घटना के कुछ घंटों मे बेटे का शव हुआ बरामद, 2 साल बाद चीला नहर मे कार के भीतर बरामद हुआ अर्चित का शव
देहरादून। 2 साल पहले बेटे के साथ कार को चीला नहर मे डुबोकर मौत को गले लगाने वाले व्यक्ति का कार मे पड़ा कंकाल आज एसडीआरएफ ने बरामद कर लिया। हालांकि पुलिस ने उस समय बेटे का शव बरामद कर लिया था। आर्थिक तंगी के चलते तीर्थ नगरी ऋषिकेश निवासी अर्चित बंसल ने अपने 3 वर्षीय पुत्र राघव बंसल को गोद मे बिठाकर गाड़ी चीला नहर मे उतार दी थी।
आज एसडीआरएफ को स्थानीय पुलिस द्वारा सूचना मिली कि चीला शक्ति नहर में एक कार दिखाई दी गई है जो सम्भवतः दो साल पहले गिरी कार हो सकती है। सूचना पर एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर कार के अंदर फँसे अर्चित बंसल के कंकाल को बरामद कर पुलिस को सौंपा। कार को क्रेन की मदद से नहर से बाहर निकाला गया।
32 वर्षीय बंसल अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान होकर अपने पुत्र को गोद में बिठाकर अपनी कार को चीला शक्ति नहर में उतार दिया था। उस समय SDRF ने बच्चे का शव बरामद कर लिया गया था। लेकिन उक्त व्यक्ति और उसकी कार का कही पता नहीं चल पाया था। हर साल की तरह इन दिनों चीला शक्ति नहर का मरम्मत के लिए क्लोजर लिया गया है। जिससे नहर का पानी सूख गया है। आज सुबह चीला शक्ति नगर में एक कार नजर आई। जिसकी सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस तथा SDRF की टीम ने क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला। कार के भीतर एक मानव कंकाल भी बरामद हुआ है। कार तथा कार के भीतर मौजूद मानव कंकाल की पहचान कर ली गई है।
एसडीआरएफ के निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि चीला शक्ति नहर में कार से बरामद हुए मानव कंकाल को आवश्यक जांच के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।