चुने हुए विपक्षी प्रतिनिधियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार, सीबीआई और ईडी के जरिये उत्पीड़न का आरोप
देहरादून। कांग्रेस ने राजपुर रोड स्थित रिलायंस ज्वैल मे डकैती को लेकर कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य की कानून व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त बताते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रदेश की राजधानी देहरादून में देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति की माजूदगी के दौरान दिन दहाडे ज्वैलरी शोरूम में करोड़ों रूपये की डकैती हुई उससे राज्य पुलिस की इस सवेदनशील मौके पर चाक-चौबंदी की पोल खुल कर रह गई है तथा इससे साबित हो गया है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है तथा बेखौफ अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
करन माहरा ने कहा कि राजधानी देहरादून के ज्वैलरी शोरूम में दिन दहाडे करोड़ों रूपये की डकैती में 24 घंटे बाद भी राज्य पुलिस के हाथ खाली हैं तथा पुलिस केवल अंधेरे में तीर मार रही है। उन्होंने कहा कि ज्वैलरी शोरूम में हथियारों की नोक पर लूटपाट की घटना को जिस प्रकार अंजाम दिया गया उसने चम्बल के डाकुओं को भी मात दे दी है तथा भाजपा के जंगलराज की पोल खोल कर रख दी है। जिस समय डकैती की घटना को अंजाम दिया जा रहा था तब देश की प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति राजधानी देहरादून में राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित थीं। ऐसे संवेदनशील मौके पर जिस प्रकार पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरती गई उसके लिए पुलिस के आला अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चाहे महिला सुरक्षा का मामला हो चाहे आम आदमी की जानमाल की सुरक्षा का राज्य पुलिस हर क्षेत्र में विफल रही है। अपराधी अपराध कर साफ बच रहे हैं तथा पुलिस द्वारा जनता की आंख में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार कुछ माह पूर्व राज्य में हुए अंकिता भण्डारी हत्याकाण्ड की गुत्थी तथा वीआईपी चेहरे का खुलासा करने में भी पुलिस अभी तक नाकाम रही है इससे यह भी साबित हो चुका है कि पुलिस द्वारा कहीं न कहीं अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
माहरा ने सरकार पर विपक्षी दल के चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार कभी विपक्षी दल के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को साम-दाम-दंड-भेद की नीति से पदच्युत कर रही है तो कभी उनके निर्वाचित क्षेत्रों में विकास की योजनाओं पर रोक लगा कर सौतेला व्यवहार कर रही है। किसी भी प्रदेश की चुनी हुई सरकार तथा उसके मुखिया के लिए सभी क्षेत्र एक समान होने चाहिए, परन्तु उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार विकास योजनाओं की स्वीकृति जारी करने से पहले देख रही है कि यहां पर भाजपा का जनप्रतिनिधि है या कांग्रेस या अन्य दल का तथा जिन निर्वाचन क्षेत्रों में विपक्षी दल के जनप्रतिनिधि हैं उन क्षेत्रों में विकास की योजनाओं की स्वीकृति में आना-कानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब विकास का पैमाना सत्ताधारी दल का जनप्रतिनिधि होना अनिवार्य माना जा रहा है।
प्रदेश में विपक्षी दल के चुने हुए जनप्रतिनिधियो को अपने क्षेत्र में जनहित की योजनाओं के लिए आन्दोलन एवं धरने का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता का दुरूपयोग कर विपक्षी दलों के नेताओं को प्रताडित करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि यही नहीं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर विपक्षी दल के चुने हुए जनप्रतिनिधियों को ऐन-केन-प्रकारेण पदच्युत्त करने का षडयंत्र रचा गया। चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष, उत्तरकाशी जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उधमसिंहनगर में विपक्षी दल के ब्लाक प्रमुख की बर्खास्तगी इसकी बानगी मात्र है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सत्ता के मद में चूर होकर विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है परन्तु कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी तथा जनता एवं जनप्रतिनिधियों की लड़ाई सडक से लेकर सदन तक लडती रहेगी।
जिस प्रकार केन्द्र की भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करती आ रही है, उसी प्रकार राज्य में विपक्षी दल के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों के क्षेत्रों में विकास कार्यों पर रोक लगाकर भाजपा की राज्य सरकार द्वारा उन्हों लगातार प्रताडित किया जा रहा है।
संतुलित विकास और कानून व्यवस्था पर दुष्प्रचार कर रही कांग्रेस: चौहान
एक घटना प्रदेश भर मे कानून व्यवस्था का मापदंड नही
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश मे कानून व्यवस्था और संतुलित विकास को लेकर अफ़वाह का असफल वातावरण बनाने की फिराक मे है, लेकिन वह सरासर मिथ्या आरोप गढ़ रही है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि एक घटना प्रदेश मे कानून व्यवस्था का मापदंड नही हो सकती है। हालांकि अब तक जिस तरह पुलिस और अन्य जाँच एजेंसियां खुद को साबित करती रही है, उससे निश्चित रूप से इस घटना का पटाक्षेप भी होगा।
चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस या किसी भी जाँच एजेंसियों के कार्य मे हस्तक्षेप के बजाय उन्हे जवाबदेह बनाया है। इसी कारण आज शराब, नशे के कारोबारी परेशान हैं। चौहान ने याद दिलाया कि कांग्रेस के कार्यकाल मे तो थाने चौकियों मे रिपोर्ट तक दर्ज होने मे समस्या थी और ऐसे कई मामले हैं जब दुष्कर्म जैसे अपराधों मे आंदोलन के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी। कई मामलों मे पड़ताल तो दूर रिपोर्ट तक दर्ज नही होती थी। लेकिन कांग्रेस आज उपदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश मे कानून का राज है और एक दुखद घटना से कानून व्यवस्था का निर्धारण नही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्या कांड पर तमाम तरह के आरोप प्रत्यारोप की राजनीति करने वाली कांग्रेस बेनकाब हुई है और आज आरोपी जांच एजेंसियों की सक्रियता के चलते ही सलाखों के पीछे हैं।
चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा विकास कार्यों मे दलगत भावना के तहत कार्य अथवा उत्पीड़न के आरोपों को भी झूठ का पुलिंदा बताया। उन्होंने कहा कि कुछ जिला पंचायत अथवा अन्य प्रतिनिधियों पर प्रशासनिक जांच के बाद कार्यवाही हुई तो इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नही है। जांच एजेंसियां किसी भी मामले मे बेरोकटोक कार्य कर रही है। अब तक भ्रष्टाचार सहित कई फ्राड के मामलों मे जाँच एजेंसी अपराधियों को दूसरे प्रदेसों से भी ला चुकी है।
उन्होंने कहा कि सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दलगत भावना से उपर उठकर विपक्षी विधायकों के क्षेत्र मे भी विकास कार्यों की समीक्षा का निर्णय और उसे आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि उनके इस निर्णय को विपक्षी नेताओं ने सराहा है। कांग्रेस मुद्दाविहीन हो गयी है और अब दुष्प्रचार को हथियार बना रही है, लेकिन जनता सब जानती है और उसकी मुहिम फिर फ्लॉप साबित होने वाली है।
