कांग्रेस अध्यक्ष के वायरल वीडियो से चढ़ा सियासी पारा, प्रदेश महामंत्री को नोटिस की चर्चा

देहरादून। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा के स्वाभिमान यात्रा के दौरान एक वायरल वीडियो से सियासी पारा चढ़ गया है। वीडियो पौड़ी जिले का है जिसमे वह अंकिता भंडारी मामले मे पौड़ी निवासियों के बाहर न निकलने को लेकर कोस रहे हैं। हालांकि उनके वक्तव्य को भाजपा ने हाथों हाथ ले लिया और कांग्रेस अध्यक्ष की घेरेबंदी सहित भाजपा को लपेट लिया।

कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र शाह को नोटिस की चर्चा

भाजपा के हमले के बाद कांग्रेस मे वीडियो के वायरल होने को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गयी। पार्टी के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह को पीसीसी के द्वारा नोटिस देकर जवाब तलब करने की चर्चा शुरू हो गयी।

हालांकि पीसीसी के द्वारा इस पर अधिकृत वक्तव्य जारी नही किया गया, लेकिन राजेंद्र शाह के द्वारा फेस बुक पोस्ट जारी किये जाने के बाद असमंजस गहरा गया। राजेंद्र शाह ने उनकी निष्ठा पर सवाल उठाने को लेकर वर्तमान अध्यक्ष को कटघरे मे खड़ा किया है। राजेंद्र शाह ने कहा कि वह राज्य आंदोलन के साथ 23 साल से विभिन्न अध्यक्षों के साथ कार्य करते रहे हैं, लेकिन वर्तमान मे उन्हें पद क्या दिया कि उन पर भाजपा के लिए कार्य करने के आरोप लगा रहे है। कहीं न कहीं उनके निशाने पर वर्तमान अध्यक्ष करन माहरा माने जा रहे है।

 

कांग्रेस को दुष्प्रचार अभियान के लिए नही मिल रहे लोग, कार्यकर्ताओ का टोटा:चौहान 

भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को अपनी कथित स्वाभिमान यात्रा जिसके जरिये वह सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है, उसके लिए उसके पास आम जन के साथ ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओ का टोटा पड़ गया है।

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस जन हित के किसी भी मुद्दे पर संघर्ष करते नही दिख रही है और अंकिता भंडारी के मुद्दे पर निर्रथक बयानबाजी कर रही है। उन्होंने करन माहरा के बयान को आपतिजनक, गढवाल क्षेत्र के लोगों का अपमान और स्वाभिमान यात्रा के प्रति लोगों के नकारात्मक रुख से उपजी खीज बताया। उन्होंने कहा कि जनता हकीकत जानती है और उनके लिए अशिष्ट भाषा का प्रयोग दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भाषा कभी भी संयमित नही रही है। खुद अंकिता के परिजनों ने भी इस यात्रा से कन्नी काट ली और अब कांग्रेस इससे बौखलाई हुई है। वहीं आम जन कांग्रेस के झांसे मे नही आ रहा है तो अपने कार्यकर्ता भी दूरी बना रहे हैं। उन्होंने माहरा से जनता से माफी मांगने की मांग की।
चौहान ने कहा कि अंकिता प्रकरण मे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल संज्ञान लेकर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। जाँच एजेंसियों ने भी तत्परता से जाँच की और अब मामला न्यायालय मे है। धामी सरकार भर्ती घोटाले से लेकर नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ पारदर्शी नीति से खुद को साबित कर चुके है। लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को कांग्रेस पचा नही पा रही है।
चौहान ने कहा कि प्रदेश मे अराजकता के माहौल को जनता ने देखा है और अब उस पर किसी का विश्वास नही है। स्वाभिमान यात्रा मे पसरे सन्नाटे से साफ है कि अब उस पर उसी की पार्टी के कार्यकर्ताओ का भरोसा नही है। कांग्रेस को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका का निर्वहन करना चाहिए।

 

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