देहरादून। राज्य मे पंचायत चुनाव मे नामांकन प्रक्रिया भी शनिवार को समाप्त हो गयी है, लेकिन जहाँ प्रधान पद पर निर्विरोध चयन के मामले गिनती के रहे तो वहीं इस पद पर मारामारी देखने को भी मिली। क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत मे भी अधिक नामांकन नही दिखे।
छोटी सरकार के गठन के लिए कुछ बड़े नाम निर्विरोध के तौर पर सामने आये जो कि एक सुखद संकेत है। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी विमला गुंज्याल निर्विरोध अपने गांव गुंजी की प्रधान बनी तो कर्नल यशपाल सिंह नेगी अपने हाव गांव बिरगणा पौडी से निर्विरोध प्रधान बने है। राज्य के चकराता क्षेत्र मे 50 से अधिक गाँवों में निर्विरोध प्रधान चुने गए है।
खास बात देखने को मिली कि प्रधान पद के लिए मारामारी है जबकि आखिरी दिन भी सदस्य पदों पर कोई उत्साह नहीं दिखा। इससे बड़ी संख्या में पद रिक्त रहने की आशंका है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ग्राम प्रधान के 7499 पदों के लिए सर्वाधिक 15,917 नामांकन तीन दिन में आए। ग्राम पंचायत सदस्य पद के 55,587 पदों के सापेक्ष तीन दिनों में केवल 7235 नामांकन जमा हुए थे।नामांकन के अंतिम दिन भी इस आंकड़े में कोई उत्साह नजर नहीं आया।
अब सात से नौ जुलाई के बीच इन नामांकन पत्रों की जांच होगी। यह दोनों चरणों के चुनाव के लिए नामांकन हुए हैं। इसके बाद पहले व दूसरे चरण के लिए नाम वापसी का मौका 10 व 11 जुलाई को मिलेगा। पहले चरण का चुनाव चिह्न का आवंटन 14 जुलाई को किया जाएगा। अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। 24 जुलाई को पहले चरण का मतदान होगा। वहीं दूसरे चरण के लिए चुनाव चिह्न आवंटन 18 जुलाई को किया जाएगा। 28 जुलाई को दूसरे चरण का मतदान होगा। दोनों चरणों का परिणाम 31 जुलाई को आएगा।