आगर मशीन लेकर पहुंचे एयर फोर्स के विमान
देहरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल के भीतर फंसे 40 मजदूरों को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। टनल में ऑगर मशीन से ड्रिलिंग का काम जारी है। इस बीच दिल्ली से हैवी ऑगर ड्रिल मशीन को भी एयरलिफ्ट कर चिन्यालीसौड़ पहुंचाया गया और चिन्यालीसौड़ से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर हैवी ऑगर मशीन सिलक्यारा पहुंचाई जा रही है।
एयरफोर्स के तीन विशेष विमान 25 टन भारी मशीन लेकर चिन्यालीसौड पहुँच चुकी है। मशीन मलबे को भेद कर स्टील पाइप दूसरी तरफ पहुंचने में मददगार साबित होगी। इस मशीन के जरिए प्रति घंटे 5 मीटर मलबा निकला जा सकेगा। आज शाम से इस मशीन के जरिए काम शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
प्रशासन द्वारा अब नॉर्वे और थाईलैंड की विशेष टीमों की मदद ली जा रही है। थाईलैंड की उस रेस्क्यू कंपनी से संपर्क किया है जिसने थाईलैंड की गुफा में फंसे 12 बच्चों को सकुशल बाहर निकाला था। ये सभी बच्चे 17 दिनों से गुफा में फंसे थे. ये सभी बच्चे थाईलैंड की वाइल्ड बोर्स अंडर-16 फुटबाल टीम का हिस्सा थे. इन सभी ने तय किया था कि प्रैक्टिस मैच के बाद वो टैम लूंग गुफा की सैर करेंगे. तय प्रोगाम के बाद ये सभी बच्चे गुफा पहुंचे. ये बच्चे गुफा में करीब 10 किमी अंदर तक दाखिल हुए. इसके बाद मौसम खराब होने के कारण वे गुफा ने फंस गये थे।
एयरफोर्स के तीन विशेष विमान 25 टन भारी मशीन लेकर के आ रहे हैं जो मलबे को भेद कर स्टील पाइप दूसरी तरफ पहुंचने में मददगार साबित होगी। इस मशीन के जरिए प्रति घंटे 5 मीटर मलबा निकला जा सकेगा। आज शाम से इस मशीन के जरिए काम शुरू करने की कोशिश की जाएगी।
दूसरी ओर भारतीय रेल, आर वी एन एल, राइट्स एवं इरकॉन के विशेषज्ञों से भी सुरंग के भीतर ऑपरेशन से संबंधित सुझाव लिए जा रहे हैं।