नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना से जुड़े मामले में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर के खिलाफ दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने कहा कि परियोजना पर कोई अंतरिम रोक लागू नहीं है और एनएचएआई ने किसी न्यायालयीन आदेश का उल्लंघन नहीं किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पेड़ों की कटाई पर लगी पूर्व अंतरिम रोक आगे नहीं बढ़ाई गई थी। इससे पहले 9 जनवरी को हाईकोर्ट जनहित याचिका भी निस्तारित कर चुका है। कोर्ट ने कहा था कि हाथी कॉरिडोर का विवाद सुप्रीम कोर्ट पहले ही तय कर चुका है। परियोजना के लिए 4,639 पेड़ हटाने के लिए चिह्नित किए गए हैं। इनमें 754 पेड़ों को काटने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से प्रत्यारोपित किया जाएगा। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एलीफेंट अंडरपास और विशेष चेतावनी संकेत लगाए जाएंगे। साथ ही प्राकृतिक हरित अवरोध भी विकसित किए जाएंगे। एनएचएआई के अनुसार सभी सुरक्षा उपाय वन विभाग, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया और भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों की सलाह से तैयार किए गए हैं। सभी आवश्यक वैधानिक मंजूरियां पहले ही प्राप्त की जा चुकी हैं। स्थानीय पर्यावरण संगठन विरोध जारी रखे हुए हैं,लेकिन कोर्ट के फैसले के बाद परियोजना की अंतिम कानूनी बाधा भी समाप्त हो गई है।