अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत, सचिव मनोहर सिंह कन्याल एवं परीक्षा नियंत्रक राजेंद्र सिंह पोखरिया ने लगायी थी जमानत याचिका
देहरादून। यूकेएसएसएससी परीक्षा मामले में हाई कोर्ट ने तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा वर्ष 2016 में आयोजित की गयी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की परीक्षा में हुई धांधली के सम्बन्ध में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तत्तकालीन अध्यक्ष रघुबीर सिंह रावत, तत्कालीन सचिव मनोहर सिंह कन्याल एवं तत्तकालीन परीक्षा नियंत्रक राजेन्द्र सिंह पोखरिया सहित तीनों ही अधिकारी पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जेल में निरुध्द हैं ।
इन तीनों अधिकारियों की पूर्व में विजिलेंस कोर्ट देहरादून द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया गया था जिसके पश्चात उपरोक्त तीनों अधिकारियों द्वारा उच्च न्यायालय नैनीताल में जमानत याचिका लगाई गयी थी। जमानत याचिका का विरोध में एसटीएफ द्वारा मुकदमे के विवेचना में एकत्रित किए गए सक्ष्यौं को माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर तीनों की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया गया था। जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा एस0टी0एफ0 के द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात आज तीनों अधिकारीयों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ द्वारा यह भी बताया गया कि परीक्षा धांधली से जुड़े सभी मामलों में एसटीएफ द्वारा भिन्न भिन्न न्यायालयों में प्रभावी पैरवी की जा रही है जिसके परिणाम स्वरूप ऐसे सभी अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जा सकेगी।