चुनाव निपटते ही लौटा पुराना ढर्रा, बागेश्वर जिले की कमान एक एसडीएम के जिम्मे

एक उप जिलाधिकारी संभाल रही जिले की 6 तहसीलें

जिलाधिकारी के बाहर रहने से केवल एसडीएम चला रही जिला

बागेश्वर, (गोविन्द मेहता) हाल ही मे उप चुनाव के वक्त अधिकारियों की धमाचौकड़ी से गुलजार बागेश्वर आजकल शांत है। आजकल फरियादियों की भीड़ भी नही और है भी तो सुनवाई के लिए अधिकारी नही है। बागेश्वर जिले की कमान वर्तमान मे एक मात्र महिला एसडीएम अधिकारी के हाथों मे है।

जिले की छः तहसील में पांच तहसीलों में उपजिलाधिकारी के पद रिक्त है। पूर्व में ही जिला तहसीलदार के पदों पर शून्य था, वही तहसीलों से सरकार और शासन द्वारा अधिकारियों को ट्रांसफर दे दिया गया। उपचुनाव सम्पन्न होने के बाद जिले के अपर जिलाधिकारी और गरुड़ एसडीएम को शासन ने कमिश्नरी से सम्बद्ध कर दिया। जिसके बाद जिले में केवल एक महिला पीसीएस अधिकारी के भरोसे विभिन्न तहसीलों और अपर जिलाधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया।

तहसील से जिला बनने के बाद पहली बार जिले में ऐसी स्थिति आई है कि एक अधिकारी के पास सभी तहसीलों औऱ जिलाधिकारी कार्यालय के विभिन्न अनुभागों, अपर जिलाधिकारी का कार्यभार है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों की बैठक शासन द्वारा समय समय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग, विभिन्न आवश्यक फाइलों का निस्तारण और अधिकारियों के अभाव में अधिकारी कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाब है।

जिलाधिकारी अनुराधा पाल के अवकाश मे रहने से पीसीएस अधिकारी मोनिका के पास पूरे जिले की कमान है। पूर्व में सदर एसडीएम हरगिरि का देहरादून तबादला हो गया था, वही गरुड़ एसडीएम को शासन द्वारा कमिश्नरी सम्बद्ध कर दिया गया था। जिले की अभी तक शासन द्वारा अनदेखी से अभी तक किसी भी अधिकारी ने कार्यभार ग्रहण नही किया है। सीएम के करीबी माने जाने वाले कपकोट विधायक विधानसभा की तीन तहसीलों में भी उपजिलाधिकारी की तैनाती नही है। कपकोट, कांडा दूग नाकुरी, बागेश्वर गरुड़,काफलीग़ैर तहसील में भी  उप जिलाधिकारी का कार्यभार एकमात्र महिला अधिकारी ही देख रही है। ऐसे में आम जनता को तहसीलों के मुखिया के अभाव में अपने कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।

पूर्व विधायक ललित फ़र्श्वाण ने इसे डबल इंजन की सरकार का झटका बताया है और जल्द जिले में उपजिलाधिकारी के रिक्त पदों पर अधिकारियों की तैनाती नही होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को आम जनता के हितों साथ खिलवाड़ नही करने दिया जाएगा।

विधायक कपकोट सुरेश गड़िया का कहना है कि जिले में कपकोट एसडीम के रूप में अनुराग आर्या द्वारा पदभार ग्रहण कर लिया गया है। अभी वे कुछ दिन छुट्टी पर गए है,जबकि बागेश्वर में जितेंद्र वर्मा को एसडीएम के रूप में तैनाती दी गई है। मामले में देहरादून पहुंचकर मामले में तत्काल अधिकारियों की नियुक्ति के सम्बंध में चर्चा की जाएगी। जल्द रिक्त पदों पर भी अधिकारी किए जाएंगे। आमजनता को किसी भी प्रकार से परेशानी नही होने दी जाएगी।

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