सीएम ने दिये घटना की जांच के निर्देश
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी में गंगोरी-गर्मपानी के बीच लापता सोशल मीडिया मे सक्रिय पत्रकार राजीव प्रताप का शव रविवार को जोशियाड़ा बैराज में मिला। एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने शव को बैराज से शव का पंचनामा भर शिनाख्त व पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां पर मृतक के परिजनों ने शव की पहचान की है। लापता पत्रकार राजीव प्रताप सेवला कला देहरादून निवासी थे और शोसल मीडिया मे सक्रिय थे।
पुलिस के अनुसार गत 18 सितंबर की रात स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप अपने एक दोस्त सोबन सिंह की कार लेकर ज्ञानसू से गंगोरी के लिए रवाना हुए। अगले दिन सुबह तक जब राजीव नहीं लौटा, तो उसके दोस्त ने इसकी जानकारी पुलिस को देकर इसकी खोजबीन शुरू की।19 सितंबर को स्यूणा गांव के समीप सोबन सिंह की कार भागीरथी नदी के बीच में मिली। लेकिन उसमें राजीव प्रताप मौजूद नहीं था। उसके बाद परिजनों ने उसके गुमशुदगी की तहरीर नगर कोतवाली में दर्ज करवाई।
सीसीटीवी फुटेज मे भी उनका पता नही चला। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और क्यूआरटी टीम ने रविवार को गंगोरी से लेकर चिन्यालीसौड़ तक नदी में खोज अभियान शुरू किया। इस दौरान टीम को जोशियाड़ा बैराज में एक शव दिखाई दिया। टीम ने शव को झील से बाहर निकालकर पुलिस को सौंपा। उसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर शिनाख्त के लिए जिला अस्पताल भेजा। वहां पर राजीव प्रताप के परिजनों ने उसकी शिनाख्त की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार राजीव प्रताप के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने घटना की गहन एवं निष्पक्ष जाँच के भी निर्देश दिए हैं।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार राजीव प्रताप जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और परिजनों के प्रति संवेदनाएँ प्रकट की हैं।
