उत्तरकाशी। उत्तरकाशी में विवादित मस्जिद के विरोध मे उतरी देवभूमि विचार मंच की कल रविवार को प्रस्तावित महापंचायत को प्रशासन ने शर्तों के साथ अनुमति दे दी है।
16 शर्तों के साथ मिली अनुमति के अनुसार निषेधाज्ञा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति लाठी, डण्डा, चाकू, भाला आदि किसी भी प्रकार का धारदार हथियार अथवा आग्नेय शस्त्र लेकर प्रवेश नहीं कर सकेगा । शान्ति व्यवस्था हेतु तैनात सुरक्षाकर्मी, राजकीय ड्यूटी में लगे शिथिलांग/विकलांग कर्मचारी जिन्हें चलने हेतु डण्डे की आवश्यकता होती है, इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेगें । निषेधाज्ञा क्षेत्र में 05 या 05 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने पर पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा। निषेधाज्ञा सीमान्तर्गत जनसभा, जुलुस, रैली तथा सार्वजनिक बैठक करने पर प्रतिबन्ध होगा।निषेधाज्ञा क्षेत्र में किसी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यन्त्रों आदि के प्रयोग पर पूर्णतः प्रतिबन्ध होगा। निषेधाज्ञा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी के प्रति अपमानजनक भाषा या गाली गलौच या भड़काने वाले शब्दों का प्रयोग नही करेगा और न ही ऐसे नारे लगायेगा, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचे या शान्ति भंग होने की सम्भावना हो ।
निषेधाज्ञा क्षेत्र में ज्वलशील पदार्थ, हथियार तथा ऐसी कोई सामग्री परिवहन, रखने पर प्रतिबन्ध होगा, जिससे मानव जीवन अथवा सार्वजनिक सम्पत्तियों को क्षति पहुँचायी जाती है । निषेधाज्ञा क्षेत्र में 05 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होगें और न कोई सभा अथवा सार्वजनिक बैठक और न ही नारे आदि लगा सकेगें ।
जिला प्रशासन ने प्रस्तावित महापंचायत को देखते हुए शान्ति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए दिनांक 30 नवंबर 2024 की प्रातः 07.00 बजे से अग्रिम आदेशों तक मौजा बाड़ाहाट में विवादित स्थल/विवादित ढांचा,/मस्जिद मौहल्ला के 50 मीटर परिधि के क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न शर्तों एवं प्रतिबन्धों के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किया गया है।
मामले मे नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तरकाशी के भटवाड़ी रोड पर स्थित मस्जिद के विवाद मामले में इसकी सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी और एसपी उत्तरकाशी को कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कोर्ट को अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट मे चल रही है मामले मे सुनवाई
उत्तरकाशी के अल्पसंख्यक सेवा समिति की याचिका पर कोर्ट मे सुनवाई चल रही है। समिति ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 24 सितंबर से कुछ संगठनों की ओर से भटवाड़ी रोड स्थित सुन्नी समुदाय की मस्जिद को अवैध बताकर उसे ध्वस्त करने की धमकी दी जा रही है। इसकी वजह से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसलिए मस्जिद की सुरक्षा करने के आदेश राज्य सरकार को दिए जाएं। याचिका में कहा गया कि मस्जिद वैध है और 1969 में जमीन खरीदकर बनाई गई। 1986 में वक्फ कमिश्नर के निरीक्षण में भी इसे वैध पाया गया।