विधायकों के निलंबन से बढ़ी रार,पक्ष-विपक्ष मे तकरार

देहरादून। गैरसैण मे चल रहे बजट सत्र के दूसरे दिन हुए हंगामे और कांग्रेसी विधायकों के निलंबन के बाद पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार बढ़ गयी है।

मंगलवार को सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही को 4 बार स्थगित हुई। वहीं पहली बार विपक्ष के 15 विधायकों का निलंबन का इतिहास भी बना। आज जैसे ही 11बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई विपक्ष सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की कार्यवाही चल रही थी। इसी दौरान विपक्ष ने जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश चौहान के पूर्व में निलंबन पर विशेषाधिकार हनन मामले को उठाने की कोशिश की जिसमे विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के सदस्यों को विनम्रता से अपनी बात रखने को कहा। प्रश्न स्थगित होने की सूचना के बावजूद विपक्षी विधायक अपनी बात पर अडे रहे।

विपक्ष के सदस्य हंगामा करते हुए कागज के गोले बनाकर पीठ की ओर फेंकने लगे साथ ही सामने रख मेज़ को भी पलटने की कोशिश की गयी। धक्का मुक्की के दौरान कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने तो माइक तक तोड़ दिया विपक्ष के हंगामे से नाराज विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने सदन में मौजूद विपक्ष के 15 नेताओं को 1 दिन सदन की कार्यवाही से निलंबित कर दिया।

विधान सभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा कि विपक्ष ने सदन की परंपराओं के खिलाफ खिलवाड़ किया है। विशेषाधिकार हनन के जिस मामले को लेकर विपक्षी सदस्यों ने उग्र रवैया अपनाया वह अस्वीकार्य है। वह मामले को देख चुकी थी और न्यायालय मे होने के कारण वह उस पर कोई निर्णय नही ले सकती थी। इसके बावजूद कोई असहमति थी तो सदस्य उनसे वार्ता कर सकते थे, लेकिन उन्होंने रूल बुक फाड़ने, टेबल पलटने तथा धक्का मुक्की जैसा व्यवहार किया। इसलिए विपक्ष के खिलाफ पीठ ने यह कदम उठाया है।

विधायकों का निलंबन अलोकतांत्रिक:माहरा

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने विधायकों के निलंबन को तानाशाही करार दिया। उन्होंने विधायकों के निलम्बन को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि यह भाजपा के फासीवादी एवं तानाशाही चरित्र का द्योतक है, जिसे लोकतंत्र में विश्वास रखने वाला कोई भी दल सहन नहीं करेगा।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि विधायक उनकी मांग को अनसुनी किये जाने से पीठ का सरंक्षण चाहते थे और इसी कारण यह घटित हुआ। 

 

अमर्यादित आचरण का कांग्रेस का रहा है इतिहास: भट्ट

भाजपा ने गैरसैण बजट सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के आचरण को अनुशासनहीनता का चरम, अलोकतांत्रिक और अमर्यादित करार दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  महेंद्र भट्ट ने कहा कि सदन मे कांग्रेस विधायकों के आचरण को किसी भी स्थिति मे स्वीकार नही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सदन जन मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया जाता है, लेकिन कांग्रेस हताशा और निराशा से गुजर रही है, इसलिए वह हंगामा कर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका से भागने की कोशिश कर रही है। आज विधान सभा पीठ की तरफ हुड़दंग और फाइल फाड़ने का जो कृत्य किया गया उससे सदन की अवमानना के अलावा यह फिर साफ हुआ कि वह संवैधानिक संस्थाओ का कभी सम्मान नही करती। उन्होंने कहा की कांग्रेस ऐसे आचरण को दोहराती रही है, क्योकि पूर्व मे उनके नेता प्रतिपक्ष विधान सभा मे कुर्सी मेज पलट कर अपने आचरण की नुमाईश कर चुके है।

 

 

 

 

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