इस्तीफे की पेशकश, हरदा का सहानुभूति और दबाव बनाने का राजनैतिक ड्रामा
राजनैतिक लाभ की मंशा वाले ही कार्रवाई की टाइमिंग पर उठा रहे सवाल
देहरादून। भाजपा ने पूर्व सीएम हरीश रावत के ओएसडी के आवास से ईडी के छापे मे कैश और धन मिलने की कार्यवाही कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूर्व सीएम के पीए के पास काले धन का जखीरा मिलना बताता है है कि कांग्रेस का हाथ भ्रष्टाचारियों के साथ है। प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने हरीश रावत के इस्तीफे की पेशकश को कांग्रेस में ही सहानुभूति हासिल करने का राजनैतिक ड्रामा बताया है। वहीं पलटवार कर कहा कि कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाना ही, असली राजनैतिक लाभ लेने की मंशा है। क्योंकि समय कोई भी हो भ्रष्टचारियों पर कार्रवाई रुकनी नहीं चाहिए, जैसा धामी सरकार में हो रहा है और सैकड़ों नकल माफिया सलाखों के पीछे है।
उन्होंने कहा कि यूकेएसएसएससी भर्ती घोटाले में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के घोटालों की निष्पक्ष जांच आगे बढ़ रही है, अब इस भ्रष्टाचार की गहरी परतें खुल रही हैं और इसके तार सीधे-सीधे पूर्व मुख्यमंत्री के निकट सहयोगियों और उनके आसपास तक पहुँच रहे हैं। दरअसल कांग्रेस सरकारों ने हमेशा उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में नकल और भ्रष्टाचार माफियाओं को पनपाने का काम किया था। उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया में को हैक किया। निष्पक्ष जांच के जरिए पाई-पाई और हर घोटालेबाज का हिसाब लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम सहानुभूति और दबाव की राजनीति के लिए ही एक मनगढ़ंत पाखंड कर रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य अपनी ही पार्टी में सहानुभूति हासिल करना और आलाकमान पर दबाव बनाना है। हालांकि विगत कई वर्षों से वे अपनी ही पार्टी में उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं और हाशिया पर रखा हुआ है। पिछले लंबे समय से अपनी ही पार्टी के छोटे-बड़े नेता उनकी अनदेखी कर रहे हैं। कांग्रेस संगठन के भीतर उन्हें पूरी तरह हाशिये पर धकेल दिया गया है। आलाकमान ने इतनी दूरी बनाई हैं कि वे लंबे समय से दिल्ली में अस्वस्थ हैं, लेकिन किसी भी शीर्ष नेता ने उनकी सुध तक नहीं ली। पार्टी के केंद्रीय और प्रांतीय कार्यक्रमों में भी उन्हें कोई तरजीह नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में सीएम श्री पुष्कर धामी के नेतृत्व वाली जीरो टॉलरेंस की भाजपा सरकार है। जिसमें कठोरतम नकल विरोधी कानून के संरक्षण में पारदर्शिता और ईमानदारी से अब तक 34 हजार से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी है। सैकड़ों बड़े बड़े मगरमच्छ और छोटी बड़ी सभी मछलियां अब जेल की सलाखों के पीछे हैं। जो भी गड़बड़ी, नकल और भ्रष्टाचार के मामले संज्ञान में आए तत्काल कड़ी कार्रवाई की गई। आज देश के अन्य राज्य, प्रदेश के नकल कानून और भर्ती प्रक्रिया का अनुसरण कर रहे हैं।
वहीं कटाक्ष किया कि अब जब कानून का शिकंजा कस रहा है, तो कांग्रेस नेता इस तरह के ड्रामे रचकर जनता का ध्यान भटकाने की असफल कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो कार्रवाई की टाइमिंग पर उंगली उठाते हैं, कहीं न कहीं वे मान रहे हैं कि गड़बड़ी की गई थी। लिहाजा अगर युवाओं के भविष्य के साथ धोखा किया गया है तो कठोर ऐक्शन लिया ही जाना चाहिए चाहे समय कोई भी चल रह हो। क्योंकि चुनाव समीप हो और उसे देखते हुए जांच नहीं की जाए, यही सोच और मांग ही असली राजनैतिक लाभ लेने की मंशा है।

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