन ने बताया कि 42 लापता लोगों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

लापता लोगों में 9 सेना के जवान, 13 स्थानीय, 6 यूपी, 1 टिहरी, 24 नेपाल और 13 बिहार के लोग शामिल हैं। प्रशासन लापता परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। वहीं मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए सेना के खोजी कुत्ते और थर्मल इमेजिंग कैमरे लगाए गए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और भारतीय सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन जारी हैं, जिसमें अब तक 1200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।

रेस्क्यू दल मलवे मे कर रहे जिंदगी की तलाश
रेस्क्यू दलों द्वारा मलबे अभी भी जिंदगी की तलाश की जा रही है। जहां भी संभव लग रहा है, वहां अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से खोजबीन की जा रही है। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि लापता लोगों के परिजनों से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ताकि जल्द से जल्द हर संभव मदद किया जा सके।

खीर गंगा मे बढ़ते जलस्तर से दहशत में लोग

हर्षिल और आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में सोमवार शाम अचानक तेज बारिश के कारण खीर गंगा का प्रवाह फिर बढ़ गया और उसका पानी पुराने धराली गांव के घरों की ओर बढ़ने लगा। इससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई और वे एक बार फिर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वहीं, दूसरी ओर, हत्यारी गाड का जलस्तर बढ़ने से भागीरथी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। बारिश रुकने पर प्रशासन और लोगों ने राहत की सांस ली।

आपदा ग्रस्त धराली में पुलिस हेल्प एक ने स्थानीय स्तर पर लापता लोगों सूची तैयार की है। इसमें 73 लापता लोगों के नाम हैं। पांच लापता नेपाली मजदूरों से संपर्क हो चुका है। खोजबीन के बाद प्रशासन के आंकड़े भी इसके आसपास ‘पहुंच रहे हैं। लापता लोगों में धराली गांव के एक चार वर्षीय मासूम के साथ ही आठ लोगों के नाम हैं। वहीं नेपाल के एक 18 वर्ष के मासूम के साथ ही नाबालिग का नाम भी दर्ज किया गया है।

केदारनाथ यात्रा तीन दिन के लिए स्थगित

राज्य मे चल रही तेज बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा को 3 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है। डीएम रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने बताया कि मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 12. 13 और 14 अगस्त को जिले में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा पर तीन दिनों के लिए स्थगित की है।

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