सड़क सुरक्षा को बनाया जाए राष्ट्रीय आंदोलन, युवाओं में जागरूकता जरूरी: संजय
देहरादून। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर देहरादून के संजय ऑर्थोपीडिक, स्पाइन और मैटरनिटी सेंटर में आयोजित स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा और जन-जागरूकता कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टर पहाड़ी क्षेत्रों में छह महीने के रोटेशन पर सेवाएं देंगे और उनके परिवार के लिए देहरादून और हल्द्वानी में आवासीय सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों मे स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए गंभीर है।
कार्यक्रम में अध्यक्ष एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष तथा पद्मश्री डॉ. बी. के. एस. संजय ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें 1.5 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़क सुरक्षा को राष्ट्रीय आंदोलन बनाया जाए। इसे शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए और एम्स संस्थानों को “रोड सेफ्टी नॉलेज सेंटर” के रूप में विकसित किया जाए।
विशिष्ट अतिथि नरेश बंसल ने कहा कि नियमों का पालन न होने के कारण दुर्घटनाएं जारी हैं। केवल स्वस्थ पीढ़ी ही विकसित भारत का सपना साकार कर सकती है।
पद्मश्री कन्हैया लाल पोखरियाल ने नागरिकों से स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया। डॉ. एस. एन. सिंह ने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन की आवश्यकता पर जोर दिया और युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। डॉ. गौरव संजय ने ‘वन हेल्थ’ अवधारणा समझाते हुए मानव, पशु और पर्यावरण के स्वास्थ्य के आपसी संबंध और स्वच्छ वायु, सुरक्षित जल, पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि सड़क सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम का संचालन और समन्वय श्री योगेश अग्रवाल ने किया।
इससे पहले मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल के द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।