गुलदार के नरभक्षी घोषित न होने से भड़के ग्रामीण, डीएम ने दिये आदेश – News Debate

गुलदार के नरभक्षी घोषित न होने से भड़के ग्रामीण, डीएम ने दिये आदेश

विधायक के नेतृत्व मे ग्रामीणों ने किया डीएफओ का घेराव

डीएम ने दिये विभाग को आदेश, गुलदार को घोषित करे आदमखोर

गुलदार प्रभावित क्षेत्रों मे स्कूलों मे छुट्टियां रखने के निर्देश

नैनीताल/ देहरादून। तीन दिन मे दो महिलाओं को मौत के घाट उतारने वाले आदमखोर गुलदार से क्षेत्र मे दहशत है। पहले विकास खण्ड भीमताल क्षेत्र में ही 07 दिसंबर को भी बाघ द्वारा इन्द्रा देवी पत्नी मोहन चन्द्र बेलवाल, निवासी मलुवाताल (कसैल तोक) को भी घर के समीप ही मार दिया था। उसके बाद शनिवार को सायं 04-30 बजे ग्राम पिनरो, पट्टी पिनरो, तहसील व जिला नैनीताल में अपने घर के पास खेत पर काम करते समय पुष्पा देवी पत्नी भोला दत्त, उम्र 38 वर्ष को बाघ द्वारा हमला कर मार दिया गया।

क्षेत्र के लोग लगातार गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग करते रहे। आखिरकार उनका सब्र जवाब दे गया और  नाराज ग्रामीणों ने विधायक राम सिंह कैड़ा के नेतृत्व में डीएफओ चंद्रशेखर जोशी का घेराव कर वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।

विधायक ने चीफ कन्जवेटर को फोन कर तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश जारी नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने डीएफओ से ग्रामीणों को गुमराह करने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि जब तक गुलदार को मारने के आदेश जारी नहीं होंगे तब तक महिला का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हालांकि अधिकारियों के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हो गए।

इस बीच जिलाधिकारी वंदना ने कहा कि उक्त दोनों घटनाओं के कारण आम जनमानस में आक्रोश व्याप्त हो रहा है। उन्होंने बाघ को आदमखोर घोषित करने और उक्त इलाकों में पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। बताया कि नैनीताल क्षेत्रान्तर्गत बाघ के आतंक की घटनायें निरन्तर बढ़ रही है, जिन पर नियन्त्रण/ ट्रैकुलाईज/वन विभाग स्तर पर प्रभावी कार्यवाही आवश्यकता है। इस प्रकार की घटनायें दुःखद होने के साथ ही आम जनमानस में असुरक्षा की भावना भी उत्पन्न हो रही है। जिस कारण कानून एवम् शांति व्यवस्था की भी स्थिति उत्पन्न होती है। घटनाओं का संज्ञान लेते हुए वन विभाग स्तर से तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जानी आवश्यक है।

अतः क्षेत्र में पिंजरा लगवाया जाना, बाघ की सक्रियता को देखते हुए जनमानस की सुरक्षा के दृष्टिगत बाघ को आदमखोर घोषित किये जाने की कार्यवाही किया जाना, क्षेत्र में वन विभाग के कार्मिकों के अतिरिक्त टीमों की तैनाती और वन विभाग स्तर से जो भी सुरक्षात्मक कार्यवाही व राहत राशि इत्यादि को सुनिश्चित करने की बात कही।

जिलाधिकारी वंदना सिंह ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को क्षेत्र में बाघ के आतंक के दृष्टिगत बच्चों की सुरक्षा हेतु घटना की परिधि के स्कूलों को बन्द कराया जाना सुनिश्चित करें और आगामी दिवसों में भी गम्भीरता के दृष्टिगत स्कूलों को बन्द करवाया जाना सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने मुख्य वन संरक्षक, कुमाऊँ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल,प्रभागीय वनाधिकारी, जनपद नैनीताल को इस आशय से प्रेषित कि आवश्यकतानुसार अन्य प्रभाग की टीमों की भी उक्त कार्य में तैनाती और जनपद नैनीताल अन्तर्गत बाघ सम्बन्धी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित प्रभागीय वनाधिकारियों को अपने स्तर से भी निर्देश निर्गत करने की बात कही।

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