उत्तरकाशी/ देहरादून। उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में पिछले 15 दिन से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अब वर्टिकल ड्रिलिंग पर भी काम शुरू हो चुका है।
एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक महमूद अहमद ने प्रेस वार्ता मे जानकारी दी कि आज सुबह वर्टिकल ड्रिलिंग का कार्य शुरू हुआ और दोपहर 3 बजे तक 15 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग पूरी हो गयी। दूसरी तरफ सुबह से सुरंग के मलबे में फंसी बरमा मशीन को काटने का काम तेजी से चल रहा है। हैदराबाद से प्लाज्मा कटर उत्तरकाशी पहुंच चुकी है। चंडीगढ़ से भी लेजर कटर मंगाया गया है। मलबे में फंसी बरमा मशीन के पार्ट्स को निकालने की कोशिश जारी है.
प्रबंध निदेशक ने बताया कि हमने शनिवार से और दो तीन विकल्पों पर काम करना शुरू कर दिया है। एसजेवीएनएल को वर्टिकल ड्रिलिंग का जिम्मा दिया है। लगभग 15 मीटर की ड्रिलिंग पूरी हो चुकी है। अनुमान है कि लगभग 86 मीटर की ड्रिलिंग की जानी है और यह ड्रिलिंग अगले 2 दिनों में पूरी हो जाएगी। दूसरी तरफ सुरंग में फंसी बरमा मशीन के पार्ट्स निकालने का काम किया जा रहा है. 13.9 मीटर ऑगर के पार्ट्स सुरंग में फंसे हुए हैं। कल तक पार्ट्स को निकाल लिया जाएगा. इसके बाद आगे मैनुअल काम किया जाएगा। 28 नवंबर से आरवीएनएल काम शुरू करेगा. हमने पूरे कार्य के लिए 100 घंटों का लक्ष्य रखा है.
शनिवार को टनल मे रेस्क्यू ऑपरेशन उस समय थम गया जब जानकारी मिली कि अमेरिकन ऑगर मशीन नष्ट हो चुकी है। जबकि सुरंग में 45 मीटर तक ड्रिलिंग हो चुकी है, लेकिन बरमा मशीन सुरंग के मलबे में फंस चुकी है, जिसे अब काटकर बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगवाए गए। इसके बाद 15वें दिन की सुबह प्लाज्मा कटर सिलक्यारा टनल पहुंचे और बरमा मशीन को काटने का काम शुरू हुआ।