पुलिस ने मुजफ्फरनगर से पीड़िता को किया बरामद
सौदागरों में से किसी एक के साथ अपनी बेटी का विवाह कराने के लिए कि थी डेढ़ लाख की डील
देहरादून। राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाबालिग युवती के अपहरण की झूठी कहानी आखिरकार खुल ही गयी। पुलिस द्वारा किये गये खुलासे के अनुसार मां ने डेढ़ लाख रुपए में बेटी का सौदा किया था। सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने पर अपनी बेटी के अपहरण की झूठी कहानी को रचा। पुलिस की टीम में इस मामले में पीड़िता की मां समेत चार आरोपियों को उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के अलग अलग थानों से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर अपहृत नाबालिक युवती को मुज्जफरनगर से किया बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बीते पांच जुलाई को नीलम देवी निवासी नागल हटनाला, सहस्त्रधारा रोड ने अपनी नाबालिक पुत्री का अपहरण होने के सम्बन्ध में एक शिकायती प्रार्थना पत्र थाना राजपुर में दिया। प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना राजपुर पर तत्काल धारा 137(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया। नाबालिग की सकुशल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए थाना राजपुर ने पुलिस टीम गठित की गयी। गठित टीम ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी कैमरों को चैक किया तो अपहृत नाबालिग के मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी पुलिस टीम को प्राप्त हुई। जिस पर तत्काल एक टीम को मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश रवाना किया गया। जहां पुलिस टीम ने गोपनीय रूप से जानकारियां प्राप्त करते हुए नाबालिग युवती के अपहरण में शामिल आरोपी मनीष पुत्र राजकुमार व लवी कुमार पुत्र बिल्लू को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से नाबालिग युवती को बरामद किया।
आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी लवी कुमार द्वारा पिंकी मलिक नाम की एक महिला के माध्यम से उक्त नाबालिग को उसकी माता नीलम देवी से डेढ लाख रूपये में खरीदना बताया। जिसे उसने दो लाख में आरोपी मनीष को बेचा था, जिसने विवाह के लिए लवी कुमार से उक्त युवती को खरीदा था। आरोपी से पूछताछ के आधार पर एक अन्य आरोपी पिंकी मलिक को मुजफ्फरनगर और आरोपी नीलम देवी को आईटी पार्क सहस्त्रधारा रोड से गिरफ्तार किया गया। जांच में आए तथ्यों के आधार पर अभियोग में धारा 64, 3(5), 65(1),87, 143 बीएनएस व 5(एल)/6, 16/17 पोक्सो अधिनियम की बढ़ोतरी की गई।
आर्थिक स्थिति बताकर बेच दिया बेटी को
पूछताछ में आरोपी नीलम देवी ने बताया गया कि पिंकी मलिक से उसकी मुलाकात कुछ समय पूर्व देहरादून में एक समारोह के दौरान हुई थी और आपसी बातचीत के दौरान पिंकी मलिक द्वारा उसे एक युवती की आवश्यकता होने तथा उसके एवज में अच्छा पैसा देने की पेशकश की गई थी। जिस पर आरोपी मां ने उसे अपनी आर्थिक स्थिति खराब होने की बात बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री उम्र 15 वर्ष को उसे देने तथा उसके एवज में डेढ लाख रूपये की मांग की थी।
सौदा तय होने पर पिंकी मलिक द्वारा उक्त युवती को अपनी पहचान के एक व्यक्ति लवी कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को दिया और फिर लवी कुमार द्वारा उसे आगे मनीष नाम के एक व्यक्ति को दो लाख रूपये में बेच दिया तथा प्राप्त रकम में से 80 हजार रूपये आरोपी नीलम देवी को देते हुए शेष पैसा कुछ समय बाद देने की बात कही गई। तय समय के बाद भी सौदे की पूरी रकम न मिलने व नाबालिग को बेचने के अपराध में पकड़े जाने के डर से नीलम देवी द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री के अपहरण की झूठी कहानी रचकर पुलिस में एक झूठी रिर्पोट दी, परन्तु पुलिस द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण की गहनता से जांच कर घटना से जुडी हर कडी को जोडते हुए नाबालिग की खरीद-फरोख्त के प्रकरण का खुलासा कर उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस की आगे की जांच जारी है। आरोपियों में मनीष पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम घटायन थाना जानसठ जनपद मुजफ्फरनगर,उत्तर प्रदेश, उम्र- 37 वर्ष, लवी कुमार पुत्र बिल्लू निवासी नागोंरी थाना फलावदा जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश उम्र – 24 वर्ष, पिंकी मलिक पत्नी सुकरम निवासी ग्राम कुकड़ा मंडी, थाना नई मंडी जनपद मुजफ्फरनगर उम्र 37 वर्ष और नीलम देवी पत्नी मुकेश कुमार निवासी- नांगल हटनाला सहस्त्रधारा रोड उम्र 35 वर्ष है।