सीएस ने बिलिंग दक्षता एवं नुकसान रोकने मे कामयाबी पर थपथपाई यूपीसीएल की पीठ

प्रदेश भर में विद्युत वितरण क्षेत्र को और अधिक सुदृद्ध एवं मजबूत बनाने जा रहा यू पीसीएल: यादव

देहरादून। यूपीसीएल के निदेशक मंडल की बैठक मे वित्तीय वर्ष 2023-24 मे विभाग द्वारा बिलिंग दक्षता एवं संग्रहण दक्षता में हुये सुधार तथा एटीएण्डसी हानि मे बड़ी कमी पर मुख्य सचिव ने यूपीसीएल की पीठ थपथपाई है। मुख्य सचिव एवं अध्यक्ष यूपीसीएल श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता मे आयोजित बैठक मे सचिव ऊर्जा सहित सभी निदेशकों, स्वतंत्र निदेशकों एवं प्रबन्ध निदेशक यूपीसीएल के साथ अन्य अधिकारियों ने शिरकत की।

बैठक में यूपीसीएल द्वारा प्रस्तुत किये गये मुख्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई तथा अध्यक्षा ने यूपीसीएल द्वारा गत वित्तीय वर्ग में विभिन्न योजनाओं मे हुई अभूतपूर्व प्रगति के लिये यूपीसीएल टीम की प्रशसा की। सचिव (ऊर्जा) द्वारा बिल्लिंग दक्षता एवं संग्रहण दक्षता में हुये सुधार एवं एटीएण्डसी हानियों को कम किये जाने हेतु यूपीसीएल के प्रयासों की सराहना की। स्वतंत्र निदेशक बीपी पारडे ने विगत वर्षों में बेहतर वित्तीय प्रबन्धन एवं इनोवेटिव पावर पचैल स्ट्रेटजी के फलस्वरूप ACS-ARR अन्तर को कम करने के लिये यूपीसीएल द्वारा उठाये गये महत्वपूर्ण कदमों के लिये प्रशंसा की।

गौरतलब है कि  वितीय वर्ष 2023-24 में यूपीसीएल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधारात्मक रणनीति को अपनाकर उत्कृष्ट उपलब्धियों हासिल की है। इसमें यूपीसीएल द्वारा इनोवेटिव पावर पबैज स्ट्रेटजी अपनाते हुए वित्तीय वर्ष 2023-24 में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष रिकार्ड 22 प्रतिशत कम रेट पर शार्ट टर्न मार्केट से सत्त्ती बिजली प्राप्त करने हेतु सराहना की गई। बाजार से सस्ती बिजली प्राप्त करने से उपभोक्ताओं को बिजली टेरिक को कम किया गया है जिसके फलस्वरूप प्रदेश भर में कम दरों पर सुचारू विद्युत आपूर्ति प्रदान किया जा पाना सम्भव हो पाया है।

यूपीसीएल द्वारा औसतन शार्ट टर्म पायर पर्चेज मूल्य में हुई घटोत्तरी से ओवरील पायर पर्चेज रेट भी वित्तीय वर्ष 2022-23 में रू0 548 प्रति यूनिट से 292 प्रतिशत घटकर गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में रू0 6.32 प्रति यूनिट हुई है. जिस हेतु सराहना की गई।

वित्तीय वर्ष 2023-24 में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष कुल रू0 1093.82 करोड़ (12.79 प्रतिशत) अधिक राजस्य प्राप्ति करने के लिये सराहना की गई। वित्तीय वर्ष 2023-24 में सर्वाधिक राजस्व प्राप्ति रू० 99905 करोड़ की गई। यूपीसीएल द्वारा वितीय वर्ष 2023-24 में बिलिंग यक्षता (86.11 प्रतिशत) में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष 049 प्रतिशत अधिक बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं  वित्तीय वर्ष 2023-24 में संग्रह दक्षता (99.14 प्रतिशत) में वित्तीय वर्ष 2022-23 के सापेक्ष 0.15प्रतिशत अधिक बढोत्तरी हुई।

यूपीसीएल द्वारा बिलिग एवं संग्रहण दक्षता में सुधार के परिणाम स्वरूप एटीएण्डसी हानियों को लगातार 15.255 (2022-23) के स्तर से 0.81 प्रतिशत से कम करते हुए 14.64% (23-24) के सर पर लाया गया है। वित्तीय वर्ष 20023-24 में बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते ACS-ARR अन्तर में 88 प्रतिशत (0.78 प्रति यूनिट से घटकर 000 प्रति यूनिट) की उल्लेखनीय कमी प्राप्त करने हेतु सराहना की गई।

प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल यादव ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा मुख्य सचिव एवं सचिव (ऊर्जा) के निर्देशों एवं प्रयासों के फलस्वरूप यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यूपीसीएल भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं के तहत प्रदेश भर में विद्युत वितरण क्षेत्र को और अधिक सुदृद्ध एवं मजबूत बनाने जा रहा है तथा योजना के कार्यों को सीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है। आगामी वर्षों में कार्यों के सफल क्रियान्वयन होने से उपभोक्ताओं को और अधिक उच्च गुणवत्ता की विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति प्रदान की जायेगी। साथ ही भविष्य में विद्युत हानियों को सिंगल विजिट के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।

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