कांग्रेस ने लगाए जनता की आँखों मे धूल झोंकने का आरोप
देहरादून। कोटद्वार मे हुई आपदा प्रबंधन की बैठक एकाएक सुर्खियों मे आ गयी है। सोमवार को कोटद्वार मे विस अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूरी की आपदा पर विभिन्न विभागों के साथ हुई बैठक पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किये है। बताया जाता है कि बैठक मे कोटद्वार के मेयर शैलेंद्र सिंह रावत उपस्थित नही थे।
आपदा प्रबंधन की इस बैठक मे सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, वन और नगर निगम सहित कई विभागों के अधिकारियों ने शिरकत की। बैठक मे विस अध्यक्ष ने कार्यों को लेकर जरूरी निर्देश भी दिये। शहर मे लगातार बढ़ती जनसंख्या और सरंचना मे वृद्धि के चलते कुछ साल से बाढ़ की स्थिति लगातार बन रही है। कोटद्वार विस का पूरा हिस्सा नगर निगम से आच्छादित है। अगर, कालागढ को छोड़ दिया जाए तो पूरी विस नगर निगम के अंतर्गत आती है। ऐसे मे आपदा प्रबंधन या अन्य लिहाज से नगर निगम महत्वपूर्ण है। वही आपदा जैसे कार्य मे निगम फ्रंट लाइन योद्धा हैं। अगर, समन्वय न रहा तो कार्य कैसे आगे बढ़ेंगे इसमें कई सवाल हैं।
कांग्रेस ने कसा विस अध्यक्ष पर तंज, कहा धूल झोंकने की कोशिश
दूसरी ओर उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने स्पीकर रितु खंडूरी पर कोटद्वार की जनता की आंखों में आपदा के नाम पर धूल झोंकने का आरोप लगाया है।
धीरेंद्र प्रताप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जो बैठक आपदा प्रबंधन के नाम पर बुलाई उसमे स्वयं कोटद्वार शहर के मेयर शैलेंद्र रावत नहीं पहुंचे। जाहिर है शैलेंद्र रावत रितु खंडूरी को कोई वजन नहीं देते और अक्सर उनकी बैठकों में से गायब रहते हैं। उन्होंने बिना मेयर की उपस्थिति के बैठक कराए जाने को ढकोसला बताया। उन्होंने कहा जब सुरेंद्र सिंह नेगी यहां से मंत्री थे और उसके बाद उनकी पत्नी कोटद्वार की मेयर थी तो कोटदार एक चहकताा हुआ शहर था। लेकिन आज हालात विपरीत हैं। जगह-जगह जैसे पानी भरा हुआ है और जगह-जगह नालियां गंदगी से भरी है। सुरेंद्र सिंह नेगी और स्वर्गीय चंद्र मोहन सिंह नेगी ने जिस शहर पर चार चांद लगाए थे आज उसकी हालत खराब है। उन्होंने कहा कि बैठक की गंभीरता बनी रहनी चाहिए, महज औपचारिकता के लिए बैठक नही होनी चाहिए।
मामले मे स्पीकर खंडूरी से संपर्क नही हो पाया। संपर्क होने पर उनका पक्ष भी प्रकाशित किया जायेगा।
