देहरादून। 1994 के रामपुर तिराहे मे उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के साथ हुए गोली कांड और गैंग रेप मामले मे अदालत ने पीएसी के 2 जवानों को दोषी करार दिया है। अदालत 18 मार्च सोमवार को मामले में सजा सुनाई सुनायेगी।
एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने मामले में दो आरोपियों मिलाप सिंह व वीरेंद्र प्रताप को दोषी करार दिया है। यह दोनों 2 अक्टूबर 1994 को पीएसी 41 वीं वाहिनी मे तैनात थे। दोनो पर IPC 376, 354, 509 मे दोष सिद्ध हुए है।
गौरतलब है कि पृथक राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जाते समय रामपुर तिराहे पर आंदोलनकारी व पुलिस के बीच संघर्ष हुआ था। पुलिस ने गोली चलाने के अलावा महिला आंदोलनकारियों के साथ दुष्कर्म भी किया था। घटना मे 7 आंदोलनकारियों की मौत और कई घायल हुए थे। इसके बाद राज्य मे आंदोलन भड़क गया था। तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार ने राज्य मे कर्फ्यू लगा दिया था। बाद मे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी। 30 साल से मामला अदालत मे चल रहा है।