परिवार सहित मसूरी पहुंचे ‘कैप्टन कूल’ धोनी, बेटी की शिक्षा बनी दौरे की वजह

रॉकबी मैनर में ठहरे पूर्व कप्तान, हल्की बारिश, बादलों की चादर और पहाड़ों की खामोशी के बीच बिताए सुकून भरे पल

मसूरी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी एक बार फिर पहाड़ों की रानी मसूरी की वादियों में नजर आए। लेकिन इस बार उनका दौरा अपनी बेटी के भविष्य को संवारने से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि धोनी अपनी बेटी के एक प्रतिष्ठित स्कूल के समर प्रोग्राम में प्रवेश की प्रक्रिया के सिलसिले में मसूरी पहुंचे हैं।धोनी अपनी पत्नी साक्षी और बेटी जीवा के साथ लालटिब्बा क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक होटल त्वामइल डंदवत में ठहरे हुए हैं।

उनके आगमन की खबर मिलते ही होटल परिसर और आसपास के इलाकों में क्रिकेट प्रेमियों का जमावड़ा लग गया। हालांकि हमेशा की तरह धोनी ने खुद को सुर्खियों से दूर रखने की कोशिश की, लेकिन उनकी एक झलक पाने को लोग घंटों इंतजार करते रहे।

धोनी के इस दौरे ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मसूरी केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का केंद्र भी है। देश-विदेश से अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास के लिए मसूरी का रुख करते हैं। अब इस सूची में महेंद्र सिंह धोनी का नाम भी जुड़ गया है।

बताया जाता है कि धोनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपनी लग्जरी कार से मसूरी पहुंचे। लेकिन करोड़ों की गाड़ी और स्टारडम के बावजूद उनका व्यवहार पूरी तरह सामान्य रहा। होटल कर्मचारियों और वहां ठहरे कुछ पर्यटकों के साथ उन्होंने तस्वीरें भी खिंचवाईं। कई लोगों ने कहा कि धोनी की सादगी ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है।
रविवार को सुबह मसूरी का मौसम बेहद खुशनुमा रहा। हल्की बारिश, घने बादल और ठंडी हवाओं ने पूरे शहर को प्राकृतिक सौंदर्य से भर दिया। बताया जा रहा है कि धोनी ने भी सुबह के समय मसूरी की ठंडी फिजाओं और शांत वातावरण का भरपूर आनंद लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्हें पहाड़ों की शांति हमेशा आकर्षित करती रही है।

पर्यटन सीजन के बीच धोनी के आगमन से लालटिब्बा और आसपास के इलाकों में अलग ही उत्साह देखने को मिला। कई पर्यटक अपने घूमने के कार्यक्रम छोड़कर केवल धोनी को देखने के लिए होटल के आसपास पहुंच गए। सोशल मीडिया पर भी उनके मसूरी दौरे की तस्वीरें और चर्चाएं तेजी से वायरल होती रहीं।

उत्तराखंड और पहाड़ों से धोनी का लगाव किसी से छिपा नहीं है। व्यस्त जीवन और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच जब भी उन्हें सुकून के कुछ पल बिताने होते हैं, वह अक्सर पहाड़ी इलाकों का रुख करते हैं। मसूरी भी उनकी पसंदीदा जगहों में शामिल रही है।

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