उत्तराखंड देश मे एकमात्र राज्य जहाँ मूल निवास नही
मूल निवास न होने से धर्मशाला बना उत्तराखंड: चमोली
देहरादून। रजत जयंती समारोह के तहत उत्तराखंड विधान सभा के विशेष सत्र मे भाजपा विधायक विनोद चमोली मूल निवास पर जमकर गरजे और उन्होंने पक्ष-विपक्ष को आईना भी दिखाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश मे ऐसा प्रदेश है जहाँ पर मूल निवास नही है।
राज्य की दिशा और रोड मैप को लेकर चल रही चर्चा मे चमोली ने सवाल उठाया कि जब राज्य बना तो पहली सरकार एक महत्वपूर्ण निर्णय को नही ले पायी और मूल निवास जैसा मुद्दा हासिये पर चला गया। चमोली ने कहा कि आज उत्तराखंड धर्मशाला बन गया है। उन्होंने कहा की जो आज दूसरे प्रदेश से उत्तराखंड आ रहा है वह 15 साल मे मूल निवासी बन जाता है, लेकिन असली मूल निवासी ढूंढ कर नही मिल रहे हैं। वह यहाँ के संसाधनों का लाभ ले रहा है और असली मुँह ताकते रह जाते हैं। चमोली ने कहा कि 96 मे वह नगर पालिका के चेयरमैंन थे और संयुक्त यूपी मे भी मूल निवास की व्यवस्था थी। उत्तराखंड एक मात्र ऐसा प्रदेश देश मे है जहाँ मूल निवास की प्रक्रिया नही है।
उन्होंने कहा कि आज इस विषय पर चर्चा की जरूरत है। लोग इस मुद्दे पर आवाज उठा रहे हैं। उनकी संख्या कम हो सकती है, लेकिन सवाल और आवश्यकता जायज है। आज सभी को राज्य के मूल निवास पर भी चिंतन की जरूरत है।
चर्चा के दौरान बद्रीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने भी मूल निवास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार डेमोग्राफी चेंज की बात कर रही है, जबकि इसके लिए मूल निवास जरूरी है।