देहरादून। हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड मे देने को लेकर कांग्रेस- भाजपा मे तकरार बढ़ गयी है। कांग्रेस ने तंज कसा कि जब सरकार तराई के जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को नहीं चला पा रही तो दूर दराज के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल क्या होगा?
वही भाजपा ने इसे राज्य हित मे बताया। पीपीपी मोड पर संचालन से अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी, साथ ही छात्रों को अन्य सभी सुविधाएं सरकारी भी मेडिकल कॉलेज के समान ही मिलती रहेंगी।
खून पसीने की कमाई निजी हाथों मे सौंप रही सरकार: धस्माना
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि जनता की गाढ़ी कमाई का हजारों करोड़ रुपया खर्च कर बनाया गया हरिद्वार राजकीय मैडिकल कालेज निजी हाथों को पीपीपी मोड पर देना यह साबित करने के लिए काफी है कि सरकार की मंशा क्या है। धस्माना ने कहा कि आम जनता अब इस बात का अंदाजा खुद लगा सकती है कि जब राज्य की भाजपा सरकार प्रदेश के सबसे संपन्न और विकसित जिले का अस्पताल स्वयं नहीं चला पा रही है तो राज्य के पर्वतीय जनपदों के दूर दराज के प्राथमिक स्वस्था केंद्रों , उच्च स्वास्थ्य केंद्रों व जिला अस्पतालों का क्या हाल होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की कल्याणकारी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षा भोजन स्वास्थ्य व सुरक्षा होती है किंतु आज प्रदेश में जहां सरकारी शिक्षा का बुरा हाल है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है तो वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में सौंप कर सरकार बजाय लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवायें देने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य सेवा को ही निजी हाथों में सौंप कर यह साबित कर रही है कि वर्तमान भाजपा सरकार या तो लकवा ग्रस्त हो चुकी है। मैडिकल कालेज को पीपीपी मोड पर भारी भ्रष्टाचार किया गया है।
धस्माना ने कहा कि हाल ही में अल्मोड़ा में एक बस दुर्घटना में तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और तब वहां लोगों को प्राथमिक स्वस्था केंद्र की बात तो दूर की कौड़ी थी जिला अस्पताल में व हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भी घायलों को उपचार नहीं मिला और देरी से इलाज मिलने के कारण दो घायल यात्रियों की मौत एम्स ऋषिकेश में हुई। कांग्रेस राज्य सरकार के इस फैसले का ना केवल प्रेस के माध्यम से बल्कि सड़क से सदन तक डट कर विरोध करेगी। उन्होंने राज्य सरकार से तत्काल शारदा विश्विद्यालय से हुए करार को निरस्त करने की मांग की।
गुणवत्तायुक्त चिकित्सा और सरकारी अनुमन्य सुविधा के बाद भी कांग्रेस का प्रलाप राजनैतिक:चौहान
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने हरिद्वार मेडिकल कालेज को पीपीपी मोड मे देने के फैसले को प्रदेश हित मे बताते हुए कहा कि इससे न छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को सरकारी सुविधा अन्य मेडिकल कालेज की भाँति मिल रही है तो इस पर कांग्रेस का विरोध पूरी तरह राजनैतिक और चिंता नाटक है।
चौहान ने कहा कि मेडिकल कालेज को लेकर सरकार पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुकी है कि जन हित में यह फैसला लिया गया है। पीपीपी मोड पर संचालन से अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी, साथ ही छात्रों को अन्य सभी सुविधाएं सरकारी भी मेडिकल कॉलेज के समान ही मिलती रहेंगी।
पीपीपी की शर्त में स्पष्ट किया गया है कि इससे अध्ययनरत छात्रों की फीस नहीं बढेगी, साथ ही छात्रों को मिलने वाले सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र और डिग्रियों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार ही दर्ज रहेगा। इसी तरह भर्ती होने वाले मरीजों को उनके कार्ड के अनुसार आयुष्मान कार्ड या सीजीएचएस की दरों पर ही उपचार दिया जाएगा। इसका मकसद अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं को आधुनिक बनाना है जिससे छात्रों और मरीजों को इसका अधिकतम लाभ मिल सके।
चौहान ने कहा कि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड पर देना राज्य के वित्तीय संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे सरकार पर अकेले वेतन मद में ही प्रति वर्ष 100 करोड़ रुपए का वित्तीय भार कम होगा। साथ ही प्रति वर्ष ऑपरेशनल व्यय के रूप में भी 50 करोड़ रुपए का बोझ कम होने की उम्मीद है।अस्पताल के साथ भविष्य में बनने में वाले पैरामेडिकल कॉलेज, स्पेशलिटी एंड सुपर स्पेशलिटी सर्विस के विस्तार पर भी करीब 200 करोड़ रुपए का खर्च बचेगा। दूसरी तरफ सेवा प्रदाता द्वारा इसके लिए छह करोड़ रुपए की वन टाइम फीस भी सरकार को दी जाएगी तथा इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष रुपया 2.5 करोड़ राज्य सरकार को प्राप्त होगा।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने की असफल कोशिश कर रही है। भाजपा काल मे स्वास्थ्य क्षेत्र मे कई नये मेडिकल कालेज तथा अस्पताल खुले और कांग्रेस को इसकी टीस भी है। राज्य मे विकास की तमाम योजनाएं धरातल पर उतरी है और कांग्रेस महज विरोध कर ही विपक्ष का धर्म निभा रही है। सकरात्मक कार्यों पर कांग्रेस को सरकार के प्रयासों को सराहना भी चाहिए, क्योंकि महज विरोध की राजनीति के बूते विपक्ष जन मुद्दों का विरोध कर देता है और यह सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार पीपीपी मोड में 11 मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है, लेकिन वहां विरोध नही हुआ, क्योंकि कांग्रेस सरकार है। विकास कार्यों को राजनैतिक चश्मे से नही देखा जाना चाहिए।

